Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

अमल कुमार रायचौधुरी

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

220px|अमल कुमार रायचौधुरी, १९९१ में IUCAA, पुणे में सैद्धान्तिक भौतिकी आशुतोश कॉलेजhttp://www.telegraphindia.com/1050627/asp/knowhow/story_4907454.asp The Telegraph Calcutta : KnowHOW 2 January 2018 dead https://web.archive.org/web/20160304140550/http://www.telegraphindia.com/1050627/asp/knowhow/story_4907454.asp 4 March 2016 इण्डियन एसोसियेशन फॉर द कल्टिवेशन ऑफ साईन्सप्रेसिडेन्सी कॉलेज, कोलकाता अशोक सेनhttps://presiuniv.ac.in/web/history_physics.php Presidency University presiuniv.ac.in 19 September 2019 नारायण चन्द्र राणा अमल कुमार रायचौधुरी (14 सितंबर 1923-18 जून 2005) भारत के एक भौतिक विज्ञानी थे, जो सामान्य सापेक्षता और ब्रह्मांड विज्ञान में किये अपने शोध के लिए प्रसिद्ध हैं। उनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान रायचौधुरी समीकरण है, जो दर्शाता है कि सामान्य सापेक्षता में विलक्षणता (सिंगुलैरिटी) अनिवार्य रूप से उत्पन्न होती है और पेनरोज़-हॉकिंग विलक्षणता प्रमेय के प्रमाणों में एक प्रमुख घटक है।http://www.thehindu.com/sci-tech/science/no-big-bang-the-universe-was-there-all-along-studies/article6959499.ece No Big Bang, the universe was there all along: studies Desikan Shubashree 5 March 2015 The Hindu 2 January 2018 https://web.archive.org/web/20170621211441/http://www.thehindu.com/sci-tech/science/no-big-bang-the-universe-was-there-all-along-studies/article6959499.ece 21 June 2017 www.thehindu.com जब वे कोलकाता के प्रेसीडेंसी कॉलेज में शिक्षण कर रहे थे, उस समय भी शिक्षक के रूप में उनका बड़ा सम्मान था।।https://www.news18.com/news/india/amal-kumar-raychaudhuri-the-bengal-connection-to-penroses-physics-nobel-for-black-hole-discoveries-2945741.html Amal Kumar Raychaudhuri: The Bengal Connection to Penrose's Physics Nobel for Black Hole Discoveries 9 October 2020 करियर अमल कुमार रायचौधुरी का जन्म 14 सितंबर 1923 को बरिशाल (अब बांग्लादेश में) के एक बंगाली वैद्य परिवार में हुआ था। उनकी माता का नाम सुरबाला और पिता का नाम सुरेशचन्द्र था।https://www.news18.com/news/india/amal-kumar-raychaudhuri-the-bengal-connection-to-penroses-physics-nobel-for-black-hole-discoveries-2945741.html Amal Kumar Raychaudhuri: The Bengal Connection to Penrose's Physics Nobel for Black Hole Discoveries 2020-10-09 www.news18.com en 2021-06-21 उनके बचपन में ही उनका परिवार कोलकाता चला आया। उनकी प्रारंभिक शिक्षा तीर्थपति संस्थान में हुई। हिंदू स्कूल, कोलकाता से उन्होंने मैट्रिक किया। ए. के. आर. ने 2005 में उनकी मृत्यु से ठीक पहले बनाए गए एक वृत्तचित्र में खुलासा किया है कि अमल कुमार को अपने स्कूल के दिनों से ही गणित से बहुत लगाव था तथा गणित की समस्याओं को हल करने से उन्हें अपार आनंद मिलता था। इस वृत्तचित्र में ए०के०आर० ने बताया है कि अमल कुमार के कक्षा 9 के शिक्षक ने उन्हें गणित की समस्या के लिए एक सरल समाधान खोजने का श्रेय दिया था।The life and work of Professor Amal Kumar Raychaudhuri 27 October 2020 https://www.youtube.com/watch?v=osWlbgVIrPU en 2021-09-11 उनके पिता स्कूल में गणित के शिक्षक थे, हो सकता है कि इस तथ्य ने भी उन्हें प्रेरित किया हो। उनके पिता जी मानते थे कि वे स्वयं उतने 'सफल' नहीं रहे, अतः उन्होंने अमल कुमार को कॉलेज में गणित विषय के ऑनर्स करने से हतोत्साहित किया।Sen Parongama 1 April 2008 The legacy of Amal Kumar Raychaudhuri https://www.researchgate.net/publication/250673075 Resonance 13 4 308–309 10.1007/s12045-008-0011-3 122069175 https://web.archive.org/web/20180102142954/https://www.researchgate.net/publication/250673075_The_legacy_of_Amal_Kumar_Raychaudhuri 2 January 2018 1942 में प्रेसीडेंसी कॉलेज से उन्होंने बी. एससी. की उपाधि प्राप्त की तथा 1944 में कलकत्ता विश्वविद्यालय के विज्ञान महाविद्यालय से एम. एससी. की। 1945 में वे एक शोध छात्र के रूप में इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ साइंस (आई. ए. सी. एस.) में शामिल हुए। 1952 में वहीं वे एक शोधार्थी बन गये। वहाँ उनको धातुओं के गुणों पर शोध करना था, न कि सामान्य सापेक्षता पर। इन प्रतिकूल दबावों के बावजूद, वह उस समीकरण को प्राप्त करने और प्रकाशित करने में सक्षम हुए जो अब उनके नाम पर (रायचौधरी समीकरण) रखा गया है। यह समीकरण पेनरोज़-हॉकिंग विलक्षणता प्रमेय के प्रमाणों में एक प्रमुख घटक है।http://www.thehindu.com/sci-tech/science/no-big-bang-the-universe-was-there-all-along-studies/article6959499.ece No Big Bang, the universe was there all along: studies Desikan Shubashree 5 March 2015 The Hindu 2 January 2018 https://web.archive.org/web/20170621211441/http://www.thehindu.com/sci-tech/science/no-big-bang-the-universe-was-there-all-along-studies/article6959499.ece 21 June 2017 www.thehindu.comDesikan, Shubashree (5 March 2015). यह जानने के बाद कि उनके 1955 के पेपर को पास्कल जॉर्डन जैसे उल्लेखनीय भौतिकविदों द्वारा अत्यधिक सराहना मिली थी, अमल कुमार रायचौधुरी डॉक्टरेट का शोध प्रबंध प्रस्तुत करने के लिए उत्साहित हुए। कलकत्ता विश्वविद्यालय से उन्हें डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि प्राप्त हुई। 1961 में वे प्रेसीडेंसी कॉलेज के संकाय में शामिल हो गए जहाँ कभी वे स्वयं विद्यार्थी रहे थे। अपनी सेवानिवृत्ति तक वे वहीं बने रहे। 1970 के दशक में वे वैज्ञानिक के रूप में सुप्रसिद्ध हो चुके थे। २००५ में मृत्यु से कुछ समय पहले उनके जीवन और उपलब्धियों पर एक लघु वृत्तचित्र भी बना था।"Documentary on Amal Kumar Raychaudhuri, the renowned theoretical physicist from Kolkata" https://web.archive.org/web/20160307021440/https://www.youtube.com/watch?v=i9_hm2qe34s 7 March 2016 रायचौधुरी समीकरण किसी एकल टाइम-लाइक (time-like) वेक्टर फील्ड के लिए रायचौधुरी समीकरण को इस प्रकार लिखा जा सकता है- जहाँ क्रमशः शीयर टेंसर (shear tensor) का (गैर-ऋणात्मक) चतुष्कोणीय परिमाण और वॉर्टिसिटी टेंसर (vorticity tensor) है यहाँ, विस्तार टेंसर (expansion tensor) है और इसका ट्रेस है, जिसे विस्तार स्केलर (expansion scalar) कहा जाता है, और हाइपरप्लेन के ऑर्थोगोनल से तक प्रोजेक्शन टेंसर (projection tensor) है। इसके अलावा, डॉट (dot) का चिह्न उचित समय (proper time) के सापेक्ष अवकलन (differentiation) को दर्शाता है। अंत में, टाइडल टेंसर (tidal tensor) के ट्रेस को के रूप में भी लिखा जा सकता है। इसे कभी-कभी रायचौधुरी स्केलर भी कहा जाता है। सन्दर्भ श्रेणी:भारतीय वैज्ञानिक श्रेणी:2005 में निधन श्रेणी:1923 में जन्मे लोग श्रेणी:Pages with unreviewed translations