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सारा अबूबकर
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सारा अबूबकर 1936 06 30 y कासरगोड, दक्षिण केनरा, मद्रास प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत (अब केरल, भारत) 2023 01 10 1936 06 30 y मैंगलोर, कर्नाटक, भारत लेखिका और अनुवादक
सारा अबूबकर (ಸಾರಾ ಅಬೂಬಕ್ಕರ್; 30 जून 1936 – 10 जनवरी 2023) कन्नड़ भाषा की भारतीय लेखिका और अनुवादक थीं।https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/kannada-writer-sara-aboobacker-passes-away/article66360267.ece Sara Aboobacker, Kannada writer, passes away 2023-01-10 द हिन्दू 2024-06-25 en-IN 0971-751X उनके लेखन में मुख्यतः उपन्यास और लघु कथायें शामिल हैं।https://www.loc.gov/acq/ovop/delhi/salrp/saraaboobacker.html Sara Aboobacker - Kannada Writer: The South Asian Literary Recordings Project (Library of Congress New Delhi Office) लाइब्रेरी ऑफ़ कांग्रेस 2024-06-25
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
सारा का जन्म 30 जून 1936 को केरल के कासरगोड में पुदियापुरी अहमद और ज़ैनबी अहमद के घर हुआ था।2011 Sara Aboobacker - Meet the Author http://sahitya-akademi.gov.in/library/meettheauthor/sarah_aboobacker.pdf साहित्य अकादमि 25 जून 2024 1 दिसम्बर 2023 https://web.archive.org/web/20231201220423/https://sahitya-akademi.gov.in/library/meettheauthor/sarah_aboobacker.pdf live उसके चार भाई थे। वो कासरगोड में मुस्लिम परिवारों के अपने समुदाय की पहली लड़कियों में से एक थीं। उन्होंने स्थानीय कन्नड़ विद्यालय अपनी शिक्षा पूर्ण की थी। विद्यालयी शिक्षा के बाद उसका विवा हो गया और उसके चार बेटे हुए। अबूबकर ने एक बार कहा था कि वो अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने की इच्छुक थी लेकिन सामुदायिक मानदंडों के कारण बाधित थी। सामुदायिक बंधन उच्च शिक्षा तक महिलाओं की पहुंच को प्रतिबंधित करते थे और वो केवल सन् 1963 में पुस्तकालय की सदस्यता प्राप्त करने में सक्षम हो पायीं।
पुरस्कार और सम्मान
अबूबकर को साहित्य में उनके योगदान के लिए कई पुरस्कार मिले हैं।
1984 में उन्हें कर्नाटक साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला।
1987 में उन्हें अनुपमा नीराजन पुरस्कार मिला।
1990 से 1994 तक, उन्होंने एक स्थानीय लेखक संघ, करावली लेखाकियारा मट्टू वाचकियारा संघ के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
1995 में उन्हें कन्नड़ राज्योत्सव पुरस्कार मिला।
1996 में उन्हें रत्नम्मा हेगड़े महिला साहित्य पुरस्कार मिला।
2001 में कर्नाटक सरकार द्वारा दाना चिंतामणि अतीमब्बे पुरस्कार
2006 में, उन्हें साहित्य में उनके योगदान के लिए हम्पी विश्वविद्यालय से नादोजा पुरस्कार मिला।
2008 में, उन्हें मैंगलोर विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
सन्दर्भ
श्रेणी:कन्नड़ कवि
श्रेणी:केरल की महिला लेखिकाएं
श्रेणी: कासरगोड जिले के लोग
श्रेणी:भारतीय महिला अनुवादक
श्रेणी:केरल के उपन्यासकार