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मिश्रित अर्थव्यवस्था
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दिसम्बर 2017
फ़रवरी 2015
एक मिश्रित अर्थव्यवस्था एक ऐसी अर्थव्य्वस्था है जो अलग-अलग मार्केट एवं आर्थिक योजनाओं का मिश्र्ण है, जिस्में निजी क्षेत्र और राज्य अर्थ्व्य्वस्था का निर्देशन करते हैं; या फिर एक ऐसी अर्थव्यवस्था जिस्में सार्वजनिक स्वामित्व तथा निजी स्वामित्व का मिश्रण हो; या जिस्में आर्थिक हस्तक्षेपवाद का मिश्रण मुक्त मार्केटों के सहित हो।
मिश्रित अर्थव्यवस्था एक ऐसी आर्थिक प्रणाली है जिसमें निजी क्षेत्र, सरकारी क्षेत्र और कभी-कभी सहकारी क्षेत्र मिलकर आर्थिक गतिविधियों को संचालित करते हैं। यह पूंजीवादी और समाजवादी अर्थव्यवस्थाओं के तत्वों को जोड़ती है। भारत इसका एक प्रमुख उदाहरण है।https://vittiyasaksharta.in/mishrit-arthvyavastha-kya-hai/ मिश्रित अर्थव्यवस्था क्या है? विशेषताएँ, लाभ, और उदाहरण - वित्तीय साक्षरता 2024-12-15 2025-09-20 29 अप्रैल 2025 https://web.archive.org/web/20250429071538/https://vittiyasaksharta.in/mishrit-arthvyavastha-kya-hai/ dead
विशेषताएँ:
निजी और सार्वजनिक क्षेत्र का सह-अस्तित्व: निजी उद्यमी और सरकार दोनों संसाधनों का नियंत्रण करते हैं। कुछ क्षेत्रों में निजी कंपनियाँ स्वतंत्र रूप से काम करती हैं, जबकि कुछ में सरकार नियंत्रण रखती है।
बाजार और नियोजित अर्थव्यवस्था का मिश्रण: कीमतें मुख्य रूप से माँग और आपूर्ति से निर्धारित होती हैं, लेकिन सरकार भी नियोजन और नियमन के माध्यम से हस्तक्षेप करती है।
आर्थिक स्वतंत्रता और नियंत्रण: व्यक्तियों को व्यवसाय शुरू करने और निवेश की स्वतंत्रता होती है, लेकिन सरकार सामाजिक कल्याण, बुनियादी ढांचे और रणनीतिक क्षेत्रों में भूमिका निभाती है।
सामाजिक कल्याण पर जोर: सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में हस्तक्षेप करती है ताकि सामाजिक समानता को बढ़ावा मिले।
लाभ:
लचीलापन: पूंजीवाद की दक्षता और समाजवाद की सामाजिक सुरक्षा का संतुलन।
नवाचार को बढ़ावा: निजी क्षेत्र प्रतिस्पर्धा और नवाचार को प्रोत्साहित करता है।
सामाजिक कल्याण: सरकार असमानता को कम करने के लिए कदम उठाती है।
कमियाँ:
नीतिगत जटिलता: निजी और सरकारी हितों में टकराव हो सकता है।
असमानता: पूंजीवादी तत्वों के कारण धन का असमान वितरण हो सकता है।
नौकरशाही: सरकारी हस्तक्षेप से निर्णय लेने में देरी हो सकती है।
भारत में मिश्रित अर्थव्यवस्था:
भारत ने 1947 में स्वतंत्रता के बाद मिश्रित अर्थव्यवस्था को अपनाया। 1991 के आर्थिक सुधारों से पहले, अर्थव्यवस्था में सरकारी नियंत्रण अधिक था (लाइसेंस राज)। सुधारों के बाद, निजी क्षेत्र और वैश्वीकरण को बढ़ावा मिला, लेकिन सरकार अभी भी कल्याणकारी योजनाओं और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इतिहास
श्रेणी:आर्थिक प्रणालियाँ
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