Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

प्रशांत किशोर

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

प्रशांत किशोर, (जन्म: 1977) जिन्हें आमतौर पर पीके के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय राजनीतिज्ञ और पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार हैं। उन्होंने आठ वर्षों तक एक संयुक्त राष्ट्र समर्थित सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में कार्य किया, उसके बाद भारतीय राजनीति में प्रवेश किया और राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में कार्य किया। बाॅंकीपुर उप चुनाव में भाजपा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सीट से भारी मार्जिन से बहुमत जीत हासिल की 2026 को विधायक बने और भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले बाॅंकीपुर में अपना झंडा गार दिया किशोर ने कई प्रमुख भारतीय राजनीतिक दलों के लिए सफलतापूर्वक रणनीतिकार के रूप में कार्य किया है, जिनमें बीजेपी, जेडीयू, कांग्रेस, आप, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, डीएमके और टीएमसी शामिल हैं। उनका पहला प्रमुख राजनीतिक अभियान 2011 में था, जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद पर पुनः निर्वाचित करने में सहायता की। हालांकि, उन्हें व्यापक पहचान तब मिली जब उन्होंने 'सिटिज़न्स फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस (CAG)' नामक एक चुनावी अभियान समूह की स्थापना की, जिसने भारतीय जनता पार्टी को भारतीय आम चुनाव, 2014 में पूर्ण बहुमत से जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 03/08/2026 बाॅंकीपुर उप चुनाव में विधायक बने == व्यक्तिगत जीवन और करियर == प्रशांत किशोर का जन्म बिहार के रोहतास ज़िले में सासाराम के पास कोनार गाँव में एक कान्यकुब्ज ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता श्रीकांत पांडे एक डॉक्टर थे और मां सुशीला पांडे, एक गृहिणी थीं। बाद में उनका परिवार बक्सर आकर बस गया, जहां से उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। उनकी पत्नी डॉ. जहान्वी दास असम के गुवाहाटी की रहने वाली हैं और पेशे से चिकित्सक हैं। दोनों का एक बेटा भी है। राजनीति में आने से पहले, किशोर ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के सहयोग से लगभग आठ वर्षों तक लोक स्वास्थ्य (पब्लिक हेल्थ) के क्षेत्र में काम किया। == राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में कार्य == किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) या गुजरात सरकार में किसी पद को स्वीकार किए बिना, वर्ष 2012 के गुजरात विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की पूर्व-चुनावी रणनीति को लेकर एक प्रमुख राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में कार्य किया, और यह कार्य उन्होंने प्रो बोनो रूप में किया। साल 2013 में, किशोर ने रॉबिन शर्मा और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर “सिटिज़न्स फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस (CAG)” नामक एक मीडिया एवं जनसंपर्क संस्था की स्थापना की, जिसका उद्देश्य था मई 2014 के आम चुनाव के लिए अभियान तैयार करना। किशोर और उनकी टीम को नरेंद्र मोदी के लिए अभिनव विपणन और प्रचार अभियान तैयार करने का श्रेय दिया गया, जिनमें प्रमुख थे – चाय पर चर्चा कार्यक्रम, 3D रैलियाँ, रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम, मंथन और कई सोशल मीडिया अभियानों की संकल्पना। वर्ष 2015 में, उन्होंने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली महागठबंधन को बिहार विधान सभा चुनाव,२०१५ में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 16 सितंबर 2018 को जनता दल (यूनाइटेड) में उपाध्यक्ष के रूप में प्रवेश किया। किशोर और अन्य CAG सदस्यों ने मिलकर I-PAC की स्थापना की और बिहार में नीतीश कुमार को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने हेतु चुनावी रणनीति गढ़ी। चुनाव जीतने के बाद, नीतीश कुमार ने किशोर को ‘‘योजना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन सलाहकार’’ नियुक्त किया, ताकि चुनाव पूर्व वादों—विशेषतः सात निश्चय योजना—को धरातल पर उतारा जा सके। साल 2016 में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने किशोर को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, 2017 के लिए नियुक्त किया, लेकिन यह चुनाव कांग्रेस और किशोर दोनों के लिए असफल रहा। भाजपा ने 300 से अधिक सीटें जीतीं जबकि कांग्रेस मात्र 7 पर सिमट गई। किशोर ने देशभर की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के साथ मिलकर सफलतापूर्वक चुनाव अभियान चलाए, जिनमें शामिल हैं: कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए पंजाब विधानसभा चुनाव, 2017, वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी के लिए आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव 2019, अरविंद केजरीवाल के लिए दिल्ली राज्य विधानसभा चुनाव, २०२०, ममता बनर्जी के लिए 2021 पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव और एम. के. स्टालिन के लिए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2021। === संन्यास === 2021 के पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस और डीएमके की जीत के बाद, किशोर ने चुनावी रणनीतिकार के रूप में कार्य से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने एनडीटीवी के साथ 2 मई 2021 को दिए साक्षात्कार में कहा – “मैं अब इस क्षेत्र में नहीं रहना चाहता। काफी कर लिया। अब जीवन में कुछ और करना चाहता हूँ। अब इस क्षेत्र से विदा लेने का समय है।” == जन सुराज == करीब एक वर्ष बाद, 2 मई 2022 को, किशोर ने ट्विटर पर संकेत दिया कि अब वे “वास्तविक मालिकों – जनता” के पास लौटना चाहते हैं और “जन सुराज – जनता का सुशासन” की ओर कदम बढ़ाएंगे। इसके बाद उन्होंने बिहार भर में 3,000 किलोमीटर की पदयात्रा की घोषणा की, जिसका उद्देश्य था राज्य के अलग-अलग इलाकों में जाकर आम जनता से संवाद स्थापित करना। इस अभियान के तहत उन्होंने एक राजनीतिक दल के गठन का संकेत दिया, जो बिहार विधानसभा चुनाव २०२५ में सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। अंततः 2 अक्टूबर 2024 को, उन्होंने “जन सुराज अभियान” को एक औपचारिक राजनीतिक दल के रूप में घोषित किया, जिसका नाम होगा – जन सुराज पार्टी। == संदर्भ == == बाहरी कड़ी == औपचारिक जालस्थल