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अपशब्दों की प्रवृत्ति (क्रिकेट)

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अपशब्दों की प्रवृत्ति (स्लेजिंग) एक ऐसी शब्दावली है जिसका क्रिकेट में इस्तेमाल कर कुछ खिलाड़ी विपक्षी खिलाड़ी को अपमानित कर, या मौखिक तौर पर धमका कर फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। ऐसा करने का उद्देश्य प्रतिद्वंद्वी की एकाग्रता को भंग करने की कोशिश करना है, जिससे वो गलती या कमजोर प्रदर्शन करने को मजबूर हो। ऐसा करना काफी प्रभावी हो सकता है क्योंकि बल्लेबाज, गेंदबाज और कुछ खास क्षेत्ररक्षकों के काफी नजदीक होते हैं; परिस्थिति ठीक इसके विपरीत भी हो सकती है। इस तरह का अपमान प्रत्यक्ष तौर पर किया जा सकता है, या क्षेत्ररक्षक बल्लेबाज को सुनाने के उद्देश्य से उंची आवाज में आपस में बातचीत द्वारा भी ऐसा कर सकते हैं। क्रिकेट की दुनिया में इस बात पर बहस चल रही है कि क्या इस तरह की चीजें खिलाड़ियों के दुर्व्यवहार को दर्शाती हैं, या एक हल्का-फुल्का मजाक मात्र हैं।बीबीसी स्पोर्ट: इंडिया बोर्ड प्रपोजस स्लेजिंग बेन . https://web.archive.org/web/20080217213204/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/cricket/7244667.stm 17 फ़रवरी 2008 २ नवम्बर २00८ को प्राप्त किया गया। https://web.archive.org/web/20080217213204/http://news.bbc.co.uk/sport1/hi/cricket/7244667.stm 17 फ़रवरी 2008 अपशब्दों को कई बार गाली-गलौज से भ्रमित कर लिया जाता है और हालांकि अपशब्दों के रूप में की गयी टिप्पणियां कभी-कभार मर्यादा की सीमा को लांघकर व्यक्तिगत भी हो सकती हैं, लेकिन आमतौर पर ऐसा कम ही होता है। आमतौर पर अपशब्द कई बार सामान्य मजाक, तो कई बार ध्यान बंटाने के लिए अपमान करने की कोशिश के रूप में होते हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ इस तरह की कोशिश को 'मानसिक विघटन' करार देते हैं। उत्पत्ति इयान चैपल के मुताबिक, एक शब्द के तौर पर "स्लेजिंग (अपशब्द कहने की प्रवृत्ति)" के इस्तेमाल की शुरुआत एडीलेड ओवल में शेफील्ड शील्ड प्रतियोगिता में १९६३ या १९६४-६५ के दौरान हुई थी। चैपल के अनुसार एक महिला के सामने शपथ लेने वाले क्रिकेटर ने एक घटना पर "हथौड़े से मारने" (sledgehammer) की तरह प्रतिक्रिया दी थी। नतीजा ये हुआ कि विरोधियों को अपमानित करना या गंदी बातें कहना "अपशब्दों की प्रवृत्ति" के रूप में जाना जाने लगा। ग्राहम सील, दी लिंगों: लिसनिंग टू ऑस्ट्रेलिया इंग्लिश (यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स प्रेस, 1999, आईएसबीएन 086840-680-5): पृष्ठ 1१४१ यह शब्दावली भले ही हाल ही में गढ़ी गई हो, लेकिन इसका इस्तेमाल उतना ही पुराना है जितना खुद क्रिकेट, इतिहास के पन्नों में भी खिलाड़ियों के बीच मजाकिया बातचीत की चर्चा बेहद आम रही है। बीबीसी के पैट मर्फी के मुताबिक: "मेरी समझ से इसकी शुरुआत साठ के दशक के मध्य में हुई है और ग्राहम कॉर्लिंग नाम का एक खिलाड़ी जो न्यू साउथ वेल्स और ऑस्ट्रेलिया के लिए गेंदबाजी की शुरुआत करता था।.. उसके बारे में कहा जाता था कि उसकी पत्नी का टीम के ही किसी दूसरे सदस्य के साथ प्रेम संबंध था और जैसे ही वो बल्लेबाजी करने आता था, क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम के खिलाड़ी पर्सी स्लेज का पुराना गाना व्हेन ए मैन लव्स ए वुमैन (When a Man Loves A Woman) गाने लगते थे।"http://www.bbc.co.uk/iplayer/episode/b00lmytk/Yes_its_the_Ashes_11_07_2009 https://web.archive.org/web/20090916031136/http://www.bbc.co.uk/iplayer/episode/b00lmytk/Yes_its_the_Ashes_11_07_2009/ 16 सितंबर 2009 BBC Radio 5Live, ‘Yes it's the Ashes’, 11 जुलाई 2009 कुछ यहूदी क्रिकेटरों को खास कर जूलियन वीनर और बेव लियोन को उनके खेलों के दौरान यहूदी-विरोधी अपशब्दों को झेलना पड़ता था।http://website.thejc.com/home.aspx?AId=60817&ATypeId=1&search=true2&srchstr=rugby&srchtxt=0&srchhead=1&srchauthor=0&srchsandp=0&scsrch=0 संग्रहीत प्रति 16 जून 2020 https://web.archive.org/web/20111005064509/http://website.thejc.com/home.aspx?AId=60817&ATypeId=1&search=true2&srchstr=rugby&srchtxt=0&srchhead=1&srchauthor=0&srchsandp=0&scsrch=0 5 अक्तूबर 2011 dead डब्ल्यू जी ग्रेस 19वीं सदी के इंग्लैंड के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक, अंग्रेजी बल्लेबाज विलियम गिलबर्ट ग्रेस मजाकिया लहजे में चुटकी लेने के लिए कुख्यात थे। एक बार क्लीन बोल्ड होने के बाद उन्होंने विकेट पर गिल्लियों को लगाया और कहा- "अंपायर आज हवा बहुत तेज चल रही है।" अंपायर ने जवाब दिया- "हां, सही कहा, पेवेलियन जाते समय अपनी टोपी का ख्याल रखें।"http://www.smh.com.au/news/Cricket/Ah-the-art-of-sledging-for-fun-not-malice/2005/06/11/1118347633257.html The Sydney Morning Herald Ah, the art of sledging for fun, not malice 12 जून 2005 27 अप्रैल 2011 https://web.archive.org/web/20110829074239/http://www.smh.com.au/news/Cricket/Ah-the-art-of-sledging-for-fun-not-malice/2005/06/11/1118347633257.html 29 अगस्त 2011 live एक अन्य घटना के तहत वे पगबाधा आउट हो गए थे लेकिन वे मैदान छोड़ने को तैयार नहीं थे। उन्होंने तर्क दिया कि, "ये जो दर्शक आए हैं वे मेरी बल्लेबाजी देखने आए हैं न कि आपको गेंदबाजी करते देखने।" हालांकि शायद ग्रेस के अपशब्दों की प्रवृत्ति का सबसे बेहतरीन जवाब गेंदबाज चार्ल्स कॉर्टराइट द्वारा दिया गया था। ग्रेस को आउट करने की उनकी बार-बार की कोशिशें नाकाम होने और अंपायर द्वारा ग्रेस को आउट देने से इंकार करने से परेशान कॉटराइट ने आखिरकार ग्रेस के दो विकेटों को मैदान पर गिरा दिया। ग्रेस बड़े भारी मन से पेवेलियन की ओर लौटने लगे, तो कॉर्टराइट ने उन्हें विदा करते हुए कहा- "डॉक्टर साहब, आप क्या सही में जा रहे हैं? लेकिन एक स्टंप तो अभी भी खड़ा है।" विवियन रिचर्ड्स वेस्ट इंडीज़ के बल्लेबाज विव रिचर्ड्स, स्वयं को अपशब्द कहने की हिम्मत करने वाले गेंदबाजों को सबक सिखाने के लिए मशहूर थे। रिचर्ड्स का इतना डर था कि कई कप्तानों ने तो अपने खिलाड़ियों को अपशब्द कहने पर ही पाबंदी लगा दी थी। हालांकि एक बार ग्लेमोर्गन के खिलाफ एक काउंटी मैच में ग्रेग थॉमस ने रिचर्ड्स को तब अपशब्द कहने की कोशिश की जब वे लगातार कई गेंदों को मारने में नाकामयाब रहे थे। थॉमस ने रिचर्ड्स से कहा था- "अगर आप हैरान हैं, सोच रहे हों तो आपको बता दूं कि ये लाल रंग की गोल गेंद है और ये करीब पांच आउंस वजनी है।" रिचर्ड्स ने थॉमस की अगली गेंद पर ऐसा प्रहार किया कि क्रिकेट मैदान के बाहर पास की एक नदी में चली गई। फिर गेंदबाज की ओर घूमते हुए उन्होंने कहा- "ग्रेग, चूंकि आप जानते हैं कि ये किस तरह दिखती है, इसलिए अब जाइए और उसे ढूंढ़ कर ले आइए।"http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/funny_old_game/3068365.stm https://web.archive.org/web/20101211141749/http://news.bbc.co.uk/sport2/hi/funny_old_game/3068365.stm 11 दिसंबर 2010 Lighter examples of sledging - BBC Sport मर्व ह्यूज ऑस्ट्रेलिया में खेल के ज्यादातर स्तरों पर अपशब्दों की प्रवृत्ति आम है, लेकिन जिस एक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को अपशब्द कहने के मामले में खास महारथ हासिल थी, वे थे तेज गेंदबाज मर्व ह्यूज। उनकी धमकाने और आक्रामक गेंदबाजी की शैली में अक्सर मजाकिया टिप्पणियों और कटु गालियों का मिश्रण हुआ करता था। कई बार वे अपशब्द कहते-कहते अपमान भी करने लगते थे। हालांकि ह्यूज द्वारा अपशब्द कहने के कई अवसर रहे हैं जो यादगार कहे जा सकते हैं। ऐसा ही एक मौका था जब ह्यूज पाकिस्तान के बल्लेबाज जावेद मियांदाद को गेंदबाजी कर रहे थे, तब बल्लेबाज ने ह्यूज से कहा था कि वो बस के एक मोटे बस कंडक्टर की तरह दिख रहे हैं। बस अगली ही गेंद पर ह्यूज ने मियांदाद को बोल्ड कर दिया और जश्न मनाने के लिए अपने साथी खिलाड़ियों की ओर दौड़ते हुए चिल्लाये, "कृप्या टिकट खरीदिए!" हरभजन - साइमंड्स घटना (२00७-0८) अपशब्द कहने की ये प्रवृत्ति २00७-0८ में भारतीय दल के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मीडिया की सुर्खी तब बनी, जब हरभजन सिंह पर एंड्रू सायमंडस पर कथित तौर पर नस्लीय टिप्पणी करने के आरोप लगे थे।http://india-australia.cricket.deepthi.com/harbhajan-singh-andrew-symonds-racism-hearing.php Harbhajan Singh - Andrew Symonds racism hearing 2 नवंबर 2008 Cricketcircle.com https://web.archive.org/web/20110709005834/http://india-australia.cricket.deepthi.com/harbhajan-singh-andrew-symonds-racism-hearing.php 9 जुलाई 2011 live यह आरोप साबित नहीं हो सका और हरभजन पर लगी तीन मैचों की पाबंदी वापस ले ली गई।http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/cricket/article3268647.ece Harbhajan Singh cleared of making racist comments to Andrew Symonds 2 नवंबर 2008 Timesoline London Frank Praverman २९ जनवरी २00८ https://web.archive.org/web/20080727003714/http://www.timesonline.co.uk/tol/sport/cricket/article3268647.ece 27 जुलाई 2008 live इसकी जगह पर उन्हें लेवल २.८ के उल्लंघन (अपशब्ध और अपमानजक लेकिन नस्लीय टिप्पणी नहीं) का आरोप लगाया गया, जिसे उन्होंने स्वीकार भी किया और उन पर मैच शुल्क के पचास फीसदी का जुर्माना लगाया गया। हालांकि बाद में अपील कमिश्नर ने कहा कि यदि उसे हरभजन के पुराने बर्ताव के बारे में जानकारी होती तो एक मैच की पाबंदी लगायी जाती।http://content-ind.cricinfo.com/ausvind/content/story/333986.html क्रिकइन्फो - हरभजन रैसिज़म चार्ज नॉट प्रोवेन - हंसन 27 अप्रैल 2011 https://web.archive.org/web/20081229221436/http://content-ind.cricinfo.com/ausvind/content/story/333986.html 29 दिसंबर 2008 live सायमंड्स ने स्वीकार किया था कि उन्होंने ही दो खिलाड़ियों के बीच आक्रामक भाषा का प्रयोग कर अपशब्द कहने की शुरुआत की थी।आईसीसी रिलीज https://web.archive.org/web/20080827155728/http://icc-cricket.yahoo.com/media-release/2008/january/media-release20080130-59.html 27 अगस्त 2008 । अन्य खेल हालांकि मौखिक तौर पर अपशब्द कहकर विरोधियों के ध्यान को बंटाने की कोशिश करीब-करीब सभी खेलों में बहुत आम है, लेकिन "अपशब्दों की प्रवृत्ति" शब्द अपने आप में क्रिकेट का एक हिस्सा बन चुका है। अन्य खेलों में कई बार मौखिक तौर पर अपशब्द कहने की अपनी शब्दावली होती है। उदाहरण के तौर पर, बास्केटबॉल में इसे फालतू बातें (trash talk) कहा जाता है और आइस हॉकी में इसे चहचहाना (chirping) कहा जाता है।Silverman Jason Sep/Oct 1999 The Art of Trash Talk Psychology Today http://www.psychologytoday.com/articles/pto-19990901-000001.html बेशक, मुक्केबाजी मुकाबले का तो यह लंबे समय से एक अभिन्न हिस्सा रहा है, जहां मुकाबले से पहले या उसके दौरान मुक्केबाज एक-दूसरे को मौखिक तौर पर अपशब्द कहते हैं और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देते हैं। ये आमतौर पर मुकाबले को जोरदार बनाकर मीडिया का ध्यान आकर्षित करने और ज्यादा संख्या में दर्शकों को जमा करने के मकसद से किया जाता है। मुहम्मद अली भी अपशब्द कहने के लिए काफी मशहूर थे, वे किसी राउंड में अपने विरोधी को मात देने के बाद काफी ऊंची आवाज में बोलते थे। हालांकि उनकी सबसे लोकप्रिय और थोड़ी गंभीर टिप्पणी थी, स्वयं को कैसियस क्ले कहने की हिम्मत करने वाले गिरे हुए विरोधी से दहाड़ कर पूछना, "मेरा नाम क्या है?" इन्हें भी देखें वूल्फ टिकट द डजेंस (दर्जन) लड़ने वाले शब्द स्मैक टॉक (मसालेदार बातें) ट्रैश टॉक (बेमतलब की बातें) सन्दर्भ स्रोत लाइटर एग्जाम्पल्स ऑफ स्लेजिंग - बीबीसी स्पोर्ट दी एज - वॉर्न स्लेज स्लेजिंग पार्ट ऑफ लैथम्स क्रिकेट डेज़ - दी मेलबोर्न एज दी कॉरिडोर्स स्लेजिंग पेज ग्रेटेस्ट क्रिकेट स्लेज्स श्रेणी:क्रिकेट विवाद श्रेणी:क्रिकेट संस्कृति