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समस्तीपुर जिला
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समस्तीपुर भारत गणराज्य के बिहार प्रान्त में दरभंगा प्रमंडल स्थित एक शहर एवं जिला है। इसका मुख्यालय समस्तीपुर है। समस्तीपुर के उत्तर में दरभंगा, दक्षिण में गंगा नदी और पटना जिला, पश्चिम में मुजफ्फरपुर एवं वैशाली, तथा पूर्व में बेगूसराय एवं खगड़िया जिले हैं। यहाँ शिक्षा का माध्यम हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी है लेकिन बोल-चाल में मैथिली, मगही बोली जाती है। इसे मिथिला का प्रवेश द्वार कहा जाता है। यह उपजाऊ कृषि प्रदेश है। समस्तीपुर पूर्व मध्य रेलवे का मंडल भी है।
== नामकरण ==
समस्तीपुर का परंपरागत नाम सरैसा है। इसका वर्तमान नाम मध्यकाल में बंगाल एवं उत्तरी बिहार के शासक हाजी शम्सुद्दीन इलियास (१३४५-१३५८ ईस्वी) के नाम पर पड़ा है। कुछ लोगों का मानना है कि इसका प्राचीन नाम सोमवती था जो बदलकर सोम वस्तीपुर फिर समवस्तीपुर और समस्तीपुर हो गया।
== इतिहास ==
समस्तीपुर राजा जनक के मिथिला प्रदेश का अंग रहा है। विदेह राज्य का अन्त होने पर यह लिच्छवी गणराज्य का अंग बना। इसके पश्चात यह मगध के मौर्य, शुंग, कण्व और गुप्त शासकों के महान साम्राज्य का हिस्सा रहा। ह्वेनसांग के विवरणों से यह पता चलता है कि यह प्रदेश हर्षवर्धन के साम्राज्य के अंतर्गत था। १३ वीं सदी में पश्चिम बंगाल के मुसलमान शासक हाजी शम्सुद्दीन इलियास के समय मिथिला एवं तिरहुत क्षेत्रों का बँटवारा हो गया। उत्तरी भाग सुगौना के ओईनवार राजा (1325-1525 ईस्वी) के कब्जे में था जबकि दक्षिणी एवं पश्चिमी भाग शम्सुद्दीन इलियास के अधीन रहा। समस्तीपुर का नाम भी हाजी शम्सुद्दीन के नाम पर पड़ा है। शायद हिंदू और मुसलमान शासकों के बीच बँटा होने के कारण ही आज समस्तीपुर का सांप्रदायिक चरित्र समरसतापूर्ण है।
ओईनवार राजाओं को कला, संस्कृति और साहित्य का बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। शिवसिंह के पिता देवसिंह ने लहेरियासराय के पास देवकुली की स्थापना की थी। शिवसिंह के बाद यहाँ पद्मसिंह, हरिसिंह, नरसिंहदेव, धीरसिंह, भैरवसिंह, रामभद्र, लक्ष्मीनाथ, कामसनारायण राजा हुए। शिवसिंह तथा भैरवसिंह द्वारा जारी किए गए सोने एवं चाँदी के सिक्के यहाँ के इतिहास ज्ञान का अच्छा स्रोत हैं। अंग्रेजी राज कायम होने पर सन १८६५ में तिरहुत मंडल के अधीन समस्तीपुर अनुमंडल बनाया गया। बिहार राज्य जिला पुनर्गठन आयोग के रिपोर्ट के आधार पर इसे दरभंगा प्रमंडल के अंतर्गत १४ नवम्बर १९७२ को जिला बना दिया गया। अंग्रेजी सरकार के विरुद्ध हुए स्वतंत्रता आंदोलन में समस्तीपुर के क्रांतिकारियों ने महती भूमिका निभायी थी। यहाँ से कर्पूरी ठाकुर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं। समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र के प्रथम सांसद स्व. सत्यनारायण सिन्हा लगातार चार बार सांसद रहे और कई बार कैबिनेट मंत्री भी रहे, साथ ही जब इंदिरा गांधी राज्यसभा की सदस्य थीं तो इन्होंने लोकसभा के नेता सदन का कार्यभार भी संभाला। अपने राजनीति के अंतिम चरण में ये मध्यप्रदेश के राज्यपाल के पद पर भी रहे। आकाशवाणी पर रामचरितमानस पाठ शुरू करने के लिए सूचना प्रसारण मंत्री के रूप में इनका कार्यकाल सदा याद किया जाएगा।
== भूगोल ==
समस्तीपुर २५.९० उत्तरी अक्षांश एवं ८६.०८ पूर्वी देशांतर पर अवस्थित है। सारा जिला उपजाऊ मैदानी क्षेत्र है किंतु हिमालय से निकलकर बहनेवाली नदियाँ बरसात के दिनों में बाढ़ लाती हैं।
नदियाँ : समस्तीपुर जिले के मध्य से बूढ़ी गण्डक, उत्तर में बागमती नदी एवं दक्षिणी तट पर गंगा बहती है। इसके अलावा यहाँ से बांया भाग में जमुआरी, नून, बागमती की दूसरी शाखा और शान्ति नदी भी बहती है जो बरसात के दिनों में उग्र रूप धारण कर लेती है।
प्रशासनिक विभाजन: यह जिला ४ तहसीलों (अनुमंडल), २० प्रखंडों, ३८० पंचायतों तथा १२४८ राजस्व गाँवों में बँटा है।
अनुमंडल- दलसिंहसराय, शाहपुर पटोरी, रोसड़ा, समस्तीपुर सदर
प्रखंड- दलसिंहसराय, उजियारपुर, विद्यापतिनगर, पटोरी, मोहनपुर, मोहिउद्दीनगर, रोसड़ा, हसनपुर, बिथान, सिंघिया, विभूतीपुर, शिवाजीनगर, समस्तीपुर, कल्याणपुर, वारिसनगर, खानपुर, पूसा, ताजपुर, मोरवा, सरायरंजन
== जनसांख्यिकी ==
2011 की जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसंख्या 4,261,566 है जिसमें पुरुष की आबादी 2,230,003 एवं 2,031,563 स्त्रियाँ हैं। १८·५२% जनसंख्या अनुसूचित जाति की तथा ०·१% जनसंख्या अनुसूचित जनजाति की है। मानव विकास सूचिकांक काफी नीचे है जिसकी पुष्टि इन आँकड़ो से होती है:-
साक्षरता: ४५·१३% (पुरुष-५७·५९%, स्त्री- ३१·६७%)
जनसंख्या वृद्धि दरः २·५२% (वार्षिक)
स्त्री-पुरुष अनुपातः ९२८ प्रति १०००
घनत्वः ११६९ प्रति वर्ग किलोमीटर
=== महत्वपूर्ण व्यक्तित्व ===
स्वतंत्रता सेनानी एवं राजनीतिज्ञ : पंडित यमुना कर्जी (किसान नेता स्वामी सहजानन्द सरस्वती के सहयोगी), सत्य नारायण सिन्हा (पूर्व राज्यपाल एवं चार बार लोक सभा सदस्य), कर्पूरी ठाकुर (दो बार बिहार के मुख्यमंत्री), बलिराम भगत (पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं लोकसभा अध्यक्ष), गया प्रसाद शर्मा (स्वतंत्रता संग्राम में ११ बार जेल गये), रामविलास पासवान (हाजीपुर से चार बार लोकसभा सदस्य एवं लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष), सैय्यद शाहनवाज हुसैन (भारतीय जनता पार्टी नेता एवं सांसद), रामनाथ ठाकुर (कर्पूरी ठाकुर के पुत्र एवं विधायक)।
खेल जगत : वैभव सूर्यवंशी, भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और इंडियन प्रीमियर लीग में राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज़, समस्तीपुर जिले से हैं। वे आईपीएल इतिहास के सबसे कम उम्र के पदार्पण करने वाले खिलाड़ी हैं।
साहित्यकार एवं कलाकार : महान मैथिली कवि विद्यापति, बिहारकोकिला मैथिली गायिका शारदा सिन्हा, चंद्रकांता उपन्यास के लेखक श्री देवकीनंदन खत्री समस्तीपुर पूसा के हैं।महाकवि आरसी प्रसाद सिंह,पोद्दार रामावतार अरुण और डॉ 0 हरिवंश तरुण , रामावतार अनुरागी जैसे चर्चित साहित्यकार इसी धरती से जुड़े थे। वर्तमान समय में भी डॉ 0 नरेश विकल, डॉ 0 ब्रह्मदेव कार्यी , अर्जुन प्रभात जैसे साहित्यकार सक्रिय लेखन से जुड़े हैं।
== शिक्षा ==
राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय समस्तीपुर जिले में पूसा नामक स्थान पर है, इसके अलावा कोई अन्य उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा संस्थान यहाँ नहीं है। प्राथमिक शिक्षा की स्थिति संतोषजनक है। २००१ की जनगणना के अनुसार जिले में साक्षरता दर ४५.६७% (पुरुष: ५७.८३, स्त्री: ३२.६९) है। समस्तीपुर तथा पूसा में केन्द्रीय विद्यालय तथा बिरौली में जवाहर नवोदय विद्यालय स्थित है। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा के अंतर्गत जिले में निम्नलिखित अंगीभूत स्नातक महाविद्यालय हैं:
आचार्य नरेन्द्रदेव महाविद्यालय शाहपुर पटोरी
बलिराम भगत महाविद्यालय समस्तीपुर
समस्तीपुर कॉलेज समस्तीपुर
महिला महाविद्यालय समस्तीपुर
आर एन ए आर कॉलेज समस्तीपुर
डा लोहिया कर्पूरी विशेश्वरदास महाविद्यालय ताजपुर
डी बी के एन महाविद्यालय नरहन
आर बी कॉलेज दलसिंहसराय
जी एम आर डी कॉलेज मोहनपुर
आर बी एस कॉलेज मोहिउद्दीननगर
उमा पांडे कॉलेज पूसा
यू आर कॉलेज रोसड़ा
सिंघिया कॉलेज सिंघिया
== पर्यटन स्थल ==
बन्दा: यह समस्तीपुर जिले का एक गाँव है, जहाँ एक विशाल 'मानस मंदिर' का निर्माण किया जा रहा है।
ताजपुर: ताजपुर आर्थिक और सामाजिक रूप से समस्तीपुर के महत्वपूर्ण शहरों में से एक है। मुजफ्फरपुर से समस्तीपुर को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 28 ताजपुर से होकर गुजरता है। यहाँ कई प्रसिद्ध मंदिर और ऐतिहासिक 'मदरसा अजाजिया साल्फिया रहीमाबाद' स्थित हैं। यह क्षेत्र अपने स्थानीय उत्सवों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है।
पूसा: पूसा में भारत का पहला कृषि विश्वविद्यालय और अनुसंधान केंद्र अंग्रेजी हुकूमत द्वारा स्थापित किया गया था। राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय पूसा यहाँ का एक प्रमुख ज्ञान और अनुसंधान केंद्र है।
विद्यापतिनगर: शिव के अनन्य भक्त एवं महान मैथिल कवि विद्यापति ने यहाँ गंगा तट पर अपने जीवन के अंतिम दिन बिताए थे। ऐसी मान्यता है कि विद्यापति जब गंगातट जाने में असमर्थ थे तो गंगा ने अपनी धारा बदल ली और उनके आश्रम के पास से बहने लगी। यह आश्रम लोगों की श्रद्धा का केंद्र है।
बाबा हरिहरनाथ महादेव मंदिर: यह मंदिर समस्तीपुर से 18 किलोमीटर दूर पूर्व दिशा में खानपुर प्रखंड के ग्राम हरिहरपुर खेढ़ी में स्थित है। यह स्थान बूढी गंडक नदी के तटबंध किनारे स्थित है। इस मंदिर परिसर में बजरंगबली, माँ दुर्गा और श्री गणेश के मंदिर भी हैं। यह मंदिर अपने शिवरात्री महोत्सव के लिये काफी प्रसिद्ध है।
करियनः महामहिषी कुमारिलभट्ट के शिष्य महान दार्शनिक उदयनाचार्य का जन्म ९८४ ईस्वी में शिवाजीनगर प्रखंड के करियन गाँव में हुआ था। उदयनाचार्य ने न्याय, दर्शन एवं तर्क के क्षेत्र में लक्षमणमाला, न्यायकुशमांजिली, आत्मतत्वविवेक, किरणावली आदि पुस्तकें लिखीं।
मालीनगर: यहाँ १८४४ में बना शिवमंदिर है जहाँ प्रत्येक वर्ष रामनवमी को मेला लगता है। मालीनगर हिंदी साहित्य के महान साहित्यकार बाबू देवकी नन्दन खत्री एवं शिक्षाविद राम सूरत ठाकुर की जन्म स्थली भी है।
मंगलगढ: यह स्थान हसनपुर से १४ किलोमीटर दूर है जहाँ प्राचीन किले का अवशेष है। स्थानीय शासक मंगलदेव के निमंत्रण पर महात्मा बुद्ध संघ प्रचार के लिए यहाँ आए थे। जिस स्थान पर बुद्ध ने अपना उपदेश दिया था वह बुद्धपुरा कहलाता था, जो अब अपभ्रंश होकर दूधपुरा हो गया है।
मोहम्मद पुर कोआरी: पुसा प्रखंड में स्थित यह एक ऐतिहासिक गाँव है, जो अपनी मस्जिदों की वास्तुकला के लिए जाना जाता है।
जगेश्वरस्थान (बिभूतिपुर): नरहन रेलवे स्टेशन से १५ किलोमीटर की दूरी पर बिभूतिपुर में जगेश्वरीदेवी का बनवाया शिव मंदिर है। अंग्रेजों के समय का नरहन एक रजवाड़ा था जिसका महल बिभूतिपुर में मौजूद है।
रहीमाबाद: ताजपुर प्रखंड में स्थित यह कस्बा अपने ऐतिहासिक मदरसा अजीजीया सलफ़ीया के लिए विख्यात है।
मोरवा अंचल: यहाँ खुदनेस्वर महादेव मंदिर की स्थापना एक मुस्लिम द्वारा शिवलिंग मिलने पर की गयी थी। मंदिर के साथ ही एक मुस्लिम संत की मजार है, जो हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों द्वारा पूजित है।
मुसरीघरारी: राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर स्थित इस कस्बे में मुहर्रम तथा दुर्गा पूजा का आयोजन प्रमुखता से होता है।
संत दरियासाहेब का आश्रम: बिहार के सूफी संत दरिया साहेब का आश्रम जिले के दक्षिणी सीमा पर गंगा तट पर बसे गाँव धमौन में है। यहाँ निरंजन स्वामी का मंदिर भी है।
थानेश्वर शिवमंदिर: खाटू-श्याम मंदिर एवं कालीपीठ समस्तीपुर जिला मुख्यालय के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं।
शाहपुर बघौनी: ताजपुर प्रखंड में स्थित इस गाँव में कई ऐतिहासिक और मनमोहक मस्जिदें हैं।
माँ सती का मंदिर: धोवगामा स्थित यह लगभग 500 वर्ष पुराना मंदिर है।
रंजितपुर माँ वैष्णवी मंदिर: समस्तीपुर से १५ किलोमीटर पूर्व रंजितपुर गांव में स्थित इस मंदिर में चैती नवरात्रि में माता की पूजा एवं मेले का आयोजन किया जाता है।
किशनपुर बैकुंठ: समस्तीपुर जिले से 23 किलोमीटर दूर वारिसनगर प्रखंड के इस गाँव में दर्शनयोग्य श्री बाबा बैकुंठनाथ महादेव मंदिर स्थित है।
अख्तियार पुर (चन्दौली): पुसा प्रखंड में स्थित इस स्थान पर मुहर्रम का भव्य आयोजन होता है, जिसमें हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदाय मिलकर भाग लेते हैं।
== यातायात सुविधाएँ ==
सड़क मार्ग
समस्तीपुर बिहार के सभी मुख्य शहरों से राजमार्गों द्वारा जुड़ा हुआ है। यहाँ से वर्तमान में दो राष्ट्रीय राजमार्ग तथा तीन राजकीय राजमार्ग गुजरते हैं। मुजफ्फरपुर, मोतिहारी होते हुए लखनऊ तक जानेवाली राष्ट्रीय राजमार्ग २८ है। राष्ट्रीय राजमार्ग 103 जिले को चकलालशाही, जन्दाहा, चकसिकन्दर होते हुए वैशाली जिले के मुख्यालय हाजीपुर से जोड़ता है। राष्ट्रीय राज मार्ग 103 बी जिले को हाजीपुर मोहिउद्दीन नगर होते हुए राष्ट्रीय राज मार्ग 28 ( बेगूसराय जिला)से जोड़ता है।हाजीपुर से राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर महात्मा गाँधी सेतु से होकर राजधानी पटना जाया जाता है। जिले में राजकीय राजमार्ग संख्या ४९, ५० तथा ५५ की कुल लंबाई ८७ किलोमीटर है।
रेल मार्ग
समस्तीपुर भारतीय रेल के नक्शे का एक महत्वपूर्ण जंक्शन है। यह पूर्व मध्य रेलवे का एक मंडल है। दिल्ली-गुवाहाटी रूट पर स्थित रेल लाईनें एक ओर शहर को मुजफ्फरपुर,हाजीपुर, छपड़ा होते हुए दिल्ली से और दूसरी ओर बरौनी, कटिहार होते हुए गुवाहाटी से जोड़ती हैं। इसके अतिरिक्त यहाँ से मुम्बई, चेन्नई, कोलकाता, अहमदाबाद, जम्मू, अमृतसर, गुवाहाटी तथा देश के अन्य महत्वपूर्ण शहरों के लिए सीधी ट्रेनें उपलब्ध हैं।
वायु मार्ग
समस्तीपुर का निकटस्थ हवाई अड्डा 30 किलोमीटर दूर दरभंगा में स्थित है। बाबा विद्यापति हवाई अड्डा दरभंगा (IATA कोड- DBR) से अंतर्देशीय तथा सीमित अन्तर्राष्ट्रीय उड़ाने उपलब्ध हैं। इंडियन, किंगफिशर, जेट एयर, स्पाइस जेट तथा इंडिगो की उडानें दिल्ली, कोलकाता और राँची के लिए उपलब्ध हैं।
जल मार्ग-
जिले का जलमार्ग भी काफी विकसित है।मोटर चालित नौकाओं द्वारा यह जिला पटना जिले के नवादा, उमानाथ और बख्तियारपुर से सीधा जुड़ जाता है।
== सन्दर्भ ==
== बाहरी कड़ियाँ ==
समस्तीपुर जिला का आधिकारिक बेवजाल
अंग्रेजी विकिपीडिया पर समस्तीपुर
पथ निर्माण विभाग (बिहार सरकार) का आधिकारिक बेवजाल
बीआरबी कॉलेज समस्तीपुर
पूसा कृषि विश्वविद्यालय का आधिकारिक बेवजाल
== इन्हें भी देखें ==
समस्तीपुर