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लेनिनग्राद कोडेक्स
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लेनिनग्राद कोडेक्स (Leningrad Codex), इब्रानी भाषा में लिखी गई संपूर्ण इब्रानी बाइबिल (तनाख) की दुनिया की सबसे पुरानी पूर्ण पांडुलिपि है, जो आज तक सुरक्षित है। इसका निर्माण 1008 या 1009 ईस्वी में काहिरा (मिस्र) में किया गया था। यह पांडुलिपि 'मासोरेटिक पाठ' की तिबेरियन परंपरा का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है। आधुनिक काल में यह पांडुलिपि यहूदी और ईसाई दोनों धर्मों के विद्वानों और अनुवादकों के लिए मूल-पाठ (Source text) का सबसे प्रामाणिक आधार मानी जाती है।Würthwein Ernst The Text of the Old Testament: An Introduction to the Biblia Hebraica Wm. B. Eerdmans Publishing 1995 978-0802807885 36-39St. Petersburg I Firkovitch B19a Manuscript of the Hebrew Bibleअगस्त 2026 InternetArchiveBot
पांडुलिपि के अंत में दिए गए 'कोलोफोन' के अनुसार, इसे एक यहूदी लेखक सैमुअल बेन जैकब ने मिस्र के काहिरा शहर में लिखा था। इसे दमिश्क के एक धनी व्यापारी मेवोराख बेन जोसेफ के लिए तैयार किया गया था।
19वीं शताब्दी के मध्य में, इसे प्रसिद्ध कराटे-यहूदी संग्रहकर्ता अब्राहम फिरकोविच द्वारा हासिल किया गया। 1863 में, इसे सेंट पीटर्सबर्ग (रूस) के 'इंपीरियल पब्लिक लाइब्रेरी' में लाया गया।
रूसी क्रांति के बाद, जब सेंट पीटर्सबर्ग का नाम बदलकर 'लेनिनग्राद' कर दिया गया, तो इस पांडुलिपि को दुनिया भर में 'लेनिनग्राद कोडेक्स' के नाम से जाना जाने लगा।
यद्यपि 1991 में शहर का मूल नाम वापस सेंट पीटर्सबर्ग हो गया, लेकिन ऐतिहासिक और अकादमिक निरंतरता बनाए रखने के लिए पांडुलिपि को आज भी 'लेनिनग्राद कोडेक्स' ही कहा जाता है।Tov Emanuel Textual Criticism of the Hebrew Bible https://archive.org/details/textualcriticism0000tove_r0z8 Fortress Press 2011 978-0800696641 46-48
सामग्री और संरचना
लेनिनग्राद कोडेक्स चर्मपत्र के 491 पन्नों पर लिखा गया है।
मूल पाठ: इसमें यहूदी धर्मग्रंथ 'तनाख' की तीनों मुख्य पुस्तकें शामिल हैं: तोराह, नेवीइम, और केतुविम।
मासोरेटिक स्वर-पद्धति: प्राचीन इब्रानी में केवल व्यंजन लिखे जाते थे, स्वर नहीं। 8वीं से 10वीं शताब्दी के बीच, तिबेरियास के 'मासोरेट्स' (विद्वानों) ने पाठ के सही उच्चारण को सुनिश्चित करने के लिए बिंदुओं और चिह्नों की एक जटिल प्रणाली विकसित की। लेनिनग्राद कोडेक्स इसी तिबेरियन स्वर-पद्धति और कैंटिलेशन का सबसे शुद्ध रूप प्रस्तुत करता है।
सजावट: इसमें 16 'कारपेट पेज' हैं, जो जटिल ज्यामितीय डिज़ाइनों से सजे हैं। इन डिज़ाइनों पर तत्कालीन इस्लामी कला और वास्तुकला का स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है।Freedman David Noel The Leningrad Codex The Biblical Archaeologist 61 1 1998 18-20 10.2307/3210636
आधुनिक अनुवाद विज्ञान और बाइबिल के इतिहास में इसका महत्व अद्वितीय है। 1947 में 'मृत सागर के स्क्रॉल' की खोज से पहले, यह और 'अलेप्पो कोडेक्स' ही सबसे पुराने ग्रंथ थे। चूँकि 1947 के दंगों में अलेप्पो कोडेक्स का एक तिहाई हिस्सा नष्ट हो गया था, इसलिए लेनिनग्राद कोडेक्स ही एकमात्र संपूर्ण जीवित पांडुलिपि बच गई।
20वीं शताब्दी में, इसे बिब्लिया हेब्राइका स्टटगार्टेंसिया के आधार पाठ के रूप में चुना गया। आज दुनिया की लगभग सभी प्रमुख भाषाओं में पुराने नियम का अनुवाद इसी कोडेक्स के प्रमाणित पाठ पर आधारित है।Wegner Paul D. The Journey from Texts to Translations: The Origin and Development of the Bible https://archive.org/details/journeyfromtexts0000wegn Baker Academic 1999 978-0801027994 172-175Biblia Hebraica Leningradensia: Prepared according to the Vocalization, Accents, and Masora of Aaron ben Moses ben Asher in the Leningrad Codex, with Adaptations to Halakhic Requirementsअगस्त 2026 InternetArchiveBot
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
इंटरनेट आर्काइव - लेनिनग्राद कोडेक्स (डिजिटल स्कैन)
श्रेणी:धार्मिक साहित्य