411 REFERENCE · Wikipedia
संकोश नदी
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
सोनकोश या गदाधर या स्वर्णकोश ब्रह्मपुत्र नदी की एक उत्तरवाहिनी उपनदी है। इसका उद्गम उत्तर भूटान में होता है। यह भारत के असम राज्य में ब्रह्मपुत्र नदी में मिल जाती है। सोनकोश नदी विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जानी जाती है। इस नदी को स्थान विशेष पर स्वर्णकोश, संकोश और गदाधर नामों से जाना जाता है।Sankosh River: West Bengal-Assam Border, a Popular Summer Destination https://1001things.org/sankosh-river/ 101 Things 26 दिसम्बर 2024 कुछ अन्य स्थानों में यह गंगाधर नदी के नाम से भी प्रसिद्ध है।Sankosh River https://www.learnupsc.com/2024/12/sankosh-river.html?m=1 Learn UPSC 26 दिसम्बर 2024 भारत में यह नदी असम और पश्चिम बंगाल की सीमा से होकर बहती है, जिससे इसका भौगोलिक महत्व भी है।
भूटान में इसका नाम पुनात्सांग चू (वांग चू) है। इसकी दो मुख्य उपनदियाँ फो चू और मो चू हैं, जो भूटान के पुनाखा में मिलती हैं। इन दोनों नदियों के संगम स्थल पर स्थित पुनाखा ज़ोंग भूटान की एक प्रमुख सुंदर वास्तुकला है। यह ज़ोंग भूटान के द्राटशांग ल्हेंत्शोग का शीतकालीन निवास है। भूटान से भारत में प्रवेश करने पर यह नदी असम और पश्चिम बंगाल की प्राकृतिक सीमा बनाती है।
thumb|भूटान के सोपसोखा के पास सोनकोश नदी
thumb|सोनकोश नदी के किनारे भूटान का वांगडु फोड़रंग ज़ोंग
पुनाखा में एक साथ बहने वाली दो बड़ी उपनदियाँ हैं मो चू और फो चू। इन दोनों के संगम स्थल पर स्थित पुनाखा ज़ोंग भूटान की एक प्रसिद्ध ज़ोंग और द्राटशांग ल्हेंत्शोग का शीतकालीन निवास स्थान है। फो चू के ऊपरी भाग में बर्फ जमने की संभावना रहती है, और हिमनदों के झील विस्फोटों से कई बार ज़ोंग को क्षति पहुँची है। भारत में प्रवेश के बाद यह नदी असम और पश्चिम बंगाल की सीमा से होकर बहती है। वांगडु फोड़रंग, जो 1,364 मीटर (4,475 फीट) की ऊँचाई पर है, वहाँ यह नदी पश्चिम की ओर बहने वाली टांग चू से मिलती है और एक संकरी घाटी में प्रवेश करती है। वांगडु फोड़रंग से डागाना की ओर जाने वाला राजमार्ग इस नदी के मार्ग के समानांतर चलता है। ताख्तसे शहर के पास यह हारा चू से मिलती है। भूटान की अंतिम प्रमुख सहायक नदी डागा चू है।
इसके अतिरिक्त भूटान की फो चू और मो चू नदियों के संगम से इसका निर्माण होता है। ये बर्फीली नदियाँ भूटान के उत्तरी हिमालय क्षेत्र से उत्पन्न होती हैं। सोनकोश नदी का स्रोत भूटान के उत्तरी भाग में है, जहाँ हिमालय से पिघलने वाली बर्फ और वर्षाजल से इसे पोषण प्राप्त होता है। यह भूटान से लगभग 214 किलोमीटर दक्षिण की ओर बहकर भारत में प्रवेश करती है और असम के धुबरी ज़िले से होकर गौरीपुर के पास ब्रह्मपुत्र नदी में मिलती है। रैदाक नदी के जलग्रहण क्षेत्र को छोड़कर इसका कुल जलग्रहण क्षेत्र 12,061 वर्ग किलोमीटर है, जिससे यह इस क्षेत्र की जल व्यवस्था का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है।
भूटान की पुनाखा घाटी को जल प्रदान करते हुए बहने वाली यह नदी ब्रह्मपुत्र की एक प्रमुख सहायक नदी मानी जाती है।Sankosh River with Map https://riversinsight.com/sankosh-river-with-map/#google_vignette Rivers Insight 26 दिसम्बर 2024
प्राकृतिक सौंदर्य
इस नदी का नीला-हरा रंग, स्रोत और तट की भौगोलिक स्थिति के कारण काफी प्रसिद्ध है। यह एक लोकप्रिय पिकनिक स्थल है। पश्चिम बंगाल और असम के आसपास के ग्रामीणों और दूर-दराज के लोगों के बीच यह एक आकर्षक गर्मी की छुट्टियों की जगह है। इसकी चमकदार सफेद रेत और क्रिस्टल-साफ नीला-हरा पानी एक अद्वितीय सौंदर्य रचता है, जो इसे गर्मियों की छुट्टियों बिताने के लिए एक आदर्श स्थल बनाता है। मोटे रेत और रेशमी पानी का संतुलन इसे और भी मोहक बनाता है।Sankosh River: West Bengal-Assam Border, a Popular Summer Destination https://1001things.org/sankosh-river/ 101 Things 26 दिसम्बर 2024
सांस्कृतिक और आर्थिक महत्त्व
पर्यावरणीय दृष्टि से महत्त्वपूर्ण होने के साथ-साथ सोनकोश नदी इस नदी घाटी में रहने वाले लोगों की आजीविका से भी जुड़ी हुई है। यह कृषि, मत्स्य पालन और परिवहन में सहायक है, और इसकी उपजाऊ बाढ़भूमियाँ किसान समुदाय के लिए एक महत्त्वपूर्ण संसाधन हैं। इसका वार्षिक बाढ़ कभी-कभी विनाशकारी होता है, लेकिन इससे मिट्टी में पोषक तत्वों की आपूर्ति होती है जिससे कृषि उत्पादकता बढ़ती है।Sankosh River https://www.learnupsc.com/2024/12/sankosh-river.html?m=1 Learn UPSC 26 दिसम्बर 2024
जलविद्युत परियोजनाएँ
भारत और भूटान ने कई जलविद्युत परियोजनाओं पर समझौते किए हैं जिनमें प्रमुख हैं पुनात्सांग चू-I HEP और पुनात्सांग चू-II HEP। जुलाई 2016 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस परियोजना के लिए 9,375.58 करोड़ रुपये की संशोधित लागत को स्वीकृति दी थी।
पुनात्सांग चू-द्वितीय परियोजना पश्चिमी भूटान के वांगडु फोड़रंग में स्थित है। यह एक 1020 मेगावाट की रन ऑफ द रिवर परियोजना है जिसकी वार्षिक विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 4357 मिलियन यूनिट है। यह परियोजना दिसंबर 2010 में शुरू हुई और इसकी संशोधित लागत 7,290.62 करोड़ रुपये केंद्रीय कैबिनेट द्वारा अनुमोदित की गई थी।Sankosh River: West Bengal-Assam Border, a Popular Summer Destination https://1001things.org/sankosh-river/ 101 Things 26 दिसम्बर 2024
उपनदियाँ
सोनकोश नदी की दो प्रमुख उपनदियाँ हैं:Sankosh River with Map https://riversinsight.com/sankosh-river-with-map/#google_vignette Rivers Insight 26 दिसम्बर 2024
मो चू (मोचू) :
भूटान के उच्च क्षेत्रों से उत्पन्न होती है,
दक्षिण की ओर बहती है, जिससे सोनकोश में अच्छा जलप्रवाह होता है,
यह सोनकोश की दो प्रमुख उपनदियों में से एक है।
फो चू (फोचू)
भूटान में उत्पन्न होती है,
सोनकोश में मिल जाती है,
इसके ऊपरी मार्गों में बर्फ जमने की संभावना होती है, जिससे प्रवाह प्रभावित हो सकता है और ऋतुओं के अनुसार इसमें भिन्नता आती है।
संदर्भ ग्रंथ
Jordans, Bart Bhutan: A Trekker's Guide Cicerone 2005 1-85284-398-5
Bhutan Himalaya, 1:390,000 Himalayan Maphouse
बाहरी कड़ियाँ
भूटान की नदियाँ – FAO दस्तावेज़
श्रेणी:असम की नदियाँ
श्रेणी:असम का भूगोल