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411 समाचार
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भारत में परिवहन

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जनुअरी 2020 अंगूठाकार|स्वर्णिम चतुर्भुज भारत के आठ महानगरों को जोड़ता है। भारत में परिवहन के साधनों में सड़क, जल और वायु मार्ग द्वारा परिवहन शामिल है। अधिकांश भारतीय नागरिकों के लिए सड़क मार्ग परिवहन का प्राथमिक साधन है, और भारत की सार्वजनिक परिवहन प्रणालियाँ दुनिया में सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली प्रणालियों में से एक हैं। भारत का सड़क नेटवर्क दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा और व्यस्ततम में से एक है, जो 2015 तक 8.225 अरब यात्रियों और सालाना 980 मिलियन टन से अधिक कार्गो का परिवहन करता है।India Transport Sector http://web.worldbank.org/WBSITE/EXTERNAL/COUNTRIES/SOUTHASIAEXT/EXTSARREGTOPTRANSPORT/0,,contentMDK:20703625~menuPK:868822~pagePK:34004173~piPK:34003707~theSitePK:579598,00.html World Bank 20 सितंबर 2021 19 नवंबर 2015 https://web.archive.org/web/20151119002640/http://web.worldbank.org/WBSITE/EXTERNAL/COUNTRIES/SOUTHASIAEXT/EXTSARREGTOPTRANSPORT/0,,contentMDK:20703625~menuPK:868822~pagePK:34004173~piPK:34003707~theSitePK:579598,00.html dead 2020 तक, भारत का रेल नेटवर्क दुनिया का चौथा सबसे बड़ा और दूसरा सबसे व्यस्ततम रेल नेटवर्क है, जो सालाना 8.09 बिलियन यात्रियों और 1.2 अरब टन माल ढुलाई करता है।2019–2020 Statistical Summary - Indian Railways http://indianrailways.gov.in/railwayboard/uploads/directorate/stat_econ/Annual-Reports-2019-2020/Summery-sheet-Annual-Report-English_2019-20.pdf Indian Railways Government of India भारत में विमानन मोटे तौर पर सैन्य और नागरिक उड्डयन में विभाजित है जो दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता विमानन बाजार है (आईएटीए डेटा)।India crowned world's fastest growing aviation market in 2015 as economy takes off, The Telegraph, 1 January 2016. नदियों, नहरों, बैकवाटर और खाड़ियों के रूप में भारत का जलमार्ग नेटवर्क दुनिया का नौवां सबसे बड़ा जलमार्ग नेटवर्क है। भारत में जलमार्ग द्वारा माल ढुलाई का उपयोग बहुत कम है, अंतर्देशीय जलमार्गों द्वारा कुल माल ढुलाई (टन किलोमीटर में) भारत में कुल अंतर्देशीय यातायात का 0.1 प्रतिशत है।http://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/government-groups-106-national-waterways-in-three-categories/articleshow/52190923.cms कुल मिलाकर, लगभग 21 प्रतिशत घरों में दोपहिया वाहन हैं जबकि 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 4.7 प्रतिशत घरों में कार या वैन हैं।http://mospi.nic.in/Mospi_New/upload/SYB2015/CH-20-MOTOR%20VEHICLES/MOTOR%20VEHICLE-WRITEUP.pdf Motor Vehicle Writup – Statistical Year Book, India 2015 2015 Ministry of Statistics and Programme Implementation 7 dead https://web.archive.org/web/20151113234002/http://www.mospi.nic.in/mospi_new/upload/SYB2015/CH-20-MOTOR%20VEHICLES/MOTOR%20VEHICLE-WRITEUP.pdf 13 November 2015 19 July 2016http://www.bike-eu.com/news/1573/bicycle-ownership-in-india.html Bicycle Ownership in India Bike-eu.com dead https://web.archive.org/web/20090513081820/http://www.bike-eu.com/news/1573/bicycle-ownership-in-india.html 13 May 2009 5 April 2010 भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग वर्तमान में 4.6 मिलियन से अधिक वाहनों के वार्षिक उत्पादन के साथ तेजी से बढ़ रहा है,http://oica.net/category/production-statistics/ World Motor Vehicle Production by Country: 2008–2009 OICA 20 सितंबर 2021 1 मई 2011 https://web.archive.org/web/20110501190306/http://oica.net/category/production-statistics/ dead वार्षिक वृद्धि दर 10.5% के साथ और भविष्य में वाहन की मात्रा में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है।http://www.rediff.com/money/2004/oct/23car.htm India to top in car volumes by 2050 S. Kalyana Ramanathan Rediff thumb|बसें ९0% से अधिक लोगों का यातायात का प्रकार हैhttp://policy.rutgers.edu/faculty/pucher/FINALarticleTransportPolicy.pdf PDF Urban transport crisis in India John Pucher, Nisha Korattyswaropam, Neha Mittal, Neenu Ittyerah 12 मई 2009 https://web.archive.org/web/20070314205253/http://www.policy.rutgers.edu/faculty/pucher/FINALarticleTransportPolicy.pdf 14 मार्च 2007 live। यहाँ तंजावुर, तमिलनाडु में एक बहुत भीड़ वाला बस दिखाया गया है। परम्परागत साधन पैदल thumb|ऋषिकेश में एक पैदल पुल। प्राचीन काल में लोग लंबी दूरियाँ अधिकतर पैदल तय किया करते थे। उदाहरणार्थ, आदि शंकराचार्य ने पैदल पूरे भारत की यात्रा की थी। आज भी देश के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में प्रतिदिन लोग कई किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर ही पूरी करते हैं। मुंबई महानगर में, पैदल यात्रियों का पारगमन सुधारने के लिए, मुंबई महानगर विकास प्राधिकरण, ने मुंबई स्काइवॉक परियोजना के अर्न्तगत 50 से अधिकhttp://www.mmrdamumbai.org/skywalk.htm MMRDA - Projects - Skywalk MMRDA 2009-03-24 https://web.archive.org/web/20090314125705/http://mmrdamumbai.org/skywalk.htm 14 मार्च 2009 live http://www.thehindubusinessline.com/iw/2008/11/23/stories/2008112350761700.htm Mumbai pedestrians can walk safe in the sky S.Shanker 2008-11-23 द हिन्दू बिज़नस लाइन 1 en 2009-03-24 https://web.archive.org/web/20090210153810/http://thehindubusinessline.com/iw/2008/11/23/stories/2008112350761700.htm 10 फ़रवरी 2009 live पैदल पुलों का निर्माण कार्य आरंभ किया है। पालकी thumb|वाराणसी में पालकी का तस्वीर। लगभग 1८९0 का। पालकी अमीरों और नवाबों का एक शानदार यात्रा का साधन था। पालकी शब्द संस्कृत 'पालकी' से आया है। तमिल में उसे 'पालाक्कु' कहतें हैं। पुर्तगाली पालकी को 'पालन क्वीम' बुलाते थे और अंग्रेजों उसे 'पालन क्वीन'। पुराने दिनों में इसका प्रमुख उपयोग देवता और मूर्तियों को ले जाना था। बाद में 15वीं सदी में, जैसा कि ज्ञात है, नवाब इसे यात्राओं के लिए उपयोग करते थे। अमीर परिवारों के लड़कियाँ, औरतों को पालकी में घुमाया जाता था और उनके अनुरक्षण के लिए पुरुष घोड़ों पर सवारी करते थे। धीरे धीरे जमींदार और राज-घराने के सदस्य भी इसका उपयोग करने लगे। बैल गाड़ी एवं घोड़ा गाड़ी thumb|गन्ना अपवाहन करने के लिए ग्रामीण महाराष्ट्र में एक बैल गाडी। बैलगाड़ियों का उपयोग पारंपरिक रूप से परिवहन साधन के रूप में किया जाता रहा है, मुख्यतः भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में। आज भी भारत के नगरों और ग्रामों में बैलगाड़ियां देखी जा सकती हैं। हाल ही के वर्षों में कुछ नगरों में दिन के समय बैलगाड़ियों और अन्य धीमे चलने वाले वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगाया है। अंग्रेज़ों के आगमन के साथ ही घोड़ा गाड़ियों में बहुत से प्रबलतीव्र सुधार हुए हैं जिन्हें यातायात के लिए प्रारंभिक दिनों से उपयोग में लाया जा रहा है। आज भी, छोटे कस्बों में इनका उपयोग किया जाता है और इन्हें तांगा या बग्गी कहा जाता है। मुंबई में पर्यटकों को लुभाने के लिए विक्टोरिया काल की कुछ बग्गीयां अभी भी चलन में हैं लेकिन अब यह बग्गीयां भारत में कम ही पाई जाती हैं। साइकिल रिक्शा पिछली सदी के प्रारंभ से ही रिक्शे लोकप्रिय हैं और अभी भी भारत के ग्रामों और कई नगरों में चलन में हैं। यह तिपहिया साइकिल से आकार में बड़े होते हैं जिसमें दो या तीन लोग पीछे की ऊँची सीट पर बैठते हैं और एक व्यक्ति आगे की सीट पर बैठकर रिक्शा खींचता है। इसे चलाने के लिए साइकिल के समान ही पैडल पर बल लगाना पड़ता है। नगरीय क्षेत्रों में अब अधिकतर ऑटो रिक्शा ने इनका स्थान ले लिया है। साइकिल भारत में साइकिल का अर्थ दोपहिया सइकिल से होता है। यह अभी भी भारत में यातायात का प्रमुख साधन है। पहले से कहीं अधिक संख्या में आज भारत में लोग साइकिल खरीदने में समर्थ हैं। 2005 में, भारत के 40% से भी अधिक परिवारों के पास कम से कम एक साइकिल थी। राज्यीय स्तर पर साइकिल स्वामित्व 30% से 70% के बीच है। सड़कों के प्रकार https://bloggingelite.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b9%e0%a4%a8/?preview=true&_thumbnail_id=2438 भारत में परिवहन Rana Bhupendra 11/apr/2023 Bloggingelite https://web.archive.org/web/20230411061926/https://bloggingelite.com/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%B9%E0%A4%A8/?preview=true&_thumbnail_id=2438 11 अप्रैल 2023 11/apr/2023 bot: unknown सड़कों के निम्नलिखित प्रकार होते है। राष्टीय राजमार्ग राजकीय राजमार्ग जिला सड़क ग्राम सड़क अंतरराष्ट्रीय राजमार्ग एक्सप्रेस राजमार्ग राष्टीय राजमार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण और देखरेख की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होती है। भारत की कुल सड़कों का 2.7 % राष्ट्रीय राजमार्ग है।भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई अप्रैल 2021 तक लगभग 150,000 किमी हो गई है। जो 2024 तक 200,000 किलोमीटर का लक्ष्य है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और रखरखाव का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। NHAI, 1995 से कार्यरत है। देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा एक वृहत राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (NHDP) प्रारंभ की गई है। राष्टीय राजमार्ग का प्रतिशत निम्नानुसार है (31 मार्च 2020 तक) +लेनलंबाई का हिस्सासिंगल-लेन / इंटरमीडिएट लेन20.49%डबल लेन55.05%चार लेन/छह लेन/आठ लेन24.46% स्वर्णिम चतुर्भुज 1999 से प्रारंभ की गई स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना देश की अब तक की सबसे बड़ी सड़क निर्माण परियोजना है। प्रथम चरण में दिल्ली के मध्य 6 लाइनों वाले सुपर राजमार्गों का विकास शामिल है इसकी लंबाई 5846 किलोमीटर है स्वर्णिम चतुर्भुज की चारों भुजाओं की लंबाई अलग अलग है दिल्ली- मुंबई 1419 किलोमीटर, मुंबई – चेन्नई 1290 किलोमीटर, चेन्नई- कोलकाता 1684 किलोमीटर तथा कोलकाता-दिल्ली 1453 किलोमीटर है। राजकीय राजमार्ग इन सड़कों का निर्माण एवं रखरखाव राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेश के नियंत्रण में होता है। यह सड़कें राज्य की राजधानियों को जिला मुख्यालयों एवं अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ती है। जिला सड़कें अधिकांश जिला सड़कें बड़े गांव को आपस में और जिला के प्रमुख स्थानों को जोड़ती हैं। इन सड़कों के निर्माण और देखरेख का जिम्मा जिला परिषद और PWD का है। ग्राम सड़कें ग्रामीण सड़कों का निर्माण और देखरेख ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाता है। यह सड़कें साधारणतया पतली और टेढ़ी-मेढ़ी होती हैं। यह सड़कें भारी वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं होती हैं। अंतराष्ट्रीय राजमार्ग एशिया प्रशांत सामाजिक एवं आर्थिक आयोग (ESCAP) के समझौते के अंतर्गत कुछ देशों जिनके राजमार्ग पड़ोसी देशों को जोड़ते हैं उन्हें अंतरराष्ट्रीय सड़कों के रूप में घोषित किया गया है देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण एवं रखरखाव सीमा सड़क संगठन के द्वारा होता है। यह दो प्रकार के होते हैं। मुख्य राजमार्ग :- यह पड़ोसी देशों की राजधानियों को जोड़ते हैं जैसे लाहौर – अमृतसर – दिल्ली – आगरा – कोलकाता – गोलाघाट – इंफाल – मांडले (म्यांमार) वे सड़के जो प्रमुख शहरों और औद्योगिक केंद्रों और पत्तनोऺ को मुख्य राजमार्ग से जोड़ती हैं जैसे आगरा – मुंबई मार्ग एक्सप्रेस राजमार्ग सरकारी एवं माल की ढुलाई के लिए यह सड़कें सर्वोत्तम होती हैं। जो कई लेन में होती हैं। नीचे कुछ उदाहरण दिए गए हैं दुर्गापुर कोलकाता एक्सप्रेस राजमार्ग मुंबई पुणे एक्सप्रेस राजमार्ग नोएडा आगरा एक्सप्रेस राजमार्ग मेरठ दिल्ली एक्सप्रेस राजमार्ग यमुना एक्सप्रेस वे – नोएडा से आगरा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे – लखनऊ – प्रयागराज सन्दर्भ इन्हें भी देखें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भारत में सड़क लक्षण बाहरी कड़ियाँ Transport in India भारत में परिवहन भारत में वायु परिवहनसितंबर 2021 InternetArchiveBot