411 REFERENCE · Wikipedia
निशानाबाज़ी की सीमा
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
शूटिंग रेंज, जिसे फायरिंग रेंज, गन रेंज या निशानाबाज़ी की सीमा भी कहा जाता है, एक ऐसा विशिष्ट खेल परिसर या मैदान होता है जिसे विशेष रूप से आग्नेयास्त्रों के उपयोग, प्रशिक्षण, अभ्यास या निशानेबाजी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाता है। कुछ शूटिंग रेंज सेना या कानून प्रवर्तन एजेंसियों (पुलिस) द्वारा संचालित की जाती हैं, जबकि अधिकांश रेंज नागरिक स्पोर्ट्स क्लबों या निजी तौर पर संचालित होती हैं जो मनोरंजक निशानेबाजों की आवश्यकताओं को पूरा करती हैं।https://www.energy.gov/sites/prod/files/2013/05/f1/Range_Design_Criteria.pdf अमेरिकी ऊर्जा विभाग: शूटिंग रेंज के डिजाइन, सुरक्षा और संचालन के मानक मानदंड 14 जून 2026 28 जनवरी 2022 https://web.archive.org/web/20220128141227/https://www.energy.gov/sites/prod/files/2013/05/f1/Range_Design_Criteria.pdf dead
प्रत्येक शूटिंग रेंज की देखरेख एक या एक से अधिक सुरक्षा अधिकारियों द्वारा की जाती है, जिन्हें रेंज ऑफिसर या रेंज मास्टर कहा जाता है। ये अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होते हैं कि परिसर के भीतर सभी हथियार सुरक्षा नियमों और स्थानीय गन कानूनों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
लघु|दाएँ|250px|एक इनडोर शूटिंग रेंज में रेंज ऑफिसर की देखरेख में हथियारों का अभ्यास करते सुरक्षाकर्मी।
शूटिंग रेंज के प्रकार
भौगोलिक स्थिति और आवश्यकता के आधार पर शूटिंग रेंज मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं:
1. इनडोर शूटिंग रेंज
शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा और जगह की कमी के कारण अधिकांश शूटिंग रेंज बंद इमारतों के भीतर यानी इनडोर बनाई जाती हैं। इनडोर रेंज खराब मौसम (जैसे बारिश, तेज हवा या अत्यधिक गर्मी) से सुरक्षा प्रदान करती हैं और इन्हें चौबीसों घंटे नियंत्रित वातावरण में चलाया जा सकता है।
लघु|बाएँ|250px|एक विशिष्ट इनडोर शूटिंग रेंज का संरचनात्मक और लेआउट आरेख।
संरचनात्मक घटक: इसकी दीवारें आमतौर पर कंक्रीट या भारी कंक्रीट ब्लॉकों से बनाई जाती हैं ताकि भटकती हुई गोलियाँ इन्हें पार न कर सकें। छत पर 25 से 30 डिग्री के कोण पर स्टील और प्लाईवुड के बने 'बैफल्स' लगाए जाते हैं, जो छत और लाइटों को गोलियों से बचाते हैं।
बुलेट ट्रैप: रेंज के सबसे अंतिम छोर पर गोलियों को रोकने और उनकी ऊर्जा को अवशोषित करने के लिए स्टील की भारी प्लेटों से बना बुलेट ट्रैप लगाया जाता है, जिससे गोलियाँ टकराकर सुरक्षित रूप से एक बॉक्स में जमा हो जाती हैं।
वेंटिलेशन प्रणाली: इनडोर रेंज में वेंटिलेशन सबसे महत्वपूर्ण घटक है। गोलियाँ चलने से हवा में सीसे के सूक्ष्म कण और बारूद का धुआं फैल जाता है। आधुनिक वेंटिलेशन सिस्टम ताजी हवा को लगातार शूटर के पीछे से आगे बुलेट ट्रैप की ओर धकेलता है, जहाँ से प्रदूषित हवा को हेपा फिल्टर के जरिए छानकर इमारत से बाहर निकाला जाता है।एनआईओएस: इनडोर फायरिंग रेंज में सीसे और शोर के जोखिम को कम करने के उपाय
टारगेट कैरियर सिस्टम: शूटर को बार-बार गोली का निशान देखने के लिए खुद चलकर आगे न जाना पड़े, इसके लिए स्वचालित मोटर चालित तार या इलेक्ट्रॉनिक स्कोरिंग स्क्रीन लगी होती है, जो शूटर के केबिन से ही लक्ष्य को आगे-पीछे नियंत्रित करने की सुविधा देती है।
2. आउटडोर शूटिंग रेंज
खुले मैदानों में बनी आउटडोर शूटिंग रेंज का उपयोग लंबी दूरी की निशानेबाजी (100 मीटर से लेकर 1200 मीटर या उससे अधिक) के लिए किया जाता है। सैन्य प्रशिक्षण और लंबी दूरी के खेलों में हवा की गति, धूल और बारिश जैसी प्राकृतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए आउटडोर रेंज का ही सहारा लिया जाता है।
लघु|दाएँ|250px|पहाड़ी और ग्रामीण इलाके में बनी एक खुली आउटडोर शूटिंग रेंज।
बैकस्टॉप या बर्म: गोलियों को सीमा से बाहर जाने से रोकने के लिए लक्ष्यों के ठीक पीछे मिट्टी का एक बहुत बड़ा पहाड़ या टीला बनाया जाता है जिसे बैकस्टॉप कहा जाता है।
विभिन्न खेलों के लिए वर्गीकरण:
स्मॉल-बोर राइफल रेंज: यह मुख्यतः 50 मीटर की दूरी पर .22 कैलिबर राइफल स्पर्धाओं (जैसे ओलंपिक खेलों) के लिए होती है।
फुल-बोर राइफल रेंज: बड़ी कैलिबर राइफलों और सैन्य बंदूकों के लिए 100 से 1000 मीटर लंबी दूरी की रेंज काम में ली जाती हैं।
शॉटगन रेंज: क्ले पिजन शूटिंग, ट्रैप और स्कीट शूटिंग जैसे खेलों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई आउटडोर रेंज होती हैं, जहाँ उड़ते हुए मिट्टी के बर्तनों पर निशाना लगाया जाता है।
3. शूटिंग गैलरी
यह मनोरंजन के उद्देश्य से मेलों, थीम पार्कों या एम्यूजमेंट आर्केड में बनाई जाने वाली छोटी दुकानें होती हैं। यहाँ खिलौना बंदूकें, बीबी गन या एयरसॉफ्ट गन का उपयोग किया जाता है। यहाँ सुरक्षा का कोई बड़ा जोखिम नहीं होता और मनोरंजन के लिए पुरस्कार या खिलौने जीतने का खेल खेला जाता है।
शूटिंग रेंज के मुख्य घटक
फायरिंग पॉइंट: यह वह निश्चित स्थान या केबिन होता है जहाँ शूटर खड़ा होकर या लेटकर निशाना लगाता है। यहाँ हथियारों को रखने के लिए शेल्फ बने होते हैं।
विंड फ्लैग: आउटडोर रेंज में शूटर और लक्ष्य के बीच विभिन्न दूरियों पर छोटे झंडे लगाए जाते हैं। शूटर इन झंडों के उड़ने के कोण को देखकर हवा की गति (माइल प्रति घंटा) का अनुमान लगाते हैं और तदनुसार राइफल के स्कोप को समायोजित करते हैं।
सुरक्षा क्षेत्र: डायनेमिक और व्यावहारिक निशानेबाजी खेलों में एक विशेष क्षेत्र बनाया जाता है जहाँ शूटर बिना रेंज अधिकारी की मौजूदगी के अपनी अनलोडेड बंदूक को बॉक्स से निकाल सकता है, उसकी सफाई या मरम्मत कर सकता है। इस क्षेत्र में असली कारतूस ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित होता है ताकि कोई दुर्घटना न हो।
आवश्यक सुरक्षा प्रथाएँ
निशानेबाजी एक उच्च जोखिम वाला खेल है, इसलिए नियमों का कड़ाई से पालन किया जाता है:
1. कानों की सुरक्षा: बंदूक चलने पर ध्वनि का स्तर 140 डेसिबल से अधिक हो सकता है, जो कानों को हमेशा के लिए नुकसान पहुँचा सकता है। इसलिए रेंज के भीतर इयरमफ या इयरप्लग पहनना अनिवार्य है।इनडोर फायरिंग रेंज में व्यावसायिक सुरक्षा और बहरेपन से बचाव की गाइडलाइन
2. आँखों की सुरक्षा: कारतूस के फटने से निकलने वाली चिंगारी या धातु के छोटे टुकड़ों से आँखों को बचाने के लिए विशेष सुरक्षात्मक चश्मे पहने जाते हैं।
3. स्वच्छता नियम: बारूद और सीसे के हानिकारक प्रभावों से बचने के लिए अभ्यास समाप्त करने के बाद अपने चेहरे और हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना आवश्यक है, विशेषकर कुछ भी खाने या पीने से पहले।
इन्हें भी देखें
निशानेबाजी
ओलंपिक खेल
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान
सन्दर्भ