411 REFERENCE · Wikipedia
गणतन्त्र दिवस (भारत)
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
No
दिल्ली गणतंत्र दिवस परेड
दिवस राष्ट्रीय दिवस भारत भारतीय संविधान सभा 200px गणतन्त्र दिवस भारत के संविधान की प्रस्तावना का मूल पाठ।
भारत का संविधान 1950 01 26 y को पूर्ण रूप से लागू हुआ था। सार्वजनिक जनवरी 1 दिन वार्षिक प्रत्येक वर्ष एक ही दिन 26 जनवरी भारत का संविधान की स्थापना परेड, विद्यालयों में मिठाई का वितरण, भाषण और सांस्कृतिक नृत्य
गणतन्त्र दिवस भारत गणराज्य का एक राष्ट्रीय पर्व है जो प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है। इस वर्ष 2026 में भारत का 77वाँ गणतन्त्र दिवस मनाया जा रहा है। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष श्री एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन गणतंत्र दिवस परेड 2026 के मुख्य अतिथि होंगे।
एक स्वतन्त्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वाे अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था। इसे लागू करने के 26 जनवरी की तिथि को इसलिए चुना गया था क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था।
इस दिन हर भारतीय अपने देश के लिए प्राण देने वाले अमर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति राष्ट्र के नाम संदेश देते हैं। स्कूलों, कॉलेजों आदि मे कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भारत गणराज्य के राष्ट्रपति दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भारतीय ध्वज फहराते हैं। राजधानी दिल्ली में बहुत सारे आकर्षक और मनमोहक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। दिल्ली को अच्छी तरह सजाया जाता है कर्त्तव्यपथ पर बड़ी धूम-धाम से परेड निकलती है जिसमें विभिन्न प्रदेशों और सरकारी विभागों की झांकियाँ होतीं हैं। देश के कोने कोने से लोग दिल्ली मे 26 जनवरी की परेड देखने आते हैं। भारतीय सेना अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन होता है। 26 जनवरी के दिन धूम-धाम से राष्ट्रपति की सवारी निकाली जाती है तथा बहुत से मनमोहक कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।
देश के हर कोने मे जगह जगह ध्वजवन्दन होता है और कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विश्व भर में फैले हुए भारतीय मूल के लोग तथा भारत के दूतावास भी गणतंत्र दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनातें हैं। भारत के हर कोने कोने में मनाया जाता है , और देश के प्रति एक नई उमंग देखने को मिलती है ।
गणतंत्र दिवस मनाने का उद्देश्य
गणतंत्र दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि 26 जनवरी 1950 को पूरे 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगा कर बनाया गया संविधान लागू किया गया था और हमारे देश भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया।
इतिहास
३१ दिसम्बर सन् 1929 के दिसंबर में लाहौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ जिसमें भारत को ब्रिटिश साम्राज्य के अन्तर्गत डोमिनियन स्टेट बनाने के विचार का विरोध करते हुए भारत को 'पूर्ण स्वराज्य' देने की मांग की गयी। इसी के साथ २६ जनवरी १९३० को भारत का स्वतन्त्रता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद प्रतिवर्ष २६ जनवरी को द्वतन्त्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। १५ अगस्त 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक 26 जनवरी स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। २६ जनवरी के इस ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए इसी दिन को भारत का नव निर्मित संविधान लागू करने का निर्णय लिया गया।
भारत के स्वतंत्र हो जाने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और इसने अपना कार्य 9 दिसम्बर 1946 से आरंभ कर दिया। संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे। डॉ० भीमराव अम्बेडकर, जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे। संविधान निर्माण में कुल 22 समितीयाँ थी जिसमें प्रारूप समिति (ड्राफ्टींग कमेटी) सबसे प्रमुख एवं महत्त्वपूर्ण समिति थी और इस समिति का कार्य संपूर्ण ‘संविधान लिखना’ या ‘निर्माण करना’ था। प्रारूप समिति के अध्यक्ष विधिवेत्ता डॉ० भीमराव आंबेडकर थे। प्रारूप समिति ने और उसमें विशेष रूप से डॉ. आंबेडकर जी ने 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन में भारतीय संविधान का निर्माण किया और संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को 26 नवम्बर 1949 को भारत का संविधान सुपूर्द किया, इसलिए 26 नवंबर दिवस को भारत में संविधान दिवस के रूप में प्रति वर्ष मनाया जाता है। संविधान सभा ने संविधान निर्माण के समय कुल 114 दिन बैठक की। इसकी बैठकों में प्रेस और जनता को भाग लेने की स्वतन्त्रता थी। अनेक सुधारों और बदलावों के बाद सभा के 284 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किये। इसके दो दिन बाद संविधान 26 जनवरी को यह देश भर में लागू हो गया। 26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए इसी दिन संविधान निर्मात्री सभा (कांस्टीट्यूएंट असेंबली) द्वारा स्वीकृत संविधान में भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता प्रदान की गई।
गणतंत्र दिवस समारोह दिल्ली
दिल्ली गणतंत्र दिवस परेड
thumbnail|राजपथ पर प्रथम गणतंत्र समारोह में सम्मलित होने (घोड़े की बग्घी में) जाते देश प्रथम राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद।
thumb|अग्नि-२ मिसाइल का वर्ष २००४ की परेड में प्रदर्शन
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारतीय राष्ट्र ध्वज को फहराया जाता हैं और इसके बाद सामूहिक रूप में खड़े होकर राष्ट्रगान गाया जाता है। फिर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को सलामी दी जाती है। गणतंत्र दिवस को पूरे देश में विशेष रूप से भारत की राजधानी दिल्ली में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर के महत्व को चिह्नित करने के लिए हर साल राजपथ पर एक भव्य परेड इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन (राष्ट्रपति के निवास) तक राजधानी नई दिल्ली में आयोजित की जाती है। इस भव्य परेड में भारतीय सेना के विभिन्न रेजिमेंट, वायुसेना, नौसेना आदि सभी भाग लेते हैं। इस समारोह में भाग लेने के लिए देश के सभी हिस्सों से राष्ट्रीय कडेट कोर व विभिन्न विद्यालयों से बच्चे आते हैं, समारोह में भाग लेना एक सम्मान की बात होती है। परेड प्रारंभ करते हुए प्रधानमंत्री राजपथ के एक छोर पर इंडिया गेट पर स्थित अमर जवान ज्योति (सैनिकों के लिए एक स्मारक) पर पुष्प माला अर्पित करते हैं। इसके बाद शहीद सैनिकों की स्मृति में दो मिनट मौन रखा जाता है। यह देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए लड़े युद्ध व स्वतंत्रता आंदोलन में देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों के बलिदान का एक स्मारक है। इसके बाद प्रधानमंत्री, अन्य व्यक्तियों के साथ राजपथ पर स्थित मंच तक आते हैं, राष्ट्रपति बाद में अवसर के मुख्य अतिथि के साथ आते हैं।https://www.bbc.com/hindi/india-55769670 गणतंत्र दिवस मनाने की परंपरा किसने शुरू की थी? 2021-01-23 BBC News हिंदी hi 2021-01-24
परेड में विभिन्न राज्यों की प्रदर्शनी भी होती हैं, प्रदर्शनी में हर राज्य के लोगों की विशेषता, उनके लोक गीत व कला का दृश्यचित्र प्रस्तुत किया जाता है। हर प्रदर्शिनी भारत की विविधता व सांस्कृतिक समृद्धि प्रदर्शित करती है। परेड और जुलूस राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारित होता है और देश के हर कोने में करोड़ों दर्शकों के द्वारा देखा जाता है।
2014 में, भारत के 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर, महाराष्ट्र सरकार के प्रोटोकॉल विभाग ने पहली बार मुंबई के मरीन ड्राईव पर परेड आयोजित की, जैसी हर वर्ष नई दिल्ली में राजपथ में होती है।दैनिक जागरण की गणतन्त्र दिवस के लिए कहानी चित्र भव्य होंगे गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम http://www.jagran.com/uttar-pradesh/saharanpur-13374176.html 17 जनवरी 2016 दैनिक जागरण https://web.archive.org/web/20181217110727/https://www.jagran.com/uttar-pradesh/saharanpur-13374176.html 17 दिसंबर 2018 live
गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि
भारतीय गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथियों की सूची:
वर्षपद और मुख्य अतिथि का नामसम्बंधित देश2024राष्ट्रपति - इमैनुएल मैक्रोंRepublic Day 2024 Chief Guest: इस साल गणतंत्र दिवस पर कौन होंगे मुख्य अतिथि, कैसे होता है इनका चुनाव? https://www.studynotesbook.com/republic-day-2024-chief-guest/ 7 जनवरी 2024फ्रांस2023 https://web.archive.org/web/20230126072934/https://lallantops.com/republic-day-2023-chief-guest-in-india/ 26 जनवरी 2023 राष्ट्रपति - अब्देल फत्ताह अल सीसीमिस्र2022 -- कोई मुख्य अतिथि नहीं --2021– कोई मुख्य अतिथि नहीं–2020राष्ट्रपति, जेयर बोल्सोनारो ब्राजील2019राष्ट्रपति, सिरिल रामाफोसा दक्षिण अफ्रीका 2018सभी दस आसियान देशों के प्रमुखगणतंत्र दिवस परेड 2018: फिर नया इतिहास बनेगा और दुनिया देखेगी– News18 हिंदी News18 India २६ जनवरी २०१८ https://hindi.news18.com/news/nation/republic-day-2018-know-waht-is-new-this-time-and-list-of-10-asean-leaders-attending-as-chief-guests-1245984.html hi २६ जनवरी २०१८ https://web.archive.org/web/20180125144259/https://hindi.news18.com/news/nation/republic-day-2018-know-waht-is-new-this-time-and-list-of-10-asean-leaders-attending-as-chief-guests-1245984.html 25 जनवरी 2018 dead ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाइलैंड और वियतनाम2017क्राउन प्रिंस, मोहम्मद बिन जायद अल नाहयानअबु धाबी2016राष्ट्रपति, फ्रांस्वा ओलांद, राष्ट्रपति, मैत्रीपाल सिरिसेनफ्राँस , श्रीलंका2015राष्ट्रपति, बराक ओबामायूएसए2014प्रधानमंत्री, शिंजो अबेजापान2013राजा, जिग्मे खेसर नामग्याल वांग्चुकभूटान2012प्रधानमंत्री, यिंगलक चिनावाटथाईलैंड2011राष्ट्रपति, सुसीलो बाम्बांग युद्धोयोनोइंडोनेशिया2010राष्ट्रपति, ली म्यूंग बककोरिया गणराज्य2009राष्ट्रपति, नूर्सुल्तान नाज़र्बायवकज़ाकिस्तान2008राष्ट्रपति, निकोलस सरकोजीफ्रांस2007राष्ट्रपति, व्लादिमीर पुतिनरुस2006राजा, शाह अब्दुल्लासउदी अरब
सऊदी अरब के राजा2005राजा, जिग्मे सिंगये वांगचुकभूटान2004राष्ट्पति, लुइज़ इंसियो लूला दा सिल्वाब्राजील2003राष्ट्पति, मोहम्मद ख़ातमीइरान2002राष्ट्पति, कसम उतेममॉरीशस2001राष्ट्पति, अब्देलाज़िज बुटेफ्लिकाअलजीरीया2000राष्ट्पति, ऑल्यूसगुन ओबसांजोनाइजीरिया1999राजा बीरेंद्र बीर बिक्रम शाह देवनेपाल1998राष्ट्रपति, ज़्याक शिराकफ्रांस1997प्रधानमंत्री, बसदेव पाण्डेत्रिनीनाद और टोबैगो1996राष्ट्रपति, लुइज़ इंसियो लूला दा सिल्वाब्राजील1995राष्ट्रपति, नेल्सन मंडेलादक्षिण अफ्रिका1994प्रधानमंत्री, गोह चोक टोंगसिंगापुर1993प्रधानमंत्री, जॉन मेजरयूके1992राष्ट्रपति, मेरियो सोरेसपुर्तगाल1991राष्ट्रपति, मॉमून अब्दुल गय्यूममालदीव1990प्रधानमंत्री, अनिरुद्ध जगन्नाथमॉरीशस1989नगुय वं लनंवियतनाम1988राष्ट्रपति, जूनिअस रिचर्ड जयवर्धनेश्रीलंका1987राष्ट्रपति, एलन गार्सिया , राष्ट्रपति ,रॉबर्ट मुगाबेपेरु , जिम्बाब्वे1986प्रधानमंत्री, एँड्रियास पपनड्रीयुग्रीस1985राष्ट्रपति, राउल अल्फोंसिनअर्जेन्टीना1984राजा जिग्मे सिंगये वांगचुक , इंडोनेशियाई सेना के चीफ ऑफ स्टाफ , जनरल रुदिनीभूटान , इंडोनेशिया1983राष्ट्रपति, सेहु शगारीनाइजीरिया1982राजा, जॉन कार्लोस प्रथमस्पेन1981राष्ट्रपति, जोस लोपेज़ पोर्टिलोमेक्सिको1980राष्ट्रपति, वैलेरी गिसकर्ड डी 'ईस्टांगफ्रांस1979प्रधानमंत्री, मैल्कम फ्रेजरऑस्ट्रेलिया1978राष्ट्रपति, पैट्रिक हिलरीऑयरलौंड1977प्रथम सचिव, एडवर्ड गिरेकपौलैण्ड1976प्रधानमंत्री, ज़्याक शिराकफ्रांस1975राष्ट्रपति, केनेथ कौंडाजांबिया1974राष्ट्रपति, जोसिप ब्रौज टीटोयूगोस्लावियाप्रधानमंत्री, सिरिमावो बन्दरानाइकश्रीलंका1973राष्ट्रपति, कर्नल जॉसेफ़ मोबूतोजैरे1972प्रधानमंत्री, शिवसागर रामगुलाममॉरीशस1971राष्ट्रपति, जुलियस नीयरेरेतंजानिया1970––1969प्रधानमंत्री, टॉड झिवकोवबुल्गारिया1968प्रधानमंत्री, अलेक्सी कोसिजिनसोवियत यूनियनराष्ट्रपति, जोसिप ब्रोज टीटोयूगोस्लाविया1967––1966––1965खाद्य एवं कृषि मंत्री, राना अब्दुल हामिदपाकिस्तान1964––1963राजा, नोरोडोम सिहानोककंबोडिया1962––1961रानी, एलिज़ाबेथ द्वितीययूके1960राष्ट्रपति, क्लिमेंट वोरोशिलोवसोवियत संघ1959––1958मार्शल ये जियानयिंगचीन1957––1956––1955गर्वनर जनरल, मलिक गुलाम मोहम्मदपाकिस्तान1954राजा, जिग्मे दोरजी वांगचुकभूटान1953––1952––1951––1950राष्ट्रपति, सुकर्णोइंडोनेशिया
thumbnail|400px|देश जिन्हें गणतंत्र दिवस परेड के लिए अतिथि के तौर पर बुलाया गया है। पहले का युगोस्लाविया (दो बार आमंत्रित) को नहीं दिखाया गया है।Praveen Mishra गणतंत्र दिवस (Republic Day) 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है? https://gkidea.in/gantantra-diwas-kyu-manaya-jata-hai/ Gkidea News Praveen Mishra 12 जनवरी 2022 गणतंत्र दिवस 14 जनवरी 2022 https://web.archive.org/web/20220114062232/https://gkidea.in/gantantra-diwas-kyu-manaya-jata-hai/ dead
चित्रदीर्घा
इन्हें भी देखें
दिल्ली गणतंत्र दिवस परेड
गणराज्य
संविधान दिवस (भारत)
स्वतंत्रता दिवस (भारत)
भारतीय संविधान सभा
भारतीय संविधान
पराक्रम दिवस (२३ जनवरी, नेताजी की जयन्ती)
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 को ही क्यों लागू हुआ https://web.archive.org/web/20230418170852/https://hindijankariblog.com/bhartiya-sanvidhan-26-january-1950-ko-hi-kyon-lagu-hua/ 18 अप्रैल 2023
गणतंत्र दिवस पर भाषण
गणतंत्र दिवस गणतंत्र दिवस पर विशेष
70 वें गणतंत्र दिवस पर विशेष
गणतंत्र दिवस पर विशेष झांकियां
गणतंत्र का गौरवशाली इतिहासमई 2026 InternetArchiveBot
श्रेणी:राष्ट्रीय त्यौहार
श्रेणी:भारत के प्रमुख दिवस