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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

गोपीनाथ कविराज

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गोपीनाथ कविराज Gopinath Kaviraj 1988 stamp of India.jpg १९८८ के एक डाकटिकट पर गोपीनाथ कविराज 7 सितंबर 1887 धामराई, ढाका, भारत (वर्तमान बांग्लादेश में) 12 जून 1976 वाराणसी, उत्तर प्रदेश, भारत सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय (पूर्वनाम शासकीय संस्कृत महाविद्यालय), वाराणसी के प्रधानाचार्य (1923–1937)संस्कृत विद्वान, दार्शनिक इलाहाबाद विश्वविद्यालय महामहोपाध्याय गोपीनाथ कविराज (7 सितम्बर 1887 - 12 जून 1976) संस्कृत के विद्वान और महान दार्शनिक थे। वे सारस्वत-साधना के अद्वितीय विद्वान, तंत्र साधना के सिद्ध योगी के रूप में भी ख्यात थे।महामहोपाध्याय डा. श्री गोपीनाथ कविराज तान्त्रिक वाङ्मय में शाक्त दृष्टि 2009 बिहार राष्ट्रभाषा परिषद पटना वक्तव्य चतुर्थ https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=2181 १९१४ में पुस्तकालयाध्यक्ष से आरम्भ करते हुए वे १९२३ से १९३७ तक वाराणसी के सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय (पूर्वनाम शासकीय संस्कृत महाविद्यालय) के प्राचार्य रहे। इस कालावधि में वे सरस्वती भवन ग्रन्थमाला के सम्पादक भी रहे। गोपीनाथ कविराज बंगाली थे और इनके पिताजी का नाम वैकुण्ठनाथ बागची था। आपका जन्म ब्रिटिश भारत के ग्राम धामराई, जिला ढाका (अब बांग्लादेश) में हुआ था। उनका जन्म प्रतिष्ठित बागची घराने मे हुआ था और "कविराज" उनको सम्मान में कहा जाता था। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा-दीक्षा श्री मधुसूदन ओझा एवं शशिधर "तर्क चूड़ामणि" के निर्देशन में जयपुर मे प्रारम्भ हुई।भगवतीप्रसाद सिंह मनीषी की लोकयात्रा 2001 विश्वविद्यालय प्रकाशन वाराणसी 1,2,3 सप्तम https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=291 महामहोपाध्याय पं॰ गोपीनाथ कविराज वर्तमान युग के विश्वविख्यात भारतीय प्राच्यविद् तथा मनीषी रहे हैं। इनकी ज्ञान-साधना का क्रम वर्तमान शताब्दी के प्रथम दशक से आरम्भ हुआ और प्रयाण-काल तक अबाधरूप से चलता रहा। इस दीर्घकाल में उन्होंने प्राच्य तथा पाश्चात्य ज्ञान-विज्ञान की विशिष्ट चिन्तन पद्धतियों का गहन अनुशीलन कर, दर्शन और इतिहास के क्षेत्र में जो अंशदान किया है उससे मानव-संस्कृति तथा साधना की अंतर्धाराओं पर नवीन प्रकाश पड़ा है; नयी दृष्टि मिली है। उन्नीसवीं शती के धार्मिक पुनर्जागरण और बीसवीं शती के स्वातन्त्र्य-आन्दोलन से अनुप्राणित उनकी जीवन-गाथा में युगचेतना साकार हो उठी है। प्राचीनता के सम्पोषक एवं नवीनता के पुरस्कर्ता के रूप में कविराज महोदय का विराट् व्यक्तित्व संधिकाल की उन सम्पूर्ण विशेषताओं से समन्वित है, जिनसे जातीय-जीवन प्रगति-पथ पर अग्रसर होने का सम्बल प्राप्त करता रहा है। तांत्रिक वाङ्मय में शाक्त दृष्टि के लिए उन्हें सन् १९६४ में साहित्य अकादमी पुरस्कार (संस्कृत) से सम्मानित किया गया।http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi_h.jsp#hindi अकादेमी पुरस्कार साहित्य अकादमी 4 सितंबर 2016 https://web.archive.org/web/20160915135020/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi_h.jsp#hindi 15 सितंबर 2016 dead आध्यात्मिक जीवन इनकी माता सुखदासुंदरी देवी इनमें धार्मिक रूचि उत्पन्न करने की ओर विशेष रूप से सचेष्ट रहीं। उपनयन के बाद से वे इनसे वैदिक संध्या नियमपूर्वक कराती थीं। संध्या-वंदन किये बिना भोजन न देने का उन्होंने नियम सा बना दिया था।भगवतीप्रसाद सिंह मनीषी की लोकयात्रा 2001 विश्वविद्यालय प्रकाशन वाराणसी 31 सप्तम https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=291 इनकी दीक्षा 1918 में महान योगी विशुद्धानन्द परमहंस जी से काशी में हुई थी। इस समय से नियमित रूप से गुरु सेवा में उपस्थित होकर साधना-पथ पर अग्रसर हुए।भगवतीप्रसाद सिंह मनीषी की लोकयात्रा 2001 विश्वविद्यालय प्रकाशन वाराणसी 39 सप्तम https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=291 कुछ शिक्षाएं १. ज्ञाता, ज्ञान और ज्ञेय की त्रिपुटी बारह ज्ञेय हैे - अ, उ, म, बिन्दु, अर्धचन्द्र, निरोधिका, नाद, नादान्त, शक्ति, व्यापिनी, समना और उन्मना। त्याग करने के लिए ही इन सबका ज्ञान आवश्यक होता है, किन्तु त्याग तब तक नहीं हो सकता, जब तक तत्तद दशा से संयोग नहीं होता।गोपीनाथ कविराज तन्त्र और आगमशास्त्रों का दिग्दर्शन 2018 बिहार राष्ट्रभाषा परिषद पटना तृतीय ४० https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=1778 ग्रन्थ भारतीय संस्कृति और साधनामहामहोपाध्याय श्री गोपीनाथ कविराज भारतीय संस्कृति और साधना खण्ड 1 2009 बिहार राष्ट्रभाषा परिषद पटना चतुर्थ https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=1779 तान्त्रिक साधना और सिद्धान्तमहामहोपाध्याय डा. श्री गोपीनाथ कविराज तान्त्रिक साधना और सिद्धान्त 2009 बिहार राष्ट्रभाषा परिषद पटना तृतीय https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=2179 काशी की सारस्वत साधना पत्रावली स्वसंवेदनमहामहोपाध्याय प. गोपीनाथ कविराज स्वसंवेदन 2014 बिहार राष्ट्रभाषा परिषद पटना द्वितीय https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=1960 अखण्ड महायोगेर पथे (बांग्ला में) अखण्ड महायोग का पथ और मृत्यु विज्ञानमहामहोपाध्याय डा. गोपीनाथ कविराज अखण्ड महायोग का पथ और मृत्यु विज्ञान 2018 बिहार राष्ट्रभाषा परिषद पटना तृतीय https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=1954 श्री श्री विशुद्धानन्द प्रसंग (५ खण्ड) तान्त्रिक साहित्यhttps://archive.org/details/86.tantriksahityagopinathkaviraj तान्त्रिक साधना भारतीय साधनार धारा (बांग्ला में ; अर्थ : भारतीय साधना की धारा ) मृत्यु बिज्ञान ओ परमबाद ( बांग्ला में) श्रीकृष्ण प्रसंगम. म. प. गोपीनाथ कविराज श्रीकृष्ण प्रसंग 2000 विश्वविद्यालय प्रकाशन वाराणसी प्रथम https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=229 मृत्युविज्ञान और कर्मरहस्य त्रिपुररहस्यम् (संस्कृत में) गोरख सिद्धान्त संग्रह साहित्यचिन्तन सिद्धभूमि ज्ञानगंज (बंगाली में), हिंदी अनुवादम. म. पं. गोपीनाथ कविराज ज्ञानगंज 2016 विश्वविद्यालय प्रकाशन वाराणसी प्रथम https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=78 साधु दर्शन एवं सत्प्रसंग - भाग 1-2 म. म. पं. गोपीनाथ कविराज साधु दर्शन एवं सत्प्रसंग भाग 1-2 2022 विश्वविद्यालय प्रकाशन वाराणसी पंचम https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=230 , भाग 3 म. म. पं. गोपीनाथ कविराज साधु दर्शन एवं सत्प्रसंग भाग 3 2015 विश्वविद्यालय प्रकाशन वाराणसी पंचम https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=231 , भाग 4 म. म. पं. गोपीनाथ कविराज साधु दर्शन एवं सत्प्रसंग भाग 4 2015 विश्वविद्यालय प्रकाशन वाराणसी द्वितीय https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=2186 गोपीनाथ कविराज, सम्पा. (1934). The Nrisimha Prasada: Sraddha Sara of Sri Dalapatriraja (in Sanskrit). विद्या विलास प्रेस बनारस। योगिराज विशुद्धानन्द प्रसंग तथा तत्त्वकथाम. म. पं. गोपीनाथ कविराज योगिराज विशुद्धानन्द प्रसंग तथा तत्त्वकथा 2000 विश्वविद्यालय प्रकाशन वाराणसी प्रथम https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=233 गोपीनाथ कविराज (1966). Aspects of Indian Thought. वर्धमान विश्वविद्यालय सनातन साधना की गुप्तधाराम. म. पं. गोपीनाथ कविराज सनातन साधना की गुप्तधारा 1996 विश्वविद्यालय प्रकाशन वाराणसी प्रथम https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=223 श्री साधनाम. म. गोपीनाथ कविराज श्री साधना 2010 विश्वविद्यालय प्रकाशन वाराणसी पंचम https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=227 दीक्षाम. म. पं. गोपीनाथ कविराज दीक्षा 2003 अनुराग प्रकाशन वाराणसी द्वितीय https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=1771 शक्ति का जागरण और कुण्डलिनीम. म. पं. गोपीनाथ कविराज शक्ति का जागरण और कुण्डलिनी 2000 विश्वविद्यालय प्रकाशन वाराणसी तृतीय https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=225 परातन्त्र साधना पथम. म. पं. गोपीनाथ कविराज परातन्त्र साधना पथ 1998 मानस ग्रंथागार वाराणसी प्रथम https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=220 आत्मनिर्झरडाॅ. गोपीनाथ कविराज आत्मनिर्झर 2021 भारतीय विद्या प्रकाशन वाराणसी प्रथम https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=2821 अखण्ड महायोगपं. गोपीनाथ कविराज अखण्ड महायोग 2000 विश्वविद्यालय प्रकाशन वाराणसी द्वितीय https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=172 तन्त्र और आगमशास्त्रों का दिग्दर्शनगोपीनाथ कविराज तन्त्र और आगमशास्त्रों का दिग्दर्शन 2018 बिहार राष्ट्रभाषा परिषद पटना तृतीय https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=1778 तांत्रिक वाङ्मय में शाक्त दृष्टि महामहोपाध्याय डा. श्री गोपीनाथ कविराज तान्त्रिक वाङ्मय में शाक्त दृष्टि 2009 बिहार राष्ट्रभाषा परिषद पटना चतुर्थ https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=2181 अपनी कृतियों के अन्य कई पुस्तकों की भूमिका लिखी हैं - श्रीमद्भगवद्गीता श्री भूपेद्रनाथ सान्याल श्रीमद्भगवद्गीता 2005 गुरूधाम प्रकाशन समिति भागलपुर बिहार प्रथम https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=1948 , श्री श्री सिद्धिमाताराजबाला देवी श्री श्री सिद्धिमाता 2005 अनुराग प्रकाशन वाराणसी 81-89498-07-X https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=869, जपसूत्रमस्वामी प्रत्यगात्मानंद सरस्वती जपसूत्रम 2002 विश्वविद्यालय प्रकाशन वाराणसी द्वितीय https://www.vvpbooks.com/bookDetail.php?bid=234 सम्मान महामहोपाध्याय (1934) डी लिट् (1947), (इलाहाबाद विश्वविद्यालय) डी लिट (21 दिसम्बर 1956) (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) पद्मविभूषण (1964) साहित्य वाचस्पति (1965), उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा देशिकोत्तम (1976), विश्वभारती द्वारा सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ गोपीनाथ कविराज महामहोपाध्याय पण्डित गोपीनथ कविराज शताब्दी समारोह पुस्तक संस्करण https://web.archive.org/web/20230609053139/https://chaukhambapustak.com/index.php?route=product/category&path=436 9 जून 2023 चौखम्बा विद्याभवन पुस्तक सूची https://web.archive.org/web/20230609053139/https://chaukhambapustak.com/index.php?route=product/category&path=436 9 जून 2023 आपके दर्शन की विशिष्टता और गहराई https://web.archive.org/web/20230609053138/https://www.kamakotimandali.com/2021/05/05/mahamahopadhyaya-sri-gopinath-kaviraj/ 9 जून 2023 eGangotri 18: गोपीनाथ कविराज द्वारा उद्धृत रघुनाथ मन्दिर की सभी पाण्डुलिपियाँ डिजिटलीकृत Mahamahopadhyaya Sri Gopinath Kaviraj https://web.archive.org/web/20230609053138/https://www.kamakotimandali.com/2021/05/05/mahamahopadhyaya-sri-gopinath-kaviraj/ 9 जून 2023 श्रेणी:हिन्दी लेखक श्रेणी:संस्कृत साहित्यकार श्रेणी:1887 में जन्मे लोग श्रेणी:१९७६ में निधन श्रेणी:साहित्य अकादमी फ़ैलोशिप से सम्मानित‎ श्रेणी:साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत संस्कृत भाषा के साहित्यकार श्रेणी:साहित्य और शिक्षा में पद्म विभूषण के प्राप्तकर्ता श्रेणी:योगी श्रेणी:भारतीय योगी