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411 समाचार
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व्यापम घोटाला

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व्यापम घोटाला भारतीय राज्य मध्य प्रदेश से जुड़ा प्रवेश एवं भर्ती घोटाला है जिस के पीछे कई नेताओं, वरिष्ठ अधिकारियों और व्यवसायियों का हाथ है। मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल अथवा व्यापम (व्यावसायिक परीक्षा मण्डल) राज्य में कई प्रवेश परीक्षाओं के संचालन के लिए जिम्मेदार राज्य सरकार द्वारा गठित एक स्व वित्तपोषित और स्वायत्त निकाय है। ये प्रवेश परीक्षाएँ, राज्य के शैक्षिक संस्थानों में तथा सरकारी नौकरियों में दाखिले और भर्ती के लिए आयोजित की जाती हैं। इन प्रवेश परीक्षाओं में तथा नौकरियों में अपात्र परीक्षार्थियों और उम्मीदवारों को बिचौलियों, उच्च पदस्थ अधिकारियों एवं राजनेताओं की मिलीभगत से रिश्वत के लेनदेन और भ्रष्टाचार के माध्यम से प्रवेश दिया गया एवं बड़े पैमाने पर अयोग्य लोगों की भर्तियाँ की गयी।http://www.jagran.com/news/national-supreme-court-likely-to-monitor-the-cbi-investigation-in-vyapam-scam-12574143.html संग्रहीत प्रति 10 जुलाई 2015 https://web.archive.org/web/20150711155634/http://www.jagran.com/news/national-supreme-court-likely-to-monitor-the-cbi-investigation-in-vyapam-scam-12574143.html 11 जुलाई 2015 live http://www.jagran.com/news/national-one-more-death-in-vyapam-scam-12574131.html संग्रहीत प्रति 10 जुलाई 2015 https://web.archive.org/web/20150711065557/http://www.jagran.com/news/national-one-more-death-in-vyapam-scam-12574131.html 11 जुलाई 2015 live http://www.amarujala.com/news/samachar/national/shivraj-singh-chouhan-and-bjp-strategy-in-vyapam-scam-hindi-news-ap/http://www.ndtv.com/india-news/supreme-court-transfers-vyapam-scam-probe-to-cbi-779682 संग्रहीत प्रति 10 जुलाई 2015 https://web.archive.org/web/20150711110227/http://www.ndtv.com/india-news/supreme-court-transfers-vyapam-scam-probe-to-cbi-779682 11 जुलाई 2015 live http://naidunia.jagran.com/search/vyapam-scam संग्रहीत प्रति 10 जुलाई 2015 https://web.archive.org/web/20150711045847/http://naidunia.jagran.com/search/vyapam-scam 11 जुलाई 2015 dead इन प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामलों को 1990 के मध्य के बाद से सूचित किया गया थाhttp://hindi.oneindia.com/topic/vyapam-scam संग्रहीत प्रति 10 जुलाई 2015 https://web.archive.org/web/20150712015400/http://hindi.oneindia.com/topic/vyapam-scam 12 जुलाई 2015 dead और पहली एफआईआर २००९ में दर्ज हुई।http://timesofindia.indiatimes.com/topic/Vyapam-scam संग्रहीत प्रति 10 जुलाई 2015 https://web.archive.org/web/20150701110334/http://timesofindia.indiatimes.com/topic/Vyapam-scam 1 जुलाई 2015 live इसके लिए राज्य सरकार ने मामले की जाँच के लिए एक समिति कि स्थापना की।http://www.ndtv.com/cheat-sheet/vyapam-scam-900-arrested-are-students-or-candidates-for-government-jobs-779324 संग्रहीत प्रति 10 जुलाई 2015 https://web.archive.org/web/20150711031355/http://www.ndtv.com/cheat-sheet/vyapam-scam-900-arrested-are-students-or-candidates-for-government-jobs-779324 11 जुलाई 2015 live समिति ने २०११ में अपनी रिपोर्ट जारी की, और एक सौ से अधिक लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था तथा कई अब भी फरार हैं।।http://khabar.ndtv.com/topic/vyapam-scam संग्रहीत प्रति 10 जुलाई 2015 https://web.archive.org/web/20150709082920/http://khabar.ndtv.com/topic/vyapam-scam 9 जुलाई 2015 dead व्यापम घोटाले की व्यापकता सन २०१३ में तब सामने आई जब इंदौर पुलिस ने २००९ की पीएमटी प्रवेश से जुड़े मामलों में २० नकली अभ्यर्थियों को गिरफ़्तार किया जो असली अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने आए थे। इन लोगों से पूछताछ के दौरान जगदीश सागर का नाम घोटाले के मुखिया के रूप में सामने आया जो एक संगठित रैकेट के माध्यम से इस घोटाले को अंजाम दे रहा था। जगदीश सागर की गिरफ़्तारी के बाद राज्य सरकार ने २६ अगस्त २०१३ को एक विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की स्थापना की और बाद की जाँच और गिरफ्तारियों से घोटाले में कई नेताओं, नौकरशाहों, व्यापम अधिकारियों, बिचौलियों, उम्मीदवारों और उनके माता-पिता की घोटाले में भागीदारी का पर्दाफाश हुआ। जून २०१५ तक २००० से अधिक लोगों को इस घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया जा चुका है जिस में राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा और एक सौ से अधिक अन्य राजनेताओं को भी शामिल हैं। जुलाई २०१५ में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने देश के प्रमुख जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) घोटाला यह अनुभाग में संदर्भ जोडें। व्यावसायिक परीक्षा मण्डल पर विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए और सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए प्रवेश के लिए बड़े पैमाने पर प्रतिस्पर्धी परीक्षण के संचालन की जिम्मेदारी थी। व्यापम घोटाले में परीक्षा के उम्मीदवारों, सरकारी अधिकारियों, नेताओं और बिचौलियों के बीच मिलीभगत से अयोग्य उम्मीदवारों को रिश्वत के बदले परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करवाने में निम्नलिखित तरीक़ों का इस्तेमाल किया गया: प्रतिरूपण अयोग्य परीक्षार्थियों के स्थान पर मोटी रकम के बदले अन्य योग्य छात्रो/ डॉक्टर्स को (पूर्व चयनित शीर्ष उम्मीदवारों सहित) परीक्षा में उम्मीदवार के तौर पर परीक्षाएँ दिलवाई गयी जिस के लिए परीक्षा प्रवेश कार्ड पर असली परीक्षार्थी की तस्वीर नकली परीक्षार्थी की तस्वीर से बदल दी गयी तथा परीक्षा के बाद जिसे पुन: मूल रूप में में ले आया गया। यह कारनामा व्यापम के भ्रष्ट अधिकारियों के साथ मिलीभगत में किया गया। नक़ल अयोग्य उम्मीदवारों को नकली परीक्षार्थियों के साथ पूर्व निर्धारित स्थान पर इस तरह बैठाया जाता था कि नक़ल और कॉपियों / आंसर शीट्स की अदलाबदली आसानी से और बे-रोकटोक की जा सके. इस के लिए बिचौलियों के माध्यम से व्यापम के भ्रष्ट अधिकारियों मिलीभगत से नकली परीक्षार्थियों, अधिकारियों और बिचौलियों आदि को मोटी रकमों का भुगतान किया जाता। रिकॉर्ड और उत्तर पुस्तिकाओं में हेराफेरी अयोग्य उम्मीदवारों अपनी ओएमआर उत्तर पुस्तिका ख़ाली छोड़ देते थे अथवा सिर्फ वही उत्तर देते थे जिन के सही उत्तर बारे में वो निश्चित थे। किसी को शक न हो इसलिए व्यापम के भ्रष्ट अधिकारियों की मिली भगत से परीक्षा के बाद इन उत्तर पुस्तिकाओं की जाँच लिए RTI दर्ज़ की जाती थी और जाँच के नाम पर ख़ाली उत्तर पुस्तिकाओं सही उत्तर भर कर इन अयोग्य उम्मीदवारों को उच्च अंक दे दिए जाते थे। उत्तर कुंजी लीक करना व्यापम के भ्रष्ट अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से अयोग्य उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले ही उत्तर कुंजी उपलब्ध करवा दी जाती थी। घोटाले का ख़ुलासा व्यापम घोटाले में कदाचार के पहले मामले को 1995 में सूचित किया गया था, और पहली एफआईआर छतरपुर जिले में २००० में दर्ज़ की गयी थी। २००४ में खंडवा जिले में सात और मामले दर्ज किए गए। हालांकि, कदाचार की ऐसी रिपोर्टों को संगठित घोटाला न मानकर स्वतंत्र एवं एकाकी मामलों के रूप में देखा गया।http://www.thenewsminute.com/article/uncovering-vyapam-does-buck-really-stop-bjp-and-chouhan-31892 Uncovering Vyapam: Does the buck really stop with the BJP and Chouhan? Siddhartha Mishra 2015-07-06 The News Minute 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150811053124/http://www.thenewsminute.com/article/uncovering-vyapam-does-buck-really-stop-bjp-and-chouhan-31892 11 अगस्त 2015 dead २००९ - ११: समिति द्वारा प्रारंभिक जांच मध्य प्रदेश के स्थानीय निधि लेखा परीक्षक कार्यालय द्वारा वर्ष २००७-०८ के लिए एक रिपोर्ट में कई वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं पाया गया जिस में आवेदन फॉर्मों का अनधिकृत निपटान शामिल था। ऐसा संदेह व्यक्त किया गया कि आवेदन प्रपत्रों को इसलिए नष्ट कर दिया जा रहा था ताकि परीक्षा के लिए कार्ड और अन्य अभिलेखों का आपस में मिलान न किया जा सके जिन के माध्यम से घोटाले को अंजाम दिया जा रहा था। वर्ष २००९ में प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) में ताज़ा अनियमितताओं की नई शिकायतें सामने आयी।http://indianexpress.com/article/india/india-others/mp-govt-accuses-vyapam-scam-whistleblower-of-political-affiliation/ MP govt accuses Vyapam scam whistleblower of ‘political affiliation’ 15 March 2015 द इंडियन एक्सप्रेस 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150719215409/http://indianexpress.com/article/india/india-others/mp-govt-accuses-vyapam-scam-whistleblower-of-political-affiliation/ 19 जुलाई 2015 live इंदौर के सामाजिक कार्यकर्ता आनंद राय घोटाले में जांच का अनुरोध करते हुए एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की।http://www.outlookindia.com/article/tests-of-your-patience/294386 Tests Of Your Patience - Jun 01,2015 Outlook 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150823114025/http://www.outlookindia.com/article/tests-of-your-patience/294386 23 अगस्त 2015 live वर्ष २००९ में, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरोपों की जांच के लिए मेडिकल शिक्षा के संयुक्त निदेशक की अध्यक्षता में एक जाँच समिति का गठन किया। जुलाई २०११ में, प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) के दौरान १४५ संदिग्धों पर नजर रखी गयी। संदिग्धों में से अधिकांश उपस्थित नहीं हुए लेकिन ८ संदिग्ध अन्य लोगों के नाम से परीक्षा देते हुए पकड़े गए। इन में इंदौर में आशीष यादव के स्थान पर परीक्षा देने आया हुआ, कानपूर (उत्तर प्रदेश) निवासी सत्येन्द्र वर्मा भी शामिल था जिसे इस काम के लिए ४ लाख रु का भुगतान किया गया था।http://archive.indianexpress.com/news/8-held-for-impersonation-in-premedical-test-in-mp/822230/ 8 held for impersonation in pre-medical test in MP Milind Ghatwai 2011-07-26 Indian Express 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150703002046/http://archive.indianexpress.com/news/8-held-for-impersonation-in-premedical-test-in-mp/822230/ 3 जुलाई 2015 live पूर्ववर्ती वर्षों में चयनित तथा अव्वलता सूची में शामिल १५ अभ्यर्थियों ने भी पुन: परीक्षा देने हेतु नामांकन करवाया था और ऐसा सन्देह है कि ये अयोग्य परीक्षार्थियों के साथ पूर्व निर्धारित स्थानों पर बैठ कर नकल कराने, उत्तर पुस्तिकाओं की अदला बदली करने अथवा नकली परीक्षार्थी बन कर अयोग्य उम्मीदवारों के स्थान पर परीक्षा देने में शामिल थे। इसी संदेह के आधार पर व्यापम द्वारा इन संदिग्धों से परीक्षा में पुन: शामिल होने का कारण बताने के लिए कहा गया। व्यापम द्वारा ढांचागत सुधार के अंतर्गत आगामी परीक्षाओं हेतु भी बायोमेट्रिक प्रौद्योगिकी का उपयोग शुरू किया गया है। परीक्षा में शामिल होने के लिए बायोमेट्रिक तकनीक से सभी परीक्षार्थियों की अंगूठे की छाप एवं फोटोग्राफ लिए जाते हैं तथा इनका मिलान परीक्षा के पश्चात परामर्श/ भर्ती हेतु आए छात्रों से किया जाने लगा है।http://indianexpress.com/article/news-archive/web/mp-medical-admission-scam-guilty-students-to-face-action/ MP medical admission scam: Guilty students to face action 2011-12-30 Indian Express 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150821045552/http://indianexpress.com/article/news-archive/web/mp-medical-admission-scam-guilty-students-to-face-action/ 21 अगस्त 2015 live चौहान द्वारा २००९ में गठित कमेटी ने नवंबर २०११ में राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की जिस में ये उल्लेख किया गया कि ११४ उम्मीदवार प्रतिरूपण कर के पीएमटी में चयनित हुए जिन में से अधिकतर अमीर परिवारों से थे। असली के स्थान पर शामिल नकली परीक्षार्थी उम्मीदवारों में कई उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे पड़ोसी राज्यों से आए थे, जिनमें से कुछ डॉक्टर और प्रतिभाशाली मेडिकल छात्र थे। रिपोर्ट में बिचौलियों पर प्रत्येक चयनित उम्मीदवार से ₹ १०,०००,०० से ४०,०००,०० तक वसूलने के अनुमान लगाया गया। निष्कर्षों में यह चिंता भी जताई गयी कि घोटाले के माध्यम से पूर्व वर्षों में कई नकली डॉक्टरों स्नातक की उपाधि प्राप्त कर चुके हैं और चिकित्सक के रूप में कई अयोग्य लोग कार्यरत हैं। निष्कर्षों में उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों के घोटाले में शामिल होने की की संभावना भी उल्लेख किया गया।http://timesofindia.indiatimes.com/india/100-fake-doctors-MP-hit-by-Munnabhai-scam/articleshow/11285266.cms 100 fake doctors? Madhya Pradesh hit by Munnabhai scam The Times of India 2011-12-29 Lemuel Lall 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20160402214605/http://timesofindia.indiatimes.com/india/100-fake-doctors-MP-hit-by-Munnabhai-scam/articleshow/11285266.cms 2 अप्रैल 2016 live २०१२ में इंदौर पुलिस ने पीएमटी परीक्षा में असली उम्मीदवारों के स्थान पर परीक्षा में शामिल होने आए चार लोगों को गिरफ्तार किया जिन में से प्रत्येक को रु २५,००० से ५०,००० तक की रकम देने का वादा किया गया थाhttp://timesofindia.indiatimes.com/city/indore/Impostors-double-rate-to-help-aspiring-medicos/articleshow/20962778.cms Impostors double rate to help aspiring medicos The Times of India 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150715020411/http://timesofindia.indiatimes.com/city/indore/Impostors-double-rate-to-help-aspiring-medicos/articleshow/20962778.cms 15 जुलाई 2015 live २०१३ मध्य प्रदेश पीएमटी परीक्षा व्यापम घोटाले की व्यापकता तब सामने आई जब ६-७ जुलाई २०१३ की दरमियानी रात को इंदौर पुलिस शहर के विभिन्न होटलों में से २० लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें १७ उत्तर प्रदेश से थे और जो ७ जुलाई २०१३ को निर्धारित पीएमटी परीक्षा में असली परीक्षार्थियों के बदले परीक्षा देने आए थे।PMT scam: 24,000 page chargesheet produced against 34 accused https://web.archive.org/web/20150925000319/http://www.dnaindia.com/india/report-pmt-scam-23000-page-chargesheet-produced-against-34-accused-1941377 25 सितंबर 2015 , DNA India December 27, 2013। इस काम के बदले इन्हें रु ५०,००० से रु १०,०००,०० तक की रकम के भुगतान का वादा किया गया था। इन २० नकली परीक्षार्थियों से पूछताछ के दौरान इस बात का ख़ुलासा हुआ कि इस पूरे घोटाले को संगठित रैकेट के रूप में चलाने वाले गिरोह का सरगना जगदीश सागर है। इन गिरफ्तारियों और रहस्योद्घाटनों के बाद डॉ आनंद राय ने स्थानीय पुलिस अधीक्षक (आर्थिक अपराध विंग) से विस्तृत जांच की मांग को लेकर एक शिकायत प्रस्तुत की जिस में उन्होंने व्यापम के अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक, सहायक नियंत्रक और उप-नियंत्रक की भूमिका की जांच की मांग की।http://timesofindia.indiatimes.com/city/indore/Hunt-on-for-MPPMT-racket-mastermind-in-UP-MP/articleshow/20996767.cms Hunt on for MPPMT racket mastermind in UP, MP The Times of India 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20160331174400/http://timesofindia.indiatimes.com/city/indore/Hunt-on-for-MPPMT-racket-mastermind-in-UP-MP/articleshow/20996767.cms 31 मार्च 2016 live १३ जुलाई २०१३ को, जगदीश सागर को मुंबई में गिरफ्तार किया गया और उसके पास से ३१७ छात्रों के नामों की सूची जब्त की गयी।http://timesofindia.indiatimes.com/city/indore/STF-files-charge-sheet-against-28-in-MPPMT-scam/articleshow/23601295.cms STF files charge-sheet against 28 in MPPMT scam The Times of India 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20160331174418/http://timesofindia.indiatimes.com/city/indore/STF-files-charge-sheet-against-28-in-MPPMT-scam/articleshow/23601295.cms 31 मार्च 2016 live व्यापम का परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी जो उस समय तक घोटाले में संदिग्ध नहीं था, ने इन छात्रों को बचाने की कोशिश की। उसने विभिन्न सरकारी विभागों और मेडिकल कॉलेजों के डीन को एक पत्र भेजा जिस में उस ने आग्रह किया कि इन छात्रों को एक शपथपत्र के आधार पर प्रवेश की अनुमति दिए जाने का आगर किया। शपथपत्र में यह घोषणा थी कि छात्रों ने किन्ही भी भी अनुचित साधनों का उपयोग नहीं किया है और यदि वे पुलिस जांच में दोषी पाए गए तो उनके दाखिले रद्द कर दिया जाएगा। २८ सितंबर २०१३ को त्रिवेदी को भी जगदीश सागर की पूछताछ के आधार पर गिरफ्तार किया गया था।http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/PMT-scam-STF-cops-ignored-role-of-big-fish/articleshow/29391827.cms PMT scam: STF, cops ignored role of big fish The Times of India 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20160330005305/http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/PMT-scam-STF-cops-ignored-role-of-big-fish/articleshow/29391827.cms 30 मार्च 2016 live ५ अक्टूबर को पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जगदीश सागर सहित २८ लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया। दिसंबर २०१३ में एसटीएफ ने इंदौर जिला अदालत में ३४ आरोपियों के खिलाफ एक २३,००० पृष्ठ का पूरक आरोप पत्र प्रस्तुत किया। इन ३४ में से ३० छात्र और उनके अभिभावकों थे। चार अन्य लोगों के पंकज त्रिवेदी, डॉ संजीव शिल्पकार, डॉ जगदीश सागर और उस का साथी गंगाराम पिपलिया शामिल थे। अन्य परीक्षाओं की जांच नवंबर २०१३ में, एसटीएफ ने पाया कि घोटालेबाजों ने ५ अन्य परीक्षाओं और नौकरियों की चयन प्रक्रियाओं में धाँधली की जिस में राज्य सरकार के लिए २०१२ में आयोजित प्री-पीजी प्रवेश परीक्षा, खाद्य निरीक्षक चयन टेस्ट, मिल्क फेडरेशन परीक्षा, सूबेदार-उप निरीक्षक व प्लाटून कमांडर चयन टेस्ट और पुलिस कांस्टेबल भर्ती टेस्ट आदि शामिल थे। २०१२ की प्री-पीजी परीक्षा के लिए व्यापम के पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ पंकज त्रिवेदी और इसकी प्रणाली विश्लेषक नितिन महिंद्रा फोटोकॉपी के माध्यम से अयोग्य उम्मीदवारों को मॉडल उत्तर कुंजी उपलब्ध कराई गई। अन्य चार परीक्षाओं के लिए व्यापम के भ्रष्ट अधिकारियों ने नियम विरुद्ध जाकर ओएमआर उत्तर पत्रको को स्ट्रांग रूम बाहर निकाला गया और उन में हेरफेर किया गया। इन प्रकरणों में सुधीर शर्मा सहित १५३ लोगों के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी दायर की गयी। सुधीर शर्मा से पूर्व में भी मध्यप्रदेश के खनन घोटाले के सम्बन्ध में सीबीआई द्वारा पूछताछ की गई थी।Vyapam gang had rigged 5 more exams https://web.archive.org/web/20140812212459/http://freepressjournal.in/vyapam-gang-had-rigged-5-more-exams/ 12 अगस्त 2014 , The Free Press Journal November 30, 2014. मार्च २०१४ में सरकार ने एसटीएफ द्वारा नौ परीक्षाओं की हेराफेरी की जांच की घोषणा की और 127 लोगों को गिरफ्तार किया गया।http://www.freepressjournal.in/127-arrested-after-investigations-into-nine-examinations/ 127 arrested after investigations into nine examinations 4 March 2014 Free Press Journal 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150707041224/http://www.freepressjournal.in/127-arrested-after-investigations-into-nine-examinations/ 7 जुलाई 2015 live एसटीएफ द्वारा पूर्ववर्ती वर्षों में भी पीएमटी परीक्षा की जांच की गई और ये पाया की २८६ उम्मीदवारों ने धोखाधड़ी से पीएमटी २०१२ में प्रवेश प्राप्त किया। २९ अप्रैल २०१४ को इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के २७ छात्रों को पीएमटी-२०१२ में धोखाधड़ी से प्रवेश लेने के कारण निष्कासित कर दिया गया।27 medical college students expelled for alleged involvement in MPPEB scam https://web.archive.org/web/20150924041925/http://www.ibnlive.com/news/india/27-medical-college-students-expelled-for-alleged-involvement-in-mppeb-scam-684581.html 24 सितंबर 2015 , IBN Live April 30, 2014. जून २०१४ में उच्च न्यायालय ने पुलिस से पूछा कि इस मामले के कई आरोपी अब तक गिरफ्तार क्यूँ नहीं किये गए हैं? न्यायपालिका के दबाव के बाद एसटीएफ द्वारा कई गिरफ्तारियां की गयी। १५ जून २०१४ को एसटीएफ ने निविदा शिक्षकों की भर्ती घोटाले में कथित संलिप्तता के चलते राज्य के पूर्व तकनीकी शिक्षा मंत्री और भाजपा नेता लक्ष्मीकांत शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। १८ और १९ जून २०१४ को पुलिस ने पीएमटी घोटाले में भागीदारी के आरोप में राज्य के विभिन्न स्थानों से १०० से अधिक मेडिकल छात्रों को गिरफ्तार किया।Vyapam scam: STF arrests over 100 candidates https://web.archive.org/web/20150924044157/http://www.ibnlive.com/news/india/vyapam-scam-stf-arrests-over-100-candidates-696150.html 24 सितंबर 2015 , IBN Live June 19, 2014. सितम्बर २०१४ में एसटीएफ ने ख़ुलासा किया कि जगदीश सागर का रैकेट भारतीय स्टेट बैंक में भर्ती और अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के लिए प्रवेश परीक्षा की धांधली में भी शामिल है। इन प्रवेश परीक्षाओं में बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान परीक्षा और भारतीय स्टेट बैंक प्रोबेशनरी ऑफिसर परीक्षा भी शामिल है।Even SBI exams rigged by proxies of scam-riddled MPPEB https://web.archive.org/web/20160330004953/http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/Even-SBI-exams-rigged-by-proxies-of-scam-riddled-MPPEB/articleshow/43055694.cms 30 मार्च 2016 , The Times of India, September 31, 2014. जांच अनियमितताओं की प्रारंभिक जांच राज्य पुलिस की विभिन्न शहर इकाइयों द्वारा की गई। २००९-११ के दौरान राज्य सरकार द्वारा मेडिकल शिक्षा के संयुक्त निदेशक के नेतृत्व में स्थापित समिति ने पीएमटी परीक्षा में अनियमितताओं की जांच की। घोटाले में संगठित अपराध रैकेट और नेताओं की भूमिका प्रकाश में आने के बाद राज्य सरकार ने इस घोटाले की जांच के लिए २६ अगस्त २०१३ को पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया। प्रमुख विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सदस्यों सहित कई कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भारत के उच्चतम न्यायालय की देखरेख में घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की।Congress insists on Supreme Court-monitored CBI probe http://indianexpress.com/article/india/india-others/vyapam-scam-congress-insists-on-supreme-court-monitored-cbi-probe/ 8 July 2015 Indian Express 8 July 2015 नई दिल्ली https://web.archive.org/web/20150709053827/http://indianexpress.com/article/india/india-others/vyapam-scam-congress-insists-on-supreme-court-monitored-cbi-probe/ 9 जुलाई 2015 live मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस सुझाव पर विचार नहीं किया और सीबीआई जांच से इनकार कर दिया।Suparna Singh No Crisis, No Resignation: Chief Minister Chouhan After Calling for CBI Inquiry in Vyapam Scam http://www.ndtv.com/india-news/vyapam-scam-chief-minister-asks-for-cbi-inquiry-says-government-should-be-above-suspicion-778985 7 July 2015 NDTV 7 July 2015 Bhopal https://web.archive.org/web/20150709025956/http://www.ndtv.com/india-news/vyapam-scam-chief-minister-asks-for-cbi-inquiry-says-government-should-be-above-suspicion-778985 9 जुलाई 2015 live ५ नवंबर २०१४ को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच के लिए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की याचिका को खारिज कर दिया।PEB scam: PEB scam: HC orders setting up of SIT, says no to CBI probe https://web.archive.org/web/20151128033206/http://timesofindia.indiatimes.com/City/Bhopal/PEB-scam-PEB-scam-HC-orders-setting-up-of-SIT-says-no-to-CBI-probe/articleshow/45054876.cms 28 नवंबर 2015 , The Times of India, November 6, 2014. और प्रहरी के रूप में कार्य करने के लिए रिटायर्ड हाई कोर्ट जज चंद्रेश भूषण की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करने का आदेश दिया। घोटाला की जाँच एसटीएफ द्वारा एसआईटी की देखरेख में की गई।Vyapam scam: HC likely to hear govt’s application for CBI probe today http://www.hindustantimes.com/india-news/hc-likely-to-hear-govt-s-application-for-cbi-investigation-today/article1-1366951.aspx 8 July 2015 हिन्दुस्तान टाईम्स 8 July 2015 Bhopal https://web.archive.org/web/20150710171307/http://www.hindustantimes.com/india-news/hc-likely-to-hear-govt-s-application-for-cbi-investigation-today/article1-1366951.aspx 10 जुलाई 2015 live ७ जुलाई २०१५ को घोटाले से जुड़े संदिग्धों की लगातार होती मौतों पर विवाद के बाद मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मीडिया को सूचित किया कि उन्होंने व्यापम घोटाले की जाँच सीबीआई को सौपें जाने के सम्बन्ध में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय को अनुरोध पत्र प्रेषित किया है।Will request HC to order CBI probe, MP CM Chouhan says http://timesofindia.indiatimes.com/india/Vyapam-scam-Will-request-HC-to-order-CBI-probe-MP-CM-Chouhan-says/articleshow/47970494.cms 8 July 2015 The Times of India 7 July 2015 नई दिल्ली/Bhopal https://web.archive.org/web/20150710072800/http://timesofindia.indiatimes.com/india/Vyapam-scam-Will-request-HC-to-order-CBI-probe-MP-CM-Chouhan-says/articleshow/47970494.cms 10 जुलाई 2015 live उसी दिन विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी ने घोटाले में निष्पक्ष जांच हेतु चौहान के इस्तीफे की माँग की।Congress calls for MP bandh demanding CM Shivraj Singh Chouhan's resignation http://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/congress-calls-for-mp-bandh-demanding-cm-shivraj-singh-chouhans-resignation/articleshow/47978398.cms 7 July 2015 दि इकॉनोमिक टाइम्स प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया 7 July 2015 Bhopal https://web.archive.org/web/20170703103810/http://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/congress-calls-for-mp-bandh-demanding-cm-shivraj-singh-chouhans-resignation/articleshow/47978398.cms 3 जुलाई 2017 live मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने सीबीआई जाँच सम्बन्धी आवेदन को उच्चतम न्यायालय में इसी विषय पर लंबित याचिकाओं पर निर्णय के इंतजार में लंबित रखा। ९ जुलाई २०१५ को भारत सर्वोच्च न्यायालय में व्यापम घोटाले की जाँच सीबीआई को सौंपे जाने से सम्बंधित याचिका पर सुनवाई के दौरान भारत के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार को जाँच सीबीआई को सौंपे जाने पर किसी भी प्रकार की आपति नहीं है जिस के बाद सुप्रीम कोर्ट ने घोटाले से संबंधित आपराधिक मामलों तथा अन्य सभी मामलों जिन में घोटाले के संदिग्धों की मौतों का मामला भी शामिल है, को सीबीआई को स्थानांतरित करने का आदेश दिया हालांकि जांच की निगरानी प्रक्रिया की घोषणा नहीं की गई। Supreme Court transfers VYAPAM scam investigation to CBI [Read Order] - 1, Law Street http://onelawstreet.com/2015/07/supreme-court-transfers-vyapam-scam-investigation-to-cbi-read-order/ 2015-07-11 https://web.archive.org/web/20150711181959/http://onelawstreet.com/2015/07/supreme-court-transfers-vyapam-scam-investigation-to-cbi-read-order/ 11 जुलाई 2015 dead http://indianexpress.com/article/india/supreme-court-orders-cbi-probe-into-vyapam-scam/ Vyapam scam: Let truth prevail, says Shivraj Singh Chouhan after SC orders CBI probe 2015-07-09 द इंडियन एक्सप्रेस 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150812072552/http://indianexpress.com/article/india/supreme-court-orders-cbi-probe-into-vyapam-scam/ 12 अगस्त 2015 live Krishnadas Rajagopal Supreme Court transfers Vyapam investigation to CBI http://www.thehindu.com/news/vyapam-scam-sc-transfers-probe-to-cbi/article7402984.ece 10 July 2015 द हिन्दू 9 July 2015 नई दिल्ली प्रमुख गिरफ्तारियाँ जून २०१५ तक २००० से अधिक लोगों को इस घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया जा चुका था।http://www.hindustantimes.com/bhopal/24-mysterious-deaths-2000-arrests-all-about-mp-s-vyapam-scam/article1-1364038.aspx 25 mystery deaths and 2,000 arrests: All about MP's Vyapam scam 2015-06-29 हिन्दुस्तान टाईम्स 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150815172319/http://www.hindustantimes.com/bhopal/24-mysterious-deaths-2000-arrests-all-about-mp-s-vyapam-scam/article1-1364038.aspx 15 अगस्त 2015 live राजनेताओं और नौकरशाहों पर आरोप लक्ष्मीकांत शर्मा, पूर्व तकनीकी शिक्षा मंत्री (म.प्र.) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता लक्ष्मीकांत शर्मा राज्य के तकनीकी शिक्षा मंत्री और व्यापमं के प्रभारी थे। उनकी गिरफ्तारी नितिन महेन्द्रा से बरामाद एक्सेल शीट में उपलब्ध जानकारी के आधार पर निविदा शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोपी के रूप में हुई थी लेकिन बाद में उन्हें कांस्टेबल भर्ती परीक्षाओं में धाँधली का भी आरोपी बनाया गया। एसटीएफ के अनुसार शर्मा ने कांस्टेबल पद पर भर्ती के लिए कम से कम १५ उम्मीदवारों के नामों की सिफारिश की।<ref> http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/Laxmikant-Sharma-booked-in-fresh-case-sent-to-STF-custody-till-Nov-21/articleshow/45200233.cms 2014-11-19 टाइम्स ऑफ इंडिया Laxmikant Sharma booked in fresh case, arrested by SIT</ref> चार दिनों के पुलिस रिमांड पर भेजे जाने के बाद जून २०१४ में शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया।VYAPAM scam: Former Madhya Pradesh minister Laxmikant Sharma resigns from BJP https://web.archive.org/web/20150727034522/http://www.ibnlive.com/news/india/vyapam-scam-former-madhya-pradesh-minister-laxmikant-sharma-resigns-from-bjp-695469.html 27 जुलाई 2015 , IBN Live June 16, 2014. शर्मा ने हालाँकि स्वयं को बेगुनाह बताते हुए घोटाले का दोष अपने अधीनस्थ अधिकारी ओपी शुक्ला पर मढ़ते हुए कहा कि उनकी अपनी बेटी दो बार पीएमटी देने के बाद विफल रही.http://indianexpress.com/article/india/india-others/from-rss-backed-priest-to-powerful-minister-to-accused/ From RSS-backed priest to powerful minister to accused 19 June 2014 द इंडियन एक्सप्रेस 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150815110619/http://indianexpress.com/article/india/india-others/from-rss-backed-priest-to-powerful-minister-to-accused/ 15 अगस्त 2015 live ओ पी शुक्ला ओ पी शुक्ला, तकनीकी शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के साथ विशेष ड्यूटी अधिकारी (ओएसडी) के रूप में तैनात था लेकिन घोटाले के ख़ुलासे और जांच के रफ्तार पकड़ते ही वह भूमिगत हो गया. जांच टीम द्वारा उस की तलाश के लिए एक विशेष तलाश नोटिस जारी होने के दो महीने बाद उस ने आत्मसमर्पण कर दिया। उस पर कथित तौर से मेडिकल प्रवेश परीक्षा में प्रवेश दिलाने के लिए उम्मीदवारों से ८५ लाख रुपए लेने का आरोप है.MPPEB scam accused OP Shukla https://web.archive.org/web/20150924044116/http://www.ibnlive.com/news/india/stf-arrests-mppeb-scam-accused-op-shukla-666842.html 24 सितंबर 2015 , IBN Live February 7, 2014. सुधीर शर्मा खनन व्यवसायी सुधीर शर्मा भी कभी शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा का स्पेशल ड्यूटी अधिकारी (ओएसडी) था। उस पर २०१२ के पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा घोटाले में लिप्तता का आरोप है। ख़ुलासे के शुरूआती दिनों में फरार रहने के बाद उस ने दिसंबर 2013 में एसटीएफ के समक्ष आत्मसमर्पण किया।http://indianexpress.com/article/cities/ahmedabad/exminister-mining-baron-surrender/ Ex-minister,mining baron surrender 24 December 2013 द इंडियन एक्सप्रेस 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150707043214/http://indianexpress.com/article/cities/ahmedabad/exminister-mining-baron-surrender/ 7 जुलाई 2015 live एसटीएफ ने उससे दो बार पूछताछ की लेकिन उसे समय पर उसे गिरफ्तार नहीं किया। जब एसटीएफ को उसके खिलाफ अभियोज्य प्रमाण मिले तो वाह फिर फरार हो गया। एसटीएफ ने उस की जानकारी के लिए ₹ ५००० का नकद इनाम की घोषणा की।MPPEB scam: STF declares Rs 5,000 reward for info on Sudhir Sharma https://web.archive.org/web/20150924042230/http://www.ibnlive.com/news/india/mppeb-scam-stf-declares-rs-5000-reward-for-info-on-sudhir-sharma-695114.html 24 सितंबर 2015 , IBN Live June 15, 2014. उस ने २०१४ में अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और उसे एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया।Key MPPEB accused Sudhir Sharma surrenders before court https://web.archive.org/web/20150924042154/http://www.ibnlive.com/news/india/key-mppeb-accused-sudhir-sharma-surrenders-before-court-704072.html 24 सितंबर 2015 , IBN Live July 25, 2014. २०१०-१३ के दौरान शर्मा ने मध्य प्रदेश के पूर्व भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा और उनके बेटों, कांग्रेस विधायक वीर सिंह भूरिया, बीजेपी की छात्र इकाई अभाविप (ABVP) के कई नेताओं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक पदाधिकारी सुरेश सोनी और कई नौकरशाहों सहित कई राजनेताओं को घोटाले से प्राप्त राशि वितरित की। लक्ष्मीकांत शर्मा इस रिश्वत के सबसे बड़े लाभार्थी था। उसे विभिन्न शिक्षण संस्थाओं से भी नियमित रूप से बड़ी धनराशि प्राप्त होती थी।http://timesofindia.indiatimes.com/india/Vyapam-scam-Congress-BJP-netas-received-kickbacks-from-accused/articleshow/48011760.cms Vyapam scam: Congress, BJP netas received kickbacks from accused 2015-07-10 The Times of India 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150712072418/http://timesofindia.indiatimes.com/india/Vyapam-scam-Congress-BJP-netas-received-kickbacks-from-accused/articleshow/48011760.cms 12 जुलाई 2015 live आर.के. शिवहरे, निलंबित आईपीएस अधिकारी शिवहरे को व्यापम द्वारा आयोजित 2012 की उपनिरीक्षक और प्लाटून कमांडर परीक्षा की भर्ती घोटाले में कथित संलिप्तता के लिए दोषी माना जाता है। उस पर अपनी बेटी और दामाद को धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के माध्यम से मेडिकल परीक्षा में प्रवेश दिलाने का भी आरोप है। जांच एजेंसी ने जब उस के खिलाफ मामला दर्ज किया तब वह निलंबित था और गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया। उस पर ३००० रु का ईनाम रखे जाने के बाद उसने २१ अप्रैल, २०१४ को आत्मसमर्पण कर दिया।Suspended IPS officer accused in MPPEB scam surrenders https://web.archive.org/web/20150924044124/http://www.ibnlive.com/news/india/suspended-ips-officer-accused-in-mppeb-scam-surrenders-682798.html 24 सितंबर 2015 , IBN Live April 22, 2014. रविकांत द्विवेदी, निलंबित संयुक्त आयुक्त (राजस्व) द्विवेदी को अनुचित साधनों के माध्यम से अपने बेटे का प्रवेश राज्य के एक नामचीन मेडिकल कॉलेज में करवाने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था और बाद में राज्य के भ्रष्टाचार विरोधी शाखा ने उसके घर पर छापा मार कर ६०-७० करोड़ रु की आय से अधिक संपत्ति, गहने और नगदी जब्त की।Vyapam scam: Bureaucrat found in possession of assets worth rs 70 crore https://web.archive.org/web/20150924044152/http://www.ibnlive.com/news/india/vyapam-scam-bureaucrat-found-in-possession-of-assets-worth-rs-70-crore-665393.html 24 सितंबर 2015 , IBN Live Jan 30, 2014. रैकेट के मुख्य सूत्रधार व्यापम घोटाले में कई संगठित रैकेट शामिल हैं जिन्हें पीएमटी घोटाले के सूत्रधार के रूप में वर्णित किया गया है। ये गिरोह डॉ जगदीश सागर, डॉ संजीव शिल्पकार और संजय गुप्ता आदि के नेतृत्व में काम करते थे। पीएमटी-२०१३ के लिए डा सागर ने ३१७, शिल्पकार ने ९२ और संजय गुप्ता ने ४८ अयोग्य उम्मीदवारों के नाम प्रवेश हेतु दिए थे। नितिन महेन्द्रा ने अपने कंप्यूटर में इन उम्मीदवारों का विवरण दर्ज किया गया और बाद में इस सूची में नष्ट कर दिया था। इन उम्मीदवारों को रोल नंबर आवंटित करते समय, उन के आस पास के स्लॉट्स ख़ाली छोड़ दिए गए। ये रोल नंबर बाद में नकली उम्मीदवारों को आवंटित कर दिए गए। इन रोल नंबर्स का निर्धारण महेन्द्रा के घर पर किया जाता था और पेन ड्राइव के माध्यम से दफ्तर के कंप्यूटर में फीड कर दिया जाता था। इसके बाद महेन्द्रा, बिचौलियों को टेलीफोन के माध्यम से रोल नम्बर्स के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाता था। डॉ जगदीश सागर इंदौर निवासी जगदीश सागर ने अकेले १४० के करीब छात्रों को २००९-१२ के दौरान अवैध रूप से चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश दिलवाया।http://indianexpress.com/article/news-archive/web/lavish-spender-who-struggled-for-mbbs-helped-hundreds-cheat-their-way-in/ Lavish spender who struggled for MBBS, helped hundreds cheat their way in 23 July 2013 द इंडियन एक्सप्रेस 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150809110600/http://indianexpress.com/article/news-archive/web/lavish-spender-who-struggled-for-mbbs-helped-hundreds-cheat-their-way-in/ 9 अगस्त 2015 live उस ने काफी हद तक उत्तर प्रदेश से नकली उम्मीदवारों की व्यवस्था की। वो कथित तौर पर १९९० के दशक रैकेट में शामिल रहा और इस माध्यम से उस ने काफी चल-अचल संपत्ति और धनराशि एकत्रित की।http://archive.indianexpress.com/news/premed-test-racket-kingpin-held-in-mp/1143255/0 Pre-med test racket kingpin held in MP indianexpress.com 16 अगस्त 2015 https://archive.today/20150816100202/http://archive.indianexpress.com/news/premed-test-racket-kingpin-held-in-mp/1143255/0 16 अगस्त 2015 live उसे 2003 में भी इसी प्रकार के आरोपों में गिरफ़्तार किया गया था लेकिन रिहाई के बाद पुलिस ने उस पर कोई निगरानी नहीं रखी।Lapses allowed PMT scam to thrive, admits government https://web.archive.org/web/20140812212100/http://freepressjournal.in/lapses-allowed-pmt-scam-to-thrive-admits-government/ 12 अगस्त 2014 , The Free Press Journal July 31, 2013. डॉ संजीव शिल्पकार भोपाल निवासी शिल्पकार मेडिकल कॉलेज में जगदीश सागर के जूनियर था और उस ने जगदीश सागर से प्रभावित हो कर अपना ही रैकेट शुरू किया। पीएमटी २०१३ में उस ने ९२ अयोग्य उम्मीदवारों के चयन की सूची बनाई थी जिन में से ४५ उम्मीदवारों से उस ने रु ३ करोड़ की राशि प्राप्त की। इस राशि के माध्यम से शिल्पकार ने नितिन महिंद्रा, नकली उम्मीदवारों, बिचौलियों, दलालों सहित व्यापम के अधिकारियों को रिश्वत दी। जगदीश सागर की गिरफ्तारी के बाद वो फरार हो गया जिसे बाद में एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया।http://www.freepressjournal.in/shilpakar-earned-rs-3-cr-from-45-pmt-candidates/ Shilpakar earned Rs 3 cr from 45 PMT candidates 31 October 2013 Free Press Journal 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150707052505/http://www.freepressjournal.in/shilpakar-earned-rs-3-cr-from-45-pmt-candidates/ 7 जुलाई 2015 live सुधीर राय, संतोष गुप्ता, तरंग शर्मा यह गिरोह कथित रूप से सागर के गिरोह की तुलना में बहुत बड़ा और अधिक संगठित था जो प्रति उम्मीदवार चयन के लिए ₹ २५ लाख से अधिक वसूलता था। इस गिरोह के तार कर्नाटक और महाराष्ट्र में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश से जुड़े होने के भी आरोप हैं। राय-गुप्ता रैकेट की शाखाएँ उज्जैन, शहडोल, सागर और रतलाम आदि कई शहरों में थी। राय उम्मीदवारों की व्यवस्था करता था और गुप्ता बिहार से उनके लिए नकली उम्मीदवार बुलवाता था। ऐसी संभावना है कि इस गिरोह ने ५०० से अधिक अयोग्य उम्मीदवारों को अवैध रूप से मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिलवाया है।http://timesofindia.indiatimes.com/city/indore/Police-raid-Rais-office-arrested-trio-sent-to-police-remand-till-Aug-5/articleshow/21496502.cms Police raid Rai's office, arrested trio sent to police remand till Aug 5 The Times of India 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20160331174412/http://timesofindia.indiatimes.com/city/indore/Police-raid-Rais-office-arrested-trio-sent-to-police-remand-till-Aug-5/articleshow/21496502.cms 31 मार्च 2016 live व्यापम के कर्मचारी पंकज त्रिवेदी, व्यापम परीक्षा नियंत्रक त्रिवेदी को सितंबर 2013 में गिरफ्तार किया गया और में वर्तमान में वाह न्यायिक हिरासत में है। राज्य की भ्रष्टाचार निरोधक पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 2.5 करोड़ रुपए और अज्ञात स्त्रोतों से जमा की कई बेनामी सम्पति जब्त की है जो उसकी आय से कई गुना अधिक है। इंदौर स्थित एक मेडिकल कॉलेज में भी उस की भागीदारी होने के साक्ष्य भी पाए गए हैं।Assets worth Rs 2.5 crore found from PMT scam accused's houses https://web.archive.org/web/20150924042003/http://www.ibnlive.com/news/india/assets-worth-rs-2-5-crore-found-from-pmt-scam-accuseds-houses-665184.html 24 सितंबर 2015 , IBN Live January 30, 2014. जगदीश सागर के रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद भी त्रिवेदी, सागर के 317 उम्मीदवारों को शपथ पत्र प्रस्तुत करने पर मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के लिए अनुमति देने सम्बन्धी आदेश प्राप्त करने में कामयाब रहा. सीके मिश्रा, अधिकारी, व्यापम सीके मिश्रा ने स्वीकार किया कि वह डा सागर, संतोष गुप्ता और संजीव शिल्पकार के लिए २००९ से काम कर रहा था। २००९ में डा सागर ने उसे २० उम्मीदवारों के रोल नंबर इस प्रकार देने के लिए कहा ताकि वो एक निश्चित क्रम में ठीक एक दूसरे के पीछे आएं। इस कार्य के लिए डॉ सागर ने मिश्रा को प्रति छात्र ५०,००० रु यानी कुल १० लाख रु दिए। 2010 में डॉ सागर में ४० अभ्यर्थियों की सूची दी है और इस बार रुपये २० लाख का भुगतान किया गया। २०१२ में डॉ सागर ६० छात्रों के और शिल्पकार ने २० छात्रों के रोल नंबर निश्चित क्रम में निर्धारित करने को कहा और मिश्रा को दोनों से क्रमश: रु ३० लाख एवं १० लाख प्राप्त हुए।Police seize hard disc, one more arrested https://web.archive.org/web/20170630192856/http://dnasyndication.com/showarticlerss.aspx?nid=B02F3%2F1RAwpweB57arHR161WXbfNbymOZCS%2FkVtSp0s%3D 30 जून 2017 , DNA India July 20, 2013. नितिन महेन्द्रा (प्रधान सिस्टम विश्लेषक) और अजय सेन (वरिष्ठ सिस्टम विश्लेषक) व्यापम प्रोग्रामर यशवंत पर्नेकर और क्लर्क युवराज हिंगवे ने अपने बयान में कहा कि महिंद्रा और सेन के कंप्यूटर व्यापम के मुख्य सर्वर के साथ जुड़े हुए नहीं थे। इन दोनों अधिकारियों की पहुँच व्यापम के डेटा संग्रहित करने वाले २५ अन्य कंप्यूटरों तक थी लेकिन इनके कंप्यूटर में डेटा किसी अन्य द्वारा नहीं देखा जा सकता था। इस का लाभ उठाकर ये दोनों अपनी मर्ज़ी से रोल नंबर और परीक्षा केन्द्र आवंटित करते थे।MPPEB scam: Directorate of Enforcement quizzes former system analyst in Indore https://web.archive.org/web/20150924042227/http://www.ibnlive.com/news/india/mppeb-scam-directorate-of-enforcement-quizzes-former-system-analyst-in-indore-706261.html 24 सितंबर 2015 , IBN Live August 5, 2014. अन्य डॉ जी एस खनूजा १३ सितंबर २०१४ को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के इंदौर में स्थित अरबिंदो अस्पताल के सीओओ गिरफ्तार कर लिया। उनके पुत्र ने अनुचित साधनों के माध्यम से २०१२ की चिकित्सा परीक्षा में १२ वीं रैंक हासिल किया।COO of Aurbindo Hospital Arrested https://web.archive.org/web/20150923223938/http://www.bhaskar.com/news/MP-IND-dr-4744199-PHO.html 23 सितंबर 2015 , September 14, 2014, Dainik Bhaskar. मोहित चौधरी मोहित चौधरी उत्तर प्रदेश का मूल निवासी है और व्यापम घोटाले में नाम आने से पूर्व वह एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर का छात्र था. इस के नाम का ख़ुलासा पीएमटी २०१३ में चयनित कुछ आरोपी छात्रों द्वारा किया गया था। इससे पहले २०१२ में इसे दिल्ली पुलिस द्वारा कुछ छात्रों को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा में अवैध तरीके से प्रवेश में मदद करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि इस ने प्रत्येक उम्मीदवार से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में एक सीट के लिए १५-१८ लाख रु लिए। परीक्षा के दौरान धोखाधड़ी के लिए वह उम्मीदवारों को शर्ट में सिले हुए ब्लू टूथ यंत्र, छोटे इयरफ़ोन और सिम कार्ड देता था।http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/STF-on-the-look-out-for-Mohit-Choudhry/articleshow/29392543.cms STF on the look out for Mohit Choudhry 2014-01-26 The Times of India 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20160330005319/http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/STF-on-the-look-out-for-Mohit-Choudhry/articleshow/29392543.cms 30 मार्च 2016 live नरेन्द्र देव आजाद (जाटव) १९ फ़रवरी २०१५ को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने इसे एमजीएम कॉलेज, इंदौर में २००९ में अमर सिंह मेधा को अवैध रूप से प्रवेश दिलाने में एक बिचौलिए के रूप में कार्य करने के आरोप में गिरफ्तार किया।One more Vyapam scam accused nabbed https://web.archive.org/web/20150220170715/http://www.freepressjournal.in/one-more-vyapam-scam-accused-nabbed/ 20 फ़रवरी 2015 , February 20, 2015, The Free Press Journal. डा विनोद भंडारी यह व्यापम घोटाले का मुख्य आरोपी है और इसे अवैध रूप से व्यापम अधिकारियों की मिलीभगत से मेडिकल प्रवेश पाने के लिए अयोग्य छात्रों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।Dr Vinod Bhandari arrested in PMT-2012 scam https://web.archive.org/web/20141129014742/http://freepressjournal.in/dr-vinod-bhandari-arrested-in-pmt-2012-scam/ 29 नवंबर 2014 , The Free Press Journal, January 31, 2014. घोटाले में नाम आने के बाद वाह मारीशस भाग गया और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत प्रदान किये जाने के बाद ही लौटा।SAIMS director Bhandari held in PMT-2012 scam https://web.archive.org/web/20160330005313/http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/SAIMS-director-Bhandari-held-in-PMT-2012-scam/articleshow/29633344.cms 30 मार्च 2016 , The Times of India, January 31, 2014. अनिमेष आकाश सिंह इस पर दलाल के रूप में काम करते हुए पीएमटी में चार उम्मीदवारों की अवैध भर्ती करने का आरोप है। जितेंद्र मालवीय इस पर डॉ संजीव शिल्पकार के माध्यम से पीएमटी २०१३ में एक उम्मीदवार को अवैध रूप से भर्ती कराने का आरोप है. घोटाले में नाम आने के समय यह इंदौर के एमजीएम कॉलेज में एमबीबीएस के तीसरे वर्ष के छात्र था। सचेतक और सामजिक कार्यकर्ताओं को धमकियाँ आनंद राय इंदौर निवासी डॉ आनंद राय ने घोटाले की जाँच कराने के लिए एक जनहित याचिका दायर की है। उन्होंने जान ने मारने और धमकाने के कॉल्स आने की रिपोर्ट दर्ज़ की है। उनके आरोप के अनुसार उन की हत्या के लिए कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को काम दिया गया है। 2013 में उन्होंने सुरक्षा दिए जाने को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्हें अपनी पुलिस सुरक्षा हेतु प्रतिमाह रु ५०,००० का भुगतान करने को कहा गया जब की उन का मासिक वेतन केवल ₹ ३८,००० था। २०१५ में उन्हें एक सुरक्षा गार्ड उपलब्ध करवाया गया।http://www.thenewsminute.com/news_sections/335 I have been asked to shut my mouth, but work will go on- An interview with the whistleblower who exposed Madhya Pradesh Vyapam scam The News Minute 2015-06-25 Monalisa Das 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150811053040/http://www.thenewsminute.com/news_sections/335 11 अगस्त 2015 dead भाजपा के एक प्रवक्ता द्वारा डॉ राय को विपक्षी दल कांग्रेस का एक एजेंट निरुपित किया गया जिस का राय ने खंडन करते हुए बताया कि वो स्वयं सत्ताधारी बीजेपी के कार्यकर्त्ता रहे हैं और २००५ से २०१३ के बीच आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) जो भाजपा का मुख्य सांस्कृतिक संगठन है, के सक्रीय सदस्य भी रहे हैं।http://khabar.ndtv.com/news/blogs/why-rss-is-quiet-on-protecting-whistleblower-anand-rai-778943 RSS ने सिखाया पाठ, RSS ने ही छोड़ दिया साथ, जानिए आनंद राय की कहानी - रवीश कुमार 2015-07-07 NDTV hi 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150827055819/http://khabar.ndtv.com/news/blogs/why-rss-is-quiet-on-protecting-whistleblower-anand-rai-778943 27 अगस्त 2015 dead उन्होंने भारत के उच्चतम न्यायालय में DMAT घोटाले और एक निजी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के घोटाले की जांच के लिए याचिका भी दायर की है।Madhya Pradesh DMAT exam cancelled https://web.archive.org/web/20150915050952/http://www.tribuneindia.com/news/nation/madhya-pradesh-dmat-exam-cancelled/104907.html 15 सितंबर 2015 , June 10, 2015, Tribune India. जुलाई २०१५ में डॉ राय को इंदौर से धार जिले में स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा उन्हें प्रताड़ित करने की मंशा से किया गया है क्यूँ की उन्होंने पूर्व केन्द्रीय मंत्री और बीजेपी नेता विक्रम वर्मा के विरुद्ध सीबीआई में शिकायत दर्ज़ करवाई है। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि वर्मा ने अपनी बेटी का स्थानान्तरण ग़ाज़ियाबाद से गाँधी मेडिकल कॉलेज भोपाल करवाने में अपने प्रभाव का अनुचित इस्तेमाल किया है।Vyapam scam: Doctor who complained against BJP leader transferred https://web.archive.org/web/20150730011921/http://timesofindia.indiatimes.com/india/Vyapam-scam-Doctor-who-complained-against-BJP-leader-transferred/articleshow/48144375.cms 30 जुलाई 2015 , July 20, 2015, The Times of India. आशीष चतुर्वेदी ग्वालियर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी ने ८ लोगों के विरुद्ध शिकायत दर्ज़ करवाई थी जिन में से एक गुलाब सिंह किरार का बेटा शक्ति सिंह भी था। गौरतलब है कि किरार, मुख्यमंत्री शिवराज चौहान का रिश्तेदार है। चतुर्वेदी ने राज्य के सभी कॉलेजों में एमबीबीएस में ५००० डॉक्टरों की प्रवेश और २००३-१३ के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की जांच के लिए सीबीआई के समक्ष याचिका दायर की थी। उन पर अपहरण के प्रयास समेत तीन हमले हो चुके हैं। उन का आरोप है कि शिकायत किये जाने के बाद भी राज्य की पुलिस उन्हें समुचित संरक्षण नहीं दे रही है। उनका यह भी आरोप है कि राज्य की पुलिस ने उन्हें सुरक्षा में बदले ५०,००० रु का भुगतान करने अथवा घर ही में रहने को कहा है।Gwalior man who blew lid on MPPEB scam faces life threat https://web.archive.org/web/20160330005123/http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/Gwalior-man-who-blew-lid-on-MPPEB-scam-faces-life-threat/articleshow/39150690.cms 30 मार्च 2016 , The Times of India July 28, 2014. प्रशांत पांडे स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ काम कर चुके पूर्व आईटी सलाहकार, प्रशांत पांडेय भी एक व्हिसलब्लोअर होने का दावा करते हैं। उन्हें २०१४ में एक व्यापम अभियुक्त को ब्लैकमेल करने के लिए टीम की जानकारी का उपयोग करने की कोशिश करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्होंने दावा किया कि जांचकर्ताओं सबूतो में छेड़छाड़ कर मुख्यमंत्री शिवराज चौहान को बचाने का प्रयास कर रहे थे जिस का ख़ुलासा करने पर उन्हें प्रताड़ित करने के लिए गिरफ्तारी की कार्यवाही की गयी। पांडे ने दावा किया कि उनके पास बिना छेड़छाड़ की हुई एक एक्सेल शीट है जिस में कथित तौर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के घोटाले में शामिल होने के प्रमाण हैं।I Had to go Public When Real Documents Didn't Come Out: Vyapam Scam Whistleblower to NDTV https://web.archive.org/web/20150402171859/http://www.ndtv.com/india-news/i-had-to-go-public-when-real-documents-didnt-come-out-vyapam-scam-whistleblower-to-ndtv-749030?site=full 2 अप्रैल 2015 , March 23, 2015, NDTV इसे उच्च न्यायालय द्वारा खारिज़ कर दिया गया था। मध्य प्रदेश पुलिस के इस एक्सेल शीट के एक भाग के रूप में जानकारी लीक करने के लिए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। पांडे ने दिल्ली उच्च न्यायालय को याचिका दायर की जिस के तहत उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/MPPEB-scam-Delhi-high-court-stays-arrest-of-Mr-X-by-Madhya-Pradesh-STF/articleshow/47071850.cms MPPEB scam: Delhi high court stays arrest of Mr X by Madhya Pradesh STF The Times of India 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20160330005135/http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/MPPEB-scam-Delhi-high-court-stays-arrest-of-Mr-X-by-Madhya-Pradesh-STF/articleshow/47071850.cms 30 मार्च 2016 live पांडे के अनुसार अबतक घोटाले का केवल पांच प्रतिशत ही सामने आ पाया है।Only 5 per cent scams exposed so far: 'Vyapam' whistleblower Prashant Pandey https://web.archive.org/web/20150727031342/http://articles.economictimes.indiatimes.com/2015-02-25/news/59499745_1_vyapam-scam-pandey-special-task-force 27 जुलाई 2015 , February 15, 2015, दि इकॉनोमिक टाइम्स. राज्यपाल और राजभवन के खिलाफ आरोप एसटीएफ को राज्य के राज्यपाल राम नरेश यादव के खिलाफ भी सबूत मिला है। २४ फ़रवरी २०१५ को यादव पर व्यापम वन रक्षक भर्ती परीक्षा में धांधली करने में आपराधिक षड्यंत्र रचने के लिए आरोप लगाया गया था।Vyapam scam: FIR filed against MP governor https://web.archive.org/web/20150310013944/http://timesofindia.indiatimes.com/india/Vyapam-scam-FIR-filed-against-MP-governor/articleshow/46358084.cms 10 मार्च 2015 , The Times of India, Feb 24, 2015. उनके पुत्र शैलेश पर निविदा शिक्षक भर्ती घोटाले में एक आरोप था। मार्च २०१५ में उसे रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाया गया। राज्यपाल का अधिकारी विशेष कर्तव्य (OSD) धनराज यादव घोटाले के सिलसिले में २०१३ में एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया था। राज्यपाल ने उच्च न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया कि भारतीय संविधान प्रदत्त विशेषाधिकार के चलते राज्यपाल रहते हुए उन के विरुद्ध किसी अपराधिक प्रकरण की विवेचना नहीं की जा सकती। उच्च न्यायालय ने सहमति व्यक्त की और उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी लेकिन उनके खिलाफ जांच जारी रखने का आदेश दिया।http://zeenews.india.com/news/madhya-pradesh/vyapam-scam-hc-stays-arrest-of-mp-governor-ram-naresh-yadav_1580232.html Vyapam scam: HC stays arrest of MP Governor Ram Naresh Yadav Zee News 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150802160645/http://zeenews.india.com/news/madhya-pradesh/vyapam-scam-hc-stays-arrest-of-mp-governor-ram-naresh-yadav_1580232.html 2 अगस्त 2015 live एसआईटी प्रमुख जांचकर्ताओं ने घोषित किया कि सितम्बर 2016 में राज्यपाल यादव की सेवानिवृत्ति के बाद ही उन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।God save the governor: Despite Vyapam scam taint why does Ram Yadav enjoy Modi govt's favour? https://web.archive.org/web/20150727033759/http://www.firstpost.com/politics/god-save-governor-despite-vyapam-scam-taint-ram-yadav-enjoy-modi-govts-favour-2328888.html 27 जुलाई 2015 , Firstpost.com, July 6, 2015 तीन अधिवक्ताओं ने यादव को राज्यपाल के पद से हटाने की याचिका सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल कीhttp://www.asianage.com/india/supreme-court-moved-removal-madhya-pradesh-governor-057 Supreme Court moved for removal of Madhya Pradesh governor The Asian Age 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150709192459/http://www.asianage.com/india/supreme-court-moved-removal-madhya-pradesh-governor-057 9 जुलाई 2015 live जिसे भारत के मुख्य न्यायाधीश एच एल दत्तू, न्यायमूर्ति अरुण कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति अमिताभ रॉय की एक त्रिसदस्यीय पीठ ने सुनवाई योग्य मानते हुए स्वीकार करते हुए सुनवाई हेतु 9 जुलाई 2015 की तारीख तय की।Vyapam scam: SC agrees to hear plea seeking removal of MP Governor Ram Naresh Yadav https://web.archive.org/web/20150706182316/http://indianexpress.com/article/india/india-others/vyapam-scam-sc-agrees-to-hear-plea-seeking-removal-of-mp-governor/ 6 जुलाई 2015 , द इंडियन एक्सप्रेस, July 6, 2015 सुप्रीम कोर्ट ने 9 जुलाई 2015 को सीबीआई को व्यापम घोटाले से जुड़े सभी मामलों एवं इस से जुड़े ३० से अधिक संदिग्धों की मौत की जाँच करने का आदेश दिया। मौतें घोटाले से जुड़े कई संदिग्धों की जांच के दौरान कथित तौर पर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। विपक्षी दलों और कार्यकर्ताओं को इन मौतों में कई मौतों को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु निरुपित किया। २०१५ में विशेष कार्य बल ने घोटाले से जुड़े लोगों की मृत्यु को अप्राकृतिक मानते हुए २३ मृतकों की सूची उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की और बताया कि अधिकांश की मृत्यु जुलाई २०१३ कार्यबल के गठन से पूर्व हो गयी थी जिस से विपक्षी दलों के झूठ का पता चलता है। मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि घोटाले से जुड़े ४० से अधिक लोगों की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। राज्य सरकार के मन्त्री बाबूलाल गौर ने लगातार हो रही इन मौतों पर कहा कि रोज़ कई लोग मरते रहते हैं।http://indiatoday.intoday.in/story/vyapam-scam-accused-deaths-natural-babulal-gaur/1/447767.html Deaths of Vyapam scam accused were natural: MP Home Minister Babulal Gaur NDTV 2015-06-29 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150727173306/http://indiatoday.intoday.in/story/vyapam-scam-accused-deaths-natural-babulal-gaur/1/447767.html 27 जुलाई 2015 live व्हिसल ब्लोवर्स आनंद राय के अनुसार, इन मौतों में से १० संदेहास्पद मौते हैं जब की अन्य को उन्होंने संयोग माना। उस के द्वारा संदिग्ध के रूप में होने वाली मौतों में अक्षय सिंह, नम्रता डामोर, नरेंद्र तोमर, डीके साकल्ले, अरुण शर्मा, राजेंद्र आर्य की मौत और चार बिचौलियों की सड़क दुर्घटनाओं में हुई मौतें शामिल हैं।http://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/vyapam-scam-10-deaths-were-suspicious-rest-may-be-a-coincidence-says-anand-rai/articleshow/47967026.cms Vyapam scam: 10 deaths were suspicious, rest may be a coincidence, says Anand Rai 2015-07-07 Economic Times 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150710170214/http://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/vyapam-scam-10-deaths-were-suspicious-rest-may-be-a-coincidence-says-anand-rai/articleshow/47967026.cms 10 जुलाई 2015 live उच्च न्यायालय ने विशेष जांच दल (एसआईटी) के अनुसार घोटाले में शामिल, २५ - ३० वर्ष आयुवर्ग के ३२ लोगों की २०१२ से अब तक संदिग्धों परिस्थितियों में मृत्यु हो चुकी थी।http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/Nobody-knows-how-40-PEB-accused-died/articleshow/47454826.cms Nobody knows how 40 PEB accused died 2015-05-28 P Naveen The Times of India 16 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150605143655/http://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/Nobody-knows-how-40-PEB-accused-died/articleshow/47454826.cms 5 जून 2015 live प्रतिक्रियाएं सन्दर्भ 30emhttps://web.archive.org/web/20190215215727/https://www.bhopalsamachar.com/2016/09/cbi.html https://web.archive.org/web/20160927043526/http://www.bhopalsamachar.com/2015/07/blog-post_48.html https://web.archive.org/web/20160927044210/http://www.bhopalsamachar.com/2016/08/blog-post_920.html श्रेणी:भारत में घोटाले