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411 समाचार
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एस श्रीनिवास अयंगर

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शेषाद्रि श्रीनिवास अयंगर S. Srinivasa Iyengar.jpg 200px शेषाद्रि श्रीनिवास अयंगर का चित्र मद्रास के गवर्नर की कार्यकारिणी काउन्सिल के सदस्य 1916 1920 John Sinclair, 1st Baron Pentland,Freeman Freeman-Thomas, 1st Marquess of Willingdon, मद्रास प्रेसिडेन्सी के ऐडवोकेट-जनरल 1912 1920 11 सितम्बर 1874 रामनाथपुरम जिला, ब्रिटिश भारत yes 1941 05 19 1874 09 11 मद्रास प्रेसीडेन्सी कॉलेज, मद्रास Lawyer एटॉर्नी जनरल, राजनेता शेषाद्रि श्रीनिवास अयंगर सी. आई. ई. (11 सितंबर 1874 - 19 मई 1941) एक भारतीय वकील, स्वतंत्रता सेनानी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनेता थे। वे 1916 से 1920 तक मद्रास प्रेसीडेंसी के महाधिवक्ता थे। उन्होंने 1912 से 1920 तक बार काउंसिल के सदस्य के रूप में, 1916 से 1920 तक मद्रास प्रेसीडेंसी के विधि सदस्य के रूप और 1923 से 1930 तक मद्रास प्रांत की भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्वराज्य पार्टी गुट के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। श्रीनिवास अयंगर प्रसिद्ध वकील और मद्रास के प्रथम भारतीय महाधिवक्ता सर वेम्बौकुम भाष्यम अयंगर के दामाद थे। अयंगर के अनुयायी उन्हें दक्षिण का शेर कहते थे। श्रीनिवास अयंगर का जन्म मद्रास प्रेसीडेंसी के रामनाथपुरम जिले में हुआ था। उन्होंने कानून में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और मद्रास उच्च न्यायालय में एक वकील के रूप में वकालत की। 1916 में वे महाधिवक्ता बने। उन्होंने बार काउंसिल के सदस्य के रूप में भी कार्य किया और उन्हें गवर्नर की कार्यकारी परिषद के कानून सदस्य के रूप मे नामित किया गया। उन्होंने जलियांवाला बाग नरसंहार के विरोध में 1920 में अपने महाधिवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया और अपना सी. आई. ई. की उपाधि भी वापस कर दी तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने असहयोग आंदोलन में भाग लिया। हालाँकि, 1923 में, चुनाव में भाग लेने को लेकर महात्मा गांधी के साथ मतभेदों के कारण वे मोतीलाल नेहरू और चित्तरंजन दास आदि नेताओं के साथ कांग्रेस से अलग हो गए। अलग हुए गुट ने बाद में स्वराज्य पार्टी का गठन किया। अयंगर ने तमिलनाडु कांग्रेस समिति और बाद में मद्रास प्रांत स्वराज्य पार्टी के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और 1926 के चुनावों में बहुमत हासिल करने के बावजूद जब पार्टी ने प्रांत में सरकार बनाने से इनकार कर दिया तो वह पार्टी के नेता थे। बाद के जीवन में, उन्होंने इंडिपेंडेंस ऑफ इंडिया लीग की स्थापना की और साइमन कमीशन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। डोमिनियन दर्जे के लक्ष्य को लेकर अन्य कांग्रेस राजनेताओं के साथ मतभेदों के कारण उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया। 1938 में वे कुछ समय के लिए राजनीति में लौट आए। 19 मई 1941 को अयंगर का मद्रास में उनके घर पर निधन हो गया। श्रीनिवास अयंगर मद्रास बार के सबसे कम उम्र के वकील थे जिन्हें महाधिवक्ता बनाया गया। श्रीनिवास अयंगर स्वतंत्रता सेनानी यू. मुथुरामलिंगम थेवर और सत्यमूर्ति के मार्गदर्शक भी थे। के. कामराज को उनकी सबसे बड़ी खोज माना जाता है जो बाद में तमिलनाडु कांग्रेस समिति के अध्यक्ष बने और 1954 से 1962 तक मद्रास के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। श्रीनिवास अयंगर की 1939 की पुस्तक "मेयनेज़ हिंदू लॉज़" (Mayne's Hindu laws) एक बहुत प्रशंसित और बहुपठित पुस्तक है। जब श्रीनिवास अयंगर नेता के रूप में कार्यरत थे तब ई. वी. रामास्वामी और जस्टिस पार्टी के अन्य राजनेता कांग्रेस को ब्राह्मणों के प्रभुत्व वाली पार्टी कहकर उसकी प्रायः उसकी आलोचना करते थे। ऐसा इसलिए था क्योंकि अयंगर, सत्यमूर्ति और सी. राजगोपालाचारी जैसे शीर्ष कांग्रेसी नेता सभी ब्राह्मण थे। प्रारंभिक जीवन बाएँ|अंगूठाकार श्रीनिवास अयंगर का जन्म 11 सितंबर 1874 को रामनाथपुरम जिले के एक प्रमुख जमींदार शेषाद्रि अयंगर के घर हुआ था।Historical Dictionary of the Tamils Vijaya Ramaswamy The Scarecrow Press 2007 93 0810853795, 978-0-8108-5379-9Pillars of Modern India Sayed Jafar Mahmud APH Publishing 1994 61 8170245869, 978-81-7024-586-5http://www.aicc.org.in/s_srinivasa_iyengar.php Indian National Congress-Past Presidents:S Srinivasa Iyengar, President-Gauhati, 1926 Indian National Congress https://web.archive.org/web/20070928093727/http://www.aicc.org.in/s_srinivasa_iyengar.php 28 September 2007 उनके माता-पिता मद्रास प्रेसीडेंसी के रूढ़िवादी श्री वैष्णव ब्राह्मण थे।[1] श्रीनिवास अयंगर की स्कूली शिक्षा मदुरै में हुई। उन्होंने प्रेसीडेंसी कॉलेज, मद्रास से स्नातक किया।[2]The Times of India directory and year book, including who's who Bennett, Coleman & Co 1923 813 उनकी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा उनकी मातृभाषा तमिल में हुई थी।The great Indians One India One People Foundation 204 8172733186, 978-81-7273-318-6 विधिक व्यवसाय श्रीनिवास अयंगर ने 1898 में मद्रास उच्च न्यायालय में वकील के रूप में वकालत शुरू की।Pillars of Modern India Sayed Jafar Mahmud APH Publishing 1994 61 8170245869, 978-81-7024-586-5Sayed Jafar Mahmud (1994). Pillars of Modern India. APH Publishing. p. 61. ISBN 8170245869, ISBN 978-81-7024-586-5.http://www.aicc.org.in/s_srinivasa_iyengar.php Indian National Congress-Past Presidents:S Srinivasa Iyengar, President-Gauhati, 1926 Indian National Congress https://web.archive.org/web/20070928093727/http://www.aicc.org.in/s_srinivasa_iyengar.php 28 September 2007"Indian National Congress-Past Presidents:S Srinivasa Iyengar, President-Gauhati, 1926". Indian National Congress. Archived from the original on 28 September 2007.The Times of India directory and year book, including who's who Bennett, Coleman & Co 1923 813The Times of India directory and year book, including who's who. Bennett, Coleman & Co. 1923. p. 813. उन्हें हिंदू धर्मशास्त्रों का व्यापक ज्ञान था और इससे उन्हें अपनी पहचान बनाने में मदद मिली।[2] जल्द ही, अयंगर सी. शंकरन नायर के लिए दाहिने हाथ बन गए।Some Madras Leaders, Pg 11 इसी काल में, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एस. सत्यमूर्ति ने अयंगर के अधीन एक जूनियर के रूप में काम किया।S. Satyamurti, a political biography Saroja Sundararajan Satvahan 1983 15 बाद में, उन्होंने अयंगर के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया। सत्यमूर्ति ने अयंगर के अधीन काम किया जब वे स्वराज्य पार्टी के अध्यक्ष थे।March to freedom in Madras Presidency, 1916–1947 Saroja Sundarrajan Lalitha Publications 1989 358 बाद में उन्होंने अयंगर को अपना "राजनीतिक संरक्षक" कहा।[6] 1911 में, भूपेंद्रनाथ बसु ने शाही विधायिका (mperial legislature) में नागरिक विवाह विधेयक पेश किया।The press and the national movement in South India, Andhra, 1905–1932 K. Subrahmanyam New Era Publications 1984 127 इस विधेयक की कड़ी आलोचना हुई। अयंगर ने विधेयक के लिए आंदोलनों का नेतृत्व किया। वी. कृष्णस्वामी अय्यर की मृत्यु के बाद जब चरमपंथियों ने उनकी आलोचना की, तो अयंगर ने उनका बचाव किया।Some Madras Leaders, Pg 11 1912 में, अयंगर को मद्रास बार काउंसिल में नियुक्त किया गया। उन्होंने 1912 से 1916 तक सेवा की।Pan-Islam in British Indian Politics: A Study of the Khilafat Movement, 1918–1924 https://archive.org/details/panislaminbritis0000qure M. Naeem Qureshi Brill 1999 468 9004113711, 978-90-04-11371-8 1916 में, वह मद्रास प्रेसीडेंसी के महाधिवक्ता बने जो इस पद पर काबिज होने वाले अब तक के सबसे कम उम्र के व्यक्ति थे।Historical Dictionary of the Tamils Vijaya Ramaswamy The Scarecrow Press 2007 93 0810853795, 978-0-8108-5379-9Vijaya Ramaswamy (2007). Historical Dictionary of the Tamils. The Scarecrow Press. p. 93. ISBN 0810853795, ISBN 978-0-8108-5379-9.Pillars of Modern India Sayed Jafar Mahmud APH Publishing 1994 61 8170245869, 978-81-7024-586-5Sayed Jafar Mahmud (1994). Pillars of Modern India. APH Publishing. p. 61. ISBN 8170245869, ISBN 978-81-7024-586-5.To the gates of liberty: Congress commemoration volume G. C. Sondhi G. C. Sondhi 1948 204 उन्होंने 1912 से 1916 तक मद्रास सीनेट के सदस्य के रूप में भी कार्य किया।[4] श्रीनिवास अयंगर की सेवाओं को मान्यता प्रदान करते हुए उन्हें 1920 के नए साल के सम्मान में कम्पैनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ द इंडियन एम्पायर (CIE) नियुक्त किया गया था।31712 30 December 1919 yK. R. Srinivasa Iyengar, Pg 5 अयंगर ने 1916 से 1920 तक मद्रास के गवर्नर की कार्यकारी परिषद में कानून सदस्य के रूप में भी कार्य किया।[2] राजनीतिक गतिविधियां भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन निधन 1939 में द्वितीय विश्व युद्ध के शुरू होने के समय अयंगर ने पुनः राजनीतिक जीवन में प्रवेश किया। उस समय इस बात पर बहस चल रही थी कि भारतीयों को ब्रिटेन का साथ देना चाहिये या भारतीय सेना के इस युद्ध में प्रवेश का विरोध करना चाहिये। 19 मई 1941 को मद्रास में अपने आवास पर उनकी अचानक मृत्यु हो गई। कृतियाँ Mayne's Treatise on Hindu Law and Usage S. Srinivasa Iyengar John D. Mayne Higginbotham's 1939 Madras John D. Mayne नोट्स जीवनी S. Srinivasa Iyengar: the story of a decade in Indian politics K. R. Srinivasa Iyengar Basel Mission Press (Canarag, Ltd.) 1939 K. R. Srinivasa Iyengar S. Srinivasa Iyengar Kadayam Ramachandra Ramabhadra Sastry Publications Division, Ministry of Information and Broadcasting, Govt. of India 1972 Sastry संदर्भ Some Madras Leaders 1922 Some Madras Leaders श्रेणी:तमिलनाडु के राजनेता श्रेणी:१९४१ में निधन श्रेणी:1874 में जन्मे लोग श्रेणी:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष