411 REFERENCE · Wikipedia
भारत विकास परिषद
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
भारत विकास परिषद् Logo full-1024x911.jpg भाविप भारत विकास परिषद का आदर्श वाक्य है - "स्वस्थ, समर्थ, संस्कारित भारत".
यह एक अराजनैतिक, सामाजिक-सांस्कृतिक स्वयंसेवी संस्था है. इसका मकसद भारत के सर्वांगीण विकास के लिए काम करना है yes y 1963 01 12 दक्षिणपन्थी सक्रिय भारत विकास परिषद एक स्वैच्छिक संगठन है, जिसमें सभी क्षेत्रों के नागरिक देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भावना को बढ़ावा देने और स्वस्थ-समर्थ-संस्कारित भारत अर्थात शारीरिक, मानसिक, शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ भारत के निर्माण के माध्यम से मानव प्रयास के सभी क्षेत्रों में हमारे देश के विकास और वृद्धि के लिए काम करने के लिए शामिल होते हैं। पीतमपुरा, दिल्ली, भारत भारत 68,096 2018–2019 राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन राष्ट्रीय अध्यक्ष आदर्श कुमार गोयल राष्ट्रीय महामंत्री दुर्गा दत्त शर्मा https://bvpindia.com/ भारत विकास परिषद के उद्देश्य:
देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, और अखंडता की भावना को बढ़ावा देना
देश के विकास और वृद्धि के लिए काम करना
संस्कार, सेवा, संपर्क, और परियोजनाओं के ज़रिए समाज की सेवा करना
बच्चों, युवाओं, परिवारों, और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकास कार्यक्रम चलाना
विकलांगों का कल्याण करना, पुनर्वास करना, आदिवासी विकास करना
गांव और शहरी झोपड़ियों का विकास करना
महिलाओं और बच्चों को कानूनी सलाह देना
देशभक्ति गीतों का राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता आयोजित करना
गुरु वंदना छात्र अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित करना
बच्चों में संस्कार निर्माण, सामान्य जाएं वृद्धि एवं अपने देश भारत की समग्र जानकारी के उद्देश्य को लेकर "भारत को जानो" प्रतियोगिता आयोजित करना
गांवों का समग्र विकास करना
भारत विकास परिषद एक सेवा एवं संस्कार-उन्मुख अराजनैतिक, सामाजिक-सांस्कृतिक स्वयंसेवी संस्था है जो स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शो को अपनाते हुए मानव-जीवन के सभी क्षेत्रों (संस्कृति, समाज, शिक्षा, नीति, अध्यात्म, राष्ट्रप्रेम आदि) में भारत के सर्वांगीण विकास के लिये समर्पित है। इसका लक्ष्यवाक्य है - "स्वस्थ, समर्थ, संस्कृत भारत"।
स्थापना
स्वामी विवेकानन्द के जन्मशताब्दी के अवसर पर १२ जनवरी सन् १९६३ कों भारत के प्रमुख उद्योगपतियों एवं समाज-सुधारकों जैसे- लाला हंसराज, डॉ सूरज प्रकाश आदि द्वारा "नागरिक समिति" (Citizens Council) की स्थापना की गयी थी ताकि चीनी आक्रमण का प्रतिकार किया जा सके। बाद में इसी का नाम "भारत विकास परिषद" (BVP) रखा गया। १० जुलाई सन् १९६३ को सोसायटीज पंजीकरण अधिनियम, १८६० के अन्तर्गत इसका पंजीकरण हुआ। इस प्रकार यह परिषद स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों एवं शिक्षाओं पर चलती है।https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaisalmer/pokhran/news/students-felicitated-in-the-school-on-the-foundation-day-of-bharat-vikas-parishad-131517205.html
कार्य
भारत विकास परिषद् संस्कार, सेवा, संपर्क, परियोजना के द्वारा समाज की सेवा करती है।
संस्कार योजना के द्वारा बच्चों, युवाओं, परिवार, वरिष्ठ नागरिक के लिए विकास कार्यक्रम चलाती है। जिसमे प्रमुख है- बाल संस्कार शिविर, राष्ट्रीय संस्कृत गीत प्रतियोगिता, भारत को जानो, युवा संस्कार शिविर, परिवार संस्कार शिविर, आदि।
सेवा योजना के द्वारा दिव्यांगो का कल्याण, पुनर्वास, आदिवासी विकास, गाँव और शहरी - झोपड़ी विकास, सामूहिक सरल विवाह, महिलाएं और बच्चे को कानूनी सलाह देती है।
अपने संपर्क योजना के द्वारा संस्कृति सप्ताह, स्थापना दिवस और प्रतिभा सम्मान, सेमिनार जैसी कार्यक्रम का आयोजन समय-समय पर करती है।
परिणाम
1967 से परिषद् देशभक्ति गीतों का राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता करती है, जिसमे स्कूली बच्चें भाग लेते हैं। यह कार्यक्रम शाखा स्तर से राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित होती है। लगभग 5, 000 स्कूलों द्वारा लाखों बच्चें इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हैं।
भारत विकास परिषद् देश का एक मात्र संगठन है जो संस्कृत भाषा में देशभक्ति गीत प्रतियोगिता आयोजित करती है। जो शाखा से राष्ट्रीय स्तर तक होती है।
गुरु वन्दना छात्र अभिनन्दन कार्यक्रम, प्रत्येक साल करती है जिसमे 30 लाख से ज्यादा छात्र भाग लेते हैं। ऐसे कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में अपने माता-पिता और गुरु के प्रति सम्मान का भावना जगे।
साल दर साल भारत विकास परिषद् अपने 13 केन्द्रों के द्वारा मुफ्त में कृत्रिम पैर विकलांग लोगो को उपलब्ध करती है। वर्ष 2007-08 में कृत्रिम पैर, व्हील चेअर 23, 658 विकलांग लोगो को उपलब्ध कराई।
बाहरी कड़ियाँ
भारत विकास परिषद का जालस्थल
श्रेणी:संस्थाएँ