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अनिल कुमार बोरो
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अनिल कुमार बोरों 1961 12 9 yes कहीतमा, असम, भारत भारतीय प्रोफेसर, विद्वान, लेखक गौहाटी विश्वविद्यालय (पीएच.डी.) * पद्म श्री (2025)
साहित्य अकादमी पुरस्कार (2013) * अ हिस्ट्री ऑफ बोडो लिटरेचर
डेल्फिनी ओंथाई म्वदाई अर्व गुबुन गुबुन खोंथाई
अनिल कुमार बोरों (जन्म 9 दिसंबर 1961) एक भारतीय शिक्षाविद, लेखक और लोककथा विद हैं, जो बोड़ो साहित्य और लोकसंस्कृति के क्षेत्र में अपने महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाने जाते हैं। वे गौहाटी विश्वविद्यालय के लोककथा अध्ययन विभाग के प्रमुख हैं। उन्हें 2025 में साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।Tribune The Assam 2025-01-26 Five Padma awardees from Assam bring laurels to state https://assamtribune.com/assam/five-padma-awardees-from-assam-bring-laurels-to-the-state-1565976 2025-02-032025-01-25 Padma awards 2025: 12 distinguished personalities from northeast conferred prestigious awards https://www.indiatodayne.in/assam/story/padma-awards-2025-12-distinguished-personalities-from-northeast-conferred-prestigious-awards-1160654-2025-01-25 2025-02-03Padma Awards 2025 announced https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2096285 Press Information Bureau 2025-01-25 2025-06-05
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
अनिल कुमार बोरों का जन्म 9 दिसंबर 1961 को असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान के पास कहीतमा गाँव में हुआ। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा एनकेबी हाई स्कूल, कहीतमा से प्राप्त की और आगे की पढ़ाई बी.एच. कॉलेज, हाउली तथा गौहाटी विश्वविद्यालय से की। उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर तथा लोककथा अध्ययन में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की।Digital Desk Northeast Live 2025-01-26 Assam Celebrates One Padma Bhushan, 4 Padma Shri In Art, Literature And Culture https://northeastlivetv.com/topnews/assam-celebrates-one-padma-bhushan-4-padma-shri-in-art-literature-and-culture/ 2025-02-032013-12-19 3 from northeast to get Sahitya Akademi awards https://timesofindia.indiatimes.com/city/guwahati/3-from-northeast-to-get-sahitya-akademi-awards/articleshow/27632338.cms 2025-02-03
करियर
बोरों ने 1988 में डिमोरिया कॉलेज, खेत्री में अंग्रेजी व्याख्याता के रूप में अपने अकादमिक जीवन की शुरुआत की। 2000 में वे गौहाटी विश्वविद्यालय के लोककथा अध्ययन विभाग में शामिल हुए और बाद में विभागाध्यक्ष बने। उनका शोध कार्य लोक साहित्य, उत्तरआधुनिकता और बोडो साहित्य पर केंद्रित है, जिसमें उन्होंने भारत की आदिवासी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।Pragyanxetu 2025-01-28 Anil Kumar Boro ( Padma Shri 2025) https://pragyanxetu.com/anil-kumar-boro-padma-shri-2025/ 2025-02-03Boro Anil https://books.google.com/books?id=aDvxjgEACAAJ Folk Literature of the Bodos 2014 N.L. Publications 978-81-909739-2-2
साहित्यिक योगदान
बोरों ने बोडो लोक साहित्य और संस्कृति पर कई महत्वपूर्ण पुस्तकें और शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। उनके प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:
अ हिस्ट्री ऑफ बोडो लिटरेचरBoro Anil https://books.google.com/books?id=G89htwAACAAJ A History of Bodo Literature 2010 Sahitya Akademi 978-81-260-2807-8
डेल्फिनी ओंथाई म्वदाई अर्व गुबुन गुबुन खोंथाई – इस कविता संग्रह के लिए उन्हें 2013 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सम्मान और पुरस्कार
पद्म श्री (2025) – साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिएAssam's Artistic Luminaries Shine with Padma Awards https://www.devdiscourse.com/article/entertainment/3239623-assams-artistic-luminaries-shine-with-padma-awards 2025-02-032025-01-25 Full list of Padma Awards 2025 https://www.thehindu.com/news/national/full-list-of-padma-awards-2025/article69141094.ece 2025-02-03Padma Awards 2025 Notification https://www.padmaawards.gov.in/Document/pdf/notifications/PadmaAwards/2025.pdf Padma Awards Ministry of Home Affairs, Government of India 2025-04-28 2025-06-05
साहित्य अकादमी पुरस्कार (2013)
रंगसर साहित्य सम्मान – बोड़ो साहित्य सभा द्वारा प्रदत्त Assam Folklorist-Poet Anil Boro Presented Padma Shri For His Contribution To Bodo Literature https://northeasttoday.in/2025/04/29/assam-folkorist-poet-anil-boro-presented-padma-shri-for-his-contribution-to-bodo-literature/ Northeast Today 2025-04-29 2025-06-05
अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सवों में सहभागिता, जैसे ओबिडॉस अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव (पुर्तगाल, 2019), एसओए साहित्य महोत्सव (भुवनेश्वर, 2024)
इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर फोक नैरेटिव रिसर्च सम्मेलन, इटली (2018) में शोध पत्र प्रस्तुत
व्यक्तिगत जीवन
अनिल कुमार बोरों अपने निजी जीवन को सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करते हैं। वे लोककथा अध्ययन के क्षेत्र में शोधकर्ताओं और छात्रों का मार्गदर्शन करते हैं और शिक्षा व साहित्य के प्रति समर्पित हैं।
विरासत और प्रभाव
बोरों का कार्य बोडो संस्कृति और भाषा के संरक्षण में अत्यंत प्रभावशाली रहा है। उनकी लेखनी ने असम की पारंपरिक और लोक साहित्यिक विरासत को प्रलेखित करने और संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
यह भी देखें
साहित्य अकादमी पुरस्कार
गौहाटी विश्वविद्यालय
संदर्भ
बाहरी कड़ियाँ
गौहाटी विश्वविद्यालय प्रोफ़ाइल
गूगल स्कॉलर प्रोफ़ाइल
श्रेणी:1961 में जन्मे लोग
श्रेणी:भारतीय लोककथाविद
श्रेणी:भारतीय शिक्षाविद
श्रेणी:पद्म श्री सम्मान प्राप्तकर्ता
श्रेणी:साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता
श्रेणी:असम के लोग