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411 समाचार
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चौरी चौरा कांड

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right|thumb|250px|चौरी-चौरा का शहीद स्मारकचौरी चौरा कांड 5 फरवरी 1922 को हज़रत मौलाना लुत्फ़ुर रहमान हरसिंहपुरी के द्वारा ब्रिटिश भारत में संयुक्त राज्य के गोरखपुर जिले के चौरी चौरा में हुआ था , जब असहयोग आंदोलन में भाग लेने वाले प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह पुलिस के साथ भिड़े थे। जवाबी कार्रवाई में प्रदर्शनकारियों ने हमला किया और एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी थी, जिससे उनके सभी कर्मचारी मारे गए। इस घटना के कारण तीन नागरिकों और 22 पुलिसकर्मियों की मृत्यु हुई थी। महात्म गांधी जो हिंसा के घोर विरोधी थे, ने इस घटना के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में उन्होंने आन्दोलन बंद करने की घोषणा की । परिणाम इस घटना के तुरन्त बाद गांधीजी ने असहयोग आन्दोलन को समाप्त करने की घोषणा कर दी। बहुत से लोगों को गांधीजी का यह निर्णय उचित नहीं लगा। विशेषकर क्रांतिकारियों ने इसका प्रत्यक्ष या परोक्ष विरोध किया। http://books.google.com/books?id=uVhpBgAAQBAJ&pg=PA33 Meri Kahani Bhagat Singh: Indian Freedom Fighter Rajshekhar Vyas Neelkanth Prakashan 33– GGKEY:JE4WZ574KU2अगस्त 2021 InternetArchiveBot 1922 की गया कांग्रेस में प्रेमकृष्ण खन्ना व उनके साथियों ने रामप्रसाद बिस्मिल के साथ कन्धे से कन्धा भिड़ाकर गांधीजी का विरोध किया। चौरी-चौरा कांड के अभियुक्तों का मुकदमा पंडित मदन मोहन मालवीय ने लड़ा और अधिकांश को बचा ले जाना उनकी एक बड़ी सफलता थी।Manju 'Mann' Mahamana Pt Madan Mohan Malviya http://books.google.com/books?id=NmVqCwAAQBAJ&pg=PA124 978-93-5186-013-6 124– इनमें से 151 लोग फांसी की सजा से बच गये। बाकी 19 लोगों को 2 से 11 जुलाई, 1923 के दौरान फांसी दे दी गई। इस घटना में 14 लोगों को आजीवन कैद और 19 लोगों को आठ वर्ष सश्रम कारावास की सजा हुई। 1922 प्रतिकार चौरी चौरा 1922 में गोरखपुर में चौरा चौरी कांड पर अभिक भानु द्वारा फिल्म का निर्माण भी किया है अभी भानु द्वारा निर्देशित प्रतिकार चौरा चौरी की कहानी उस समय के नरसंहार को दर्शाती हैhttps://hindi.oneindia.com/videos/gorakhpur-2021-oct-06-1633524347313188423-1848236.html गोरखपुर में चल रही है फिल्म "1922 प्रतिकार चौरी चौरा" की शूटिंग - Oneindia Hindi 2021-10-06IST07:00:00+05:30 hindi.oneindia.com hi 2022-06-16https://www.amarujala.com/gorakhpur/muhurta-of-film-1922-pratikar-chauri-chaura-in-gorakhpur गोरखपुर: फिल्म '1922 प्रतिकार चौरीचौरा' का हुआ मुहूर्त, इस घटना पर बन रही फिल्म Amar Ujala hi 2022-06-16 फिल्म में मुख्य भूमिका सांसद और अभिनेता रवि किशन ने निभाई है निर्माता और निर्देशक अभिक भानु द्वारा बड़ी ही खूबसूरती के साथ फिल्म को फिल्माया गया हैhttps://www.abplive.com/topic/pratikar-chauri-chaura-1922 Pratikar Chauri Chaura 1922: Latest News, Photos and Videos on Pratikar Chauri Chaura 1922 hindi hindi www.abplive.com hi 2022-06-16https://www.jagran.com/entertainment/bollywood-vishesh-amrit-mahotsav-special-truth-will-come-out-from-the-ravi-kishan-film-1922-pratikar-chauri-chaura-22438124.html अमृत महोत्सव: चौरी चौरा कांड नहीं संग्राम था, फिल्म ‘1922 प्रतिकार चौरी चौरा’ से सामने आएगी सच्चाई Dainik Jagran hi 2022-06-16 स्मारक अंग्रेज सरकार ने मारे गए पुलिसवालों की याद में एक स्मारक का निर्माण किया था, जिस पर स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद जय हिन्द और जोड़ दिया गया। स्थानीय लोग उन १९ लोगों को नहीं भूले जिन्हें मुकदमे के बाद फाँसी दे दी गयी थी। १९७१ में उन्होने 'शहीद स्मारक समिति' का निर्माण किया। १९७३ में समिति ने झील के पास १२.२ मीटर ऊँची एक त्रिकोणीय मिनार निर्मित की जिसके तीनों फलकों पर गले में फाँसी का फन्दा चित्रित किया गया। बाद में सरकार ने उन शहीदों की स्मृति में एक स्मारक बनवाया। इस स्मारक पर उन लोगों के नाम खुदे हुए हैं जिन्हें फाँसी दी गयी थी (विक्रम, दुदही, भगवान, अब्दुल्ला, काली चरण, लाल मुहम्मद, लौटी, मादेव, मेघू अली, नजर अली, रघुवीर, रामलगन, रामरूप, रूदाली, सहदेव, मोहन, संपत, श्याम सुंदर और सीताराम )। इस स्मारक के पास ही स्वतंत्रता संग्राम से सम्बन्धित एक पुस्तकालय और संग्रहालय भी बनाया गया है। क्रांतिकारियों के याद में कानपुर से गोरखपुर के मध्य में 'चौरी-चौरा एक्सप्रेस' नामक एक रेलगाड़ी चलाई गई। सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ जलियांवाला बाग हत्याकांड- क्यों, कैसे और इसके पश्चात क्या? (साकेत सूर्येश, १३ अप्रैल २०१९) harv Subhashchandra Kushwaha Chauri Chaura: (Hindi Edition) http://books.google.com/books?id=YLrDBAAAQBAJ&pg=PT285 15 January 2014 Penguin Books Limited 978-93-5118-846-9 श्रेणी:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम श्रेणी:गोरखपुर श्रेणी:उत्तर प्रदेश का इतिहास