411 REFERENCE · Wikipedia
भोजली गीत
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
भोजली गीत छत्तीसगढ़ का एक लोकगीत है। छत्तीसगढ़ के महिलाएँ ये गीत सावन के महीने में गाती है। सावन का महीना, जब चारों ओर हरियाली दिखाई पड़ती है तब गाँव में भोजली का आवाज़ें हर ओर सुनाई देती हैं। भोजली याने भो-जली। इसका अर्थ है भूमि में जल हो। यहीं कामना करती है महिलायें इस गीत के माध्यम से। इसीलिये भोजली देवी की अर्थात प्रकृति की पूजा करती है। http://tdil.mit.gov.in/CoilNet/IGNCA/chgr0029.htm भोजली 24 जुलाई 2007 एचटीएम टीडीआईएल https://web.archive.org/web/20070820050226/http://tdil.mit.gov.in/coilnet/ignca/chgr0029.htm 20 अगस्त 2007 dead
उदाहरणार्थ, एक भोजली में कहा गया है-
पानी बिना मछरी,
पवन बिना धाने।
सेवा बिना भोजली के
तरसे पराने।
सन्दर्भ
श्रेणी:संस्कृति
श्रेणी:छत्तीसगढ़ के लोकगीत