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हबीबुर रहमान लुधियानवी
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Habibur Rehman Ludhianvi حبیب الرحمن لدھیانوی ur 3rd President of Majlis-i Ahrar-i Islam 1935 1939 Chaudhry Afzal Haq Sheikh Hissamuddin 3 July 1892 Ludhiana, Punjab, India yes 1956 09 02 1892 07 03 Habib-ur-Rehman Ludhianvi.jpg
हबीबुर रहमान लुधियानवी (3 जुलाई 1892-2 सितंबर 1956) एक इस्लामी विद्वान थे जिन्होंने 1935 से le कर 1939 तक मजलिस-ए-अहरार-ए-इस्लाम के तीसरे अध्यक्ष के रूप में भार संभाला।
वे एक अरैन जनजाति से आते थे और १८५७ के भारतीय विद्रोह के दौरान ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ स्वतंत्रता सेनानी शाह अब्दुल कादिर लुधियानवी के प्रत्यक्ष वंशज थे।
http://www.apnaorg.com/articles/news-33/ Profile of Habib-ur-Rehman Ludhianvi Ishtiaq Ahmed 15 December 2007 Academy of the Punjab in North America website 6 November 2018Irfan Mohd 2004 Maulana Habibur Rahman Ludhyanvi Aur Unki Tahrik Ahar E Islam Ek Tarikhi wa Tahqeeqi Jaiza https://shodhganga.inflibnet.ac.in:8443/jspui/handle/10603/245048 University English
जीवनी
पारिवारिक इतिहास
हबीबुर रहमान लुधियानवी के दादा-शाह अब्दुल क़ादिर लुधियानवी ने १८५७ के भारतीय विद्रोह के दौरान ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ सशस्त्र बगावत का नेतृत्व किया था और वह पंजाब से अंग्रेजों के खिलाफ बगावत करने वालों में सबसे पहले थे। [उद्धरण चाहिए] उन्होंने एक बड़ी लड़ाकू सेना तैयार की थी, जिसने अंग्रेजों को न केवल लुधियाना से बल्कि पानीपत से भी बाहर खदेड़ दिया था। इस सेना में मुसलमानों, हिंदुओं और सिखों — तीनों समुदायों के लोग शामिल थे। इसके बाद वे मुगल सम्राट बहादुर शाह द्वितीय का समर्थन करने के लिए दिल्ली की ओर बढ़े। 1857 में उन्होंने दिल्ली के चांदनी चौक में हज़ारों अन्य लोगों के साथ लड़ते हुए अपने प्राण त्याग दिए।
हबीबुर रहमान लुधियानवी का जन्म 3 लुधियाना में जुलाई 1892 को हुआ था। उन्होंने अब्दुल अज़ीज़ की पुत्री बीबी शफ़ातुन्निसा से विवाह किया था।
प्रारंभिक जीवन और करियर
लुधियानवी मजलिस-ए-अहरार-उल-इस्लाम के संस्थापकों में से एक थे । यह एक राष्ट्रवादी आंदोलन था जो भारत में ब्रिटिश शासन को समाप्त करना चाहता था। [उद्धरण चाहिए]
उन्होंने 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान की स्वतंत्रता और भारत के विभाजन के बाद पूर्वी पंजाब (भारत) में रहना चुना, ताकि वहाँ बचे हुए हज़ारों मुसलमानों का प्रतिनिधित्व कर सकें। [उद्धरण चाहिए] उस समय उन्होंने यह तर्क दिया कि पूर्वी पंजाब में रहने वाले मुसलमानों को अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
लुधियाना, पंजाब (भारत) का एक प्रमुख औद्योगिक शहर माना जाता है। यहाँ उत्तर प्रदेश और बिहार प्रांतों से बड़ी संख्या में मुस्लिम मजदूर काम करने के लिए आते हैं
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