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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

साएडेरियाई कल्प

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thumb|280px|डेल्ज़ गॉर्ज, वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में एक साएडेरियाई धारीदार लौहशिला गठन साएडेरियाई कल्प (Siderian Period) पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास में एक कल्प था, जो आज से 250 करोड़ (यानि 2.5 अरब) वर्ष पहले आरम्भ हुआ और 230 करोड़ (2.3 अरब) वर्ष पहले अंत हुआ। यह पुराप्राग्जीवी महाकल्प (पेलियोप्रोटेरोज़ोइक, Paleoproterozoic) और प्राग्जीवी इओन (Proterozoic) दोनों का सबसे पहला कल्प था। इसके बाद में राएसियाई कल्प (Rhyacian) आया। साएडेरियाई कल्प से पहले आर्कीअन इओन चल रहा था। Ogg James G. Ogg, Gabi Gradstein, Felix M. The Concise Geologic Time Scale Cambridge University Press 2008 184 http://www.cambridge.org/catalogue/catalogue.asp?isbn=0521898498 978-0-521-89849-2 21 जुलाई 2018 https://web.archive.org/web/20180617115525/http://www.cambridge.org/catalogue/catalogue.asp?isbn=0521898498 17 जून 2018 live ऑक्सीजन में बढ़ौतरी और सागरों का रंग बदलना साएडेरियाई कल्प में धारीदार लौहशिला गठन (banded ironstone formation) नामक अवसादी शैल की रचना चरमगति पर थी। उस समय पृथ्वी के सागरों का रंग हरा था क्योंकि उनमें बड़ी मात्रा में लोहे यौगिक घुले हुए थे। इन समुद्रों में फैले शैवाल ने ऑक्सीजन उत्पन्न किया जिसने इस लोहे से मिलकर मैग्नेटाइट बना दिया। धीरे-धीरे सागरों का रंग साफ़ होने लगा। जब समुद्र से अधिकतर लोहा हट चुका था तो इस ऑक्सीजन को सोखने के लिए कुछ नहीं बचा, जिस से पृथ्वी के वायुमण्डल में - जहाँ अब तक मीथेन गैस की बड़ी भूमिका थी - ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ने लगी। पृथ्वी पर तब तक क्रमविकसित हुए अधिकांश जीव कम-ऑक्सीजन वाली वायु में पनपने वाले अविकल्पी अवायुजीव थे और उनमें से अधिकांश इस बढ़ती ऑक्सीजन सान्द्रता को न झेल पाने के कारण विलुप्त हो गए।Paleoclimates: The First Two Billion Years James F. Kasting Shuehi Ono 2006 Philosophical Transactions: Biological Sciences 361 1470 917–929 10.1098/rstb.2006.1839 20209693 1868609 ऑक्सीजन बढ़ती रही और वायुमण्डल में मीथेन की सान्द्रता घटती रही। इसका तापमान पर भारी प्रभाव पड़ा क्योंकि ऑक्सीजन की तुलना में मीथेन एक कई अधिक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है, और सूरज से प्राप्त गरमी को वायुमण्डल व सतह पर अधिक रोके रखती है। बहुत से जीववैज्ञानिक व भूवैज्ञानिक मानते हैं कि इस से ह्युरोनियाई हिमयुग आरम्भ हुआ, जो पृथ्वी का सबसे लम्बा व भयंकर हिमयुग था, जिसमें एक समय पर सम्भव है कि पृथ्वी पूरी तरह से हिमचादरों से ढकी गई हो। इस पूरे घटनाक्रम को महान ऑक्सीजन प्रलय (Great Oxygen Catastrophe) के नाम से जाना जाता है। आगे चलकर जैसे ऑक्सीजन-श्वासी जीव उत्पन्न हुए ऑक्सीजन की मात्रा में संतुलन आ गया।The Paleoproterozoic Snowball Earth: A climate disaster triggered by the evolution of oxygenic photosynthesis https://archive.org/details/sim_proceedings-of-the-national-academy-of-sciences-usa_2005-08-09_102_32/page/11131 Robert E. Kopp Joseph L. Kirschvink Isaac A. Hilburn Cody Z. Nash PNAS 2005 102 32 11131–11136 10.1073/pnas.0504878102 इन्हें भी देखें कल्प (भूवैज्ञानिक) राएसियाई कल्प (Rhyacian) पुराप्राग्जीवी महाकल्प प्राग्जीवी इओन (प्रोटेरोज़ोइक, Proterozoic) आर्कीअन इओन (Archean) सन्दर्भ श्रेणी:पुराप्राग्जीवी महाकल्प श्रेणी:भूवैज्ञानिक कल्प