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पृथ्वी नारायण शाह
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पृथ्वीनारायण शाह Prithvi Narayan Shah.jpg महाराजाधिराजनेपाल के राजा गोरखा राज्य के राजा नरभूपाल शाह प्रताप सिंह शाह शाह वंश छेत्री वंश नरभूपाल शाह कौशल्यावती देवी प्रताप सिंह शाहबहादुर शाह हिन्दू ११ जनवरी १७२४ (२७ पौष, १७७९ वि.सं.)Baburam Acharya Shree Panch BadaMaharajdhiraj Prithivi Narayan Shah ko Sanxipta Jiwani, Part I 42 Nepali ११ जनवरी १७७५ (aged 52) 25 सितंबर 1743 – 11 जनवरी 1775 इन्द्र कुमारीनरेन्द्र राज्य लक्ष्मी देवी २५ सेप्टेम्बर १७४३http://www.royalark.net/Nepal/nepal5.htm Nepal5 www.royalark.net 9 September 2018 https://web.archive.org/web/20200412081115/http://www.royalark.net/Nepal/nepal5.htm 12 अप्रैल 2020 live गोरखा पोखरीथोक, गोरखा राज्य देवीघाट, नुवाकोट, नेपाल अधिराज्य पृथ्वीनारायण शाह बहादुर शम्शेरजंग देवनाम सदा समरविजयीनाम
right|thumb|300px|गोरखा दरबार
पृथ्वी नारायण शाह (1722 - 1775) एक गोरखाली राजा थे जिन्होंने विभिन्न ५४ राज्यमें बटे राज्य का पुन एकीकरण करके नेपाल अधिराज्यकी स्थापना किया था।
उनका जन्म गोरखाली राजाओंके शाह वंश में हुआ । उनके पिता गोरखा राज्य के राजा नरभूपाल शाह और माता पाल्पा की राजकुमारी कौशल्यावती देवी थि । उन्होंने सन् १७९९ में राज्यारोहण किया ।
परिचय
पृथ्वीनारायण शाह, राजा नरभूपाल शाह व रानी कौसल्यावती के बेटे थे जो गोरखा नामक एक छोटे से राज्य के शासक थे। उनका जन्म सन् 1723 मे हुआ था, उन्हे बीस वर्ष की उम्र में सन् 1743 मे गोरखा का राजा बनाया गया था।
पृथ्वीनारायण शाह नाथ संप्रदाय के उन्नायक, हिन्दी के सुपरिचित कवि, उत्तर भारत में हिन्दू संस्कृति एवं धर्म के महान् रक्षक योगी गोरखनाथ के बड़े भक्त ही नहीं, वरन् स्वयं हिन्दी के अच्छे कवि भी थे। उनके भजन अभी भी रेडियो नेपाल से प्राय: सुनाई पड़ते हैं। उदाहरण के लिए उनका एक भजन यहाँ प्रस्तुत है-
बाबा गोरखनाथ सेवक सुख दाये, भजहुँ तो मन लाये।बाबा चेला चतुर मछिन्द्रनाथ को, अधबधु रूप बनाये।।
शिव में अंश शिवासन कावे, सिद्धि महा बनि आये।। बाबा 1 ।।सिंधिनाद जटाकुवरि, तुम्बी बगल दबाये।।
समरथन बांध बघम्बर बैठे, तिनिहि लोक वरदाये।। 2 ।। बाबा ।।मुन्द्रा कान में अति सोभिते, गेरूवा वस्त्र लगाये।
गलैमाल कद्राच्छे सेली, तन में भसम चढ़ाये।। 3 ।। बाबा ।।अगम कथा गोरखनाथ कि महिमा पार न पाये।।
नरभूपाल साह जिउको नन्दन पृथ्वीनारायण गाये।। 4 ।।बाबा गोरखनाथ सेवक सुख दाये, भजहुँ तो मन भाये।।
इन्हें भी देखें
नेपाल का इतिहास
अंग्रेज-नेपाल युद्ध
सुगौली संधि
मल्ल राजवंश
बाहरी कड़ियाँ
नेपाल में राजशाही और शाहवंश का इतिहास
Prithvi Narayan Shah
श्रेणी:विशाल नेपाल
श्रेणी:नेपाल का एकीकरण
श्रेणी:नेपाल के ऐतिहासिक व्यक्तित्व
श्रेणी:नेपाल के शासक
श्रेणी:शाह वंश
श्रेणी:नेपाल की राष्ट्रीय विभूतियाँ