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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

पावागढ़ शक्तिपीठ

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अंगूठाकार|पावागढ़,गुजरात,भारत काली माता का यह प्रसिद्ध मंदिर माँ के शक्तिपीठों में से एक है। शक्तिपीठ उन पूजा स्थलों को कहा जाता है, जहाँ सती माँ के अंग गिरे थे। पुराणों के अनुसार पिता दक्ष के यज्ञ में अपमानित हुई सती ने योगबल द्वारा अपने प्राण त्याग दिए थे। सती की मृत्यु से व्यथित शिवशंकर उनके मृत शरीर को लेकर तांडव करते हुए ब्रह्मांड में भटकते रहे। इस समय माँ के अंग जहाँ-जहाँ गिरे वहीं शक्तिपीठ बन गए। माना जाता है कि पावागढ़ में माँ के दाहिने पैर की अंगुली गिरे थे। शक्तिपीठ जगतजननी के माताजी के दक्षिण पैर का अङुठा गिरने के कारण इस जगह का नाम पावागढ हुआ; रण इसको बेहद पूजनीय और पवित्र माना जाता है। यहाँ की एक खास बात यह भी है कि यहाँ दक्षिण मुखी काली माँ की मूर्ति है, जिसकी दक्षिण रीति अर्थात तांत्रिक पूजा की जाती है। इस पहाड़ी को गुरु विश्वामित्र से भी जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि गुरु विश्वामित्र ने यहाँ काली माँ की तपस्या की थी। यह भी माना जाता है कि काली माँ की मूर्ति को विश्वामित्र ने ही प्रतिष्ठित किया था। यहाँ बहने वाली नदी का नामाकरण भी उन्हीं के नाम पर ‘विश्वामित्री’ किया गया है। कथा इसी तरह पावागढ़ के नाम के पीछे भी एक कहानी है। कहा जाता है कि इस दुर्गम पर्वत पर चढ़ाई लगभग असंभव काम था। चारों तरफ खाइयों से घिरे होने के कारण यहाँ हवा का वेग भी चहुँतरफा था, इसलिए इसे पावागढ़ अर्थात ऐसी जगह कहा गया जहाँ पवन का वास हो। यह मंदिर गुजरात की प्राचीन राजधानी चांपानेर के पास स्थित है, जो वडोदरा शहर से लगभग 50 किलोमीटर दूर है। पावागढ़ मंदिर ऊँची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। काफी ऊँचाई पर बने इस दुर्गम मंदिर की चढ़ाई बेहद कठिन है। अब सरकार ने यहाँ रोप-वे सुविधा उपलब्ध करवा दी है, जिसके जरिये आप पहाड़ी तक आसानी से पहुँच सकते हैं। यह सुविधा माछी से शुरू होती है। यहाँ से रोप-वे लेकर श्रद्धालु पावागढ़ पहाड़ी के ऊपरी हिस्से तक पहुँचते हैं। रोप-वे से उतरने के बाद आपको लगभग 250 सीढ़ियाँ चढ़ना होंगी, तब जाकर आप मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुँचेंगे। नवरात्र के समय इस मंदिर में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ती है। लोगों की यहाँ गहरी आस्था है। उनका मानना है कि यहाँ दर्शन करने के बाद माँ उनकी हर मुराद पूरी कर देती है। इन्हें भी देखें चंपानेर-पावागढ़ पुरातत्व उद्यान शक्तिपीठ शाकम्भरीदेवी सहारनपुर मनसा देवी कैसे पहुंचें वायुमार्ग द्वारा- यहाँ से सबसे नजदीक अहमदाबाद का एयरपोर्ट है, जिसकी यहाँ से दूरी लगभग 190 किलोमीटर और वडोदरा से 50 किलोमीटर है। रेलमार्ग- यहाँ का नजदीकी बड़ा रेलवे स्टेशन वडोदरा में है जो कि दिल्ली और अहमदाबाद से सीधी रेल लाइनों से जुड़ा हुआ है। वडोदरा पहुँचने के बाद सड़क यातायात के सुलभ साधन उपलब्ध हैं। सड़क मार्ग - प्रदेश सरकार और निजी कंपनियों की कई लक्जरी बसें और टैक्सी सेवा गुजरात के अनेक शहरों से यहाँ के लिए संचालित की जाती है। इन्हें भी देखें शक्तिपीठ श्रेणी:शक्ति पीठ श्रेणी:गुजरात के हिन्दू मंदिर