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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

नाज़ी पुस्तक जलाना

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thumb|बर्लिन में किताबों को जलाना, 10 मई 1933 नाज़ी पुस्तक जलाना, 1933 में नाज़ी जर्मनी में चलाया गया एक व्यापक सांस्कृतिक सेंसरशिप और वैचारिक शुद्धिकरण का अभियान था। एडॉल्फ हिटलर के चांसलर बनने के कुछ ही महीनों बाद, यह अभियान मुख्य रूप से 'जर्मन छात्र संघ' और नाज़ी पार्टी द्वारा "गैर-जर्मन भावना के खिलाफ कार्रवाई" के तहत चलाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य जर्मन संस्कृति और साहित्य से उन सभी विचारों को मिटाना था जिन्हें नाज़ी विचारधारा के खिलाफ माना जाता था।https://encyclopedia.ushmm.org/content/en/article/book-burning Book Burning Holocaust Encyclopedia - United States Holocaust Memorial Museum इस अभियान का सबसे भयावह दृश्य 10 मई 1933 की रात को देखने को मिला। जोसेफ गोएबल्स के प्रचार मंत्रालय के भारी समर्थन के साथ, बर्लिन के ओपेरनप्लात्ज़ (अब बेबेलप्लात्ज़) सहित जर्मनी के 34 से अधिक विश्वविद्यालय शहरों में हज़ारों छात्रों, प्रोफेसरों और नाज़ी अधिकारियों ने मशाल जुलूस निकाले। उन्होंने पुस्तकालयों और किताबों की दुकानों से लूटी गई हज़ारों पुस्तकों को विशाल अलाव में फेंक कर सार्वजनिक रूप से जला दिया।https://www.history.com/this-day-in-history/nazis-burn-books-in-germany Nazis burn books in Germany HISTORY thumb इस विनाशकारी कृत्य का मुख्य निशाना वे लेखक थे जो यहूदी, मार्क्सवादी, समाजवादी, शांतिवादी या नाज़ी शासन के आलोचक थे। जलाई गई किताबों में कार्ल मार्क्स, अल्बर्ट आइंस्टीन, सिगमंड फ्रायड, थॉमस मान, फ्रांज काफ्का, और हेलेन केलर जैसे विश्व प्रसिद्ध विचारकों और वैज्ञानिकों की कृतियां शामिल थीं। इस घटना के दौरान 19वीं सदी के प्रसिद्ध जर्मन-यहूदी कवि हेनरिक हेन की किताबें भी जलाई गईं, जिन्होंने 1821 में ही एक डरावनी भविष्यवाणी की थी: "जहां वे किताबें जलाते हैं, वहां अंततः वे इंसानों को भी जलाएंगे"।https://www.pbs.org/wgbh/americanexperience/features/goebbels-burnings/ The 1933 Book Burnings PBS - American Experience यह घटना महज़ कागज़ों और किताबों का विनाश नहीं थी, बल्कि यह नाज़ी जर्मनी में राज्य द्वारा समर्थित बौद्धिक आतंक की स्पष्ट शुरुआत थी। इसके तुरंत बाद पूरे देश में कड़े सेंसरशिप कानून लागू कर दिए गए। शिक्षा और साहित्य के इस दमन ने कई प्रतिभाशाली लेखकों, वैज्ञानिकों और बुद्धिजीवियों को देश छोड़कर भागने पर मजबूर कर दिया और अंततः इसने उस नफरत की नींव तैयार की जिसकी परिणति 'होलोकॉस्ट' के रूप में हुई। सन्दर्भ 29em बाहरी कड़ियाँ संयुक्त राज्य होलोकॉस्ट मेमोरियल संग्रहालय (USHMM) पर नाज़ी पुस्तक दहन का इतिहास हिस्ट्री.कॉम (History.com) पर 10 मई 1933 की ऐतिहासिक घटना पीबीएस (PBS) पर नाज़ी सेंसरशिप और 1933 की पुस्तक दहन का विश्लेषण श्रेणी:नाज़ी जर्मनी श्रेणी:जर्मनी का इतिहास श्रेणी:यूरोप का इतिहास