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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

फ़िल्मी भक्ति गीत

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फ़िल्मी भक्तिगीत (या फ़िल्मी भजन) वे भक्तिपूर्ण गीत हैं जो हिन्दी चलचित्रों में प्रयुक्त होते हैं, अथवा ऐसे हिन्दी गीत जो किसी लोकप्रिय फ़िल्मी गीत की धुन पर आधारित होते हैं। यद्यपि अधिकांश गीत हिन्दू धर्म से सम्बद्ध होते हैं, अनेक गीत सार्वभौमिक भावनाओं को व्यक्त करते हैं, जो अन्य धर्मों के अनुयायियों को भी ग्राह्य हो सकते हैं। चयनित लोकप्रिय फ़िल्मी भजन यद्यपि चलचित्रों को प्रायः भोगवादी समझा जाता है, इनमें कुछ गीत अत्यन्त सूक्ष्म आध्यात्मिक भावों से युक्त होते हैं। नीचे कुछ उदाहरण प्रस्तुत हैं। केवल गीतांश ही उद्धृत किया गया है। मन तड़पत हरि दरशन को आज चलचित्र: बैजू बावरा (१९५२ ई॰ / विक्रम संवत् २००९) Man Tadapat Hari Darshan Ko Aaj, YouTube संगीत: नौशाद गीतकार: शकील बदायूँनी मन तड़पत हरि दरशन को आज, मोरे तुम बिन बिगड़े सकल काज आ, बिनती करत हूँ, रखियो लाज तुम्हरे द्वार का मैं हूँ जोगी, हमरी ओर नज़र कब होगी सुन मोरे व्याकुल मन का बाज अनुवाद: हे प्रभो! मैं आपके दर्शन के लिए व्याकुल हूँ। आपकी कृपा के बिना मेरे सभी कार्य विफल हैं। मैं आपकी शरण में आया योगी हूँ, मेरी ओर दृष्टि कब पड़ेगी? मेरे व्याकुल हृदय की पुकार सुनिए। टिप्पणी: “हरि” शब्द विशेषतः भगवान विष्णु के लिए प्रयुक्त होता है। सिख परम्परा में यह शब्द निर्गुण परब्रह्म के लिए भी प्रयुक्त होता है। तू प्यार का सागर है चलचित्र: सीमा (१९५५ ई॰ / वि॰सं॰ २०१२) समर्पित: देवी अम्बा कोTu Pyar Ka Sagar Hai, Youtube तू प्यार का सागर है, तेरी इक बूँद के प्यासे हम लौटा जो दिया तुमने, चले जायेंगे जहाँ से हम घायल मन का, पागल पंछी उड़ने को बेक़रार पंख हैं कोमल, आँख है धुँधली, जाना है सागर पार अब तू हि इसे समझा, राह भूले थे कहान से हम अनुवाद: आप प्रेम के सागर हैं, हम केवल एक बूँद के प्यासे हैं। यदि आपने हमें लौटा दिया, तो हम इस संसार से चले जायेंगे। घायल मन का पंछी सागर पार उड़ना चाहता है। हे माँ! अब आप ही इसे मार्ग दिखाइए। ऐ मालिक तेरे बंदे हम चलचित्र: दो आँखें बारह हाथ (१९५७ ई॰ / वि॰सं॰ २०१४) संगीत: वसन्त देसाई गीतकार: भरत व्यास ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हो हमारे करम नेकी पर चलें, और बदी से टलें ताकि हँसते हुए निकले दम जब ज़ुल्मों का हो सामना, तब तू ही हमें थामना अनुवाद: हे प्रभु! हम आपके सेवक हैं। हमारे कर्म ऐसे हों कि हम सदा धर्म के पथ पर चलें। अन्त समय में मुस्कान के साथ प्रस्थान करें। जब अत्याचार हो, तब आप ही हमारा संबल बनें। “मालिक” शब्द बहुधा विभिन्न धर्मों में ईश्वर के लिए प्रयुक्त होता है।Ae Malik Tere Bande Ham, Youtube ज्योत से ज्योत जगाते चलो चलचित्र: सन्त ज्ञानेश्वर (१९६४ ई॰ / वि॰सं॰ २०२१) गीतकार: भरत व्यास ज्योत से ज्योत जगाते चलो, प्रेम की गंगा बहाते चलो राह में आए जो दीन-दुखी, सबको गले से लगाते चलो जिसका न कोई संगी साथी, ईश्वर है रखवाला जो निर्धन है, जो निर्बल है, वह है प्रभु का प्यारा प्यार के मोती लुटाते चलो अनुवाद: एक दीप से दूसरा दीप प्रज्वलित करो, प्रेम की गंगा प्रवाहित करो। जो भी दुःखी मिले, उसे आलिंगन दो। जिसका कोई नहीं, उसका ईश्वर है। निर्धन और निर्बल जन प्रभु के प्रिय हैं। प्रेम के मोती बाँटते चलो। तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो चलचित्र: मैं चुप रहूँगी (१९६२ ई॰ / वि॰सं॰ २०१९) गीतकार: राजेन्द्र कृष्ण संगीत: चित्रगुप्त आधार: विश्वनाथ सुप्रभातम् का श्लोक त्वमेव माता च पिता त्वमेव... गीतांश: तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो तुम्ही हो बंधु, सखा तुम्ही हो तुम्ही हो साथी, तुम्ही सहारे कोई न अपना सिवा तुम्हारे तुम्ही हो नैय्या, तुम्ही खेवैय्या अनुवाद: आप ही मेरी माता-पिता हैं, बंधु और सखा भी आप ही हैं। आप ही मेरे साथी और सहारा हैं, आपके अतिरिक्त मेरा कोई नहीं। आप ही मेरी नैया और नाविक हैं। इतनी शक्ति हमें देना दाता चलचित्र: अंकुश (१९८६ ई॰ / वि॰सं॰ २०४३) गीतकार: अभिलाषhttps://timesofindia.indiatimes.com/city/mumbai/lyricist-abhilash-passes-on-after-battling-cancer/articleshow/78377709.cms Lyricist Abhilash passes on after battling cancer 2020-09-29 The Times of India 2025-01-30 0971-8257 इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमज़ोर हो न हम चलें नेक रस्ते पे, हमसे भूल कर भी कोई भूल हो न हर तरफ़ ज़ुल्म है, बेबसी है, सहमा-सहमा-सा हर आदमी है पाप का बोझ बढ़ता ही जाये, जाने कैसे ये धरती थमी है बोझ ममता का तू ये उठा ले, तेरी रचना का ये अन्त हो न अनुवाद: हे दाता! हमें इतनी शक्ति दीजिए कि हमारा विश्वास कभी डगमगाए नहीं। हम सदा धर्ममार्ग पर चलें, और अनजाने में भी कोई भूल न हो। चारों ओर अत्याचार और असहायता है, हर व्यक्ति भयभीत है। पाप का भार बढ़ता जा रहा है, यह पृथ्वी कैसे सहन कर रही है? हे सृष्टिकर्ता! इस ममता के बोझ को उठाइए, आपकी रचना का अन्त न हो। सम्बन्धित विषय बॉलीवुड के गाने भजन ओम जय जगदीश हरे सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ भक्ति संगीत