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मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्त नियुक्ति अधिनियम, २०२२
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मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्त नियुक्ति अधिनियम, २०२२ जातीय संसद् The Chief Election Commissioner and Other Election Commissioners Appointment Act, 2022.jpg अधिनियम सं. ०१, २०२२ बाङ्ग्लादेश जातीय संसद् 2022 01 27 yes (माघ शुक्ल षष्ठी, वि.सं. २०७८) 2022 01 29 yes (माघ शुक्ल अष्टमी, वि.सं. २०७८) 2022 01 29 yes (माघ शुक्ल अष्टमी, वि.सं. २०७८) मोहम्मद अब्दुल हमीद (राष्ट्रपति) 2022 01 29 yes (माघ शुक्ल अष्टमी, वि.सं. २०७८) अनिसुल हक़ (विधि, न्याय एवं संसदीय कार्य मन्त्री) 2022 01 23 yes (माघ शुक्ल द्वितीया, वि.सं. २०७८) 2022 01 27 yes (माघ शुक्ल षष्ठी, वि.सं. २०७८) प्रवर्तितमुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्त नियुक्ति अधिनियम, २०२२ (bn প্রধান নির্বাচন কমিশনার ও অন্যান্য নির্বাচন কমিশনার নিয়োগ আইন, ২০২২; en Chief Election Commissioner and Other Election Commissioners Appointment Act, 2022) बाङ्ग्लादेश (बांग्लादेश) में २६ जनवरी २०२२ (माघ शुक्ल तृतीया, वि॰सं॰ २०७८) को जातीय संसद् द्वारा पारित किया गया एक अधिनियम है। इस अधिनियम में बाङ्ग्लादेश के संविधान के अनुच्छेद ११८(१) में वर्णित अनुसार मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। यह बाङ्ग्लादेश की स्वतन्त्रता के पश्चात् प्रथम ऐसा विधि है। साथ ही, यह २०२२ (वि॰सं॰ २०७८) में जातीय संसद् द्वारा पारित प्रथम विधि भी है। प्रमुख विपक्षी पक्ष बाङ्ग्लादेश राष्ट्रवादी पक्ष ने इसकी तुलना बक्साल (बांग्लादेश कृषक श्रमिक अवामी लीग; BaKSAL) से की।https://en.prothomalo.com/bangladesh/parliament/ec-formation-bill-passes-in-parliament EC formation bill passed in parliament Prothom Alo 2022-02-17 enhttps://www.newagebd.net/article/161398/ec-formation-law-like-a-baksal-one-fakhrul EC formation law 'like a Baksal one': Fakhrul New Age 2022-02-17 enअगस्त 2026 InternetArchiveBot
पृष्ठभूमि
वर्ष २०१२ (वि॰सं॰ २०६८) में राष्ट्रपति ज़िल्लुर रहमान ने एक मध्यस्थता मञ्च (मंच) की स्थापना की, जिसे सर्च समिति कहा गया, ताकि नवीन निर्वाचन आयोग का गठन सुगम हो सके। इसी पद्धति का अनुसरण राष्ट्रपति अब्दुल हमीद ने वर्ष २०१७ (वि॰सं॰ २०७३) में किया, जब उन्होंने के॰एम॰ नुरुल हुडा के नेतृत्व में पाँच सदस्यीय आयोग नियुक्त किया।https://en.prothomalo.com/bangladesh/parliament/ec-formation-bill-passes-in-parliament EC formation bill passed in parliament Prothom Alo 2022-02-17 en इस आयोग का कार्यकाल १४ फ़रवरी २०२२ (माघ शुक्ल त्रयोदशी, वि॰सं॰ २०७८) को समाप्त हुआ। इसके पुनर्गठन की योजना में राष्ट्रपति हमीद ने २० दिसम्बर २०२१ (पौष शुक्ल सप्तमी, वि॰सं॰ २०७८) से १७ जनवरी २०२२ (पौष शुक्ल पूर्णिमा, वि॰सं॰ २०७८) तक विभिन्न राजनैतिक पक्षों के साथ संवाद आयोजित किए, जिनमें ३९ पञ्जीकृत (पंजीकृत) पक्षों में से ३२ को आमन्त्रित किया गया।https://en.prothomalo.com/bangladesh/parliament/ec-formation-bill-passes-in-parliament EC formation bill passed in parliament Prothom Alo 2022-02-17 en
संवाद के प्रारम्भ में जातीय पक्ष से हुई तथा समापन अवामी लीग के साथ हुआ।https://en.prothomalo.com/bangladesh/parliament/ec-formation-bill-passes-in-parliament EC formation bill passed in parliament Prothom Alo 2022-02-17 en किन्तु सात पक्षों ने, जिनमें बाङ्ग्लादेश राष्ट्रवादी पक्ष (बी॰एन॰पी॰) तथा इस्लामी आन्दोलन बाङ्ग्लादेश सम्मिलित थे, इस प्रक्रिया का बहिष्कार किया।https://en.prothomalo.com/bangladesh/parliament/ec-formation-bill-passes-in-parliament EC formation bill passed in parliament Prothom Alo 2022-02-17 en अधिकांश सहभागी पक्षों ने निर्वाचन आयोग के गठन को विनियमित करने हेतु विधि निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। यह आवश्यकता संविधान के अनुच्छेद ११८(१) में वर्ष १९७२ (वि॰सं॰ २०२८) से ही उल्लिखित थी, किन्तु पचास वर्षों तक अपूर्ण रही। १७ जनवरी २०२२ (पौष शुक्ल पूर्णिमा, वि॰सं॰ २०७८) को मन्त्रिमण्डल ने एक प्रारूप विधेयक अनुमोदित किया, जिसमें खोज समिति की स्थापना का प्रस्ताव था, जो मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्तों के पदों हेतु अभ्यर्थियों की अनुशंसा करेगी।https://en.prothomalo.com/bangladesh/parliament/ec-formation-bill-passes-in-parliament EC formation bill passed in parliament Prothom Alo 2022-02-17 en
प्रतिक्रिया
अन्तिम विधेयक के संसद् में पारित होने के समय जातीय पक्ष तथा बी॰एन॰पी॰ के सदस्यों ने इस प्रक्रिया की आलोचना की, यह आरोप लगाते हुए कि प्रारूप विधेयक शीघ्रता में प्रस्तुत किया गया।https://en.prothomalo.com/bangladesh/parliament/ec-formation-bill-passes-in-parliament EC formation bill passed in parliament Prothom Alo 2022-02-17 enविधि विशेषज्ञ शाहदीन मलिक en Shahdeen Malik ने टिप्पणी की कि यह अधिनियम शासनरत सरकार की अभिरुचि के अनुरूप निर्वाचन आयोग के गठन का कारण बन सकता है। पूर्व निर्वाचन आयुक्त एम॰ सख़ावत हुसैन ने चिन्ता व्यक्त की कि इस विधि में विपक्षी पक्षों अथवा अन्य राजनैतिक हितधारकों की सहभागिता का कोई अवसर नहीं है।
शुशासनर जनो नागरिक के सचिव बदीउल आलम मजुमदार en Badiul Alam Majumdar ने तर्क दिया कि यह विधि सरकार के प्रति निष्ठावान व्यक्तियों को लाभ पहुँचा सकती है।https://en.prothomalo.com/bangladesh/parliament/ec-formation-bill-passes-in-parliament EC formation bill passed in parliament Prothom Alo 2022-02-17 en जी॰एम॰ क़ादर ने खोज समिति की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की अल्पता पर ध्यान दिलाया। बी॰एन॰पी॰ के महासचिव मिर्ज़ा फख़रुल इस्लाम आलमगीर ने इस विधि की तुलना एकदलीय व्यवस्था बक्साल से की।https://en.prothomalo.com/bangladesh/parliament/ec-formation-bill-passes-in-parliament EC formation bill passed in parliament Prothom Alo 2022-02-17 enइस्लामी आन्दोलन बाङ्ग्लादेश के सैयद फ़ैज़ुल करीम ने चेतावनी दी कि निर्वाचन आयोग विधि की रणनीतिक संरचना अन्ततः वर्तमान प्रशासन के लिए प्रतिकूल सिद्ध हो सकती है।https://en.prothomalo.com/bangladesh/parliament/ec-formation-bill-passes-in-parliament EC formation bill passed in parliament Prothom Alo 2022-02-17 en
सन्दर्भ सूची