411 REFERENCE · Wikipedia
इन्डिक्स
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मई 2015
मई 2015
टीडीआईएल कार्यक्रम के अंतर्गत संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा निधिक इंडिक्स परियोजना का मुख्य उद्देश्य है, नि:शुल्क सॉफ्टवेयर तथा खुले प्लैटफार्म और प्रणालियों के द्वारा भारतीय भाषाओं के कम्प्यूटिंग अनुप्रयोगों का बड़े पैमाने पर उपयोग उपलब्ध करना। इस परियोजना का विशिष्ट एवं तात्कालिक लक्ष्य है, यूनीकोड (UNICODE) तथा इस्की (ISCII) कूटों का प्रयोग करते हुए लिनक्स ऑपरेटिंग प्रणाली के योग्य अंगभूतों का स्थान, ताकि 12 मुख्य भारतीय भाषाओं के विषय विस्तु का सृजन, सम्पादन, अवलोकन तथा मुद्रण किया जा सके। ये 12 भाषाएं है असमिया, बंगला, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल और तेलुगु| इंडिक्स परियोजना के पहले चरण में भारतीय लिपियों, विशेषकर हिंदी भाषा, की विशेषताओं को उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
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इस परियोजना के लिए लिनक्स ऑपरेटिंग प्रणाली को नींव के रूप में इस लिए चुना गया हैं, क्योंकि यह एक सशक्त स्थिर आपरेटिंग प्रणाली है तथा यह निशुल्क उपलब्ध है। सृजनात्मक तथा खुले स्रोत सॉफ्टवेयर विकास के लिए एक बड़ा समुदाय कार्यरत हैं, जो उपयोक्ता अनुकूल अनुप्रयोगों सहित लिनक्स प्लेटफ़ार्म को बढ़ावा दे रहा है। लिनक्स प्लेटफ़ार्म में इंडिक स्थानीकरण उपलब्ध होने से भारतीय उपयोक्ता समुदाय के लिए भविष्य में सॉफ्टवेयर अनुप्रयोगों का समुचित विकास संभव होगा।
जावा तकनीकी
स्वतंत्र जावा प्लेटफ़ार्म तकनीकी से विभिन्न क्षेत्र जैसे मल्टीमिडिया, प्रयोक्ता अंतरापृष्ठ तथा डाटा बेस पर एकता का प्रभाव हुआ है। यह परियोजना लिनक्स तथा भारतीय भाषाओं को जावा स्थानीकरण प्रदान करेगी।
इस पाठ्य देने वाली पाईपलाईन में शामिल है अक्षर पहचान, अक्षरो को प्रसंग के अनुसार क्रम परिवर्तन करना, ग्लिफों की मैपिंग तथा स्थिति परिवर्तन करना और ग्लिफों को स्क्रीन व पेज पर मुद्रित करना, क्योंकि लिनक्स के मूलभूत अंग (X विंडो प्रणाली) में परिवर्तन किये गए हैं। लिनक्स के कई अन्तरराष्ट्रीय अनुप्रयोगों को बिना संकलन अथवा संशोधिन के भारतीय भाषाओं के साथ कार्य कर सकते हैं। इस परियोजना में लिपि शेपिंग पाठ्य संचालन लाइब्रेरी तथा इंडिप लिपी संचालन 6 ओपन टाइप फोन्टस के द्वारा किया गया है। इन अंगों को खुले स्रोत सॉफ्टवेयर लिनक्स तथा XII (XFree86) में स्थानांतरित करेंगे।
भविष्य:
यहाँ हमें सावधानी बरतने की जरूरत है। लोग अन्य स्थानों पर व्यापारिक सॉफ्टवेयरों में भारतीय भाषाओं में समान रूप से विकास को देखकर लोग यह विश्वास करते हैं कि उसी तरह का विकास यहां भी संभव है। आवश्यकता को साकार करना जरुरी हैं। अत: सॉफ्टवेयर के स्थानीकरण के लिए प्रयास करना आवश्यक है। इंडिक्स परियोजना को केवल तकनीकी विकास के लिए ही नहीं बल्कि उपायों के विकास के लिए भी देखा जाना चाहिए। इसके दो मुख्य क्षेत्र शिक्षा तथा ऑफिस सूट्स है। ओपन ऑफिस (OpenOffice) का स्थानीकरण सी-डॅक, ईलेक्ट्रॉनीक सिटी, बंगलोर (पुर्व एनसीएसटी, बंगलोर) में किया गया है। इस प्लेटफार्म पर चलने वाले अनुप्रयगोको लाने के लिए विभिन्न स्तरों पर तकनीकी विद्वत्ता के अनुसार अन्य संस्थानों से साझेदारी की जरूरत है। सी-डॅक, मुंबई (पुर्व एनसीएसटी) जो ओपन स्रोत कम्प्यूटिंग का रिसोर्स केंद्र है, सहयोग के लिए अग्रणी है। परिणाम स्वरुप विशाल पैमाने पर इस तरह के कार्य किये जा सकते हैं। https://web.archive.org/web/20080526133128/http://www.cdacmumbai.in/projects/indix/
श्रेणी:सॉफ्टवेयर