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शैतान (इस्लाम)
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शैतान (इस्लाम) (अंग्रेज़ी: Shaitan): इस्लाम में बुरी आत्माएं हैं मनुष्यों (और जिन्न) को "फुसफुसाते हुए" उनके दिलों में उकसाती हैं। कुरआन और हदीस में इसका वर्णन हुआ है। इस्लाम में शैतान बुराई का प्रतीक है।इस्लाम में शैतान बुराई का प्रतीक https://saednews.com/hi/post/islam-me-shaitan-burai-ka-prateek saednews.com fa 1 जून 2021 30 जनवरी 2023 30 जनवरी 2023 https://web.archive.org/web/20230130072247/https://saednews.com/hi/post/islam-me-shaitan-burai-ka-prateek dead शैतान या राक्षसों के बारे में विश्वास करने वालों के अध्ययन को डेमेनोलॉजी कहते हैं।
इस्लाम के विद्वान प्रोफेसर जियाउर्रहमान आज़मी के अनुसार शैतान का अर्थ है दुष्टत्मा, जो लोगों को बहकाकर कुमार्ग पर चलाता है। यह कोई स्थायी जीव नहीं है। बल्कि मनुष्यों और जिन्न में में जो दुष्टत्मा लोग हैं, उन्हीं को शैतान कहा गया है।प्रोफेसर जियाउर्रहमान आज़मी कुरआन मजीद की इन्साइक्लोपीडिया शैतान https://archive.org/details/1.2_20211230_202112/page/628/mode/2up www.archive.org पृष्ठ 629 20 दिसम्बर 2021 हज के वक़्त शैतान को पत्थर मारने की रस्म होती है।हज के वक़्त शैतान को पत्थर क्यों मारते हैं? shaitan ko pathar marna in hajj https://bahareshariat.com/shaitan-ko-pathar-marna-in-hajj/.html Bahare Shariat 16 अगस्त 2022 30 जनवरी 2023 30 जनवरी 2023 https://web.archive.org/web/20230130072252/https://bahareshariat.com/shaitan-ko-pathar-marna-in-hajj/.html dead
कुरआन
शैतान तुम्हें निर्धनता से डराता है, तथा निर्लज्जता के कामों पर उकसाता है। (सूरा-2, अल-बक़रा, आयत-268)
शैतान से बचने के लिए अनिवार्य है कि मुसलमान हर समय उससे अल्लाह की शरण माँगे। कुरआन में इसी की ओर संकेत किया गया है-
(ऐ रसूल) तुम कह दो मैं लोगों के परवरदिगार, लोगों के बादशाह, लोगों के माबूद की (शैतानी), वसवसे की बुराई से पनाह माँगता हूँ, जो अल्लाह के नाम से) पीछे हट जाता है जो लोगों के दिलों में वसवसे डाला करता है, जिन्नात में से ख्वाह आदमियों में से। [कुरआन: 114:1-6]
इसी तरह हमने मनुष्यों तथा जिन्नों में से शैतानों को प्रत्येक नबी का शत्रु बनाया, जो चिकनी-चुपड़ी बात एक-दूसरे के मन में डालकर धोखा देते थे [सूरा-6, अल-अनआम, आयत-2]
ऐ ईमानवालो, यह मदिरा, जुआ, देवस्थान, तथा पासे शैतान के गन्दे काम हैं तो इनसे बचो ताकि तुम सफल हो सको| (सूरा-5, अल-माइदा, आयत-90)
शैतान को पत्थर मारना
शैतान को पत्थर मारना
300px|thumb|2006 हज के दौरान अक़बा के जमराह में हाजी
शैतान को पत्थर मारना (رمي الجمرات ar रमी अल-जमरात)बर्टन रिचर्ड फ़्रांसिस रिचर्ड फ्रांसिस बर्टन Personal Narrative of a Pilgrimage to El Medinah and Meccah https://books.google.com/books?id=kXcOAAAAQAAJ&pg=PA226 1857 226 The word jamrah is applied to the place of stoning, as well as to the stones. 1 जनवरी 2017 https://web.archive.org/web/20170409053008/https://books.google.com/books?id=kXcOAAAAQAAJ&pg=PA226 9 अप्रैल 2017 live> सउदी अरब के मक्का में इस्लामिक हज के हाजियों द्वारा किया जाने वाला एक भाग है। इस धार्मिक कार्य के अन्तर्गत मका के ठीक पूर्व में स्थित मीना नगर में मुस्लिम हाजी तीन दीवारों (पूर्व में स्तम्भ थे) जिन्हें जमरात कहा जाता है, पर पत्थर फैंकते हैं। यह हज के दौरान किये जाने वाले अत्यावश्यक तीन कार्यों में से एक है।
सन्दर्भ:
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