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411 समाचार
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जेरोम

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गैर हिंदी भाषी शब्द अप्रैल 2026 संत जेरोम (347 - 30 सितंबर 420) Truth of Our Faith हमारे विश्वास का सत्य https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC आई-यूनिवर्स २०११ जेम्स किलियन अंग्रेज़ी १९३ 9781450293204 20 मई 2015 https://web.archive.org/web/20150912214206/https://books.google.me/books?id=SRyroqLy-UYC 12 सितंबर 2015 dead एक ईसाई पुजारी, कंफ़ेसर(धर्म -स्वीकारक ) , धर्मशास्त्री, अनुवादक और इतिहासकार थे ,उन्हे संत जेरोम कहा जाता है | वे विशेष रूप से बाइबल के लैटिन अनुवाद के लिय लिए प्रसिद्ध हैं (जिसे वुलगेट कहा जाता है) और पूरी बाइबिल पर उनकी टीकाओं के लिए जाने जाते हैं। जेरोम ने ओल्ड टेस्टामेंट का अनुवाद हिब्रू बाइबिल के आधार पर करने का प्रयास किया, न कि सेप्टुआजिंट के आधार पर, जैसा कि पहले के लैटिन बाइबिल अनुवादों में किया जाता था। उनकी रचनाओं की सूची बहुत विस्तृत है। बाइबिल संबंधी कार्यों के अलावा, उन्होंने विवादात्मक और ऐतिहासिक निबंध भी लिखे, जो हमेशा एक धर्मशास्त्री के दृष्टिकोण से लिखे गए थे।http://archive.org/details/aselectlibrary06unknuoft A Select library of the Nicene and post-Nicene fathers of the Christian church : [first series Schaff Philip 1886-1890 Buffalo : Christian Literature Co Trinity College - University of Torontoजेरोम ईसाई नैतिक जीवन पर अपनी शिक्षाओं के लिए जाने जाते थे, विशेषकर रोम जैसे महानगरीय केंद्रों में। वे अक्सर महिलाओं के जीवन पर ध्यान केंद्रित करते थे और बताते थे कि एक महिला जो यीशु के प्रति समर्पित है, उसे अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। यह ध्यान उनके कई प्रमुख महिला तपस्वियों के साथ निकट संरक्षक संबंधों से उत्पन्न हुआ, जो समृद्ध सीनेटर परिवारों की सदस्य थीं। en:Kamesar Adam The monk and the book. Jerome and the making of Christian scholarship. By Megan Hale Williams. Pp. xi+315 incl. 9 figs. Chicago–London: University of Chicago Press, 2006. £28.50 ($45). 13 978 0 226 89900 8; 10 0 226 89900 4 https://www.cambridge.org/core/product/identifier/S0022046907004083/type/journal_article The Journal of Ecclesiastical History en 59 2 303–304 10.1017/S0022046907004083 0022-0469संत जेरोम को एक संत के रूप में मान्यता प्राप्त है और एम्ब्रोस,संत ऑगस्टीन तथा पॉप ग्रेगरी ग्रेट के साथ कैथ्लिक चर्च द्वारा उन्हें चार महान लैटिन चर्च फादर्स में से एक माना जाता है। उन्हें ईस्टर्न ऑर्थडॉक्स चर्च , लूथरण चर्च और एंग्लिकन कम्यूनियन में भी संत के रूप में स्वीकार किया जाता है।उनका पर्व-दिवस 30 सितंबर (ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार) मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस हर साल 30 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन संत जेरोम की स्मृति में मनाया जाता है | जिन्हे अनुवादकों का संरक्षक संत मन जाता है | प्रारंभिक जीवन संत जेरोम का वास्तविक नाम यूसेबियस सोफ्रोनीयस हायरोनिमस था। उनका जन्म लगभग 342–347 ईस्वी के बीच स्ट्रिडोन नामक स्थान पर हुआ था। वे इलिरियन वंश के थे।https://books.google.co.in/books/about/The_Fathers_of_the_Western_Church.html?id=nVOpiKiBCasC&redir_esc=y The Fathers of the Western Church Payne Robert 1952 London en उन्हे 360–369 ईस्वी तक रोम में बपतिस्मा नहीं दिया गया था।, जहाँ वे अपने मित्र बोनोसस के साथ वाक्पटुता (रेटोरिक ) और दर्शनशास्त्र की पढ़ाई करने गए थे। (यह बोनोसस वही हो सकता है या नहीं भी, जिसे जेरोम अपने उस मित्र के रूप में बताते हैं जो एड्रियाटिक सागर के एक द्वीप पर सन्यासी बनकर रहने चला गया था।) जेरोम ने प्रसिद्ध व्याकरणाचार्य एलियस डोनाटस के अधीन अध्ययन किया। वहाँ उन्होंने लैटिन और कुछ हद तक कोईने ग्रीक सीखी,http://archive.org/details/ButlersLivesOfTheSaintsCompleteEdition Butler's Lives Of The Saints Complete Edition Butler English हालांकि उस समय तक उन्होंने ग्रीक साहित्य का उतना गहरा ज्ञान प्राप्त नहीं किया था, जितना वे बाद में दावा करते हैं कि उन्होंने बचपन में ही हासिल कर लिया था।https://books.google.co.in/books/about/Jerome.html?id=6DgJAQAAIAAJ&redir_esc=y Jerome: His Life, Writings, and Controversies Kelly John Norman Davidson 1975 Harper & Row 978-0-7156-0738-1 en एक छात्र के रूप में, जेरोम ने रोम के अन्य छात्रों की तरह हल्की-फुल्की शरारतों और यौन प्रयोगों में भाग लिया। वे इन गतिविधियों में काफी सहजता से लिप्त रहे, लेकिन बाद में उन्हें गहरा अपराधबोध होता था। अपने अंतःकरण को शांत करने के लिए, वे हर रविवार को कैटाकॉम्ब्स (भूमिगत कब्रगृहों) में शहीदों और प्रेरितों की कब्रों पर जाते थे। इस अनुभव ने उन्हें नरक के भय की याद दिलाई। अक्सर मैं स्वयं को उन कब्रगृहों में प्रवेश करते हुए पाता था, जो धरती के भीतर गहराई में खोदे गए थे। उनकी दोनों ओर की दीवारें मृत लोगों के शवों से सजी होती थीं, और वहाँ इतना अंधकार होता था कि ऐसा प्रतीत होता मानो भजनकार के शब्द सच हो गए हों— “उन्हें शीघ्र ही नरक में उतर जाने दो।” यहाँ-वहाँ ऊपर से आने वाली हल्की रोशनी, जो खिड़कियों से नहीं बल्कि छिद्रों के माध्यम से छनकर आती थी, उस भयावह अंधकार को कुछ कम कर देती थी। लेकिन जैसे ही आप सावधानी से आगे बढ़ते, घना अंधेरा फिर से आपको घेर लेता, और उस समय मेरे मन में वर्जिल की यह पंक्ति गूंज उठती— “हर ओर भय ही भय है, और स्वयं यह नीरवता भी मन को डराती है।”विर्जिल के इस कथन का हिन्दी अनुवाद होगा "चारों ओर हर तरफ भय फैला हुआ था; स्वयं वह गहरी निस्तब्धता भी मेरी आत्मा में आतंक भर रही थी।"jerome commentarius in ezzechie बाइबिल का अनुवाद (सन् 382–405 ईस्वी) जेरोम उस समय के एक महान विद्वान थे और उन्हें ग्रीक भाषा का अच्छा ज्ञान था। जब उन्होंने अनुवाद कार्य शुरू किया, तब उन्हें हिब्रू भाषा का सीमित ज्ञान था, लेकिन यहूदी धर्मग्रंथों की व्याख्या पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए वे यरूशलेम (जेरूसलम) चले गए। एक धनी रोमन अभिजात महिला पौला ने बेथलहेम के पास स्थित एक मठ में जेरोम के रहने की व्यवस्था का खर्च उठाया। वहीं वे जन्मस्थल के गिरजाघर के पास बस गए—जिसे लगभग आधी सदी पहले सम्राट कॉनस्टैन्टाइन के आदेश पर उस स्थान पर बनाया गया था, जिसे यीशु के जन्मस्थान के रूप में माना जाता था।यहीं पर उन्होंने अपने अनुवाद कार्य को पूरा किया उन्होंने 382 ईस्वी में नव विधान (न्यू टेस्टामेंट) के लैटिन भाषा में उपलब्ध संस्करण को सुधारने का कार्य शुरू किया, जिसे सामान्यतः वेटस लेटिना कहा जाता है। 390 तक आते-आते उन्होंने हिब्रू बाइबिल का अनुवाद सीधे मूल हिब्रू भाषा से करना शुरू किया, जबकि इससे पहले वे सेप्टुआगिन्त्, जो कि अलेक्ज़ेंड्रिया से आया था, से कुछ अंशों का अनुवाद कर चुके थे। उनका मानना था कि मुख्यधारा के रब्बीनिक यहूदी धर्म ने सेप्टुआगिन्त् को इसलिए अस्वीकार कर दिया था क्योंकि उसमें कुछ अनुवाद संबंधी त्रुटियाँ थीं और उसमें हेलेनिस्टिक (यूनानी प्रभाव वाले) अप्रामाणिक तत्व शामिल थे। उन्होंने यह कार्य 405 तक पूरा कर लिया। जेरोम के वुलगेट से पहले,पूर्व विधान (ओल्ड टेस्टामेंट) के सभी लैटिन अनुवाद हिब्रू के बजाय सेप्टुआगिन्त् पर आधारित थे। जेरोम का हिब्रू पाठ का उपयोग करने का निर्णय अधिकांश अन्य ईसाइयों की सलाह के खिलाफ था, जिनमें ऑगस्टीन भी शामिल थे, जो सेप्टुआगिन्त को प्रेरणा मानते थे। कुछ आधुनिक विद्वानों का मानना है कि ग्रीक हेक्सपला जेरोम के “हिब्रुओं के अनुसार” या “हिब्रू के निकट” पूर्व विधान (ओल्ड टेस्टामेंट) अनुवाद का मुख्य स्रोत था।Nautin Pierre Pierre Nautin 1986, "Hieronymus",Theologische Realenzyklopädie, Vol. 15, Walter de Gruyter, Berlin & New York, pp. 304–15 [309–10]. 1986 New yorkहालांकि, कुछ शोधों ने जेरोम के हिब्रू ज्ञान की गुणवत्ता पर संदेह भी जताया है, लेकिन विस्तृत अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि वे काफी हद तक एक सक्षम हिब्रू विद्वान थे।Graves Michael Graves, Michael (2007). Jerome's Hebrew Philology: A Study Based on his Commentary on Jeremiah. Brill. pp. 196–98 [197]. ISBN 978-90-47-42181-8. In his discussion he gives clear evidence of having consulted the Hebrew himself, providing details about the Hebrew that could not have been learned from the Greek translations. 2007 टीकाएँ अगले 15 वर्षों तक, जेरोम ने शास्त्र(धर्मग्रंथ ) पर कई टीकाएँ लिखी | इन लेखों में अक्सर यह समझाते थे कि उन्होंने अपने अनुवाद में संदिग्ध अनुवादों के बजाय मूल हिब्रू पाठ का उपयोग क्यों किया। उनके पैट्रिस्टिक (प्राचीन चर्च-परंपरा से जुड़े) व्याख्यान यहूदी परंपरा के काफी निकट हैं, और वे फिलो तथा अलेक्ज़ेंड्रियन विचारधारा की शैली में रूपकात्मक और रहस्यात्मक व्याख्याओं का भी उपयोग करते है | अपने समकालीनों से भिन्न, जेरोम हिब्रू बाइबिल के "अपोक्रिफा" और प्रोटोकैनोनिकल (prot पुस्तकों की "हेब्राइका वेरितास" ( अर्थात् हिब्रू सत्य) के बीच स्पष्ट अंतर पर ज़ोर देते हैं। अपनी वुलगेट की प्रस्तावनाओं में, वे सेपटुआगिन्त की उन कुछ पुस्तकों के अंशों को, जो हिब्रू में नहीं मिलते, गैर-धर्मसिद्ध बताते हैं (उन्हें वे अपोक्रिफा कहते हैं)। बारूक के विषय में, वे जर्मयाह की प्रस्तावना में उसका नाम लेकर उल्लेख करते हैं और कहते हैं कि इसे हिब्रू परंपरा में न तो पढ़ा जाता है और न ही मान्यता दी जाती है, लेकिन वे इसे स्पष्ट रूप से अपोक्रिफा या "कैनन के बाहर" नहीं कहते। संदर्भ Saint Jerome संत जेरोम श्रेणी:ईसाई धर्म श्रेणी:347 में जन्मे लोग श्रेणी:४२० में निधन