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तिरमिज़
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तिरमिज़ Termiz / Термиз तिरमिज़ Uzbekistan 37 13 N 67 17 E उज़बेकिस्तान में स्थिति सुरख़ानदरिया प्रान्त, उज़बेकिस्तान १,४०,४०४ २००५ उज़बेक
thumb|250px|सुल्तान साओदात का महल
तिरमिज़ (उज़बेक: Термиз, तेरमिज़; अंग्रेज़ी: Termez) मध्य एशिया के उज़बेकिस्तान देश के दक्षिणी भाग में स्थित सुरख़ानदरिया प्रान्त की राजधानी है। यह उज़बेकिस्तान की अफ़्ग़ानिस्तान के साथ सरहद के पास प्रसिद्ध आमू दरिया के किनारे बसा हुआ है। इसकी आबादी सन् २००५ में १,४०,४०४ थी।
शहर का नाम
'तिरमिज़' के नाम की उत्पत्ति को लेकर विद्वानों में मतभेद है। कुछ समझते हैं कि यह सिकंदर महान के ज़माने में यूनानी भाषा के 'थ़ेरमोस' (θέρμοσ, thermos) शब्द पर रखा गया, जिसका मतलब 'गरम' है। दूसरो के अनुसार यह संस्कृत के 'तरमतो' (तर्मतो) शब्द से आया है जिसका मतलब 'नदी के तीरे' (यानि आमू दरिया के किनारे) है।Usbekistan: Entlang der Seidenstraße nach Samarkand, Buchara und Chiwa, Judith Peltz, Trescher Verlag, 2010, ISBN 978-3-89794-174-8, ... Stadtgeschichte Der Name ›Termiz‹ wird aus dem Sanskrit-Wort Taramato ›Ort hinter dem Fluss‹ abgeleitet (नगर का इतिहास ›तेरमिज़‹ संस्कृत शब्द तरमतो ›नदी के किनारे वाली जगह‹ से विकसित) ...
विवरण
यह मध्य एशिया और भारत के बीच का एक बहुत ही महत्वपूर्ण शहर रहा है जहाँ से इन दोनों के दरमियान भारी व्यापार और सांस्कृतिक अदला-बदली चलती आई है। आज भी यहाँ आमू दरिया के ऊपर 'उज़्बेक-अफ़्ग़ान मित्रता पुल' बना हुआ है जो समरक़न्द को बल्ख़ से जोड़ता है और यही मार्ग दक्षिण दिशा में आगे जाकर भारतीय उपमहाद्वीप में दाख़िल होता है। यहाँ प्राचीनकाल में कुषाण साम्राज्य फैला हुआ था जिसकी दो राजधानियाँ मथुरा और पेशावर थीं। उस ज़माने में बौद्ध धर्म इस पूरे क्षेत्र का राजकीय धर्म था और यहाँ बौद्ध-धर्म सम्बंधी बहुत से शिल्प-निर्माण और अन्य अवशेष मिलते हैं।Archaeology in Soviet Central Asia, Grégoire Frumkin, Brill Archive, 1970, ... Situated on the road from Balkh to Samarkand, it was an important halting place on the caravan route from India and Afghanistan to Eastern Turkestan and China ... यह पूर्व दिशा में उत्तरी रेशम मार्ग के ज़रिये पूर्वी तुर्किस्तान (आधुनिक शिनजियांग) और चीन से भी जुड़ा हुआ था।
७वीं और ८वीं सदियों में यहाँ अरब हमलावर आये और इस क्षेत्र में इस्लाम फैल गया। समय के साथ यह सूफ़ी विचारधारा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना। अल-तिरमिज़ी (ur ترمذی) यहाँ की 'बाग़' नामक बस्ती में पैदा हुए एक मशहूर धार्मिक लेखक व चिंतक थे जिन्हें 'हाकिम-ए-तिरमिज़ी' और उज़बेक भाषा में 'तिरमिज़ ओता' (यानि 'तिरमिज़ का पिता') भी कहा जाता है।
१९वीं सदी में रूसी साम्राज्य का उज़्बेकिस्तान पर क़ब्ज़ा हो गया और १८९७ में यहाँ रूसी छावनी और क़िला बनने के बाद तिरमिज़ शहर का आधुनिकरण हुआ। १९७९ से १९८९ में जब सोवियत संघ की अफ़्ग़ानिस्तान में सैनिक गतिविधि जारी थी तो तिरमिज़ इन दोनों के बीच एक महत्वपूर्ण यातायात केंद्र के रूप में भी कुछ समय के लिए व्यस्त था।Afghanistan: The Soviet Union's Last War, Mark Galeotti, Taylor & Francis, 2001, ISBN 978-0-7146-8242-6, ... a massive exercise in logistics and administration, the largest since the Great Patriotic War and the most sophisticated in Soviet history ... Land convoys were routed in through transshipment depots at Termez and Kushka and typically numbered 100-300 vehicles ...
यहाँ तेरमेज़ (उज़्बेकिस्तान) के परिवहन से संबंधित आपके लेख का शुद्ध हिंदी अनुवाद और व्यवस्थित विकिपीडिया संपादन दिया गया है:
परिवहन
तेरमेज़ उज़्बेकिस्तान का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक और परिवहन केंद्र है, जिसे विशेष रूप से देश के "दक्षिणी द्वार" के रूप में जाना जाता है।
सड़क एवं सेतु मार्ग
अमू दरिया नदी उज़्बेकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच प्राकृतिक सीमा बनाती है। तेरमेज़ से लगभग 12 किलोमीटर पूर्व में अमू दरिया पर स्थित अफगानिस्तान-उज़्बेकिस्तान फ्रेंडशिप ब्रिज सड़क, रेल और पैदल आवाजाही के लिए एकमात्र सीधा संपर्क मार्ग है। यह पुल उज़्बेकिस्तान को अफगानिस्तान के सीमावर्ती शहर हैरातन से जोड़ता है। यहाँ से प्रतिदिन यात्रियों, ट्रकों और मालगाड़ियों का आवागमन होता है।
रेल सेवा
तेरमेज़ उज़्बेक रेलवे नेटवर्क के माध्यम से देश के प्रमुख शहरों और अफगानिस्तान के मज़ार-ए-शरीफ़ से जुड़ा हुआ है।
प्रमुख ट्रेनें: ताशकंद-तेरमेज़ (नंबर 379) और वापसी (नंबर 380) ट्रेनें प्रतिदिन चलती हैं। इसके अतिरिक्त, ताजिकिस्तान की दुशान्बे-कनिबदम (367) और कनिबदम-दुशान्बे (368) गाड़ियाँ भी तेरमेज़ से होकर गुजरती हैं।Uzbekistan Railways Advantour – Private Tours and Travel Services on the Silk Road https://www.advantour.com/uzbekistan/uzbekistan_railways.htm 20 December 2025
अंतरराष्ट्रीय संपर्क: तेरमेज़ से मज़ार-ए-शरीफ़ (अफगानिस्तान) तक एक अंतरराष्ट्रीय माल-ढुलाई रेलवे लाइन संचालित है, जो मज़ार-ए-शरीफ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक जाती है। तेरमेज़ से मज़ार-ए-शरीफ़ की दूरी सड़क या रेल द्वारा लगभग 80 किलोमीटर है। हालांकि, 2024 तक इस लाइन का अफगान हिस्सा यात्री सेवाओं के लिए उपलब्ध नहीं है।
प्रस्तावित परियोजनाएँ: चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) और 'बेल्ट एंड रोड' पहल के संदर्भ में तेरमेज़ को पेशावर (पाकिस्तान) से जोड़ने वाली रेल लाइन के प्रस्तावों पर नीतिगत चर्चाएँ हुई हैं, किंतु वर्तमान में यह परियोजना निर्माण के स्तर तक नहीं पहुँची है।
हवाई सेवा
तेरमेज़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शहर को हवाई संपर्क प्रदान करता है। यहाँ से राजधानी ताशकंद के लिए नियमित उड़ानें उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, यह हवाई अड्डा मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग जैसे प्रमुख रूसी शहरों से भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के माध्यम से जुड़ा हुआ है।Real-Time Flight Tracker Map Flightradar24 https://www.flightradar24.com/data/airports/tmj 20 December 2025
जल एवं स्थानीय परिवहन
नदी बंदरगाह: तेरमेज़ नदी बंदरगाह (तेर्मिज दर्यो बंदरगोही) शहर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में अमू दरिया के किनारे स्थित है, जो क्षेत्रीय व्यापार और रसद के लिए महत्वपूर्ण है।
स्थानीय परिवहन: शहर के भीतर सार्वजनिक परिवहन के लिए बसों और 'मार्शरुत्का' (साझा मिनी-बस/टैक्सी) का व्यापक जाल बिछा हुआ है। इसके अलावा निजी टैक्सी सेवाएँ भी सुलभता से उपलब्ध हैं।
तिरमिज़ के कुछ नज़ारे
इन्हें भी देखें
सुरख़ानदरिया प्रान्त
आमू दरिया
बाहरी कड़ियाँ
यू-ट्यूब पर तिरमिज़ पर एक विडीयो
सन्दर्भ
2
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श्रेणी:उज़्बेकिस्तान के नगर
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