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गामा-किरण विस्फोट
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thumb|300px|एक विशाल तारे के जीवन को दर्शाने वाला कलाकार का चित्रण: नाभिकीय संलयन हल्के तत्वों को भारी तत्वों में परिवर्तित करता है; जब संलयन गुरुत्वाकर्षण का प्रतिरोध करने के लिए पर्याप्त दबाव उत्पन्न नहीं कर पाता, तो तारा एक ब्लैक होल में ढह जाता है। इस पतन के दौरान, घूर्णन अक्ष के साथ संरेखित गामा-किरणों के एक क्षणिक विस्फोट के रूप में ऊर्जा मुक्त हो सकती है।
गामा-किरण विस्फोट खगोलशास्त्र की सबसे तीव्र और ऊर्जावान घटनाओं में से एक हैं, जो अत्यंत दूरस्थ वाली आकाशगंगाओं में घटित होती हैं। गेहरेल्स नेइल नेइल गेहरेल्स मेस्ज़ारोस पिटर पिटर मेस्ज़ारोस 2012-08-24 गामा-किरण विस्फोट https://www.science.org/doi/10.1126/science.1216793 विज्ञान en 337 6097 932–936 10.1126/science.1216793 22923573 0036-8075 1208.6522 2012Sci...337..932G इन विस्फोटों को ब्रह्मांड में घटित सबसे शक्तिशाली घटनाओं में गिना जाता है इनकी ऊर्जा महाविस्फोट के बाद दूसरे स्थान पर आती है। ये विस्फोट कुछ मिली सेकंड से लेकर कई घंटों तक चलते हैं और इनके बाद दीर्घकाल तक चलने वाली पश्च-प्रभा देखी जाती है, जो पराबैंगनी, दृश्य, एक्स-रे और रेडियो तरंगों के रूप में दिखाई देती है। रेड्डी फ्रांसिस 2023-03-28 सा मिशन 10,000 वर्ष में एक बार होने वाले गामा-किरण विस्फोट का अध्ययन कर रहे हैं —नासा https://www.nasa.gov/universe/nasa-missions-study-what-may-be-a-1-in-10000-year-gamma-ray-burst/ 2023-09-29 nasa.gov en-US
प्रकार
गामा-किरण विस्फोट मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं :— ''दीर्घ-अवधि" वाले और "लघु-अवधि" वाले। दीर्घ-अवधि वाले विस्फोट तब उत्पन्न होते हैं जब कोई विशाल तारा अपने जीवन के अंतिम चरण में "महातारा" विस्फोट सुपरनोवा या "अतिप्रभा" महातारा विस्फोट के रूप में फटकर कृष्ण विवर में परिवर्तित हो जाता है। जबकि, लघु-अवधि वाले गामा-विस्फोट दो न्यूट्रॉन तारों और कृष्ण विवर ब्लैक होल के आपसी विलय से उत्पन्न होते हैं।नासा यूनिवर्स वेब टीम 2023-06-09 गामा-रे विस्फोट: ब्लैक होल के जन्म की घोषणाएँ https://science.nasa.gov/universe/gamma-ray-bursts-black-hole-birth-announcements/ 2024-05-18 science.nasa.gov en-US 20 अक्तूबर 2025 https://web.archive.org/web/20251020083110/https://science.nasa.gov/universe/gamma-ray-bursts-black-hole-birth-announcements/ dead
विवरण
इन विस्फोटों की ऊर्जा विशाल होती है। एक अकेले गामा-विस्फोट में उतनी ऊर्जा उत्सर्जित हो सकती है जितनी सूर्य अपने दस अरब वर्षों में नहीं निकालता। ये विस्फोट अत्यंत दुर्लभ होते हैं, और अनुमानतः प्रत्येक आकाशगंगा में दस लाख वर्षों में केवल कुछ बार ही घटित होते हैं।मिश्रा कुंतल घोष अंकुर रश्मि एल॰ 2023 गामा किरण विस्फोटों में अति उच्च ऊर्जों का पता लगाना। https://www.tifr.res.in/~ipa1970/news/V53-12/Vol53-12-A11.pdf भौतिकी टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान 53 42–45 अब तक देखे गए सभी गामा-किरण विस्फोट आकाशगंगा के बाहर से आए हैं, जबकि मृदु गामा पुनरावर्तक नामक घटनाएँ हमारी आकाशगंगा के अत्यधिक चुंबकीय तारों से जुड़ी होती हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि कभी आकाशगंगा में पृथ्वी की दिशा में कोई शक्तिशाली गामा-विस्फोट हुआ, तो यह पृथ्वी की ओज़ोन परत को नष्ट कर सकता है और बड़े पैमाने पर जीवन-विलुप्ति का कारण बन सकता है।
इन्हें भी देखें
क्षितिज
पराबैंगनी किरण
संदर्भ
श्रेणी: खगोलशास्त्र
श्रेणी: आकाशगंगा
श्रेणी: तारामंडल