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इवर जियवेर
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जुलाई 2026 इवर जियवेर Ivar Giaever Ivar_Giaever.jpg इवर जियवेर 5 अप्रैल 1929 बर्गन, नॉर्वे नॉर्वेजियन, अमेरिकी भौतिकी, जीव भौतिकी जनरल इलेक्ट्रिक, रेंससेलर पॉलिटेक्निक संस्थान, ओस्लो विश्वविद्यालय नॉर्वेजियन प्रौद्योगिकी संस्थान, रेंससेलर पॉलिटेक्निक संस्थान (विद्यावाचस्पति) अतिचालकों में क्वांटम सुरंगन (क्वांटम टनलिंग) भौतिकी में नोबेल पुरस्कार (1973), ओलिवर ई. बकले पुरस्कार (1965)
इवर जियवेर (जन्म 5 अप्रैल 1929) आधुनिक विज्ञान के एक मूर्धन्य नॉर्वेजियन-अमेरिकी भौतिकशास्त्री हैं।https://www.britannica.com/biography/Ivar-Giaever Ivar Giaever - Norwegian-American physicist Encyclopedia Britannica 1 जून 2026 उन्होंने क्वांटम भौतिकी और अतिचालकता (सुपरकंडक्टिविटी) के परिदृश्य को अपने प्रायोगिक अन्वेषणों से सर्वदा के लिए परिवर्तित कर दिया।Tinkham Michael Introduction to Superconductivity https://archive.org/details/introductiontosu0000tink_d8g1_2ed 2004 Dover Publications उनकी विश्वव्यापी ख्याति मुख्य रूप से अतिचालकों में 'क्वांटम सुरंगन' (क्वांटम टनलिंग) परिघटना की खोज के कारण है।https://www.nobelprize.org/prizes/physics/1973/giaever/facts/ The Nobel Prize in Physics 1973: Ivar Giaever Nobel Prize Outreach AB 1 जून 2026 इस ऐतिहासिक और युगांतरकारी शोध के लिए उन्हें वर्ष 1973 में ब्रायन जोसेफसन और लियो एसाकी के साथ संयुक्त रूप से 'भौतिकी में नोबेल पुरस्कार' से अलंकृत किया गया था।https://www.nobelprize.org/prizes/physics/1973/summary/ The Nobel Prize in Physics 1973 Nobel Prize Outreach AB 1 जून 2026 उनके इस शोध ने सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग की सुदृढ़ आधारशिला रखी।Giaever Ivar Electron Tunneling Between Two Superconductors https://archive.org/details/sim_physical-review-letters_1960-11-15_5_10/page/464 Physical Review Letters 1960 5 10 464–466
प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा
इवर जियवेर का जन्म 5 अप्रैल 1929 को नॉर्वे के एक प्रमुख नगर बर्गन में हुआ था।https://www.nobelprize.org/prizes/physics/1973/giaever/biographical/ Ivar Giaever - Biographical Nobel Prize Outreach AB 1 जून 2026 उनका बाल्यकाल और प्रारंभिक शिक्षा नॉर्वे के प्राकृतिक परिवेश में पूर्ण हुई। उनके भीतर विज्ञान और यंत्रों की कार्यप्रणाली को समझने की उत्कट पिपासा बाल्यकाल से ही विद्यमान थी।https://www.nytimes.com/1973/10/24/archives/3-share-nobel-physics-prize-2-get-chemistry-award.html 3 Share Nobel Physics Prize The New York Times 24 अक्टूबर 1973 1 जून 2026
वर्ष 1952 में, उन्होंने 'नॉर्वेजियन प्रौद्योगिकी संस्थान' से यांत्रिक अभियांत्रिकी (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) में अपनी स्नातक की उपाधि सफलतापूर्वक प्राप्त की।https://www.ntnu.edu/alumni/nobel-laureates Nobel Laureates at NTNU Norwegian University of Science and Technology 1 जून 2026अगस्त 2026 InternetArchiveBot अपनी शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात, उन्होंने नॉर्वे की सरकार के पेटेंट कार्यालय में कुछ समय तक कार्य किया। उच्च ज्ञानार्जन और नवीन अवसरों की खोज में वे 1954 में कनाडा चले गए और तत्पश्चात 1956 में संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थायी रूप से बस गए।https://history.aip.org/phn/11512022.html Ivar Giaever - Biography and History American Institute of Physics 1 जून 2026 11 दिसंबर 2025 https://web.archive.org/web/20251211024431/https://history.aip.org/phn/11512022.html dead अमेरिका पहुँचकर उन्होंने 'रेंससेलर पॉलिटेक्निक संस्थान' में प्रवेश लिया और 1964 में अपनी 'विद्यावाचस्पति' (पीएच.डी.) की सर्वोच्च उपाधि पूर्ण की।https://science.rpi.edu/physics/alumni Notable Alumni in Physics Rensselaer Polytechnic Institute 1 जून 2026अगस्त 2026 InternetArchiveBot
वैज्ञानिक वृत्ति और क्वांटम सुरंगन
thumb|right|क्वांटम सुरंगन (टनलिंग) का चित्रात्मक निरूपण, जिसके प्रायोगिक प्रमाण जियवेर ने प्रस्तुत किए।
जियवेर की वैज्ञानिक यात्रा का सबसे स्वर्णिम अध्याय वर्ष 1958 में उद्घाटित हुआ जब वे अमेरिका की सुप्रसिद्ध 'जनरल इलेक्ट्रिक' कंपनी की अनुसंधान प्रयोगशाला से जुड़े।https://www.ge.com/research/about-us/history History of GE Research General Electric 1 जून 2026अगस्त 2026 InternetArchiveBot वहाँ रहते हुए उनका परिचय क्वांटम यांत्रिकी के गूढ़ सिद्धांतों और अतिचालकता की रहस्यमयी प्रकृति से हुआ।
वर्ष 1960 में, जियवेर ने एक अत्यंत विस्मयकारी प्रयोग किया। उन्होंने दो अतिचालक धातुओं के मध्य एक अत्यंत पतली अचालक (इंसुलेटर) परत रखी।Hoddeson Lillian True Genius: The Life and Science of John Bardeen https://archive.org/details/truegeniuslifesc0000hodd 2002 Joseph Henry Press शास्त्रीय भौतिकी के अनुसार इलेक्ट्रॉनों का इस अचालक परत को पार करना सर्वथा असंभव था। परंतु जियवेर ने अपने सूक्ष्म मापन से यह अकाट्य रूप से सिद्ध कर दिया कि इलेक्ट्रॉन इस बाधा को 'सुरंग' (टनल) बनाकर पार कर सकते हैं।Giaever Ivar Energy Gap in Superconductors Measured by Electron Tunneling https://archive.org/details/sim_physical-review-letters_1960-08-15_5_4/page/147 Physical Review Letters 1960 5 4 147–148 इस भौतिक परिघटना को विज्ञान की भाषा में 'क्वांटम सुरंगन' कहा जाता है।Close Frank The Particle Odyssey: A Journey to the Heart of Matter 2004 Oxford University Press
इस युगांतरकारी सफलता ने संपूर्ण वैज्ञानिक समुदाय को अचंभित कर दिया, क्योंकि इसने अतिचालकों में ऊर्जा अंतराल (एनर्जी गैप) को सीधे मापने का एक अभूतपूर्व उपकरण प्रदान किया था।Cohen Morrel H. Tunneling and Superconductivity https://archive.org/details/sim_science_1964-08-21_145_3634/page/836 Science 1964 145 3634 836
जीव भौतिकी में योगदान और सम्मान
भौतिकी के क्षेत्र में इस अद्वितीय और दूरगामी योगदान के लिए उन्हें वैश्विक स्तर पर अपार मान्यता प्राप्त हुई। वर्ष 1973 में, स्वीडिश रॉयल एकेडमी ऑफ साइंसेज ने इवर जियवेर को भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से अलंकृत किया।https://www.nobelprize.org/prizes/physics/1973/ceremony-speech/ Award Ceremony Speech: The Nobel Prize in Physics 1973 Nobel Prize Outreach AB 1 जून 2026 नोबेल पुरस्कार के अतिरिक्त, उन्हें वर्ष 1965 में अमेरिकन फिजिकल सोसाइटी द्वारा 'ओलिवर ई. बकले पुरस्कार' से भी सम्मानित किया गया था।https://www.aps.org/programs/honors/prizes/buckley.cfm Oliver E. Buckley Condensed Matter Physics Prize American Physical Society 1 जून 2026
भौतिकी में सर्वोच्च शिखर पर पहुँचने के पश्चात, जियवेर की मेधा ने एक नवीन दिशा ग्रहण की। उन्होंने अपना ध्यान जीव विज्ञान और चिकित्सा की ओर केंद्रित किया।https://www.appliedbiophysics.com/about.html About Applied BioPhysics Applied BioPhysics, Inc. 1 जून 2026अगस्त 2026 InternetArchiveBot उन्होंने 'जीव भौतिकी' (बायोफिजिक्स) के क्षेत्र में कार्य करते हुए कोशिकाओं के व्यवहार और जैविक अणुओं का अध्ययन करने के लिए नवीन संवेदकों (सेंसर) का विकास किया। अपने इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु उन्होंने 'एप्लाइड बायोफिजिक्स' नामक एक संस्था की स्थापना भी की, जो आज भी चिकित्सा विज्ञान में अत्यंत सक्रिय है।Giaever Ivar Keese, Charles R. Monitoring fibroblast behavior in tissue culture with an applied electric field Proceedings of the National Academy of Sciences 1984 81 12 3761-3764 उनका वैज्ञानिक जीवन अनुसंधान और ज्ञान की खोज के प्रति अत्यंत समर्पित रहा है।
इन्हें भी देखें
भौतिकी में नोबेल पुरस्कार
क्वांटम यांत्रिकी
अतिचालकता
सन्दर्भ
2
बाहरी कड़ियाँ
नोबेलप्राइज़.ऑर्ग पर इवर जियवेर की आधिकारिक जीवनी
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