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411 समाचार
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घग्गर-हकरा नदी

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घग्घर नदी हकरा नदी, प्राचीन सरस्वती नदी , मृत नदी ,दृषद्वती नदी कालीबंगा, पीलीबंगा रंगमहल सभ्यता File:Sarasvati river.jpg Present-day Gagghar-Hakra river-course, with (pre-)Harappan paleochannel as proposed by Clift et al. (2012).See Clift et al. (2012) map and Honde te al. (2017) map. See also this satellite image. 1 = ancient river 2 = today's river 3 = today's Thar desert 4 = ancient shore 5 = today's shore 6 = today's town 7 = dried-up Hakra course, and pre-Harappan Sutlej paleochannels (Clift et al. (2012)) See also this satellite image. India Shivalik Hills, Himachal Pradesh, India Ottu, Haryana, India Country India, Pakistan Political Economy of the Punjab: An Insider's Account MD Publications, New Delhi 978-81-7533-031-3 1997 Kaushalya river Markanda river, Sarsuti, Tangri river, Chautang Kaushalya Dam, Ottu barrage thumb|230px|पंचकुला, हरियाणा से गुज़रती घग्गर नदी घग्घर नदी भारत और पाकिस्तान में वर्षा-ऋतु में चलने वाली एक मौसमी नदी है। इसे हरयाणा के ओटू वीयर (बाँध) से पहले घग्गर नदी के नाम से और उसके आगे हकरा नदी के नाम से जाना जाता है।Students' Britannica India, Volumes 1-5 https://web.archive.org/web/20130522131533/http://books.google.com/books?id=AE_LIg9G5CgC 22 मई 2013, Britannica, Dale Hoiberg, Indu Ramchandani, Popular Prakashan, 2000, ISBN 978-0-85229-760-5, ... The Ghaggar River rises in the Shiwalik Range, northwestern Himachal Pradesh State, and flows about 320 km southwest through Haryana State, where it receives the Saraswati River. Beyond the Otu Barrage, the Ghaggar River is known as the Hakra River which loses itself in the Thar Desert. Just southwest of Sirsa it feeds two irrigation canals that extend into Rajasthan. ... कुछ विद्वानों के हिसाब से यह प्राचीनकाल में बहने वाली महान सरस्वती नदी ही का बचा हुआ रूप है हालांकि इसपर मतभेद है और अन्य विद्वानों के अनुसार ऋग्वेद में कुछ स्थानों पर जिस सरस्वती नदी का ज़िक्र है इसका उद्गम चण्डीगढ के निकट हिमाचल व हरियाणा की सीमाओं पर शिवालिक पर्वत है। चण्डीगढ के पास इसी नाम का रेल्वे स्टेशन भी है। पटियाला, संगरूर, सिरसा, से बहती हुई राजस्थान के हनुमानगढ जिले के टिब्बी तहसील के तलवाड़ा गांव से प्रवेश करती है और भट्टनेर दुर्ग (हनुमानगढ़) में अपना जल विलुप्त कर लेती हैं| माना जाता हैं कि जब इस नदी में बाढ़ आती हैं तो यह नदी श्रीगंगानगर जिले में प्रवेश कर जाती है,और राजस्थान के गंगानगर जिले की अनूपगढ तहसील से यह पाकिस्तान में प्रवेश करती है और इस नदी का पानी पाकिस्तान में फोर्ट अब्बास तक जाता है और वहां यह नदी अपने पानी को विलुप्त कर लेती हैं, पाकिस्तान में इस नदी के बेसिन को हकरा के नाम से जाना जाता है| इसके बरसाती जल व कठोर चिकनी मिट्टी में धान की भरपूर खेती होती है। Indische Alterthumskundehttp://books.google.com/books?id=evOZEWralVMC&pg=PA158&dq=saraswati+river+dried+up&lr=&as_brr=3&cd=13#v=onepage&q=&f=false https://web.archive.org/web/20130921074555/http://books.google.com/books?id=evOZEWralVMC&pg=PA158&dq=saraswati+river+dried+up&lr=&as_brr=3&cd=13#v=onepage&q=&f=false 21 सितंबर 2013 The ancient Indus Valley:new perspectives By Jane McIntoshOldham 1893 pp.51–52 मार्ग घग्गर मॉनसून की बारिशों के दौरान हिमाचल प्रदेश के शिवालिक पहाड़ों में शिमला के पास से निकलती है हरियाणा के कालका सेे अंबाला और पंजाब से गुज़रती है। यहाँ से यह राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की टिब्बी तहसील से प्रवेश करती है, जहां इस नदी के बेसिन को पाठ कहा जाता है जहाँ एक द्रोणी में यह अपने बहाव में मौसम में तलवारा झील बनाती है। इस नदी से राजस्थान में दो सिंचाई की नहरें भी निकाली जाती हैं। घग्गर-हकरा नदी की कुछ उपनदियाँ भी हैं। हरियाणा के अम्बाला ज़िले के छोटी पहाड़ियों वाले इलाक़े से सरसूती नदी आती है (जिसका नाम 'सरस्वती' का बिगड़ा हुआ रूप है) और पंजाब में शत्राना के पास घग्गर में मिल जाती है। सदूलगढ़ के पास सतलुज नदी की एक छोटी-सी धार घग्गर में मिला करती थी लेकिन अब सूख चुकी है। इसी तरह चौतंग नदी (जिसका प्राचीन वैदिक नाम शायद दृषद्वती नदी था) सूरतगढ़ के पास घग्गर को मिलती है। यह नदी हिमाचल प्रदेश,पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व पाकिस्तान के फोर्ट अब्बास तक बहती है| घग्गर नदी के फर्श की चौड़ाई देखकर लगता है कि यह नदी कभी आज से बहुत ज़्यादा बड़ी रही होगी। सम्भव है कि यह लगभग १०,००० साल पहले पिछले हिमयुग के ख़त्म होने पर हिमालय की कुछ महान हिमानियाँ (ग्लेशियर) पिघलने से हुआ हो। सम्भव है कि उन दिनों में यह आगे तक जाकर कच्छ के रण में ख़ाली होती हो। कुछ विद्वान मानते हैं कि समय के साथ इस नदी में पानी देने वाली उपनदियाँ सिन्धु नदी और यमुना नदी के मंडल में पानी देने लगीं जिस से घग्गर-हकरा सूखने लगी| इसे मृत नदी के नाम से भी जाना जाता है| इन्हें भी देखें सरस्वती नदी मॉनसून कालका सन्दर्भ 2 श्रेणी:भारत की नदियाँ श्रेणी:राजस्थान की नदियाँ श्रेणी:हनुमानगढ़ ज़िला श्रेणी:सिन्धु जलसम्भर द्रोणी श्रेणी:सिंध की नदियाँ श्रेणी:ऋग्वैदिक नदियाँ