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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

चङङम्पुषा कृष्ण पिल्ला

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चडङंपुषा कृष्ण पिल्ला-(१९११-१९४८) मलयालम के एक सुप्रसिद्ध कवि थे। वे मलयालम् स्वच्छंतावाद काव्यमण्डल के सर्वाधिक लोकप्रिय कवि थे। उनकी काव्यकला की सबसे बड़ी विशेषता संगीतात्मकता है। परिचय कृष्ण पिल्ला का जन्म मध्य केरल में इटप्पल्लि नामक स्थान में हुआ था। २० वर्ष की अवस्था के पूर्व ही वे समस्त केरल में लोकप्रिय हो गए। उनकी कविता का प्रमुख विषय प्रेम के कटु अनुभव से उत्पन्न भावुकतापूर्ण संघर्ष है। उन्होंने दंभ एवं विश्वासघात के विरुद्ध अभियान किया जो पर्याप्त मात्रा में फैले हुए थे। उनके गीतकाव्य और बड़ी बड़ी कविताएँ ३० से अधिक संकलनों में प्रकाशित हुई हैं। 'वाष्पांजलि', 'मोहिनी', 'संकल्प कांति', 'पाटुन्न पिशाचु', 'हेमंतचंद्रिका', 'तिलोत्तमा', 'मनस्विनी' उनके कुछ संकलनों में से हैं। उनकी अत्यधिक सर्वप्रिय पुस्तक 'रमणन' है जो शोकप्रधान अभिनव ग्राम्य काव्य है। यह एक साथी कवि इटप्पल्लि राघवन पिल्ला के दु:खांत प्रेम के संबंध में लिखा गया है जबकि उसने तरुण अवस्था में ही आत्महत्या कर ली थी। 'रक्त पुष्पंङल्ल' उनकी प्रगतिशील एवं क्रांतिकारी कविताओं का संकलन है। कृष्णपिल्ला यूरोपीय भाषाओं एवं हिंदी के रोमांटिक काव्यों से अधिक प्रभावित हुए। उनका दृष्टिकोण या आदर्श अविचल नहीं था। उन्हें जीवन की विषमताओं का निश्चित बोध नहीं था। अपने मनोभावों की अभिव्यक्ति के ऊपर कठोर बौद्धिक नियंत्रण का अभाव एवं स्वच्छंद रचनाओं ने उनकी कविताओं को शक्तिहीन एवं फीका बना दिया है। किंतु निष्कपटता, मनोहर संगीतमयता, कोमलकांत पदावली एवं अभिव्यक्तियों की सुगमता से पढ़नेवाली सामान्य जनता के मध्य उन्हें प्रिय बना दिया। इन्हें भी देखें मलयालम साहित्य श्रेणी:मलयालम साहित्यकार श्रेणी:1911 में जन्मे लोग श्रेणी: भारतीय लेखक श्रेणी:भारतीय साहित्यकार