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बुद्ध पूर्णिमा

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बौद्ध Celebrating Buddha's Birthday in Taipei, Taiwan 2023.jpg सन २०२३ में ताइवान की राजधानी तेइपेइ में बुद्ध पूर्णिमा उत्सव बुद्ध पूर्णिमावेसाक बुद्ध पूर्णिमावैशाख पूजावैशाखवेसाकविसाख बुचासागा दाव佛誕 (फो दैन)फैट डैनวิสาขบูชา बुद्ध की जयंती बौद्ध वैशाख पूर्णिमा ध्यान, अष्ट-योग पालन, शाकाहार, दान, स्नान, तीर्थ बौद्ध महात्मा बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण हनमतसुरी बुद्ध पूर्णिमा (वेसक या हनमतसूरी) बौद्ध धर्म में आस्था रखने वालों का एक प्रमुख त्यौहार है। यह बैसाख माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था, इसी दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और इसी दिन उनका महानिर्वाण भी हुआ था।https://www.patrika.com/festivals/buddh-purnima-7th-may-2020-6060032/ बुद्ध पूर्णिमा 2020: इस दिन मनाई जाएगी बुद्ध जयंती पत्रिका ५६३ ई.पू. बैसाख मास की पूर्णिमा को बुद्ध का जन्म लुंबिनी, शाक्य राज्य (आज का नेपाल) में हुआ था। इस पूर्णिमा के दिन ही ४८३ ई. पू. में ८० वर्ष की आयु में 'कुशनारा' में में उनका महापरिनिर्वाण हुआ था। वर्तमान समय का कुशीनगर ही उस समय 'कुशनारा' था। इस दिन भारत के सरकारी कार्यालयों में अवकाश रहता है। परिचय भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति (बुद्धत्व या संबोधि) और महापरिनिर्वाण ये तीनों वैशाख पूर्णिमा के दिन ही हुए थे। http://www.abhivyakti-hindi.org/parva/alekh/2008/budhpurnima.htm बुद्ध पूर्णिमा १५ जून २००९ एचटीएम अभिव्यक्ति मनोहर पुरी हिन्दी https://web.archive.org/web/20180503102020/http://www.abhivyakti-hindi.org/parva/alekh/2008/budhpurnima.htm 3 मई 2018 dead इसी दिन भगवान बुद्ध को बुद्धत्व की प्राप्ति भी हुई थी। आज बौद्ध धर्म को मानने वाले विश्व में १८० करोड़ से अधिक लोग है तथा इसे धूमधाम से मनाते हैं। त्यौहार भारत, चीन, नेपाल, सिंगापुर, वियतनाम, थाइलैंड, जापान, कंबोडिया, मलेशिया, श्रीलंका, म्यांमार, इंडोनेशिया, पाकिस्तान तथा विश्व के कई देशों में मनाया जाता है।वर्ल्ड रिलीजन्स: एन इंट्रोडक्शन फ़ॉर स्टूडेन्ट्स जिनीन डी फ़ाओलर सुसेक्स ऐकॆडेमिक प्रेस १९९७ 1898723486 बिहार स्थित बोधगया नामक स्थान हिन्दू व बौद्ध धर्मावलंबियों के पवित्र तीर्थ स्थान हैं। गृहत्याग के पश्चात सिद्धार्थ सत्य की खोज के लिए सात वर्षों तक वन में भटकते रहे। यहाँ उन्होंने कठोर तप किया और अंततः वैशाख पूर्णिमा के दिन बोधगया में बोधिवृक्ष के नीचे उन्हें बुद्धत्व ज्ञान की प्राप्ति हुई। तभी से यह दिन बुद्ध पूर्णिमा के रूप में जाना जाता है। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बुद्ध की महापरिनिर्वाणस्थली कुशीनगर में स्थित महापरिनिर्वाण विहार पर एक माह का मेला लगता है। यद्यपि यह तीर्थ गौतम बुद्ध से संबंधित है, लेकिन आस-पास के क्षेत्र में हिंदू धर्म के लोगों की संख्या ज्यादा है जो विहारों में पूजा-अर्चना करने वे श्रद्धा के साथ आते हैं। इस विहार का महत्व बुद्ध के महापरिनिर्वाण से है। इस मंदिर का स्थापत्य अजंता की गुफाओं से प्रेरित है। इस विहार में भगवान बुद्ध की लेटी हुई (भू-स्पर्श मुद्रा) ६.१ मीटर लंबी मूर्ति है। जो लाल बलुई मिट्टी की बनी है। यह विहार उसी स्थान पर बनाया गया है, जहां से यह मूर्ति निकाली गयी थी। http://www.nutansavera.com/new/index.php?view=article&catid=1:latest-news&id=148:2009-02-21-06-53-22&tmpl=component&print=1&page= बुद्ध पूर्णिमा २१ फरवरी २००९ एचटीएम नूतन सवेरा लिखित कुमार आनंद हिन्दीजून 2020 InternetArchiveBot विहार के पूर्व हिस्से में एक स्तूप है। यहां पर भगवान बुद्ध का अंतिम संस्कार किया गया था। यह मूर्ति भी अजंता में बनी भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण मूर्ति की प्रतिकृति है। बुद्ध पूर्णिमा पर्व हिंदू और बौद्ध दोनों ही धर्मों के लोग मनाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान बुद्ध के रूप में भगवान विष्णु के नौवें अवतार का जन्म हुआ था।https://www.prabhatkhabar.com/religion/buddha-purnima-2024-date-kab-hai-janen-shubh-muhurat-puja-vidhi-mahatva-rdy जानें बुद्ध पूर्णिमा की शुभ मुहूर्त-पूजा विधि और इस दिन का महत्व प्रभात खबर २३ मई २०२४ श्रीलंका व अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में इस दिन को 'वेसाक' उत्सव के रूप में मनाते हैं जो 'वैशाख' शब्द का अपभ्रंश है। इस दिन बौद्ध अनुयायी घरों में दीपक जलाते हैं और फूलों से घरों को सजाते हैं। विश्व भर से बौद्ध धर्म के अनुयायी बोधगया आते हैं और प्रार्थनाएँ करते हैं। इस दिन बौद्ध धर्म ग्रंथों का पाठ किया जाता है। विहारों व घरों में बुद्ध की मूर्ति पर फल-फूल चढ़ाते हैं और दीपक जलाकर पूजा करते हैं। बोधिवृक्ष की भी पूजा की जाती है। उसकी शाखाओं को हार व रंगीन पताकाओं से सजाते हैं। वृक्ष के आसपास दीपक जलाकर इसकी जड़ों में दूध व सुगंधित पानी डाला जाता है। पिंजरों से पक्षियॊं को मुक्त करते हैं व गरीबों को भोजन व वस्त्र दान किए जाते हैं। दिल्ली स्थित बुद्ध संग्रहालय में इस दिन बुद्ध की अस्थियों को बाहर प्रदर्शित किया जाता है, जिससे कि बौद्ध धर्मावलंबी वहाँ आकर प्रार्थना कर सकें। http://hindi.webdunia.com/religion/occasion/buddha/0905/06/1090506117_1.htm बुद्ध पूर्णिमा या बुद्ध जयंती १५ जून २००९ एचटीएम वेब दुनिया हिन्दी https://web.archive.org/web/20120408174407/http://hindi.webdunia.com/religion/occasion/buddha/0905/06/1090506117_1.htm 8 अप्रैल 2012 dead चित्र दीर्घा इन्हें भी देखें गौतम बुद्ध बौद्ध धर्म बौद्ध धर्म के तीर्थ स्थल अशोक विजयादशमी बाहरी कड़ियाँ Vesak बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म बुद्ध पूर्णिमा के चित्र-दुनिया भार मेंजून 2021 InternetArchiveBot बीबीसी-हिन्दी पर बुद्ध पूर्णिमा पर विशेषजून 2020 InternetArchiveBot http://www.amarujala.com/ अमर उजाला पर वेसाक का महत्व बुद्धनेट पर वेसाक २००७ लेख सन्दर्भ श्रेणी:धार्मिक त्यौहार 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