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बहमनी सल्तनत
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बहमनी सल्तनत Bahmani Sultanate मध्यकाल 1347 3 अगस्त 1527 दिल्ली सल्तनत बीजापुर सल्तनत गोलकोण्डा अहमदनगर सल्तनत बरार सल्तनत बीदर सल्तनत Bahmanis of the Deccan. Ala al-Din Ahmad Shah II. 1435-1457.jpg 280px बहमनी शासक अलाउद्दीन अहमद शाह द्वितीय के समय के सिक्के (1435-1457) Bahamani-sultanate-map.svg बहमनी सल्तनत, 1470 CE.Schwartzberg Joseph E. A Historical atlas of South Asia 1978 University of Chicago Press Chicago 147, map XIV.3 (k) 0226742210 https://dsal.uchicago.edu/reference/schwartzberg/pager.html?object=185 18 जुलाई 2022 5 जून 2021 https://web.archive.org/web/20210605005217/https://dsal.uchicago.edu/reference/schwartzberg/pager.html?object=185 dead गुलबर्गा (1347–1425)
बीदर (1425–1527) फ़ारसी (सरकारी) Ansari 1988 494–499 मराठी
दक्खिनी तेलुगु कन्नड़ सुन्नी इस्लामLeonard, Karen. "Hindu temples in Hyderabad: state patronage and politics in South Asia." South Asian History and Culture 2, no. 3 (2011): 352-373. "Hyderabad's cultural history stems from the Bahmani sultanate from the mid-fourteenth century and several of that sultanate's five successors..."Leonard, Karen. "Reassessing indirect rule in hyderabad: Rule, ruler, or sons-in-law of the state?." Modern Asian Studies 37, no. 2 (2003): 363-379. "he Hindu Kakatiya rulers were followed by Irani Bahmani rulers in the fourteenth century..."Farooqui Salma Ahmed A Comprehensive History of Medieval India: From Twelfth to the Mid-Eighteenth Century https://books.google.com/books?id=sxhAtCflwOMC&q=shia%20bahmani&pg=PA163 Dorling Kindersley Pvt. Ltd 2011 9788131732021 Medieval Deccan History: Mediaeval Deccan History: Commemoration Volume in Honour of Purshottam Mahadeo Joshi 40 9788171545797 https://books.google.com/books?id=O_WNqSH4ByQC&q=shia+denomination+bahmani Rā Kulakarṇī A. Nayeem M. A. De Souza Teotonio R. 1996 टका राजशाही अलाउद्दीन बहमन शाह 1347–1358 कलीम-अल्लाह शाह 1525–1527 Sultan भारत
बहमनी सल्तनत (1347-1518) दक्कन का एक इस्लामी राज्य था जिसने भारत में दक्कन के पठार पर शासन किया। दक्कन की पहली स्वतंत्र मुस्लिम सल्तनत, बहमनी सल्तनत 1347 में दिल्ली के सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक के विरुद्ध इस्माइल मुख के विद्रोह के दौरान सत्ता में आई । इसके बाद इस्माइल मुख ने ज़फ़र ख़ान , जो बाद में अलाउद्दीन बहमन शाह कहलाया,के पक्ष में पद त्याग दिया, जिसने बहमनी सल्तनत की स्थापना की। http://orbat.com/site/cimh/kings_master/kings/ibrahimII_adil_shahi/5_provinces.html
The Five Kingdoms of the Bahmani Sultanate
orbat.com
2007-01-05
dead
https://web.archive.org/web/20070223071144/http://orbat.com/site/cimh/kings_master/kings/ibrahimII_adil_shahi/5_provinces.html
23 February 2007 इसका प्रतिद्वंदी हिन्दू विजयनगर साम्राज्य था।Ansari, N.H. "Bahmanid Dynasty" https://web.archive.org/web/20061019004703/http://www.iranica.com/newsite/home/index.isc 19 October 2006 Encyclopaedia Iranica
बहमनी साम्राज्य अपने पड़ोसियों के साथ लगातार युद्धरत रहा, जिसमें दक्षिण में उसका प्रतिद्वंद्वी विजयनगर साम्राज्य भी शामिल था, जो सल्तनत से अधिक समय तक अस्तित्व में रहा। महमूद गवान मदरसा महमूद गवान द्वारा बनवाया गया था, जो 1466 से 1481 में अपनी मृत्यु तक सल्तनत का वज़ीर-रिजेंट था, यह संघर्ष विदेशी (आफ़ाक़ी) और स्थानीय (दक्खनी) कुलीनों के बीच था। बीदर क़िला अहमद शाह प्रथम (शासनकाल 1422–1436) द्वारा बनवाया गया था, जिसने राजधानी को बीदर शहर में स्थानांतरित किया। अहमद शाह ने विजयनगर तथा मालवा और गुजरात की सल्तनतों के विरुद्ध अभियान चलाए। 1423 में विजयनगर के विरुद्ध उसके अभियान में राजधानी की घेराबंदी शामिल थी, जिसका अंत सल्तनत के विस्तार के रूप में हुआ। बाद में महमूद गवान ने मालवा, विजयनगर और गजपतियों के विरुद्ध अभियानों का नेतृत्व किया, और सल्तनत का अधिकतम विस्तार किया।
महमूद शाह के शासन में सल्तनत का पतन शुरू हुआ। गुटीय संघर्ष और पाँच प्रांतीय गवर्नरों (तरफ़दारों) के विद्रोह के कारण बहमनी सल्तनत पाँच राज्यों में विभाजित हो गई, जिन्हें दक्कन सल्तनतों के नाम से जाना जाता है। 1490 में यूसुफ़ आदिल शाह, मलिक अहमद निज़ाम शाह प्रथम और फ़तहुल्लाह इमाद-उल-मुल्क के प्रारंभिक विद्रोहों और 1492 में क़ासिम बरीद प्रथम के विद्रोह ने किसी भी वास्तविक बहमनी शक्ति का अंत कर दिया, और अंतिम स्वतंत्र सल्तनत, गोलकोंडा, ने 1518 में दक्कन पर बहमनियों के 180 वर्ष के शासन का अंत कर दिया। अंतिम चार बहमनी शासक बीदर सल्तनत के अमीर बरीद प्रथम के अधीन कठपुतली सम्राट थे, और साम्राज्य औपचारिक रूप से 1527 में भंग हो गया।
इसके फलस्वरूप - गोलकोण्डा, बीजापुर, बीदर, बीरार और अहमदनगर के राज्यों का उदय हुआ। इन पाँचों को सम्मिलित रूप से दक्कन सल्तनत कहा जाता था।
बहमनी के शासक
अलाउद्दीन बहमन शाह
मुहम्मद शाह प्रथम
अल्लाउद्दीन मुजाहिद शाह
दाऊद शाह बहमनी
मुहम्मद शाह बहमनी द्वितीय
ग़ियासुद्दीन शाह
शम्सुद्दीन शाह
ताजुद्दीन फ़िरोज़ शाह बहमनी
अहमद शाह वली
अलाउद्दीन अहमद शाह
हुमायूँ शाह
निज़ामउद्दीन अहमद तृतीय
मुहम्मद शाह तृतीय लश्करी
महमूद शाह बहमनी द्वितीय
सन्दर्भ
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