411 REFERENCE · Wikipedia
ऋष्यमूक
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
ऋष्यमूक वाल्मीकि रामायण में एक पर्वत का नाम है। http://www.indianetzone.com/33/rishyamuka_mountain_range.htm ऋष्यमूक 2012-05-08 https://web.archive.org/web/20120709064317/http://www.indianetzone.com/33/rishyamuka_mountain_range.htm 9 जुलाई 2012 live रामायण के अनुसार ऋष्यमूक पर्वत में ऋषि मतंग का आश्रम था। वालि ने दुंदुभि असुर का वध करने के पश्चात् दोनों हाथों से उसका मृत शरीर एक ही झटके में एक योजन दूर फेंक दिया। हवा में उड़ते हुए मृत दुंदुभि के मुँह से रक्तस्राव हो रहा था जिसकी कुछ बूंदें मतंग ऋषि के आश्रम पर भी पड़ गयीं। मतंग यह जानने के लिए कि यह किसकी करतूत है, अपने आश्रम से बाहर निकले। उन्होंने अपने दिव्य तप से सारा हाल जान लिया। कुपित मतंग ने वालि को शाप दे डाला कि यदि वह कभी भी ऋष्यमूक पर्वत के एक योजन के पास भी आयेगा तो अपने प्राणों से हाथ धो देगा। यह बात उसके छोटे भाई सुग्रीव को ज्ञात थी और इसी कारण से जब वालि ने सुग्रीव को देश-निकाला दिया तो उसने वालि के भय से अपने अनुयायियों के साथ ऋष्यमूक पर्वत में जाकर शरण ली। http://www.valmikiramayan.net/kishkindha/sarga11/kishkindha_11_frame.htm वालि का शाप 2012-05-08 https://web.archive.org/web/20120217115304/http://www.valmikiramayan.net/kishkindha/sarga11/kishkindha_11_frame.htm 17 फ़रवरी 2012 live
सन्दर्भ
श्रेणी:रामायण में स्थान
श्रेणी:हिन्दू पुराण आधार