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पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना
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राम जल सेतु लिंक परियोजना (जिसे पहले: पार्वती-कालसिंध-चंबल – पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना या पीकेसी–ईआरसीपी कहा जाता था) भारत के राजस्थान राज्य के पूर्वी जिलों को पानी उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान सरकार और भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक परियोजना है। यह परियोजना का राजस्थान और मध्यप्रदेश राज्यों में बनेगी।
परियोजना की विशेषता
इस परियोजना के तहत प्रदेश के 3.25 करोड़ लोगों को पेयजल मिलेगा और 4.03 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। इसमें राजस्थान को 4102 एमसीएम पानी मिलेगा।
जलाशय
बैराज: कुल नदी पर रामगढ़ बैराज, पार्बती नदी पर महलपुर बैराज, कालीसिंध पर नवनेरा बैराज, मेज पर मेज बैराज, बनास पर नीमोद राठौड़ बैराज
कृत्रिम जलाशय: अजमेर में मोर सागर और अलवर में कृत्रिम जलाशय बनाएंगे।
बांध निर्माण: ईसरदा, डूंगरी
जिले
इस परियोजना में राजस्थान के 18 जिले आएँगे-
झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाईमाधोपुर, जयपुर, कोटपूतली-बहरोड, टोंक, अजमेर, ब्यावर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, अलवर, डीग और खैरथल-तिजारा है।
परियोजना का शिलान्यास
17 दिसंबर को हुआ था परियोजना का शिलान्यास
पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम भजन लाल शर्मा द्वारा 17 दिसंबर 2024 को परियोजना का शिलान्यास किया गया था. प्रोजेक्ट से झालावाड़, कोटा, बूंदी, टोंक, सवाई माधोपुर, दौसा, करौली, धौलपुर, भरतपुर, डीग, अलवर, खैरथल-तिजारा, अजमेर, कोटपूतली बहरोड़, बारां, जयपुर, अजमेर, ब्यावर जिलों को फायदा होगा. प्रोजेक्ट से पेयजल के लिए 1744, उद्योगों को 205.75, नए सिंचाई क्षेत्र को 1159.38, बांधों से सिंचाई को 615.43, भूजल पुनर्भरण के लिए 108 और पानी स्टोरेज के लिए 270 एमसीएम पानी मिलेगा।
सन्दर्भ