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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

सुदामा पांडेय 'धूमिल'

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सुदामा पाण्डेय धूमिल हिंदी की समकालीन कविता के दौर के मील के पत्थर सरीखे कवियों में एक है। उनकी कविताओं में आजादी के सपनों के मोहभंग की पीड़ा और आक्रोश की सबसे सशक्त अभिव्यक्ति मिलती है। व्यवस्था जिसने जनता को छला है, उसको आइना दिखाना मानों धूमिल की कविताओं का परम लक्ष्य है। जीवन परिचय धूमिल का जन्म वाराणसी के पास खेवली गांव में हुआ था। उनका मूल नाम सुदामा पांडेय था। धूमिल नाम से वे जीवन भर कवितायें लिखते रहे। सन् 1958 में आई.टी.आई. (वाराणसी) से विद्युत डिप्लोमा लेकर वे वहीं विद्युत अनुदेशक बन गये। 38 वर्ष की अल्पायु में ही ब्रेन ट्यूमर से उनकी मृत्यु हो गई।http://hindini.com/fursatiya/?p=129 Dhoomil Profile and Poems 21 मई 2026 19 जुलाई 2006 https://web.archive.org/web/20060719053932/http://hindini.com/fursatiya/?p=129 dead रचनात्मक विशेषताएं सन 1960 के बाद की हिंदी कविता में जिस मोहभंग की शुरूआत हुई थी, धूमिल उसकी अभिव्यक्ति करने वाले अंत्यत प्रभावशाली कवि हैं । उनकी कविता में परंपरा, सभ्यता, सुरुचि, शालीनता और भद्रता का विरोध है, क्योंकि इन सबकी आड़ में जो हृदय पलता है, उसे धूमिल पहचानते हैं। कवि धूमिल यह भी जानते हैं कि व्यवस्था अपनी रक्षा के लिये इन सबका उपयोग करती है, इसलिये वे इन सबका विरोध करते हैं। इस विरोध के कारण उनकी कविता में एक प्रकार की आक्रामकता मिलती है। किंतु उससे उनकी कविता की प्रभावशीलता बढती है। धूमिल अकविता आन्दोलन के प्रमुख कवियों में से एक हैं। धूमिल अपनी कविता के माध्यम से एक ऐसी काव्य भाषा विकसित करते हैं जो नई कविता के दौर की काव्य- भाषा की रुमानियत, अतिशय कल्पनाशीलता और जटिल बिंबधर्मिता से मुक्त है। उनकी भाषा काव्य-सत्य को जीवन सत्य के अधिकाधिक निकट लाती है। रचनाएं धूमिल के तीन काव्य-संग्रह प्रकाशित हैं- संसद से सड़क तक (1972) कल सुनना मुझे (1976) सुदामा पांडे का प्रजातंत्र (1984) उनके बेटे रत्नशंकर पांडे ने प्रकाशित की थी। धूमिल समग्र (तीन खण्डों में) (2021) उन्हें मरणोपरांत १९७९ में 'कल सुनना मुझे' काव्य संग्रह के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। Official list of Awardees 1955-2007 https://web.archive.org/web/20070704045555/http://www.sahitya-akademi.org/sahitya-akademi/awa10306.htm 4 July 2007 भारतीय साहित्य अकादमी website.Sudama Pandey Dhoomil, Biography & Works www.anubhuti-hindi.org. धूमिल की कुछ सबसे लोकप्रिय कविताएँ हैं- मोचीराम, बीस साल बाद, पटकथा, रोटी और संसद, लोहे का स्वाद आदि। सन्दर्भ 29em बाहरी कड़ियाँ धूमिल की रचनाएँ कविता कोश में श्रेणी:1936 में जन्मे लोग श्रेणी:१९५८ में निधन श्रेणी:वाराणसी के लोग श्रेणी:साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत हिन्दी भाषा के साहित्यकार