Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

हैन्रिख़ हिम्म्लर

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

Heinrich Himmler Bundesarchiv Bild 183-S72707, Heinrich Himmler.jpg 245px Reichsführer-SS 6 जनवरी 1929 29 अप्रैल 1945 अडॉल्फ़ हिटलर Erhard Heiden कार्ल हांके Director of the Reich Main Security Office (acting) 4 जून 1942 30 जनवरी 1943 Reinhard Heydrich Ernst Kaltenbrunner Reich Minister of the Interior 24 अगस्त 1943 29 अप्रैल 1945 अडॉल्फ़ हिटलर विल्हेल्म फ़्रिक Wilhelm Stuckart 7 अक्टूबर 1900 म्यूनिख़, Bavaria, Germany yes 1945 5 23 1900 10 7 Lüneburg, Lower Saxony, Germany National Socialist German Workers' Party (NSDAP) Margarete Bode Gudrun, Helge, Nanette Dorotha Roman Catholic (early) Himmler Signature 2.svg German Empire German Empire Heer 11th Bavarian Infantry Regiment 1917–1918 Fahnenjunker World War I हैन्रिख़ लुइटपोल्ड हिम्म्लर (जर्मन: Heinrich Himmler; ˈhaɪnʁɪç ˈluˑɪtˌpɔlt ˈhɪmlɐ pron de-Heinrich Himmler.ogg ; 7 अक्टूबर 1900 - 23 मई 1945) एस एस के राइखफ्यूहरर, एक सैन्य कमांडर और नाज़ी पार्टी के एक अगुवा सदस्य थे। जर्मन पुलिस के प्रमुख और बाद में आतंरिक मंत्री, हिमलर गेस्टापो सहित सभी आतंरिक व बाह्य पुलिस तथा सुरक्षा बलों के काम देखा करते. राइखफ्यूहरर और बाद में प्रतिस्थापन (गृह) सेना के कमांडर और पूरे राइख प्रशासन के प्रधान पूर्णाधिकारी मंत्री (Generalbevollmächtigter für die Verwaltung) के रूप में काम करते हुए हिमलर नाज़ी जर्मनी में दूसरे सबसे शक्तिशाली व्यक्ति बन गये। यातना शिविरों, संहार शिविरों और आइनज़ात्सग्रुपन (Einsatzgruppen) (अक्षरशः: कृतिक दल या टास्क फ़ोर्स, अक्सर वध दल के रूप में प्रयुक्त), के अध्यक्ष हिमलर ने छः मिलियन यहूदियों, 200,000 से 500,000 के बीच रोमा,उद्धृत में रे.होलोकॉस्ट विक्टिम एसेट्स लिटिगेशन (स्विस बैंक्स) विशेष मास्टर प्रस्ताव, 11 सितंबर 2000)."सींती और रोमा", संयुक्त राज्य अमेरिका विध्वंस स्मारक संग्रहालय. के अनेक युद्धबंदियों और कदाचित और भी तीन से चार मिलियन पोलों, कम्युनिस्टों, या समलैंगिक, शारीरिक व मानसिक रूप से विकलांग, जेहोवाह के साक्षीतथा कन्फेसिंग चर्च के सदस्यों सहित ऐसे लोगों को जिन्हें नाज़ी जीने के काबिल नहीं समझते थे या बस वे उनके "रास्ते में" आ गये लोगों की हत्या का संयोजन किया। युद्ध की समाप्ति से ठीक पहले पहले, उन्होंने पश्चिमी मित्र राष्ट्रों के सामने जर्मनी और अपने आत्मसमर्पण का प्रस्ताव रखा था, बशर्ते कि उन्हें मुकदमे से बख्श दिया जाय | ब्रिटिश सेना के द्वारा गिरफ्तार किये जाने के बाद पूछताछ करने से पहले ही उन्होंने आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जीवन thumb|left|1907 में हिमलर हेनरिक का जन्म म्यूनिख में एक रोमन कैथोलिकब्रिटैनिका विश्वकोष बवेरियान मध्य-वर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता जोसेफ गेब्हार्ड हिमलर एक माध्यमिक स्कूल के अध्यापक और प्रतिष्ठित विट्टलबेकर जिमनैजियम के प्रिंसिपल थे। एन्दर्स्च, ए: डेर वाटेर एइनेस मोर्डार्स (द फादर ऑफ़ मर्डरर). डायोजनीज, 2006. ISBN 978-3-257-23608-8 उनकी मां अन्ना मारिया हिमलर (प्रथम नाम हेडर), एक धर्मनिष्ठ रोमन कैथोलिक थीं। उनका एक बड़ा भाई था, गेब्हार्ड लुडविग हिमलर, जो 29 जुलाई 1898 को पैदा हुआ था; और एक छोटा भाई अर्नस्ट हरमन हिमलर, जिसका जन्म 23 दिसम्बर 1905 को हुआ था। Heinz 1972 हेनरिक का नाम उनके धर्मपिता बवेरिया के शाही परिवारके प्रिंस हेनरिक ऑफ़ बवेरिया के नाम पर पड़ा था, जिन्हें गेब्हार्ड हिमलर पढ़ाया करते थे। ब्रेइटमैंन, पृष्ठ 9 1910 में, हिमलर लैंडशट के जिमनैजियम में भर्ती हुए, जहां उन्होंने उत्कृष्ट साहित्य का अध्ययन किया। हिमलर के प्राचार्य पिता ने उन्हें दूसरे विद्यार्थियों पर जासूसी करने और उन्हें दंडित करने का जिम्मा सौंपा. यहां तक कि उनके पिता उन्हें जन्मजात अपराधी कहा करते थे। टाइम पत्रिका, 16 जून 1947 एथलेटिक्स में उन्हें बहुत हाथ-पांव मारना पड़ता था, लेकिन वे स्कूल की पढ़ाई-लिखाई में अच्छे रहे। इसके अलावा, अपने पिता के कहने पर, हिमलर 10 साल की उम्र से 24 की उम्र तक एक डायरी रखा करते. उन्हें शतरंज, हार्प्सीकोर्ड, टिकट संग्रह और बागवानी का शौक था। अपने युवावस्था से लेकर वयस्क होने के पूरे दौर में हिमलर महिलाओं के साथ संबंधों में कभी भी सहजभाव नहीं रख पाये.ब्रिटमैन, पृष्ठ 11 हिमलर की डायरियों (1914-1918) से पता चलता है कि उन्हें युद्ध संबंधी खबरों में बहुत ज्यादा दिलचस्पी थी। उन्होंने अपने पिता से विनती की कि अपने शाही संपर्कों का उपयोग करके वे उन्हें एक अधिकारी उम्मीदवार का पद दिलवा दें। उसके माता-पिता ने अंततः बात मान ली और उन्हें 11वीं बवेरियन रेजिमेंट से प्रशिक्षण (1918 में माध्यमिक विद्यालय से स्नातक स्तर के लगभग) लेने की अनुमति दे दी। चूंकि वे एक एथलेटिक नहीं थे, इसलिए उन्हें अपने सैन्य प्रशिक्षण के दौरान काफी संघर्ष करना पड़ा. जर्मनी की हार के साथ 1918 में युद्ध समाप्त हुआ और इस प्रकार एक पेशेवर सेना अधिकारी बनने की हिमलर की आकांक्षाओं का भी अंत हो गया। 1919 से 1922 तक हिमलर ने म्यूनिख टेक्निस्क होक्शुल (Techanics Hochschule) से कृषि विज्ञान की पढाई की, उसके बाद कुछ दिनों तक एक फ़ार्म में प्रशिक्षण लेने के बाद वे बीमार पड़ गये। Breitman 2004 12 अपनी डायरी में उन्होंने एक धर्मनिष्ठ रोमन कैथोलिक होने का दावा किया है और लिखा है कि वे रोमन चर्च को कभी भी छोड़ नहीं सकते. हालांकि, वे एक बिरादरी के एक सदस्य थे और बाद में थुले सोसायटी में भी शामिल हुए और यह महसूस करते रहे कि उनके ये दोनों संबंध चर्च के सिद्धांतों के साथ मेल नहीं खाते. जीवनी लेखकों ने हिमलर के धर्मशास्त्र को एरियोसोफी (Ariosophy) के रूप में परिभाषित किया है, उनका अपना आर्य नस्लीय श्रेष्ठता और जर्मनिक मेसो-पगानिज्म का धार्मिक मताग्रह बताया, जो उत्तरी यूरोप के लोकगीतों तथा प्राचीन ट्युटोनिक (जर्मन) जनजातियों की पौराणिक कथाओं की उनकी अपनी व्याख्या से आंशिक रूप से विकसित हुआ। इस दौरान उनमें एक बार फिर सैनिक बनने का जुनून सवार हुआ। उन्होंने लिखा था कि अगर जल्द ही जर्मनी युद्ध में नहीं उतरता है, तो वे युद्ध की गुहार लगाने के लिए किसी दूसरे देश चले जाएंगे. 1923 में, हिमलर ने अर्नस्ट रोहम के मातहत में एडोल्फ हिटलर के बीयर हॉल विद्रोह में भाग लिया। 1926 में एक तूफ़ान से बचने के समय एक होटल की लॉबी में उनकी मुलाक़ात अपनी भावी पत्नी से हुई। मारग्रेट सीग्रोथ (नी बोडेन) उनसे सात साल वरिष्ठ, तलाकशुदा और प्रोटेस्टेंट थीं। 3 जुलाई 1928 को दोंनों ने शादी कर ली। इस दौरान हिमलर विफलता के साथ मुर्गीपालन का काम कर रहे थे। बीबीसी ऐतिहासिक आंकड़े - हेनरिक हिमलर 8 अगस्त 1929 को उनका इकलौते बच्चे गुर्द्रुन का जन्म हुआ। हिमलर अपनी बेटी से बहुत ही प्यार करते और उसे पुपी कहकर बुलाते डॉली. मार्गरेट ने बाद में एक बेटा गोद ले लिया, जिसके प्रति हिमलर ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. हेनरिक और मार्गरेट हिमलर 1940 में बिना तलाक लिए ही अलग हो गये। उस समय हिमलर की एक सचिव हेड्विग पोटहस्ट के साथ मित्रता हो गयी। जिसने 1941 में अपनी नौकरी छोड़ दी और उनकी श्रीमती बन गयी। उससे वे दो बच्चों के पिता बने - एक पुत्र हेलगे (जन्म 1942) और एक पुत्री ननेत्ते डोरोथिया (जन्म 1944). हिमलर को कृषि और "बैक टु द लैंड" आंदोलन में भी बहुत दिलचस्पी थी। उनका और उनकी पत्नी का एक कृषि जीवन बिताने का रोमांटिक आदर्श था। वे अर्टामानेन समाज में शामिल हुए, जो एक प्रकार का आदर्शवादी बैक-टु-द-लैंड युवा समूह था, लेकिन यह नस्लवादी विचार से भी प्रभावित था। वे इस आंदोलन के एक नेता बन गए। इस आंदोलन के माध्यम से वे रुडोल्फ होब से मिले,हौसेस और पस्कुली, पृष्ठ 203 जिन्होंने बाद में आउशवित्स की अध्यक्षता की; साथ ही उनकी भेंट रिचर्ड वाल्थर दर्र से भी हुई, जिन्होंने बाद में एसएस के रुशा (RUSHA) (नस्ल व पुनर्वास कार्यालय) में काम किया। होहने, ऑर्डर ऑफ़ द डेथ'स हेड (2000 एड), पृष्ठ 47-49 एसएस में बढोतरी thumb|left|200px|एसएस के वर्दी में हिमलर. (काली टाई और टोपी) ओबर्फुह्रार के रैंक के साथ. प्रारंभिक एसएस: 1925-1934 1925 में हिमलर एसएस में शामिल हुए, बवेरिया में उनका पहला पदस्थापन एसएस-गौफ्युहरर (जिला नेता) के रूप में हुआ। 1927 में, वे उप-राइखफ्युहरर-एसएस बने, उन्हें एसएस-ओबेरफ्युहरर का रैंक मिला और एसएस कमांडर एर्हार्ड हेडेन के इस्तीफे के बाद हिमलर को 1929 में राइखफ्युहरर-एसएस नियुक्त किया गया। उस समय, एसएस के 280 सदस्य थे और बहुत बड़े स्टुर्माब्तेइलुंग (एसए) (Sturmabteilung) (SA) का महज एक कुलीन बटालियन भर था। अगले साल, हिमलर ने संगठन में एक बड़ा विस्तार शुरू किया और 1930 में, उन्हें प्रोन्नति देकर एसएस-ग्रुप्पेंफ्युहरर बना दिया गया (उस समय राइखफ्युहरर एसएस के राष्ट्रीय कमांडर का बस एक खिताब भर था). 1933 तक, एसएस के 52,000 सदस्य हो गये। संगठन ने सख्त सदस्यता लागू करते हुए यह सुनिश्चित किया कि सभी सदस्य हिटलर के आर्यन हेर्रेन्वोल्क ("आर्य प्रधान नस्ल") के हों. हिमलर और उनके सहयोगी रेइनहार्ड हेड्रिक ने एसएस को एसए के नियंत्रण से बाहर करने का प्रयास शुरू किया। जुलाई 1932 में एसए की भूरी कमीज की जगह काली एसएस वर्दी बनने लगी और 1934 तक सभी के सामान्य उपयोग के लिए पर्याप्त वर्दी तैयार हो गयी। Lumsden 2001 53 1933 में, हिमलर को पदोन्नति देकर एसएस-ओबेरग्रुप्पेंफ्युहरर (Obergruppenführer) बना दिया गया। इससे वे वरिष्ठ एसए कमांडर के समकक्ष हो गये, जो अब एसएस से नफ़रत करने लगा था और इसकी शक्ति से ईर्ष्या करता था। हिमलर, हरमन गोरिंग और जनरल वर्नर वॉन ब्लोम्बर्ग इस बात पर सहमत थे कि एसए और उसके नेता अर्नस्ट रोहम जर्मन सेना और नाज़ी के समक्ष एक खतरा बन रहे हैं। रोहम समाजवादी और लोकवादी विचारों के थे और उनका मानना था कि असली क्रांति अभी तक शुरू नहीं हुई है। उन्होंने महसूस किया कि एसए को देश का एकमात्र अस्त्रधारी सैन्य दल होना चाहिए। इस कारण कुछ नाज़ी, सैन्य और राजनीतिक नेताओं को लगा कि रोहम एसए के इस्तेमाल से तख्तापलट करना चाहते हैं। हिमलर और गोरिंग के उकसाने पर, रोहम के खात्मे के लिए हिटलर सहमत हो गये। उन्होंने यह काम रेइनहार्ड हेड्रिक, कुर्त दलुएगे और वार्नर बेस्ट को सौंपा, जिन्होंने रोहम सहित (थियोडोर आइके द्वारा किया गया) अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खात्मे के आदेश दिए; साथ ही हिटलर के कुछ निजी शत्रुओं को भी ख़त्म करने का आदेश दिया गया (जैसे कि ग्रेगोर स्ट्रासर और कुर्त वोन श्लेइकर), ये काम 30 जून 1934 को किये गये, जो नाईट ऑफ़ द लौंग नाइफ़ के नाम से जाना जाता है। अगले दिन, एसएस एक स्वतंत्र संगठन बन गया, जो सिर्फ हिटलर के प्रति जवाबदेह था और हिमलर का राइखफ्युहरर-एसएस का खिताब एसएस का औपचारिक सर्वोच्च पद बन गया। सत्ता का दृढ़ीकरण thumb|right|250px|बाएं से दाएं: हिमलर, रेइनहार्ड हेड्रीच, ओबर्सल्बर्ग में कार्ल वोल्फ और अन आइडेंटिफाइड असिस्टंट. 1939 मई 20 अप्रैल 1934 को, गोरिंग ने हिमलर और हेड्रिक के साथ एक साझेदारी बनायी। गोरिंग ने गेस्टापो (Geheime Staatspolizei), प्रशिया की जासूसी संस्था, के प्राधिकार का स्थानांतरण कर उसका जिम्मा हिमलर को सौंप दिया, जिन्हें प्रशिया के बाहर जर्मन पुलिस का प्रमुख भी बना दिया गया। 22 अप्रैल 1934 को, हिमलर ने हेड्रिक को गेस्टापो का प्रमुख नियुक्त किया। हेड्रिक एसडी के भी प्रमुख बने रहे। Williams 2003 61 17 जून 1936 को, हिटलर द्वारा "राइख के पुलिस नियंत्रण के एकीकरण" करने के निर्णय की घोषणा के बाद हिमलर को जर्मन पुलिस का प्रमुख बना दिया गया। Williams 2003 77 परंपरागत रूप से, जर्मनी में कानून प्रवर्तन एक राज्यस्तरीय और स्थानीय मामला था। इस भूमिका में, हिमलर नाममात्र के लिए आंतरिक मंत्री विल्हेम फ्रिक के अधीनस्थ हुए. हालांकि, आज्ञप्ति से पुलिस का प्रभावी ढंग से एसएस में विलय हो गया, इससे यह फ्रिक के नियंत्रण से लगभग स्वतंत्र हो गया। जर्मनी की सभी वर्दीधारी क़ानून प्रवर्तन एजेंसियों के एक नए ओर्दनुंग्सपोलिज़ी (Ordnungspolizei) (ओर्पो: "व्यवस्था पुलिस") में एक होने से हिमलर की ताकत बढी, इस नयी संस्था का मुख्यालय एसएस की एक मुख्यालय शाखा बन गया। अपने खिताब के बावजूद, हिमलर को वर्दीधारी पुलिस का सिर्फ आंशिक नियंत्रण ही प्राप्त हुआ। आतंरिक मंत्रालय द्वारा पहले प्रयोग की जाने वाली कुछ वास्तविक शक्तियां उन्हें दी गयीं। 1943 में, जब हिमलर को आंतरिक मंत्री नियुक्त किया गया, तब जाकर मंत्री सत्ता का हस्तांतरण पूरा हुआ। 1936 की नियुक्ति के साथ, हिमलर को जर्मनी के गैर-राजनीतिक जासूस बलों, क्रिमिनलपोलिज़ी (कृपो: अपराध पुलिस) का मंत्री प्राधिकार सौंपा गया था, जिसका विलय उन्होंने गेस्टापो के साथ श्रिचेर्हेइत्सपोलिज़ी (Sicherheitspolizei) (सिपो: सुरक्षा पुलिस) में कर दिया और इस तरह उन्होंने जर्मनी के पूरे जासूसी बल पर परिचालन नियंत्रण प्राप्त कर लिया। Lumsden 2001 80, 83 यह विलय कभी भी राइख के भीतर पूरा नहीं हुआ, कृपो मुख्य रूप से अपने नागरिक प्रशासन के नियंत्रण में ही रहा और बाद में पार्टी उपकरण बना (क्योंकि पार्टी को नागरिक प्रशासन में मिला दिया गया). हालांकि, अधिकृत इलाके वास्तविक राइख में शामिल नहीं किये गये थे, लेकिन एसएस के कमांड लाइन के अंदर सिपो का एकीकरण ज्यादातर प्रभावी साबित हुआ। सितंबर 1939 को, द्वितीय युद्ध के आरंभ के बाद, हिमलर ने राइखस्सिकरहेइत्शौप्तम्त (Reichssicherheitshauptamt) (आरएसएचए: राइख का मुख्य सुरक्षा कार्यालय) का गठन किया, जहां सिपो (गेस्टापो और कृपो) तथा श्रिचेर्हेइत्स्दिएन्स्त (Sicherheitsdienst) (एसडी: सुरक्षा सेवाएं) हेड्रिक की कमान के विभाग बन गये। Lumsden 2001 83 हिमलर पूरे यातना शिविर की प्रणाली का निरीक्षण किया करते. द्वितीय विश्व युद्ध के एक बार शुरू हो जाने के बाद, औपचारिक रूप से यातना शिविर के रूप में वर्गीकृत नहीं किये जाने वाले नए यातना शिविरों की स्थापना की गयी थी, इन पर हिमलर और एसएस का नियंत्रण नहीं था। 1943 में, स्टेलिनग्राड तबाही के परिणामस्वरूप शासन की लोकप्रिय मौखिक आलोचना की आलोचना के प्रकोप के बाद पार्टी ने इन आलोचनाओं को रोक पाने में गेस्टापो की विफलता पर निराशा जाहिर की, पोलितिस्चे स्ताफ्फेल्न (राजनीतिक दस्ते) के रूप में अपने राजनीतिक पुलिस अंग की स्थापना की, इस तरह इस क्षेत्र में गेस्टापो के एकाधिकार को तोड़ दिया गया। इन वर्षों के दौरान एसएस ने अपनी सैन्य शाखा एसएस-वेर्फुगुंग्सट्रुप्पे (एसएस-विटी) को विकसित किया, जो बाद में वाफ्फेन-एसएस में विकसित हुआ। नाम के लिए हिमलर के मातहत होने के बावजूद वाफ्फेन-एसएस को पूरी तरह से एक सैन्य ढांचे में ढाला गया और वेहर्मच्त (Wehrmacht) के समानांतर युद्ध प्रयास में शामिल होने लायक विकसित किया गया। कई समकालीन टिप्पणीकार वाफ्फेन-एसएस को एक सम्मानजनक सैन्य संगठन के रूप में मान्यता देने से इनकार करते रहे। इसकी इकाइयां नागरिकों और निहत्थे कैदियों की हत्या की कुख्यात घटनाओं में शामिल थीं। यह भी अनेक में से एक कारण था कि अंतर्राष्ट्रीय सैन्य ट्रिब्यूनल ने एसएस को एक अपराधी संगठन घोषित किया। हिमलर और विध्वंस right|thumb|250px|हिमलर (सामने, कैदी के बगल में) 1936 में दाख़ाउ यातना शिविर का दौरा। नाईट ऑफ़ द नाइव्स के बाद, एसएस-टोटेंकोप्फ्वरबंडे (SS-Totenkopfverbände) ने जर्मनी के यातना शिविरों की स्थापना की और प्रशासित किया, 1941 के बाद, पोलैंड में संहार शिविर भी बनाये। अपनी खुफिया शाखा सुरक्षा सेवा (Sicherheitsdienst, या एसडी) के माध्यम से एसएस ने यहूदियों, जिप्सियों, कम्युनिस्टों और दूसरे सांस्कृतिक, नस्लीय, राजनीतिक या धार्मिक व्यक्तियों को जिन्हें नाज़ी या तो उंटरमेंश (उप-मानव) या शासन विरोधी मानते, यातना शिविरों में डालना शुरू किया। 22 मार्च 1933 को हिमलर ने दचाऊ में ऐसे पहले शिविर का आरंभ किया। वे विध्वंस के मुख्य रूपाकार थे, लाखों-लाख लोगों की हत्या का औचित्य साबित करने के लिए वे रहस्यवाद के तत्वों और नस्लवादी नाज़ी सिद्धांत के प्रति एक कट्टर विश्वास का इस्तेमाल किया करते. पोलैंडवासियों के लिए भी हिमलर की ऐसी ही योजना थी; बुद्धिजीवियों को मार डालना था और उनका विश्वास था कि अन्य पोलैंडवासी महज ट्रैफिक सिग्नल समझने लायक ही पढ़े-लिखे हैं। हिमलर के मुलाकात पुस्तिका से पता चलता है कि 18 दिसम्बर 1941 को हिमलर की भेंट हिटलर के साथ हुई थी। उस दिन के इंदराज में यह सवाल खडा किया गया था "रूस के यहूदियों के साथ क्या किया जाय?" और उसके बाद प्रश्न का उत्तर था "अल्स पार्टीसानेन ऑस्जुरोटन" (उन्हें पक्षपाती मानकर उनका सफाया किया जाय").बौएर, येहूदा रीथिंकिंग द होलोकॉस्ट येल यूनिवर्सिटी प्रेस, 2000, पृष्ठ 5 हिटलर के बजाय हिमलर यातना शिविरों का निरीक्षण किया करते. इन निरीक्षणों के परिणामस्वरुप, नाजियों ने हत्या का एक नया और भी अधिक समीचीन उपाय खोज निकाला, जिससे गैस चैम्बरों का इस्तेमाल शुरू हुआ। हिमलर जर्मनी में नोर्डिक आर्यों का एक शासक नस्ल चाहते थे। एक मुर्गीपालक किसान के रूप में उन्होंने अपने अनुभव से पशु प्रजनन के मूल तत्व को सीखा था, जिसे वे मानव जाति पर प्रस्थापित करना चाहते थे। उनका मानना था कि वे उत्कृष्ट संतानोत्पत्ति विद्या से चयनात्मक प्रजनन के जरिये जर्मन आबादी को बदल सकते हैं, जो युद्ध के अनेक दशक बाद पूरी तरह से "नोर्डिक" बन जाएंगे.प्रिंगल, हीथर: द मास्टर प्लान: हिमलर'स विद्वान और सर्वनाश. ह्य्पेरियन, न्यूयॉर्क, 2006. ISBN 0-7868-6886-4 पोज़न का भाषण Posen speeches 4 अक्टूबर 1943 को, हिमलर ने पोजनान (पोज़न) शहर में एसएस की एक गुप्त बैठक में स्पष्ट रूप से यहूदी जनता के खात्मे का उल्लेख किया। भाषण के एक ऑडियो रिकॉर्डिंगपॉज़्नान भाषण के लिप्यंतरण का एक अंश निम्नलिखित है: I also want to refer here very frankly to a very difficult matter. We can now very openly talk about this among ourselves, and yet we will never discuss this publicly. Just as we did not hesitate on 30 जून 1934, to perform our duty as ordered and put comrades who had failed up against the wall and execute them, we also never spoke about it, nor will we ever speak about it. Let us thank God that we had within us enough self-evident fortitude never to discuss it among us, and we never talked about it. Every one of us was horrified, and yet every one clearly understood that we would do it next time, when the order is given and when it becomes necessary. I am now referring to the evacuation of the Jews, to the extermination of the Jewish People. This is something that is easily said: 'The Jewish People will be exterminated', says every Party member, 'this is very obvious, it is in our program — elimination of the Jews, extermination, a small matter.' And then they turn up, the upstanding 80 million Germans, and each one has his decent Jew. They say the others are all swine, but this particular one is a splendid Jew. But none has observed it, endured it. Most of you here know what it means when 100 corpses lie next to each other, when there are 500 or when there are 1,000. To have endured this and at the same time to have remained a decent person — with exceptions due to human weaknesses — has made us tough, and is a glorious chapter that has not and will not be spoken of. Because we know how difficult it would be for us if we still had Jews as secret saboteurs, agitators and rabble rousers in every city, what with the bombings, with the burden and with the hardships of the war. If the Jews were still part of the German nation, we would most likely arrive now at the state we were at in 1916 and '17 . . . . 20px 20px Heinrich Himmler 4 अक्टूबर 1943 द्वितीय विश्वयुद्ध thumb|left|250px|हिमलर (झंडा के पीछे) हिटलर के साथ (केवल पीछे, झंडे के बाएं) पोलैंड के 1939 सितंबर 1939 में हिमलर ने ऑपरेशन हिमलर की योजना बनायी, विवादास्पद रूप से यूरोप में यह द्वितीय विश्वयुद्ध का पहला ऑपरेशन था। 1941 में सोवियत संघ पर आक्रमण के पहले (ऑपरेशन बरबारोस्सा) (Barbarossa) हिमलर ने अपने एसएस को "जुदेओ-बोल्शेववाद" (Judeo-Bolshevism) की ताकतों के खिलाफ संहार युद्ध के लिए तैयार किया था। नाज़ी जर्मनी और मध्य युग की तुलना करके हिमलर हरदम खुश हुआ करते थे, वे आक्रमण की तुलना धर्मयुद्ध से किया करते. वे पूरे यूरोप से स्वयंसेवक जमा किया करते थे, खासकर ऐसे नोर्डिक लोगों को जो नस्लीय रूप से जर्मनों के निकटतम माने जाते, जैसे कि डेंस, नोर्वेयाई, स्वीडिस और डच. आक्रमण के बाद, यूक्रेनियाई, लात्वियाई, लिथुनियाई और एस्टोनियाई स्वयंसेवकों की भी बहाली हुई, "नास्तिक बोल्शेविक गिरोह" से पुराने यूरोप के परंपरागत मूल्यों की रक्षा के लिए एक अखिल यूरोपीय धर्मयुद्ध की घोषणा करके गैर-जर्मन स्वयंसेवकों को आकर्षित किया जाने लगा। हजारों स्वेच्छा से भर्ती हुए और उससे भी कहीं ज्यादा लोग जबरिया भर्ती किये गये। बाल्टिक राज्यों के मूल निवासी लाल फ़ौज के खिलाफ काम करने के लिए तैयार थे, क्योंकि सोवियत संघ द्वारा कब्जा किये जाने के बाद उत्पीड़न से उनमें नफरत पैदा हो गयी थी। इन लोगों को जबरन वाफ्फेन-एसएस में भर्ती किया गया था, इन्हें सोवियत सेना के खिलाफ लगा दिया गया, तब ये ख़ुशी के साथ इस काम में जुट गये। टूमस हीओ, पीटर कासिक (2006). "एस्टोनियाई यूनिट्स इन द वौफेन-एसएस", इन टूमस हीओ, मीलिस मरिपू और इनड्रेक पावले. एस्टोनिया 1940-1945: रिपोर्ट्स ऑफ़ द इस्टोनियन इंटरनैशनल कमीशन फॉर द इन्वेस्टिगेशन ऑफ़ क्राइम्स अगेंस्ट ह्युमनिटी. तेलिन. पीपी. 927-968 पश्चिमी और नोर्डिक यूरोप में वाफ्फेन-एसएस को भर्ती के लिए बहुत कम लोग मिले, लेकिन कई वाफ्फेन-एसएस सेना इकाई की स्थापना की गयी, जैसे कि लियोन डेग्रेले के नेतृत्व का वल्लोनियन सैन्य दल, जिन्हें युद्ध के बाद नाज़ी क्षेत्र के फिर से प्राप्त बुरगुंडी का चांसलर बनाने की हिमलर की योजना थी। 1942 में, हिमलर के दाहिने हाथ रेइनहार्ड हेड्रिक की प्राग के करीब एक हमले के बाद चेक विशेष सेना के हाथों मारे गये, चेक सेना को ब्रिटिश ख़ुफ़िया विभाग तथा चेकोस्लोवाक विद्रोहियों से सहायता मिल रही थी। हिमलर ने तुरंत प्रतिशोध लिया, लिडिसे गांव की महिलाओं और बच्चों सहित पूरी आबादी की ह्त्या कर दी। आंतरिक मंत्री 1943 में, हिमलर को उस फ्रिक की जगह राइख का आंतरिक मंत्री नियुक्त किया गया, जिसके साथ वे एक दशक से भी अधिक समय से संघर्षरत थे। उदाहरण के लिए, सिर्फ हिमलर के सामने गिड़गिड़ाने के उद्देश्य से यातना शिविरों में लोगों को भेजने के लिए "रक्षात्मक हिरासत" के व्यापक इस्तेमाल को सीमित करने की फ्रिक ने कोशिश की थी। यातना शिविरों को फ्रिक भिन्नमतावलम्बियों को दण्डित करने के एक उपकरण के रूप में देखा करते, जबकि हिमलर की राय में इन शिविरों के जरिये लोगों को आतंकित करके नाज़ी शासन को स्वीकार कराना था। हिमलर की नियुक्ति ने प्रभावी रूप से आन्तरिक मंत्रालय का एसएस के साथ विलय कर दिया। हिमलर ने अपने नए कार्यालय का इस्तेमाल लोक सेवा से पार्टी उपकरण के संयोजन को उलटने में किया और जिला-क्षेत्रीय स्तर के पार्टी नेताओं (gauleiters) के अधिकारों को चुनौती देनी शुरू की। हिटलर के निजी सचिव और पार्टी चांसलर मार्टिन बोरमैन द्वारा उनकी इस महत्वाकांक्षा को झटका लगा। खुद हिटलर से भी इसे कुछ नाराजगी झेलनी पड़ी, जिनके नाज़ी प्रशासन की सोच की एक नींव पारंपरिक लोक सेवा के प्रति लंबे समय से घृणा रही। रिजर्व आर्मी (एर्सतज्हीर, नीचे देखें) का प्रमुख बनने के बाद हिमलर ने हालात और भी बदतर कर दिए, उन्होंने पुलिसकर्मियों का तबादला वाफ्फेन-एसएस में करके सेना और पुलिस दोनों के अधिकारों का इस्तेमाल करने का प्रयास किया। अपने सत्ता के आधार को हिमलर चुनौती देते रहे, लेकिन बोरमैन ने उन्हें तेजी से आगे बढ़ने का मौक़ा नहीं दिया, हालांकि विरोध शुरू होने के पहले तक शुरुआत में वे चुप रहे थे। फिर, बोरमैन ने योजना का विरोध करना शुरू किया, हिमलर की बदनामी होने लगी, खासकर पार्टी में, जिसके गौलीटर्स अर्थात स्थानीय नेताओं ने बोरमैन को अपने रक्षक के रूप में देखना शुरू किया। 20 जुलाई की साजिश यह निर्धारित हुआ था कि जर्मन सेना के ख़ुफ़िया विभाग (अब्वेहर) के बड़े अधिकारी और खुद उसके प्रमुख एडमिरल विल्हिल्म कनारिस हिटलर की ह्त्या की 20 जुलाई 1944 की साजिश में शामिल थे। इस कारण हिटलर ने अब्वेहर को भंग करने का निर्णय लिया और हिमलर की सुरक्षा सेवा (Sicherheitsdienst, या एसडी) को तीसरे राइख का एकमात्र ख़ुफ़िया सेवा बना दिया। इससे हिमलर की व्यक्तिगत शक्ति में वृद्धि हुई। कमांडर-इन-चीफ ऑफ़ रिजर्व (या रिप्लेसमेंट) आर्मी (एर्सतज्हीर) के जनरल फ्रेडरिक फ्रोम्म को एक साजिश में फंसाया गया। सेना के प्रति हिटलर के संदेह और फ्रोम्म की बर्खास्तगी से हिमलर के फ्रोम्म का उत्तराधिकारी बनने का रास्ता खुल गया, वाफ्फेन-एसएस के विस्तार के लिए उन्होंने इस पद का दुरूपयोग किया, जिससे जर्मन सशस्त्र सेना (वेहरमच्ट) की पहले से तेजी से ख़राब होती हालत और भी बदतर होने लगी। हिमलर के दुर्भाग्य से, जल्द ही जांच से साजिश में एसएस के अधिकारियों के शामिल होने का पता चला, इसमें कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी थे, जो एसएस के खिलाफ बोरमैन के संघर्ष में उनके इशारे पर चला करते थे, क्योंकि बहुत कम पार्टी कार्यकर्ता अधिकारियों को फंसाया गया था। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि एसएस के कुछ वरिष्ठ अधिकारी खुद हिमलर के विरुद्ध षड्यंत्र करने लगे, क्योंकि उनका मानना था कि बोरमैन के खिलाफ सत्ता संघर्ष में उनकी जीत नहीं हो सकती. इन दलबदलुओं में हेड्रिक के उत्तराधिकारी राइखसिचेर्हेइत्सहौप्ताम्त (Reichssicherheitshauptamt) के प्रमुख अर्नस्ट कल्टेंब्रुन्नेर और गेस्टापो के प्रमुख ग्रुप्पेंफ्युहरर (Gruppenführer) हेनरिख म्युलर भी थे। कमांडर-इन-चीफ 1944 के आखिर में, हिमलर नवगठित आर्मी ग्रुप अपर राईन (हीरसग्रुप्पे ओबर्रहेन) के कमांडर-इन-चीफ बन गये। राइन के पश्चिमी तट पर अल्सास क्षेत्र में आगे बढ़ती हुई अमेरिकी 7वीं आर्मी और फ्रांसिसी 1ली आर्मी से लड़ने के लिए इस आर्मी ग्रुप का गठन किया गया था। अमेरिकी 7वीं आर्मी जनरल अलेक्जेंडर पैच और फ्रांसिसी 1ली आर्मी जनरल जीन डी लात्त्रे डी तास्सिग्नी के कमांड में थी। 1 जनवरी 1945 को, हिमलर के आर्मी ग्रुप ने अमेरिकियों और फ्रांसीसियों को पीछे धकेलने के लिए ऑपरेशन नॉर्थ विंड (अंटरनेहमेन नोर्डविंड) शुरू किया। जनवरी के अंत में, कुछ सीमित शुरुआती सफलता के बाद हिमलर को पूरब की ओर स्थानांतरित कर दिया गया। 24 जनवरी तक, रक्षात्मक होने के कारण आर्मी ग्रुप अपर राइन को निष्क्रिय कर दिया गया। आधिकारिक तौर पर ऑपरेशन नॉर्थ विंड 25 जनवरी को समाप्त हो गया। दूसरी ओर, जर्मन सेना (वेह्र्मच्त हीर) लाल फ़ौज के विस्तुला-ओडेर आक्रामकता को रोक पाने में विफल रही, तब हिटलर ने हिमलर को एक अन्य नवगठित सैन्य ग्रुप का कमान सौंपा, इस आर्मी ग्रुप विस्तुला (हीरसग्रुप्पे वेइच्सेल) को बर्लिन की ओर बढ़ती सोवियत सेना को रोकना था। आर्मी ग्रुप अपर राइन की विफलता और सेना की टुकड़ियों को नेतृत्व देने में उनकी अनुभव की पूरी कमी तथा अक्षमता के बावजूद हिटलर ने हिमलर को आर्मी ग्रुप विस्तुला की कामं सौंप दी। यह नियुक्ति मार्टिन बोरमैन के उकसाने पर हुई हो सकती है, ताकि प्रतिद्वंद्वी को बदनाम किया जा सके, या फिर सैन्य अधिकारियों की "विफलता" पर हिटलर के बढ़ते गुस्से की वजह से हुई हो सकती है। आर्मी ग्रुप विस्तुला के कमांडर-इन-चीफ की हैसियत से हिमलर ने स्च्नेईदेमुहल (Schneidemühl) में अपना कमांड केंद्र बनाया। वे अपनी विशेष ट्रेन (सोंदेर्ज़ुग), सोंदेर्ज़ुग स्टीयरमार्क, को अपने मुख्यालय के रूप में इस्तेमाल करते. ट्रेन में सिर्फ एक टेलीफोन लाइन होने और कोई सिग्नल विलगन नहीं होने के बावजूद हिमलर ने ऐसा किया। अपनी दृढ़ता दिखाने के लिए उत्सुक, हिमलर ने सैन्य अधिकारियों के त्वरित-हमले के आग्रह को चुपचाप मान लिया। ऑपरेशन जल्द ही दलदल में फंस गया और हिमलर ने एक नियमित आर्मी कमांडर को बर्खास्त कर दिया और नाज़ी हेंज लम्मेर्डिंग को नियुक्त किया। उनके मुख्यालय को भी फाल्कनबर्ग पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा. 30 जनवरी को, हिमलर ने क्रूर आदेश जारी किया: टोड अंड स्ट्रेफे फर फ़्लिच्त्वेर्गेस्सेन्हेइत (Tod und Strafe für Pflichtvergessenheit) - "जो अपने दायित्वों को भूल जाते हैं उनके लिए मृत्यु और दंड," अपनी सेना को प्रोत्साहित करने के लिए। बिगड़ती स्थिति के कारण हिमलर पर हिटलर का दबाव बढ़ता गया; वे सम्मेलनों में अनिश्चयात्मक और बेचैन रहने लगे। हिटलर पर जनरल हेंज गुड़ेरियन के जबर्दस्त दबाव के कारण जनरल वाल्थर वेंक के निर्देश में हिमलर की सेना ने मध्य-फरवरी में पॉमेरियन आक्रामकता शुरू की। मार्च के आरंभ तक, हिमलर का मुख्यालय ओडेर नदी के पश्चिम ले जाया गया, हालांकि उनकी सेना का नाम अब भी विस्तुला के नाम पर ही रहा। हिटलर के साथ सम्मेलनों में, पीछे हटने वालों के साथ कडाई में वृद्धि करने की हिटलर की नीति का ही समर्थन करते रहे। 13 मार्च को, हिमलर ने अपने कमांड को छोड़ दिया, वे बीमारी का दावा करने लगे और होहेनलिचेन के एक अस्पताल में भर्ती हो गये। गुड़ेरियन ने वहां उनसे भेंट की और आर्मी ग्रुप विस्तुला के कमांडर-इन-चीफ से उनका इस्तीफा लेकर उसी रात हिटलर को सौंप दिया। 20 मार्च को, हिमलर के स्थान पर गोत्थार्ड हेनरिकी को जनरल बनाया गया। शांति समझौता thumb|left|upright|200px|1945 में हेनरिक हिमलर. 1944-45 की सर्दियों में, हिमलर के वाफ्फेन-एसएस की सदस्य संख्या 910,000 थी, साथ ही अल्ल्गेमेन-एसएस (कम से कम कागज़ पर) के करीब दो मिलियन सदस्य थे। हालांकि, 1945 की शुरुआत में जर्मन जीत पर से हिमलर का विश्वास उठ गया, खासकर अपने मालिशिया फेलिक्स कर्स्टन और वाल्टर शेलेन्बर्ग के साथ बातचीत से.Crocker Harry Triumph: A 2,000 Year History of the Catholic Church https://archive.org/details/triumphpowerglor0000croc 13 नवम्बर 2001 Prima Lifestyles 0761529241 उन्होंने महसूस किया कि अगर नाज़ी शासन को बचाना है तो इसके लिए ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ शांति वार्ता जरुरी है। उनका यह भी मानना था कि सोवियत संघ के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से राजधानी की रक्षा करने के लिए बर्लिन में रहकर हिटलर ने खुद को बेबस बना लिया है। इसलिए उन्होंने डैनिश सीमा के पास ल्युबेक में स्वीडेन के काउंट फोल्क बर्नाडोट से संपर्क किया। उन्होंने अपने आपको जर्मनी के तात्कालिक नेता के रूप में पेश किया और बर्नाडोट से कहा कि हिटलर दो दिनों के अंदर लगभग निश्चित तौर पर मर जानेवाले हैं। उन्होंने बर्नाडोट कहा कि वे जनरल ड्वाईट आइजनहावर से कहें कि जर्मनी पश्चिम के सामने आत्मसमर्पण करना चाहता है। हिमलर को उम्मीद थी कि बाकी बचे वेहर्मच्त (Wehrmacht) के साथ मिलकर ब्रिटिश और अमेरिकी सोवियत संघ से लड़ाई करेंगे। बर्नाडोट के अनुरोध पर, हिमलर ने अपना प्रस्ताव लिखकर दिया। 28 अप्रैल की शाम को, बीबीसी ने एक रायटर न्यूज रिपोर्ट का प्रसारण करते हुए पश्चिमी मित्र राष्ट्रों के साथ हिमलर के वार्ता के प्रयास के बारे में खबर दी। जब हिटलर को इस समाचार के बारे में बताया गया तो वह ग़ुस्से से आगबबूला हो गये। कुछ दिन पहले, हरमन गोरिंग ने राइख का नेतृत्व संभालने के लिए हिटलर से अनुमति चाही थी - बोरमैन के भड़काने पर हिटलर ने उनके इस आग्रह की व्याख्या इस तरह की जैसे कि उन्हें कुर्सी से उतर जाने या फिर तख्तापलट की धमकी दी जा रही है। हालांकि, हिमलर ने अनुमति के लिए अनुरोध करने की भी परवाह नहीं की। इस खबर से हिटलर को जोरों का झटका इसलिए भी लगा क्योंकि वे जोसेफ गोएबल्स के बाद हिमलर को अपना दूसरा सबसे बड़ा वफादार मानते थे; दरअसल, हिटलर अक्सर ही हिमलर को "डेर त्रु हेनरिख" (der treue हेनरिक) (वफादार हेनरिक) कहा करते थे। शांत हो जाने के बाद हिटलर ने अपने साथ बंकर में तब भी मौजूद लोगों से कहा कि उनकी जानकारी में हिमलर का यह कृत्य विश्वासघात का सबसे खराब उदाहरण है। हिमलर के विश्वासघात के अलावा इस खबर से कि सोवियत सेना चान्सलरी से मात्र 300 मीटर (कोई एक ब्लॉक) की दूरी पर है, ने हिटलर को अपनी आखिरी इच्छा और वसीयतनामा लिखने के लिए बाध्य कर दिया। आत्महत्या करने से पहले के दिन पूरा कर लिए वसीयतनामे में उन्होंने हिमलर और गोरिंग को गद्दार घोषित किया। उन्होंने ने हिमलर को उनके सभी पार्टी और सरकारी पदों से हटा दिया: उन्हें राइखफ्यूहरर-एसएस, जर्मन पुलिस के प्रमुख, जर्मन नेशनहुड के आयुक्त, राइख के आंतरिक मंत्री, वोल्क्सस्ट्रम के सुप्रीम कमांडर और होम आर्मी के सुप्रीम कमांडर पदों से हटा दिया गया। अंत में, उन्होंने हिमलर को नाज़ी पार्टी से निष्कासित करते हुए उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया। काउंट बर्नाडोट के साथ हिमलर की वार्ता विफल रही। इसके बाद उन्होंने ग्रांड एडमिरल कार्ल डोनित्ज़ की शरण ली, वे तब पिओन के पास पश्चिमी मोर्चे पर उत्तरी हिस्से के सभी जर्मन सेना का नेतृत्व कर रहे थे। डोनित्ज़ ने हिमलर को वापस कर दिया, यह कहते हुए कि नयी जर्मन सरकार में उनके लिए कोई जगह नहीं है। हालांकि, बातचीत से बाक़ी बचे यातना शिविरों से कोई 15,000 स्कैंडेवियाई कैदियों की रिहाई संभव हो पायी. इसके बाद हिमलर ने एक दलबदलू की तरह अमेरिकियों से संपर्क साधा, आइजनहावर के मुख्यालय से संपर्क करके उन्होंने पूरी जर्मनी के मित्र राष्ट्रों के समक्ष समर्पण करने का दावा करते हुए अपने को बख्श दिए जाने की शर्त रखी. उन्होंने आइजनहावर से कहा कि उन्हें युद्धोपरांत जर्मनी सरकार का "पुलिस मंत्री" बना दिया जाय. वे सुप्रीम हेडक्वार्टर्स एलायड फ़ोर्स (SHAEF) के कमांडर के साथ किस तरह पहली बैठक करेंगे और उन्हें नाज़ी सलाम करेंगे या उनसे हाथ मिलायेंगे, इस पर उन्होंने कथित तौर पर विचार करना शुरू कर दिया था। आइलान्हावर ने हिमलर से किसी प्रकार के समझौते से इंकार कर दिया और साथ ही उन्हें एक बड़ा युद्ध अपराधी घोषित कर दिया गया। गिरफ्तारी और मौत right|thumb|1945 के दौरान जहर द्वारा अपने आत्महत्या के बाद हिमलर को हिरासत में रखा गया right|thumb|लंदन में इंपीरियल युद्ध संग्रहालय में हिमलर के मौत के प्रदर्शन पर मुखौटा अपने पूर्व सहयोगियों द्वारा अवांक्षित और मित्र राष्ट्रों द्वारा की जा रही तलाश के कारण हिमलर अनेक दिनों तक डैनिश सीमा के पास फ्लेनबर्ग के आसपास भटकते रहे। गिरफ्तारी से बचने के लिए, उन्होंने खुफिया सैन्य पुलिस के सार्जेंट-मेजर का वेश धारण किया, अपना नाम हेनरिख हितजिंगर रखा, अपनी मूंछ काट ली और अपनी बायीं आंख पर एक पट्टी लगा ली,हेनरिक हिमलर - जौच्किम सी फेस्ट द्वारा पेटी बौर्गेओइस और ग्रैंड इनक्विसिटर इस उम्मीद में कि वे बवेरिया वापस जा पायेंगे. उन्होंने अपने लिए जाली दस्तावेजों का पूरा एक सेट बना रखा था, लेकिन किसीके पास के कागजात इतने क्रम से होने को असामान्य समझा गया और ब्रेमेन स्थित ब्रिटिश आर्मी यूनिट को शक हुआ। 22 मई को मेजर सिडनी एक्सेल ने गिरफ्तार किया और हिरासत में उन्हें जल्द ही पहचान लिया गया। अन्य जर्मन नेताओं के साथ हिमलर पर भी एक युद्ध अपराधी की हैसियत से न्यूरेमबर्ग में मुकदमा चलाया जाना था, लेकिन 23 मईhttp://www.fpp.co.uk/Himmler/Panton/Man0554.html संग्रहीत प्रति 4 अगस्त 2010 https://web.archive.org/web/20100802204028/http://www.fpp.co.uk/Himmler/Panton/Man0554.html 2 अगस्त 2010 live को पूछताछ शुरू होने से पहले ही पोटाशियम सायनायड कैप्सूल खाकर उन्होंने लुनेबर्ग में आत्महत्या कर ली। उनके अंतिम शब्द थे इच बिन हेनरिख हिमलर! ("मैं हेनरिक हिमलर हूं"). एक और वक्तव्य यह है कि एक ब्रिटिश डॉक्टर जब खोज कर रहा था, तब अपने दांतों में छिपाकर रखी सायनायड गोली को हिमलर ने चबा लिया था, इस पर डॉक्टर ने चीख कर कहा था, "इसने अपना काम कर लिया!" हिमलर को बचाने के कई प्रयास विफल रहे। "हेनरिक हिमलर": रोजर मानवेल और हेनरिक फ्रएंकेल शीघ्र ही बाद में, लुनेबर्ग हीथ में एक अचिह्नित कब्र में हिमलर का शव दफना दिया गया। हिमलर की कब्र का सटीक स्थान अज्ञात है। जालसाजी, झूठ और षड्यंत्र की परिकल्पना मई 2008 को, एक ब्रिटिश पुलिस जांच ने "29 जालसाजियों की पहचान की जो 2000 के बाद 12 फाइलों में गुम थी"[ UK police find Himmler/Churchill archive forgeries http://www.reuters.com/article/lifestyleMolt/idUSL0342892320080503?sp=true https://web.archive.org/web/20090616185552/http://www.reuters.com/article/lifestyleMolt/idUSL0342892320080503?sp=true 16 जून 2009 ], जिनका इस्तेमाल हाल में हिमलर के षड्यंत्रों और अनुमानों को साबित करने में किया गया। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट आगे कहती है "द्वितीय विश्वयुद्ध पर तीन पुस्तक लिखने वाले एक इतिहासकार द्वारा जालसाजियों को स्रोतों के रूप में उल्लेख किया गया है." लेखक मार्टिन एलन का व्यापक रूप से सनसनीखेज आरोप लगाने का इतिहास है, जो अन्य उल्लेखनीय नाजियों पर लिखते समय मनगढ़ंत सामग्री पर निर्भर रहे हैं। "जब हिटलर को ड्युक ऑफ़ विंडसर के दिए पत्र के बारे में उन्हें चुनौती दी गयी तो एलेन ने जवाब में कहा कि यह उनके स्वर्गीय पिता को अल्बर्ट स्पीयर द्वारा दिया गया था, जो बाद में लेखक की अटारी में मिला.ऐतिहासिक जालसाजी और धोखाधड़ी ऐतिहासिक विचार इतिहासकार हिमलर को संचालित करनेवाले मनोविज्ञान, इरादों और प्रभावों के बारे में विभाजित हैं . कुछ का मानना है कि उन पर हिटलर हावी थे, वे पूरी तरह से उनके प्रभाव में थे और हिटलर के विचारों को उनके तार्किक अंत तक ले जाने के एक उपकरण थे. दूसरों की राय में हिमलर अपने तईं एक उग्र यहूदी-विरोधी थे और नरसंहार चलाने के मामले में अपने नेता से कहीं अधिक उत्सुक थे. जबकि अन्य लोगों का मानना है कि हिमलर सतालोभी थे, जो अपनी शक्ति और प्रभाव बढाने में जुटे रहे.जून 2010 रॉबर्ट एस विस्टरिक के अनुसार, हिमलर की निर्णायक नवरचना यह थी कि उन्होंने नस्लीय जैसे प्रश्न का रूपांतर "यहूदी-विरोध पर आधारित एक नकारात्मक विचार" से "एसएस के निर्माण के लिए एक संगठनात्मक कार्य में" कर दिया। .. यह हिमलर का ही कमाल था कि किसी पाप बोध और जिम्मेदारी के बिना ही वे एसएस के दिमाग में सर्वनाशी "आदर्शवाद" भरने में कामयाब रहे, जिसने नरसंहार और किसीके प्रति कठोरता को एक शहादतकी तरह युक्तिसंगत बनाया। रॉबर्ट एस. विस्त्रीच, नाज़ी जर्मनी में कौन था, रोउटलेड्ज १९९७. युद्धकालीन कार्टूनिस्ट विक्टर वेइस्ज़ ने हिमलर को एक विशाल ऑक्टोपस के रूप में दर्शाया, जो पीड़ित राष्ट्रों को अपनी आठों भुजाओं में जकड़ा हुआ है। हेनरिक हिमलर: नाज़ी जर्मनी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कली के इतिहासकार वोल्फगैंग सौएर ने महसूस किया कि "हालांकि वे पंडिताऊ, कट्टर और सुस्त किस्म के थे, फिर भी असली सत्ता में हिमलर हिटलर के बाद दूसरे नंबर पर जा पहुंचे. असामान्य धूर्तता, धधकती हुई महत्वाकांक्षा और हिटलर के प्रति जीहुजूरिया वफादारी का संयोजन में उनकी शक्ति निहित थी."जीआई - द्वितीय विश्व युद्ध के स्मरणोत्सव हिमलर ने अपने निजी मालिशिया फेलिक्स कर्स्टन से कहा था कि वे हरदम अपने साथ भगवद गीता की एक प्रति रखा करते हैं, ताकि इससे उन्हें अंतिम समाधान को लागू करने में पाप का बोध न हो; वे महसूस किया करते थे कि अपने कार्यों के प्रति कोई लगाव रखे बिना योद्धा अर्जुन की तरह वे भी सिर्फ अपना कर्तव्य किये जा रहे हैं। पैडफिल्ड, पीटर हिमलर न्यू यॉर्क: 1990, हेनरी होल्ट, पृष्ठ 402; रोजर मानवेल, हेनरिक फ्रएंकेल, हिमलर, पुतनाम, 1965, पृष्ठ 181; टेड मॉर्गन, एन अनसर्टेन हॉर: द फ्रेंच, द जर्मंस, द जियुस, द क्लॉस ब्राइब ट्रैयल और द सिटी ऑफ़ लियोन, 1940-1945 और्बोर हाउस, 1990, पृष्ठ 372 हिमलर के विचार संभवतः गीता की अपनी व्याख्या से व्युत्पन्न जैकोब विहेल्म हौएर के विचारों से प्रभावित थी। कार्ला ओ. पोएवे, न्यू रिलीजियंस एण्ड द नाज़िस, रोउटलेड्ज, 2006, पृष्ठ 31 नोर्मन ब्रुक की पुस्तक वार कैबिनेट डायरीज के एक उद्धरण में,समाचार | दुनिया से कैबिनेट सचिवों की दो युद्ध नोटबुक www.nationalarchives.gov.uk विंस्टन चर्चिल ने युद्ध के दौरान हिमलर की व्यापक हिस्सेदारी को देखते हुए उनकी हत्या करने की सलाह दी। ब्रूक के अनुसार, नाज़ी नेताओं को प्राणदंड दिए जाने की एक सलाह की प्रतिक्रिया में, "चर्चिल ने पूछा कि क्या उन्हें हिमलर से बातें करनी चाहिए और बाद में उन्हें धक्का मार दिया जाय, एक बार शांति शर्तें पूरी हो जाने के बाद. हिमलर के साथ जर्मन समर्पण की वार्ता करने और बाद में उनकी हत्या कर डालने की सलाह को गृह कार्यालय का समर्थन प्राप्त हुआ. 'सुझाव हिमलर के साथ जर्मन आत्मसमर्पण एक सौदे के लिए कटौती करने के लिए और फिर उसे हत्या Office Home से मुलाकात के साथ समर्थन करते हैं. 'ऐसा करने का पूरा हकदार है', बैठक की लिखित विवरणी में [... चर्चिल] की टिप्पणी दर्ज है."डोवार्ड, जॅमी. 1676129,00.html "हिटलर परीक्षण के बिना मर जाना चाहिए - चर्चिल."सितंबर 2021 InternetArchiveBot द ऑब्ज़र्वर 1 जनवरी 2006. हाल के एक कार्य का मुख्य मुद्दा यह है कि जिसके लिए वे प्रतिस्पर्धा करते रहे और हिटलर का ध्यान खींचने तथा सम्मान पाने के लिए हिमलर किस हद तक गये। युद्ध के अंतिम दिनों की घटनाएं, जब उन्होंने हिटलर को छोड़ दिया और मित्र राष्ट्रों के साथ अलग से वार्ता शुरू की, इस संबंध में स्पष्टतः महत्वपूर्ण हैं। वे मित्र राष्ट्रों द्वारा किस तरह देखे जाते हैं, इस बारे में लगता है कि हिमलर के विरूपित विचार थे; वे इस बात की आशा लगाये हुए थे कि वे अमेरिकी और ब्रिटिश नेताओं से मिलेंगे और उनके साथ एक "सज्जन की तरह" बातें करेंगे। अंतिम क्षणों में अपने विरुद्ध उनके प्रतिशोध की भावना को समाप्त करने की चेष्टा में उन्होंने यहूदियों और महत्वपूर्ण कैदियों के दंड स्थगित रखे. उन्हें गिरफ्तार करने वाले ब्रिटिश सैनिकों के अनुसार, हिमलर इस बात पर सही मायने में हैरान थे कि उनके साथ कैदियों जैसा व्यवहार किया जायेगा. 2008 में, जर्मन समाचार पत्रिका डेर स्पिगेल द्वारा हिमलर को "सर्वकालिक सबसे बड़ा नरसंहारक" करार दिया गया, इससे विध्वंस के वास्तुकार के रूप में उनकी भूमिका प्रतिबिंबित होती है। स्रोत: डेर स्पिएगेल, अंक दिनांक 3 नवम्बर 2008: हिटलर वॉलस्ट्रेकर - Aus dem Leben eines Massenmörders जबकि आधुनिक जर्मनी में उनकी सतत सार्वजनिक अभिज्ञता प्रतिबिंबित हो रही है, लेकिन डेमोसाइड (सरकारी नरसंहार) पर सांख्यिकीय शोध दर्शाते हैं कि ये दावे बहुत ही अधिक अतिरंजक हैं, यहां तक कि जब उनकी निजी जिम्मेवारी को हिटलर और उनके अन्य सहायकों के साथ सामूहिक रूप से माना जाता है। रुमेल, आर.जे. "डेमोसाइड के सांख्यिकी: "नरसंहार और 1900 के बाद सामूहिक हत्या". चारलोटटेस्विले: राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के लिए केंद्र, कानून के एक स्कूल, वर्जीनिया के विश्वविद्यालय, 1997. <http://www.mega.nu/ampp/rummel/note5.htm https://web.archive.org/web/20110516104152/http://www.mega.nu/ampp/rummel/note5.htm 16 मई 2011 > एसएस कैरियर का सार एसएस संख्या: 168 नाज़ी पार्टी संख्या: 14303 प्राथमिक स्थिति: राइखफ्युहरर-एसएस अंड चेफ डेर द्वेशचें पोलिज़ी (Reichsführer-SS und Chef der Deutschen Polizei) पिछले एसएस-पद: एसएस नेता (1925), एसएस-जिला नेता (1926), उप-राइखफ्यूहरर (Reichsführer) (1927) वाफ्फेन-एसएस सेवा: अभाव में राइखफ्यूहरर-एसएस का सुप्रीम कमांडर. परिचालन अधिकार का कम प्रयोग. राजनीतिक स्थितियां: राइख्सलेइटर डेर (Reichsleiter der) NSDAP उच्च पदों की तिथियां एसएस फ्यूहरर (Führer): 1925 एसएस-ओबेरफ्यूहरर (Oberführer): 1927 एसएस-गृप्पेंफ्यूहरर (Gruppenführer): 1930 एसएस-ओबेरग्रुप्पेंफ्यूहरर (Obergruppenführer): 1933 राइख्सफ्यूहरर (Reichsführer)-एसएस: जून, 1934 1929 के बाद से ही हिमलर केवल राइख्सफ्यूहरर के अपने खिताब से खुद का उल्लेख किया करते थे; जो कि 1934 तक उनका असली पद नहीं था. पुरस्कार एसएस के प्रमुख के रूप में, हिमलर में ऎसी अद्वितीय क्षमता थी कि वे अनेक नाज़ी सेना, नागरिक और राजनीतिक पदकों से "खुद को पुरस्कृत" करने की स्थिति में थे। हालांकि, हिमलर के आधिकारिक पुरस्कार और अलंकरण उन्हें मुख्यतः सेवा पदकों और योग्यता बिल्लों के योग्य बनाते थे, यह जाहिरा तौर पर योजना के तहत किया गया। हेनरिक हिमलर के एसएस सर्विस रिकॉर्ड; संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रीय अभिलेखागार, कॉलेज पार्क, मैरीलैंड कई शीर्ष नाज़ी नेताओं (उनमें हिटलर भी रहे) की तरह हिमलर खुद के लिए भव्य पुरस्कार और अलंकरणों की जरुरत महसूस नहीं करते थे, बल्कि इन उपाधियों को आंदोलन के कनिष्ठ सदस्यों के लिए बचाकर रखते, जो ऐसे पुरस्कारों को एक प्रेरणा के रूप में देखा करते थे। इस उद्देश्य के लिए, हिमलर को आयरन क्रॉस और यहां तक कि वार मेरिट क्रॉस से भी नहीं नवाजा गया, जबकि एसएस तथा पुलिस प्रमुख के रूप में उनके कामों के लिए उन्हें लगभग निश्चित तौर पर दिया जाना था। "हेनरिक हिमलर: हिटलर के फोटोग्राफिक क्रॉनिकल मार्टिन रेइच्फुह्रार-एसएस", मार्टिन मैनसन, स्चिफर मिलिट्री हिस्ट्री, 2001 हिमलर के अधिकृत अलंकार निम्नलिखित हैं: ब्लड ऑर्डर गोल्डन नाज़ी पार्टी बिल्ला गोल्डन हिटलर युवा बिल्ला संयुक्त पायलट-निरीक्षण बिल्ला (सोने में हीरा जड़ित) ओलिंपिक खेल विभूषण (प्रथम श्रेणी) नाज़ी पार्टी जनरल गऊ बिल्ला 1929 का नुरेम्बर्ग पार्टी दिवस बिल्ला एसएस लांग सर्विस अवार्ड (12 वर्ष की सेवा) NSDAP लांग सर्विस अवार्ड (15 वर्ष की सेवा) अन्सच्लुस (Anschluss) पदक सुड़ेटेनलैंड पदक (w/प्राग कैसल बार) मेमेल पदक वेस्ट वाल पदक (1944) एसएस ऑनर रिंग एसएस ऑनर स्वोर्ड एसए खेल बिल्ला (कांस्य में) ऑनर शेव्रन फॉर द ओल्ड गार्ड जर्मनी के मित्रों की ओर से हिमलर को बहुत सारे विदेशी पुरस्कार भी मिले, इनमें सबसे उल्लेखनीय हैं रोमानिया और इटली की ओर से हिमलर को दिए गये उच्च रैंकिंग सम्मान. हिमलर को अनेक जर्मन राज्य अलंकरणों से सुसज्जित किया गया, इनमें सबसे महत्वपूर्ण है बवेरिया से प्राप्त सम्मान, जहां वे पहले पुलिस अध्यक्ष के रूप में काम कर चुके थे। हिमलर कभी-कभार ही इन अतिरिक्त पदकों को धारण किया करते थे, सिर्फ उन औपचारिक सरकारी समारोहों को छोड़कर जहां पूरी वर्दी में इन सबका होना जरुरी होता। अन्य सेवा ऑफिसर कैडेट (11वीं बावेरियन इंफेंटरी रेजिमेंट): 1918 होम आर्मी प्रमुख: 1944 वोल्कस्ट्रम (Volksturm) के सुप्रीम कमांडर: 1945 इन्हें भी देखें नाज़ी रहस्यवाद अह्नेनेर्बे - नाज़ी मानवविज्ञानी, कुछ जिनमें से तिब्बत के लिए चले गए थे। हिमलर द्वारा की गई स्थापना. नाज़ी जर्मनी की शब्दावली नाज़ी पार्टी के नेताओं और अधिकारियों की सूची एसएस कर्मियों की सूची एसएस जुलेऊटर - एसएस के लिए हिमलर यूलटाइड उपहार नाज़ी जर्मनी के नस्ली नीति - हिमलर के भागीदारी अल्लाच चीनी मिट्टी के बरतन -एक संस्कृति युरोपीय के सही मायने में, हिमलर की आंखो से उसका एक पसंदीदा परियोजना जो एक औद्योगिक स्थापना के लिए कला के आधार उत्पादन के लिए काम करता है लेबेंसबॉर्न - गोरा बालों नीली आंखों वाले बच्चो को बढ़ाने के लिए हिमलर की जिम्मेदारी के तहत परियोजना सन्दर्भ नोट्स 2 ग्रंथ सूची harv Breitman Richard Himmler and the Final Solution: The Architect of Genocide https://archive.org/details/architectofgenoc0000brei Pimlico, Random House, London 2004 1-84413-089-4 हैगर: अर्नस्ट: द जर्नल ऑफ़ इंटेलिजेंस हिस्ट्री में "फिकशंस, फैक्ट्स और फॉरगेरिज़: द 'रेवलेशंस' ऑफ़ पीटर एंड मार्टिन एलेन अबाउट द हिस्ट्री ऑफ़ द सेकेण्ड वर्ल्ड वॉर", अंक 6 नं. 1 (ग्रीष्मकालीन 2006 प्रकाशित [2007]), पीपी 105-117. harv Hale Christopher Himmler's Crusade: The true story of the 1938 Nazi expedition into Tibet Transworld Publishers, London 2003 0-593-04952-7 (जर्मन में - हेनरिक हिमलर लेखक की ग्रैंडअंकल थे) harv Heinz Höhne Heinz Höhne The Order of the Death's Head: The Story of Hitler's SS https://archive.org/details/orderofdeathshea0000hohn Penguin Classic 2000 0141390123 Translated from German by Richard Barry harv Heinz Höhne Heinz Höhne The Order of the Death's Head: The Story of Hitler's SS https://archive.org/details/orderofdeathshea0000hohn_w9z9 London: Pan Books Ltd 1972 0-330-02963-0 harv Death Dealer: The Memoirs of the SS Kommandant at Auschwitz Höss, Rudolf. Paskuly, Steven. Levi, Primo. Translated by Andrew Pollinger Da Capo Press 1996 0306806983 registration https://archive.org/details/deathdealermemoi00hoss harv Lumsden Robin 2001 A Collector's Guide To: The Allgemeine — SS Ian Allan Publishing, Inc. 0-7110-2905-9 harv Padfield Peter Himmler. Reichsführer-SS https://archive.org/details/himmlerreichsfuh0000padf_s1k9 Cassel & Co, London 2001 0-304-35839-8 harv Pringle Heather The Master Plan: Himmler's Scholars and the Holocaust Hyperion, New York 2006 0786868864 registration https://archive.org/details/masterplanhimmle00prin harv Reitlinger Gerald The SS: Alibi of a Nation 1922-1945 https://archive.org/details/ssalibiofnation00gera 1956 harv Russell Stuart La fortezza di Heinrich Himmler — Il centro ideologico di Weltanschauung delle SS — Cronaca per immagini della scuola-SS Haus Wewelsburg 1934-1945 Heinrich Himmlers Burg — Das Weltanschauliche Zentrum Der SS — Bildchronick der SS-Schule Haus Wewelsburg 1934-1945 Editrice Thule Italia Roma 2007 9788890278105 harv Thomas Hugh W., M.D. Strange Death of Heinrich Himmler: A Forensic Investigation harv Williams Max 2003 Reinhard Heydrich: The Biography: Volumes 1 Ulric Publishing 0-9537577-5-7 बाहरी कड़ियाँ Heinrich Himmler हिमलर के भाषणों की सूची अमेरिका के राष्ट्रीय अभिलेखागार में और सामग्री सूत्रों का कहना है एक भाषण सहित ऑनलाइन हिमलर बहुत विस्तृत सूची है। अभिलेखागार में अनुच्छेद संख्या पेशेवर विद्वानों के लिए सूचीबद्ध हैं। एनएनडिबी (NNDB) पर हेनरिक हिमलर हिमलर द्वारा एक निबंध Die Schutzstaffel als antibolschewistische Kampforganisation Reichsführer-एसएस हेनरिक हिमलर डेर फह्रेर एडॉल्फ हिटलर Erhard Heiden Reichsführer-SS 1929–1945 Karl Hanke Wilhelm Frick Interior Minister of Germany 1943–1945 Wilhelm Stuckart None None Commander of Army Group Upper Rhine 10 दिसम्बर 1944-24 जनवरी 1945 None Generaloberst Gotthard Heinrici(20 मार्च) Commander of Army Group Vistula 25 जनवरी 1945-13 मार्च 1945 Joseph Stalin Cover of Time Magazine 12 फ़रवरी 1945 William Hood Simpson श्रेणी:1900 में जन्में लोग श्रेणी:1945 में मौतें श्रेणी:सामीवाद-विरोधी श्रेणी:बीयर हॉल क्रान्ति श्रेणी:माल के लिए रक्त श्रेणी:जर्मन विरोधी कम्युनिस्टों श्रेणी:जर्मन सैन्य नेताएं श्रेणी:प्रलय अपराधियां श्रेणी:जर्मन सैन्य कर्मियों जिन्होनें आत्महत्या की श्रेणी:नाज़ी जर्मनी मंत्रियों श्रेणी:नाज़ी रहस्यवाद श्रेणी:नाजियों जिन्होनें आत्महत्या की श्रेणी:म्यूनिख के लोग श्रेणी:बावरिया के राज्य के लोग श्रेणी:हिरासत के जेल में जिन्होनें आत्महत्या की श्रेणी:जर्मन राजनीतिज्ञों जिन्होंने आत्महत्या की श्रेणी:एस एस जनरल श्रेणी:जहर द्वारा आत्महत्याएं श्रेणी:द्वितीय विश्व युद्ध के राजनीतिक नेताएं श्रेणी:जर्मन लोग जिनकी जेल के हिरासत में मृत्यु हो गई श्रेणी:क्षेत्रिकीविज्ञ श्रेणी:थुल सोसायटी के सदस्य श्रेणी:गूगल परियोजना