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411 समाचार
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शराफ़त गई तेल लेने

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शराफ़त गई तेल लेने शराफ़त गई तेल लेने की छवि गुरमीत सिंह आनंद कुमार राजेश चावला देविंदर जैन अखिलेश जैन विवेक चौधरी राजेश चावला राजेश चावला विवेक चौधरी ज़ायेद खानरणविजय सिंहटीना देसाई मीट ब्रोस अंजानध्रुव ढल्लासंदीप चटर्जीअक्षय रहेजाफ़रीदकोट बैंड ट्रिनिटी ग्रुप सोनी पिक्चर 2015 01 16 भारत हिन्दी शराफ़त गई तेल लेने एक भारतीय बॉलीवुड हास्य फ़िल्म है, जिसका निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है। इस फ़िल्म का निर्माण देविंदर जैन और अखिलेश जैन ने किया है।http://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/Sharafat-Gayi-Tel-Lene-is-about-real-life-heroes-and-villains/articleshow/45898931.cms शराफ़त गई तेल लेने की कहानी वास्तविक नायक और खलनायक की कहानी हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया 22 जनवरी 2015 https://web.archive.org/web/20160305123034/http://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/Sharafat-Gayi-Tel-Lene-is-about-real-life-heroes-and-villains/articleshow/45898931.cms 5 मार्च 2016 live इस फ़िल्म में मुख्य किरदार में ज़ायेद खान, रणविजय सिंह और टीना देसाई कार्य किया है।http://zeenews.india.com/entertainment/movies/sharaafat-gayi-tel-lene-review-finding-the-grin-in-the-grim_1531018.html 'शराफ़त गई तेल लेने' की समीक्षा: गंभीरता में मुस्कराहट ढूँढना ज़ी न्यूज़ 22 जनवरी 2015 https://web.archive.org/web/20150120073909/http://zeenews.india.com/entertainment/movies/sharaafat-gayi-tel-lene-review-finding-the-grin-in-the-grim_1531018.html 20 जनवरी 2015 live यह फ़िल्म 16 जनवरी 2015 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई।>शराफ़त गई तेल लेने की समीक्षा http://hi.digitbuzz.com/2015/01/22-sharafat-gai-tel-lene-review.html डिजिट बज़ 22 जनवरी 2015 https://web.archive.org/web/20150226054054/http://hi.digitbuzz.com/2015/01/22-sharafat-gai-tel-lene-review.html 26 फ़रवरी 2015 dead कहानी पृथ्वी खुराना (ज़ायेद खान) एक मध्यम वर्ग का कार्य करने वाला एक युवक है, जिसे मकान मालिक का किराया के साथ साथ अन्य 'अपरिहार्य' खर्च का भुगतान करने के लिए काम करना पड़ता है। एक दिन उसके बैंक खाते में 100 करोड़ रुपये आ जाते है। जब उसे यह पता चलता है तो वह विश्वास नहीं करता और बैंक के ग्राहक सेवा से बात करता है। उसे पता चलता है यह बात सच है। तभी उसे एक अंजान नंबर से कॉल आता है और वह जब उसे उठाता है तो वह किसी दाऊद नाम के किसी व्यक्ति का रहता है। और वह उसे पारस्परिक रूप से एक लाभप्रद सौदा करने के लिए बोलता है, जिसमें उसे विभिन्न स्थानों में एक महिला रशीदा (तलैया बेंटसन) को पैसे पहुंचाने का कार्य सोंपता है। जैसे ही वह फोन रखता है, तो पृथ्वी अपने मित्र और उसके साथी किराएदार सेम (रणविजय सिंह) को यह बात बताता है। वहीं जी एस चड्ढा (अनुपम खेर) बैंक के 'सम्मानीय ग्राहकों' के लिए अपने व्यक्तिगत सेवा की पेशकश करने के लिए उसके घर आता है। वहीं एक कॉल के पश्चात पृथ्वी के 'असामान्य' व्यवहार को देखकर उसकी प्रेमिका मेघा (टीना देसाई) अपने शीर्ष पुलिस चाचा जी एस चड्ढा (यूरी सूरी) को यह बात बताती है और वह पृथ्वी के फोन कॉल पर नज़र रखने का कार्य शुरू कर देते हैं। तभी एक समाचार टीवी पर आता है कि दाऊद मारा गया। इसके बाद पृथ्वी अब बाकी बचे पूरे 60 करोड़ का अकेला मालिक बन गया। पृथ्वी यह बात मेघा को बताता है और मेघा उसे यह पैसे पुलिस को देने के लिए बोलती है। तब सेम कहता है कि पैसे देने से पहले पार्टी कर लेते है। जब पृथ्वी और सेम पार्टी में रहते है, तभी एक दाऊद का काल आता है उसने मेघा का अपहरण कर लिया और वह उसे पृथ्वी के गाड़ी में बेहोश मिलती है। तभी सेम बताता है कि यह पैसे उसने एक ऑनलाइन लॉटरी से जीते थे। लेकिन उसने पृथ्वी का डेबिट कार्ड का उपयोग किया था जिसके कारण सारे पैसे उसके खाते में आ गए। और पैसे लेने के लिए उसने ही रशीदा और डी के थावनी को यह अभिनय करने के लिए कहा था। बाद में सेम को पता चलता है कि ऑनलाइन लॉटरी का जालस्थल नकली है है और साथ ही रशीदा और डी के थावनी उन लोगो को मारना चाहते हैं। इसके पश्चात उन्हे यह पता चलता है यह सब काला धन है जिसे एक व्यवसायी राम शरण ओबेराय उन लोगों के माध्यम से भारत में लाना चाहता था और जल्द ही भारतीय रिजर्व बैंक और पुलिस द्वारा पूछताछ की जाएगी। इन सब से बचने के लिए उन्हे एक विचार आता है और वह एक योजना बनाते है कि पहले रचेल का अपहरण कर ओबेराय के रूप में एक नकली कॉल डी के थावनी को करते है और उसे वह सारे पैसे चुराने को कहते है। बाद में पृथ्वी उस डी के थावनी के कार्यालय में चला जाता है। जहां पहले से ही छिपे हुए कैमरे उन लोगों ने लगाए थे। सभी अपराधी अपना गुनाह स्वयं ही बता देते हैं और सभी गिरफ्तार कर लिए जाते है। पृथ्वी को सरकार की ओर से 2 करोड़ का इनाम मिलता है। कहानी लगभग समाप्त हो जाती और तभी फिर एक और कॉल आता है, जो दाऊद का कॉल रहता है। इसी के साथ कहानी समाप्त हो जाती हैं। कलाकार ज़ायेद खान - पृथ्वी खुराना रणविजय सिंह - सेम टीना देसाई - मेघा तलैया बेंटसन - रशीदा/रचेल अनुपम खेर - डी के थावनी (बैंक के उपाध्यक्ष) यूरी सूरी - जी एस चड्ढा गानें गायक yes yes दिल का फंडा ज़ुबिन नौतियल, असीस कौर संदीप चटर्जी तेजपाल सिंह रावत 04:37 सेल्फियान मीट ब्रोस (मनमीत, हरमीत) और खुशबू ग्रेवाल मीट ब्रोस अंजान कुमार 02:57 शराफ़त गई तेल लेने आईपी सिंह अक्षय रहेजा और फ़रीदकोट आईपी सिंह 04:22 सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ 4373886 श्रेणी:2015 में बनी हिन्दी फ़िल्म