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शेयर बाज़ार
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right|thumb|300px||मुंबई का शेयर बाजार - सन् १८७५ में स्थापित यह एशिया का पहला शेयर बाजार है।
शेयर बाज़ार एक ऐसा बाज़ार है जहाँ कंपनियों के शेयर खरीदे-बेचे जा सकते हैं। किसी भी दूसरे बाज़ार की तरह शेयर बाज़ार में भी खरीदने और बेचने वाले एक-दूसरे से मिलते हैं और मोल-भाव कर के सौदे पक्के करते हैं। पहले शेयरों की खरीद-बिक्री मौखिक बोलियों से होती थी और खरीदने-बेचने वाले मुंहजबानी ही सौदे किया करते थे। लेकिन अब यह सारा लेन-देन स्टॉक एक्सचेंज के नेटवर्क से जुड़े कंप्यूटरों के जरिये होता है। इंटरनेट पर भी यह सुविधा मिलती है। आज स्थिति है कि खरीदने-बेचने वाले एक-दूसरे को जान भी नहीं पाते।
शेयर बाजार डिमांड और सप्लाई के सिद्धांत पर काम करता है। निवेशक शेयर खरीदते या बेचते हैं, और उनकी कीमतें बाजार की स्थिति और कंपनी के प्रदर्शन के आधार पर बदलती रहती हैं। निवेश करने के लिए डीमैट खाता और ट्रेडिंग खाता खोलना होता है। इसके बाद, आप किसी ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म या स्टॉकब्रोकर की मदद से शेयर खरीद सकते हैं।https://vittiyasaksharta.in/share-market-kya-hai-aur-kaise-kam-karta-hai/ शेयर बाजार क्या है और कैसे काम करता है? - वित्तीय साक्षरता 7 जनवरी 2025 26 जनवरी 2025 https://web.archive.org/web/20250126115307/https://vittiyasaksharta.in/share-market-kya-hai-aur-kaise-kam-karta-hai/ dead
एक प्रकार से देखे तो यहाँ पर शेयरों की नीलामी होती है। अगर किसी को बेंचना होता है तो सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को ये शेयर बेंच दिया जाता है। या अगर कोई शेयर खरीदना चाह्ता है तो बेचने वालो मे से जो सबसे कम कीमत पे तैयार होता है उससे शेयर खरीद लिया जता है। शेयर मन्डी (जैसे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज या नैशनल स्टॉक एक्सचेंज इस तरह कि बोलियाँ लगाने के लिये ज़रूरी सभी तरह कि सुविधाये मुहैया कराते है।
सोचिये, एक दिन मे करोड़ो शेयरों का आदान-प्रदान होता है। कितना मुश्किल हो जाये अगर सभी कारोबरियोँ को चिल्ला चिल्ला के ही खरीदे और बेंचने वालो को ढूंढ्ना हो। अगर ऐसा हो तो शेयर खरीदना और बेंचना
कमोबेश असम्भव हो जायेगा। शेयर मन्डियाँ इस काम को सरल और सही ढंग से करने का मूलभूत ढांचा प्रदान करती है। कई प्रकार के नियम, कम्प्यूटर की मदद, शेयर ब्रोकर, इंटेर्नेट के माधम से ये मूलभूत ढांचा दिया जाता है। असल मे शेयर बाज़ार एक बहुत ही सुविधाजनक सब्ज़ी मंडी से ज़्यादा कुछ भी नही है।
कुछ साल पहले तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज मे सीधे खरीद फरोख्त करनी पड़ती थी। पिछ्ले कुछ सालो से कम्प्यूटरो और इंटरनेट के माध्यम से कोई भी घर बैठे शेयर्स को ऑनलाइन खरीद और बेंच सकता है। सूचना क्रांति का ये एक उत्कृष्ट नमूना है। जो काम पहले कुछ पैसे वाले लोग ही कर सकते थे अब वो सब एक आम आदमी भी कर सकता है।
शेयर बाज़ार को दो वर्गों में बांटा जाता है, पहला प्राइमरी मार्केट और दूसरा सेकेंडरी मार्केट;
प्राइमरी मार्केट में कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज में पहली बार सूचीबद्ध होती है और अपने शेयर जारी करती हैं। कंपनियां आईपीओ (इनिशियल पब्लिक आफरिंग) के जरिए अपने शेयर पहली बार शेयर बाज़ार में इशू करती हैं और बाजार से पूंजी जुटाने का प्रयास करती है।
सेकेंडरी मार्केट को एक्सचेंज ट्रेडेड मार्केट भी कहते हैं। यह एक रेगुलर मार्केट है, जहां पर कंपनियों के शेयर्स की ट्रेडिंग रेगुलर बेसिस पर होती है। निवेशक शेयर ब्रोकर के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में अपने ट्रेडिंग ऑर्डर्स को पूरा करते हैं।
आजकल सभी शेयर डीमटीरिअलाइज़्ड होते है। शेयरो के अलावा निवेशक भारतीय म्यूचुअल फंड मे भी पैसा लगा सकते हैं।
आम ग्राहक को किसी डीमैट सर्विस देने वाले बैंक मे अपना खाता खोलना पडता है। आजकल कई बैंक जैसे आइसीआइसीआइ, एच डी एफ सी, भारतीय स्टटे बैंक, एक्सिस बैंक, इत्यादि डीमैट सर्विस देते है। इस तरह के खाते की सालाना फीस 500-800 रु तक होती है।
right|thumb|300px|न्यूयॉर्क का शेयर बाजार (स्टॉक एक्सचेंज)
शेयर बाज़ार किसी भी विकसित देश की अर्थ्व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते है। जिस तरह से किसी देश, गाँव या शहर के विकास के लिये सडके, रेल यातायात, बिजली, पानी सबसे ज़रूरी होते है, वैसे ही देश के उद्योगों के विकास के लिये शेयर बाज़ार ज़रूरी है। उद्योग धंधो को चलाने के लिये कैपिटल चहिये होता है। ये उन्हे शेयर बाज़ार से मिलता है। शेयर बाज़ार के माध्यम से हर आम आदमी बडे़ से बडे़ उद्योग मे अपनी भागिदारी प्रदान कर सकता है। इस तरह की भागीदारी से वो बड़े उद्योगों मे होने वाले मुनाफे मे बराबर का हिस्सेदार बन सकता है। मान लीजिये, अगर किसी भी नागरिक को ये लगता है कि आने वाले समय मे रिलायंस या इंफोसिस भारी मुनाफा कमाने वाली है, तो वह इस कम्पनियों के शेयर खरीद के इस मुनाफे में भागीदार बन सकता है,और ऐसा करने के लिये तो व्यवस्था चहिए वो शेयर बाज़ार प्रदान करता है। एक अछा शेयर बाज़ार इस बात का ध्यान रखता है,कि किसी भी निवेशक को बराबर का मौका मिले।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज व नैशनल स्टॉक एक्सचेंज के अलावा देशभरर मे 27 क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंज है।
विश्व के प्रमुख शेयर बाज़ार
न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज
नैशनल स्टॉक एक्सचेंज
नैस्डैक
टोक्यो स्टॉक एक्स्चेंज
लंदन स्टॉक एक्सचेंज
शंघाई स्टॉक एक्सचेंज
हाँग-काँग स्टॉक एक्सचेंज
इन्हें भी देखें
शेयर बाजार की पारिभाषिक शब्दावली
बाहरी कड़ियाँ
निवेशक शिक्षा एवं सुरक्षा निधि, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार
शेयर बाजार संबंधी प्रमुख वेबसाइटें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी)
अन्य
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