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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

धमाल ४

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धमाल ४ एक २०२६ की भारतीय हिन्दी भाषीय साहसिक हास्य चलचित्र है, जो इन्द्र कुमार द्वारा निर्देशित है। इस चलचित्र का निर्माण टी-सीरीज़ फ़िल्म्स, देवगन फ़िल्म्स, पैनोरमा स्टूडियोज़ तथा मारुति इण्टरनेशनल द्वारा किया गया है। यह धमाल चलचित्र शृंखला का चतुर्थ भाग है तथा धमाल (२००७), डबल धमाल (२०११) और टोटल धमाल (२०१९) की प्रत्यक्ष उत्तर-कथा है। इस चलचित्र में अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख, जावेद जाफ़री, रवि किशन, संजय मिश्रा, उपेन्द्र लिमये, अंजली आनन्द, संजीदा शेख़ तथा ईशा गुप्ता सहित वृहद कलाकार वृन्द है। मुख्य चित्रांकन सितम्बर २०२५ में सम्पन्न हुआ। धमाल ४, १० जुलाई २०२६ को सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया गया। इसे समीक्षकों से मिश्रित समालोचना प्राप्त हुई। यह २०२६ की पाँचवीं सर्वाधिक आय अर्जित करने वाली हिन्दी चलचित्र है। == कथानक == अधूरा, एक व्यावसायिक समुद्री डाकू, और उसके अनुचर एक जहाज़ पर पृथ्वी को इसलिए पकड़ते हैं ताकि वह एक मानचित्र को समझकर शैतान सिंह के निधि के स्थान का पता लगा सके। अधूरा भूलवश मानचित्र को जला देता है। पृथ्वी को वह स्थान याद रहता है। गुड्डू रस्तोगी जेट स्की से जहाज़ पर पहुँचता है और पृथ्वी से यह पूछता है कि उसने उसके साथ विश्वासघात क्यों किया। अधूरे का अनुचर झींगा उन्हें देख लेता है। अधूरा अपने आदमियों को गुड्डू से युद्ध करने का आदेश देता है, जिससे अव्यवस्था उत्पन्न हो जाती है। ग़लती से अपने हाथों में तोप के एक गोले को गरम कर देता है और उसे जहाज़ पर ही फेंक देता है। जहाज़ के आग की लपटों में घिरने से पूर्व गुड्डू सफलतापूर्वक भाग निकलता है। गुड्डू, आलिया नामक एक विधवा के साथ प्रेम करता है, जिसकी एक पुत्री अमायरा और एक पुत्र आरव है। किन्तु बच्चे उसे पसन्द नहीं करते तथा अपनी गृह-सहायिका गंगूबाई की सहायता से उसे और उसके विश्वासपात्र जॉनी को डराकर भगाने का प्रयास करते हैं। आलिया पारिवारिक स्नेह बढ़ाने हेतु एक यात्रा का सुझाव देती है। इधर, देशबन्धु "लल्लन" राय एक मन्दिर में भगवान् से एक सुन्दर पत्नी की प्रार्थना करता है, जिसके पिता के पास अतिविशाल गृह और वाहन हो, जो अन्ततः उसकी सम्पत्ति बन जाए। वहाँ वह पारो को एक विलासितापूर्ण गाड़ी से उतरते देखता है और भूल से उसे किसी धनवान व्यक्ति की पुत्री समझ लेता है। शीघ्र ही दोनों का विवाह हो जाता है। विवाह के तुरन्त पश्चात् उसे ज्ञात होता है कि पारो के पिता सेठ ग़रीबदास (धनवान व्यक्ति) नहीं, अपितु उस धनवान व्यक्ति के चालक गोपालदास सेठ हैं। वह निराश होता है। लल्लन के दुःख से अनभिज्ञ गोपालदास, उसे एक ऑटो-रिक्शा भेंट करता है और पारो के नाम पर पचास लाख रुपये मूल्य का भूमि-पत्र भुनाने हेतु देता है। लल्लन तुरन्त पारो को साथ लेकर घर से निकल पड़ता है। दूसरी ओर, आदित्य "आदि" श्रीवास्तव अपनी पृथक हुई पत्नी रोज़ी की सहानुभूति प्राप्त करने के लिए पैर की चोट का स्वांग करता है। रोज़ी ने उसे इसलिए छोड़ा था क्योंकि उनकी सुहाग-रात्रि के दिन आदि के भाई मानव ने भूलवश उसकी घाघरा में अग्नि लगा दी थी। इस बार भी मानव कोई ग़लती कर बैठता है, जिसके परिणामस्वरूप रोज़ी आदि को अन्तिम चेतावनी देती है, या तो वह उसे चुने या मानव को चुने और उसे तलाक़ दे। गुड्डू, जॉनी, अमायरा और आरव स्नेह-यात्रा पर जाते हैं। राजमार्ग पर गुड्डू पृथ्वी को देखकर उसका पीछा करता है, परन्तु अधूरा और उसके साथी भी उसका पीछा करते हैं। पृथ्वी गुड्डू की गाड़ी में बैठ जाता है और सब भागते हैं। किन्तु पृथ्वी गिरकर चट्टान के किनारे अटक जाता है। गुड्डू और जॉनी उसे बचाने के लिए चट्टान के पास जाते हैं, पर वे भी गिरकर अटक जाते हैं। संयोगवश, अमायरा और आरव राजमार्ग पर सहायता माँगते हुए लल्लन, पारो, आदि, रोज़ी और मानव से मिलते हैं। सब मिलकर मानव-शृंखला बनाकर उन्हें बचाने का प्रयास करते हैं, तभी पृथ्वी को यह आभास होता है कि वह मरणासन्न है, अतः वह उन्हें शैतान सिंह के निधि का स्थान बता देता है, एक गाँव के समीप स्थित द्वीप पर जंगल की किसी गुफ़ा में, 'ओ' (O) अक्षर के नीचे तथा 'एम' (M) अक्षर के पास। सभी द्वीप पर पहुँचते हैं और अन्ततः निधि प्राप्त कर लेते हैं, किन्तु अधूरा और उसके अनुचर उन्हें पकड़ लेते हैं। पता चलता है कि पृथ्वी एक सरोवर में गिर गया था और बाद में अधूरे और उसके आदमियों को मिल गया था। उसने उन्हें निधि का पता बता दिया था। दुर्घटनावश, जब सभी गुफ़ा में होते हैं, अधूरा एक डायनामाइट प्रज्वलित कर देता है। गुड्डू अधूरे तथा अमायरा-आरव के प्राण बचाता है। पारो और लल्लन एक-दूसरे की सहायता कर स्वयं को बचाते हैं; लल्लन को अनुभव होता है कि उसे पारो का शारीरिक उपहास नहीं करना चाहिए था। मानव रोज़ी के प्राण बचाता है। रोज़ी मानव को क्षमा कर अपनी अन्तिम चेतावनी वापस ले लेती है। सम्पूर्ण निधि तो नष्ट हो जाती है, परन्तु सभी सुरक्षित हैं। गुड्डू द्वारा अपने प्राण बचाए जाने के कारण अधूरा अपने जहाज़ को एक पर्यटन स्थल में परिवर्तित कर देता है। अमायरा और आरव भी अन्ततः गुड्डू को सौतेले पिता के रूप में स्वीकार कर लेते हैं। == कलाकार == अजय देवगन – गुड्डू रस्तोगी अरशद वारसी – आदित्य "आदि" श्रीवास्तव रितेश देशमुख – देशबन्धु "लल्लन" राय जावेद जाफ़री – मानव श्रीवास्तव रवि किशन – अधूरा संजय मिश्रा – जॉनी उपेन्द्र लिमये – पृथ्वी अंजली आनन्द – पारो संजीदा शेख़ – रोज़ी ईशा गुप्ता – आलिया विजय पाटकर – झींगा अक्षरा पडवाल – अमायरा रियांश डाभी – आरव बृजेन्द्र कला – गोपालदास सेठ सतीश कौशिक – बाटा भाई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा सृजित, अतिथि भूमिका) जैकी श्रॉफ़ – अतिथि भूमिका (केवल वाणी-स्वर में) गुरु रन्धावा – गीत "क़हर" में विशेष उपस्थिति केतिका शर्मा – गीत "क़हर" में विशेष उपस्थिति नीलकमल सिंह – गीत "चटनी" में विशेष उपस्थिति संजू राठौड़ – गीत "साड़ी" में विशेष उपस्थिति == निर्माण == === विकास === शृंखला के चतुर्थ चलचित्र का विकास २०१९ में टोटल धमाल की टिकट-बिक्री की सफलता के पश्चात आरम्भ हुआ। निर्देशक इन्द्र कुमार ने २०२४ में आधिकारिक रूप से इस परियोजना की घोषणा की, इस पुष्टि के साथ कि देशमुख, वारसी और जाफ़री की प्रमुख त्रयी अजय देवगन के साथ पुनः एकत्र होगी। === चित्रांकन === मुख्य चित्रांकन अप्रैल २०२५ में आरम्भ हुआ और लगभग छः मास तक चला। मुम्बई तथा माध द्वीप सहित विविध स्थानों पर अनेक महत्त्वपूर्ण दृश्य फ़िल्माए गए। चित्रांकन ६ सितम्बर २०२५ को आधिकारिक रूप से सम्पन्न हुआ, जिसके उपलक्ष्य में निर्माताओं ने "धमाल टाइम्स" विषयक एक प्रचार-पत्र जारी किया। == प्रदर्शन == === सिनेमाघरों में === प्रारम्भ में ईद-उल-फ़ित्र के सप्ताहान्त, १९ मार्च २०२६ के लिए निर्धारित, चलचित्र के प्रदर्शन को "धुरन्धर द रिवेन्ज" से टकराव बचाने हेतु १२ जून २०२६ को स्थानान्तरित कर दिया गया। अन्य बड़ी प्रदर्शित होने वाली फ़िल्मों से टिकट-बिक्री के टकराव को टालने हेतु तिथि अन्ततः १० जुलाई २०२६ निश्चित की गई। === प्रमाणन === चलचित्र को २ जुलाई २०२६ को केन्द्रीय फ़िल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफ़सी) द्वारा यू/ए १३+ प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ। चलचित्र में दो स्थानों पर 'अश्लील' हस्त मुद्राओं वाले दृश्यों को संशोधित कर बदला गया। सीबीएफ़सी की परीक्षक समिति ने निर्माताओं को फ़िल्म के सात स्थानों पर 'अश्लील' शब्दों को बदलने को भी कहा था। चलचित्र का कोई भी दृश्य हटाया नहीं गया। चलचित्र की कुल अवधि १४३ मिनट है। == प्रतिग्रहण == === टिकट बिक्री === धमाल ४ ने प्रथम दिवस घरेलू टिकट-बिक्री पर ₹१३.७५ करोड़ अर्जित किए। द्वितीय दिवस फ़िल्म ने ₹२२.४८ करोड़ का संग्रह किया। तृतीय दिवस फ़िल्म ने ₹२८.१५ करोड़ एकत्रित किए, जिससे इसका कुल घरेलू प्रारम्भिक सप्ताहान्त निवल संग्रह ₹६४.३५ करोड़ रहा। १९ जुलाई २०२६ तक, फ़िल्म ने भारत में ₹१४५.०७ करोड़ तथा विदेशों में ₹२०.०६ करोड़ की सकल आय अर्जित की, जिससे इसका विश्वभर में कुल सकल संग्रह ₹१६५.१३ करोड़ हो गया। === समीक्षात्मक प्रतिक्रिया === समीक्षा एकत्रीकरण जालस्थल रॉटन टोमैटोज़ पर १० समीक्षकों की २० प्रतिशत समीक्षाएँ सकारात्मक हैं, औसत मूल्यांकन ३.७/१० है। बॉलीवुड हंगामा के एक समीक्षक ने धमाल ४ को ५ में से ३ तारे देते हुए निष्कर्ष निकाला, "कुल मिलाकर, धमाल ४ एक शालीन, स्वच्छ मनोरंजक है जो मुख्यतः परिवारों और बच्चों को आकर्षित करेगी। तथापि, पटकथा स्थान-स्थान पर धीमी पड़ जाती है, और अनेक चुटकुले अभिप्रेत प्रभाव नहीं छोड़ते, जो फ़िल्म के प्रमुख ऋणात्मक बिन्दु बनकर उभरते हैं। टिकट-बिक्री पर फ़िल्म से सशक्त शृंखला-मूल्य के कारण द्विअंकीय आरम्भ की अपेक्षा है। एक स्वस्थ सप्ताहान्त सम्भावित है, और फ़िल्म को तीन सप्ताह के मुक्त प्रदर्शन-काल का लाभ मिलने की सम्भावना है।" एनडीटीवी के सैबल चटर्जी (चट्टोपाध्याय) ने फ़िल्म को ५ में से २ तारे देते हुए इसे 'अहास्य, थकाऊ और अत्यन्त मूर्खतापूर्ण' पाया। उन्होंने लिखा, "धमाल ४ जो कुछ भी प्रस्तुत करती है (जो विश्वास से अधिक आशा में किया जाता है) वह किसी भी दर्शक को हँसने का अवसर देने के लिए पर्याप्त समय तक टिकता नहीं है।" न्यूज़१८ की तितास चौधरी ने भी ५ में से २ तारे देते हुए लिखा, "प्रत्येक चुटकुले की व्याख्या कर दी जाती है, हर बिन्दु रेखांकित कर दिया जाता है और हर पंचलाइन तब तक दोहराई जाती है जब तक दर्शकों के लिए स्वयं खोजने को कुछ शेष न बचे, जिससे सिद्ध होता है कि धमाल ४ का अपने दर्शकों पर बहुत कम विश्वास है। और जब अन्य कुछ कारगर नहीं होता, तो एक अधिक-वज़न वाली महिला और एक अल्प-कद वाले जनजातीय पुरुष के बीच कुश्ती आयोजित कर दी जाती है।" हिन्दुस्तान टाइम्स के ऋषभ सूरी ने ५ में से १.५ तारे देते हुए निष्कर्ष दिया, "कुल मिलाकर, धमाल नामक फ़िल्म में मनोरंजन बहुत कम है। यह अपनी कथा, संगीत और हास्य की शैली तक का पुनर्चक्रण करती है, यह आशा करते हुए कि पुरानी यादें भारी काम करेंगी। पर वैसा नहीं होता। 'एम के नीचे' के नीचे केवल वही दबा है जिसने पहली धमाल को सफल बनाया था।" इण्डिया टुडे की विनीता कुमार ने भी ५ में से १.५ तारे देते हुए टिप्पणी की, "लेखन, इस बीच, बॉलीवुड हास्य के उस संस्करण में फँसा प्रतीत होता है जिसे दर्शक युगों पहले पीछे छोड़ चुके हैं। यह आपको मूल धमाल, गोलमाल, ढोल या वेलकम पुनः देखने को विवश करता है, ऐसी फ़िल्में जो सम्भवतः एक महत्त्वपूर्ण सत्य समझती थीं : ऊँची आवाज़ अपने आप में हास्य नहीं होती।" द इण्डियन एक्सप्रेस की शुभ्रा गुप्ता ने ५ में से १ तारा देते हुए कहा, "परन्तु इन्द्र कुमार की अपनी पुरानी, पिछली सहस्राब्दी में अटकी कथा-कहन शैली से आगे बढ़ पाने की अक्षमता, इस चतुर्थ भाग को इसके सतह पर आने का समय मिलने से पहले ही डुबो देती है।" == भविष्य == "धमाल ५" नामक उत्तर-कथा का संकेत चलचित्र के चरम दृश्य में किया गया, जो धमाल शृंखला के पंचम भाग को चिह्नित करता है। == सन्दर्भ == == बाह्य कड़ियाँ == धमाल ४ इंटरनेट मूवी डेटाबेस पर