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भारतीय न्याय संहिता
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भारतीय न्याय संहिता-2023 भारतीय संसद Emblem of India.svg 100 यह विधेयक अपराधों से सम्बन्धित प्रावधानों को सुदृढ करेगा और उनमें संशोधन कएगा। भारत भारतीय संसद 11 अगस्त 2023 25 दिसंबर, 2023 1 जुलाई, 2024 भारत सरकार भारतीय न्याय संहिता विधेयक-2023 11 अगस्त 2023 गृह मंत्री भारतीय दण्ड संहिता, आपराधिक प्रक्रिया संहिता,भारतीय साक्ष्य अधिनियम इस विधेयक के द्वारा भारतीय दण्ड संहिता, आपराधिक प्रक्रिया संहिता और साक्ष्य अधिनियम निरस्त कर दिए गए और इनके स्थान पर भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 आ गए। In force
भारतीय न्याय संहिता भारत में 1 जुलाई, 2024 से लागू एक नई न्याय संहिता है। यह एक व्यापक संहिता है जो भारतीय दंड संहिता, आपराधिक प्रक्रिया संहिता और साक्ष्य अधिनियम के स्थान पर लायी गयी है।भूल जाइए IPC, आज से भारतीय न्याय संहिता समेत तीन नए कानून लागूनयी आपराधिक संहिता में कौन सी धारा अब क्या?
11 अगस्त, 2023 को भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में भारतीय न्याय संहिता विधेयक, 2023 पेश किया। यह विधेयक को भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली में एक महत्वपूर्ण और स्मरणीय सुधार माना जा रहा है। https://www.indiatoday.in/india/story/government-brings-in-three-bills-to-revamp-indias-crime-laws-crpc-amit-shah-lok-sabha-2419541-2023-08-11 Centre’s 3 bills to revamp criminal laws: ‘Aim to provide justice, not punish’ India Today https://www.livemint.com/news/india/parliament-monsoon-session-ends-today-amit-shah-announces-major-overhaul-of-criminal-justice-system-with-new-bill-11691738520380.html ‘Will repeal offence of sedition,’ Amit Shah introduces 3 bills in Parliament Ghosh Sanchari 11 August 2023 mint https://www.ndtv.com/india-news/the-3-bills-that-will-soon-replace-british-era-criminal-laws-their-aim-explained-4289008 The 3 Bills That Will Soon Replace British-Era Criminal Laws. Their Aim Explained NDTV.com
भारतीय न्याय संहिता विधेयक, 2023 के लागू होने से भारतीय न्याय प्रणाली में निम्नलिखित प्रमुख परिवर्तन हुए हैं-
इसके द्वारा राजद्रोह कानून को निरस्त हो गया।
इसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के लिए विशेष प्रावधान हैं। संवेदनशील संभालन और त्वरित चिकित्सा परीक्षण सुनिश्चित करने के लिए नियमों में बदलाव किया गया है।
इससे अपराध पीड़ितों को न्याय मिलना आसान हो जायेगा।
यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता को सशक्त करेगा।
भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को पूर्ण रूप से हटाकर न केवल समलैंगिकता, बल्कि पुरुषों और महिलाओं के बीच सहमित या गैर-सहमति से हुए एनल और ओरल मैथुन, एवं अप्राकृतिक संभोग को भी वैध घोषित कर देगा।https://www.bbc.com/hindi/articles/ckm21zzjxrvo.amp भारतीय न्याय संहिता पुरुषों, ट्रांसजेंडरों के ख़िलाफ़ रेप और मैरिटल रेप के मामलों को कैसे प्रभावित करेगी पोद्दार उमंग 17 Aug 2023 BBC NEWS Hindi
नए कानून में हिंदी शब्दों का समावेश, परिभाषाएँ आसानी से समझ सकते हैं।नए कानून में हिंदी शब्दों का समावेश, आसानी से समझ सकते हैं परिभाषा
हिट एंड रन: भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 में हिट-एंड-रन मामलों में धारा 106(2) को रोक दिया गया है, जबकि आपराधिक कानून के अन्य प्रावधान लागू कर दिए गए हैं।
रिमांड: नए कानूनों के तहत रिमांड का समय पहले की तरह 15 दिनों का ही रखा गया है।
भाषा: तीनों कानून संविधान की आठवीं अनुसूची की सभी भाषाओं में उपलब्ध होंगे और केस भी उन्हीं भाषाओं में चलेंगे।
फॉरेंसिक जांच: नए कानूनों में 7 साल या उससे अधिक की सज़ा वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच को अनिवार्य किया गया है। इससे न्याय जल्दी मिलेगा और दोष-सिद्धि दर को 90% तक ले जाने में सहायक होगा।
प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR): किसी भी मामले में FIR दर्ज होने से सुप्रीम कोर्ट तक 3 साल में न्याय मिल सकेगा।
ई-एफआईआर का प्रावधान: नागरिकों की सुविधा के लिए जीरो एफआईआर यानी ई-एफआईआर की शुरुआत भी की गयी है। इसके तहत अपराध कहीं भी हुआ हो लेकिन उसे अपने थाना क्षेत्र के बाहर भी रजिस्टर कराया जा सकता है। बाद में केस को 15 दिनों के अंदर संबंधित थाने को भेजना होगा। नए नियमों के अनुसार, पुलिस थाने में एक ऐसा पुलिस अधिकारी नामित किया जायेगा जो गिरफ्तार किए गए व्यक्ति के परिवार को केस के बारें में सूचना देगा।
त्वरित न्यायिक प्रक्रियाएँ: अदालती फैसले देने के लिए सख्त समय सीमाएँ। 45 दिनों के भीतर और आरोप लगाने के लिए 60 दिनों के भीतर समयबद्ध न्याय प्रदान किया जाएगा।अब 45 दिनों के भीतर फैसला!
तकनीकी प्रगति: ऑनलाइन पुलिस शिकायतें और इलेक्ट्रॉनिक समन सेवा। कागजी कार्य को कम करने और संचार को मजबूत करने का प्रयास।
प्रशिक्षण: नए कानूनों पर लगभग 22.5 लाख पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग के लिए 12000 मास्टर ट्रेनर्स के लक्ष्य से कहीं अधिक 23 हजार से ज्यादा मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षित।
संगठन
भारतीय न्याय संहिता में 20 अध्याय और 358 खण्ड (सेक्शन) हैं। इसकी संरचना भारतीय दण्ड संहिता के जैसी ही है। भारतीय न्याय संहिता की रूपरेखा इस प्रकार की है:The Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 https://web.archive.org/web/20230811182724/https://prsindia.org/files/bills_acts/bills_parliament/2023/Bharatiya_Nyaya_Sanhita,_2023.pdf 11 August 2023 , PSR India, 10 August 2023https://sudhirrao.com/bns/ The Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 9 March 2024 9 March 2024 https://web.archive.org/web/20240309100623/https://sudhirrao.com/bns/ live
+भारतीय न्याय संहिता, 2023अध्यायधाराएँ अपराधों का वर्गीकरणअध्याय 1धारा 1 से 3प्रारंभिकअध्याय 2धारा 4 से 13दण्डों के विषय मेंअध्याय 3धारा 14 से 44सामान्य अपवाद (14 से 33)
आत्म सुरक्षा के अधिकार के बारे में (34 से 44)अध्याय 4धारा 45 से 62उकसाना, आपराधिक साजिश और प्रयास के
उकसाना के (45 से 60)
आपराधिक साजिश के (61)
प्रयास के (62)अध्याय 5धारा 63 से 99महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के बायौन अपराधों के संबंध में (63 से 73)
यौन अपराधों के अपराध (63 से 73)
महिलाओं के खिलाफ आपराधिक बल (74 से 79)
विवाह से संबंधित अपराध (80 से 87)
गर्भपात आदि के कारण (88 से 92)
बच्चों के विरुद्ध अपराध (93 से 99)अध्याय 6धारा 100 से 146मानव शरीर को प्रभावित करने वाले अपराधों के बारे में
जीवन को प्रभावित करने वाले अपराधों के बारे में (100 से 113)
चोट के बारे में (114 से 125)
सदोष अवरोध और सदोष परिरोध के विषय में (126 से 127)
आपराधिक बल और हमले के बारे में (128 से 136)
अपहरण, अपहरण, दासत्वऔर जबरन श्रम (137 से 146)अध्याय 7धारा 147 से 158राज्य के विरुद्ध अपराधों के बारे मेंअध्याय 8धारा 159 से 168सेना, नौसेना और वायु सेना से संबंधित अपराधों के बारे मेंअध्याय 9धारा 169 से 177चुनाव से संबंधित अपराधों के बारे मेंअध्याय 10धारा 178 से 188सिक्कों, बैंक नोटों, करेंसी नोटों और सरकारी टिकटों से संबंधित अपराधों के विषय मेंअध्याय 11धारा 189 से 197सार्वजनिक शांति के विरुद्ध अपराधों के बारे में अध्याय 12धारा 198 से 205लोक सेवकों द्वारा या उनसे संबंधित अपराधों के विषय मेंअध्याय 13धारा 206 से 226सरकारी कर्मचारियों के कानूनी अधिकार की अवमाननाअध्याय 14 धारा 227 से 269मिथ्या सबूत और सरकारी न्याय के खिलाफ अपराधअध्याय 15धारा 270 से 297जन स्वास्थ्य, सुरक्षा, विश्वास, शालीनता और नैतिकता को प्रभावित करने वाले अपराधअध्याय 16धारा 298 से 302धर्म से जुड़े अपराध अध्याय 17 धारा 303 से 334संपत्ति के विरुद्ध अपराधों के बारे में
चोरी के बारे में (303 से 307)
ज़बरदस्ती वसूली के बारे में (308)
लूट और डकैती के बारे में (309 से 313)
संपत्ति का आपराधिक दुर्विनियोग (314 और 315)
आपराधिक न्यासभंग (316)
चुराई हुई संपत्ति प्राप्त करना (317)
छल / धोखाधड़ी (318 और 319)
कपटपूर्ण विलेख और संपत्ति का व्ययन (320 से 323)
रिष्टि / अनिष्ट (324 से 328)
आपराधिक अतिचार (329 से 334)अध्याय 18धारा 335 से 350दस्तावेजों और संपत्ति चिह्नों से संबंधित अपराधों के विषय में
दस्तावेजों के विषय में (335 से 344)
संपत्ति चिह्नों के विषय में (345 से 350)अध्याय 19धारा 351 से 357आपराधिक अभित्रास, अपमान, क्षोभ, मानहानि आदि के विषय में
अभित्रास, अपमान और क्षोभ (351 से 355)
मानहानि के विषय में(356)
असहाय व्यक्ति की परिचर्या करने और उसकी आवश्यकताओं की पूर्ति करने की संविदा का भंग (357)अध्याय 20धारा 358निरसन और व्यावृत्ति (358)
इन्हें भी देखें
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023
सन्दर्भ
https://suragbureau.com/2890 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तीन नए अपराधिक विधेयक 2023 को दी स्वीकृति Surag Bureau
श्रेणी:साक्ष्य कानून
8. President gives assent to Bharatiya Nyaya Sanhita, Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita and Bharatiya Sakshya Bill 2023 Law Monitor