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प्रोग्रेस (अंतरिक्ष यान)

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प्रोग्रेस (ru Прогресс) रूस का एक बार उपयोग होने वाला मालवाहक अंतरिक्ष यान है। मूल रूप से सोवियत अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए विकसित और मानवयुक्त सोयुज़ अंतरिक्ष यान पर आधारित इस यान ने लंबी अवधि के अंतरिक्ष मिशनों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह यान अंतरिक्ष यात्रियों के लिए भोजन, पानी और ऑक्सीजन जैसी आवश्यक रसद के साथ-साथ वैज्ञानिक उपकरणों को पहुँचाने का कार्य करता है।https://vigyanvishwa.in/2017/02/20/mir/ विश्व का प्रथम स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन मीर 2017-02-20 विज्ञान विश्व hi-IN 2026-06-08 1978 में अपनी पहली उड़ान के बाद से, प्रोग्रेस यान ने साल्युत 6, साल्युत 7 और मीर सहित कई अंतरिक्ष स्टेशनों को अपनी सेवाएँ प्रदान की हैं, और यह वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आई॰एस॰एस॰) तक रसद पहुँचाने वाले प्रमुख यानों में से एक है।https://www.india.com/hindi-news/world-hindi/nasa-cargo-spacecraft-stuck-in-space-will-the-supply-of-essential-goods-to-space-be-disrupted-know-8083693/ क्या रुक जाएगी अंतरिक्ष में जरूरी सामानों की सप्लाई? अंतरिक्ष में फंसा NASA का कार्गोंयान, जानें क्यों? www.india.com hi 2026-06-08 प्रत्येक प्रोग्रेस मिशन अपने दाबानुकूलित मॉड्यूल के माध्यम से हज़ारों किलोग्राम रसद पहुँचाता है।https://navbharattimes.indiatimes.com/world/science-news/international-space-station-russian-part-shut-down-due-to-unusual-odor-from-progress-90-cargo-spacecraft-sunita-williams/articleshow/115720917.cms स्पेस स्टेशन में फैली 'जहरीली गंध', कमांडर सुनीता विलियम्स ने बंद किया रूस का मॉड्यूल, धरती पर नासा हुआ परेशान Navbharat Times hi 2026-06-08 अंतरिक्ष स्टेशन के संसाधनों की पुनः आपूर्ति करने और इसके आंतरिक वातावरण को सुरक्षित बनाए रखने के लिए यह अपने साथ पानी, ईंधन और विभिन्न गैसें भी ले जाता है। रसद पहुँचाने के अतिरिक्त, स्टेशन से जुड़ा हुआ प्रोग्रेस यान वायुमंडलीय घर्षण के कारण होने वाली गिरावट की भरपाई करने और स्टेशन की सटीक परिक्रमा ऊँचाई को बनाए रखने के लिए उसे नई दिशा दे सकता है या ऊपर की ओर धकेल सकता है। नवंबर 2024 तक, कुल 182 प्रोग्रेस उड़ानें संपन्न हो चुकी हैं, जिनमें से केवल तीन में विफलता हाथ लगी है। सामान्यतः, प्रत्येक वर्ष आई॰एस॰एस॰ के लिए तीन से चार प्रोग्रेस यान प्रक्षेपित किए जाते हैं।https://navbharattimes.indiatimes.com/india/august-3-columbus-set-out-to-discover-india/articleshow/93298298.cms History Of 3 August: भारत की खोज करने निकला था कोलंबस, कांगों में भीषण रेल हादसा, पढ़िए आज के दिन का इतिहास Navbharat Times hi 2026-06-08 सन्दर्भ श्रेणी:अंतरिक्ष यान