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411 समाचार
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एंड्रॉइड (प्रचालन तंत्र)

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एन्ड्रॉयड 200px 250px वर्तमान मुक्त स्रोत (ओपन सोर्स) सॉफ्टवेयर 2008 9 23डैन पाई एनाउन्सिंग द एन्ड्रॉयड 1.0 SDK, रिलीज़ १ https://android-developers.googleblog.com/2008/09/announcing-android-10-sdk-release-1.html एन्ड्रॉयड डवलपर्स ब्लॉग अंग्रेज़ी गूगल २३ सितम्बर २००८ ११ मार्च, २०१७ एन्ड्रॉयड 13 2022 8 15 yes android.com गूगल, ओपन हैण्डसेट एलायंस अपाचे लाइसेंस २.० तथा जीएनयू पब्लिक लाइसेंसवी२http://source.android.com/license लाइसेन्सेज़ एन्ड्रॉयड ओपन सोर्स प्रोजेक्ट ओपन हैण्डसेट एलायंस अंग्रेज़ी २२ अक्तूबर २००८ मोनोलिथिक (लिनक्स) एआरएम, एमआइपीएस, पावर आर्किटेक्चर, एक्स८६ एन्ड्रॉयड एक मुक्त स्रोत (ओपन सोर्स) मोबाइल प्रचालन तन्त्र है जो लिनक्स पर आधारित है। एन्ड्रॉयड का विकास मुख्य रूप से स्पर्श पटल (टच स्क्रीन) मोबाइल के लिये किया गया था जिसे प्रायः स्मार्टफोन भी कहा जाता है, किन्तु इसका प्रयोग टेबलेट कंप्यूटर भी किया जाता है और अब कार, टीवी, कलाई घड़ियों, नेटबुक, गेमिंग कन्सोल, डिजिटल कैमरा, आदि में भी एन्ड्रॉयड (ओएस) का उपयोग हो रहा है। इस प्रचालन तन्त्र में सब कुछ स्पर्श आधारित है जैसे वर्चुअल की–बोर्ड, स्वाइपिंग, टैपिंग, पिंचिंग इत्यादि जो दैनिक प्रयोग की भंगिमाओं से काफ़ी मिलते जुलते हैं। इसमें में मोबाइल गेम, कैमरा आदि अनेक सुविधाएँ उपलब्ध हैं जिनके कारण एन्ड्रॉयड वर्तमान समय में सर्वाधिक उपयोग होने वाला प्रचालन तन्त्र बन गया है। एन्ड्रॉयड तन्त्र के सोर्स कोड को गूगल ने मुक्त स्रोत लाइसेन्स के अन्तर्गत रिलीज़ किया था किन्तु अधिकांश एन्ड्रॉयड आधारित युक्तियाँ(डिवाइसेज़) निःशुल्क, मुक्त एवं स्वामित्व सॉफ़्टवेयर सामग्री के संयोजन में आती हैं। एन्ड्रॉयड अधिकतर फोन, टी वी आदि में इस्तेमाल होता है। एन्ड्रॉयड का लेटेस्ट वर्जन गूगल पिक्सल्स में आने लगा है। विवरण अंतराफलक (इंटरफ़ेस) एन्ड्रॉयड का उपयोक्ता अन्तराफ़लक (यूज़र इंटरफेस) स्पर्श (टच) पर आधारित है और स्वाईपिंग, टैपिंग, पिंचिंग जैसी क्रियाओं की मदद से उपयोगकर्ता स्क्रीन पर वस्तुओं का नियंत्रण कर सकता है। इसके अलावा गेम कण्ट्रोलर या पूर्ण रूप के बड़े कीबोर्ड्स, इत्यादि को ब्लूटूथ, यूएसबी या वाई फाई की सहायता से जोड़ा जा सकता है। उपयोगकर्ता के हर आदेश पर उसे तुरंत प्रतिक्रिया मिलती है, जो कि उसके अनुभव को सहज बनाती है व मंशा सुलभ कराती है। इस आदेश की प्रतीक्षा तरल स्पर्श अन्तराफ़लक करता है व आदेश मिलते ही अपने सॉफ़्टवेयर प्रतिक्रिया स्वरूप उचित कार्रवाई उपलब्ध कराता है। इसके लिये एक्सिलरोमीटर, जायरोस्कोप, निकटता संवेदक (प्रॉक्सिमिटी सेन्सर) आदि का प्रयोग भी किया जाता है। एन्ड्रॉयड उपकरण आरम्भ होते समय एक गृहस्थान (होमस्क्रीन) में बूट होता है, जो कि उपकरण का प्राथमिक संचालन और सूचना केंद्र होता है। एन्ड्रॉयड की होमस्क्रीन आमतौर पर अनुप्रयोग (एप्लिकेशन) और विड्जेट से भरी होती है। इसमें सबसे ऊपर एक स्टेटस बार भी होती है, जो उपकरण के बारे में व उसकी कनेक्टिविटी संबंधित सूचनाएं उपलब्ध कराती है। अनुप्रयोग(एप्लिकेशन) एन्ड्रॉयड पर चलने वाले अनुप्रयोग दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं। इन्हें गूगल प्ले या अन्य उपलब्ध बहुत सी मानक एवं अमानक अनुप्रयोग भण्डार (ऍप्पस्टोर) के माध्यम से एप्लीकेशन (APK) फाइल डाउनलोड करके प्राप्त किया जा सकता है। एप्लीकेशन एंड्रायड सॉफ्टवेयर विकास किट (एसडीके) की मदद से जावा प्रोग्रामिंग भाषा में विकसित किये जाते हैं। विकास thumb|right|एन्ड्रॉयड की हरी आकृति, उसका प्रतीक रूप अपनी मूल पैकिंग के साथ। शुभंकर एन्ड्रॉयड की पहचान बन चुका हरे रंग का एन्ड्रॉयड लोगो की रचना ग्राफ़िक डिज़ाइनर इरीना ब्लोक द्वारा 2007 में गूगल के लिए की गई थी क्योंकि एन्ड्रॉयड और उसका लोगो मुक्त स्रोत लाइसेंस के अंतर्गत आता है, उसके मूल हरे लोगो की अनगिनत विभिन्न रूपों में पुनर्व्याख्या की जा चुकी है। एन्ड्रॉयड अद्यतन गूगल हर छह से नौ महीनों में एन्ड्रॉयड के लिए महत्वपूर्ण अद्यतन (अपडेट) प्रदान करता है, जो की वृद्धिशील होते हैं और जिसे अधिकतर उपकरण इंटरनेट के माध्यम से (ओवर-द-एयर) प्राप्त करने में सक्षम होते हैं।आइज़ैक माइक http://arstechnica.com/gadgets/2011/10/a-deep-dive-tour-of-ice-cream-sandwich-with-androids-chief-engineer/ अ डीप डाइव टुअर ऑफ़ आइस्क्रीम सैण्डविच विद एन्ड्रॉयड’स चीफ़ इन्जीनियर अर्स टेक्निका २१ अक्तूबर २०११ १५ सितम्बर २०१२एन्ड्रॉयड का सबसे नवीनतम प्रमुख अद्यतन एन्ड्रॉयड 7.1.2(नोगट) है। इसे ड्रॉइडफ्लेयर के द्वारा भी अपने पुराने एन्ड्रॉयड को नए संस्करण मे बदला जा सकता है। अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी मोबाइल प्रचालन तन्त्र अर्थात् आईओएस की तुलना में एन्ड्रॉयड के अपडेट आमतौर पर वास्तविक उपकरणों तक धीमी गति से पहुँचते हैं। एन्ड्रॉयड जैसे मुक्त प्लेट्फ़ार्म की रचना ओपेन हैण्ड एलाइन्स नामक संगठन द्वारा की गई, गूगल यद्यपि इसका सर्वेसर्वा है, फ़िर भी कुल ८४ संगठन इसके सदस्य हैं और इन सबने एन्ड्रॉयड प्लेट्फ़ार्म को विकसित करने में अपना विशेष योगदान दिया है, जिनमें से ३४ सदस्य विभिन्न मोबाइल कम्पनियाँ, सेमी कण्डक्टर कंपनी है जैसे एन वीडिय़ा कुआलकम आदि। कुछ हैण्ड्सेट निर्माता कम्पनियाँ जैसे:-सैमसंग, एच ० टी० सी०, सोनी, एल० जी०, मोटोरोला आदि सॉफ्टवेयर कम्पनियाँ भी इसकी सदस्य हैं। अधिकांशतः इलेक्ट्रानिक, तथा दूर-संचार के क्षेत्र से जुड़ी कम्पनियों के संयुक्त प्रयास से एन्ड्रॉयड प्लेटफार्म दिनों-दिन निखर कर सामने आ रहा है। इसके तीव्र विकास में इन कम्पनियों के बीच हुए समझौते का भी विशेष योगदान है। इस समझौते के अनुसार “वे हमेशा इस समुदाय का सहयोग करेंगी और एन्ड्रॉयड प्लेटफार्म से सामंजस्य रखने वाले उपकरणों का ही उत्पादन करेंगी।” इसने न केवल इस प्लेटफार्म के विकास को बल मिला बल्कि इस प्लेटफार्म से संबधित जो भी खोज की गई उसके प्रमुख घटकों/तत्वों को मुख्य धारा को प्रयोग हेतु उपलब्ध कराया जाता रहा। एन्ड्रॉयड इनकॉरपोरेशन की स्थापना अक्टूबर २००३ में संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया राज्य के पालो आल्टो नामक नगर में एंडी रूबीन (संस्थापक डेन्जर), रिच माइनर (संस्थापक वाइल्ड फायर कम्युनिकेसन), निक सियर्स तथा क्रिस ह्वाइट (डिजान तथा इन्टरफेस बिकास प्रमुख) एन्ड्रॉयड इनकार्पोरेशन की स्थापना की। एण्डी रूबीन के शब्दों में उनका उद्देश्य था -- ऐसा चतुर मोबाइल उपकरण जो अपने प्रयोगकर्ता की प्राथमिकताओं को तथा उसके ठिकानों को पहचाने। बाद मे, १७ अगस्त २००५ को गूगल द्वारा इस का अधिग्रहण कर इसे गूगल के अधीन कम्पनी के रूप में रखा गया और मूल कम्पनी एन्ड्रॉयड इनकार्पोरेशन के एंडी रूबीन, रिच माइनर, तथा क्रिस ह्वाइट यहाँ कम्पनी के कर्मचारियों के रूप में काम करते रहे। गूगल द्वारा बाजार में आने के बारे में सोचने के बाद रूबीन के नेतृत्व में लाइनक्स कर्नेल पर आधारित मोबाइल उपकरण प्लेटफार्म को विकसित किया गया। गूगल ने इस प्लेटफार्म की मार्केटिंग इस समझौते के साथ की ‘कि हैण्डसेट निर्माताओ तथा संचार कंपनियों के बीच इस प्लेट फ़ार्म को लचीला (फ्लेक्सिबल) रखेगा और अपग्रेड करने की सुविधा उपलब्ध करता रहेगा।’ वर्ष २००८ में इसका प्रथम संस्करण निकाला गया। तब से अबतक कई बार इन संस्करणों को उन्नत (अपग्रेड) किया गया और हर बार इनका नामकरण किसी न किसी खाद्य मीठे पदार्थ के नाम पर किया गया - कपकेक,डोनट एक्लेयर,जिंजरब्रेड,आइसक्रीम सैंडविच,हनीकाम,जेली बीन। २००८ के कप केक संस्करण की विशेषता थी–स्क्रीन को घुमाने की सुविधा, स्क्रीन पर कुंजीपटल तथा टेक्स्ट का अनुमान लगाने की सुविधा।इसके बाद डोनट, फ्रोयो एक्लेयर आदि संस्करणों में और अधिक सुविधाएं प्रदान की गयी। इनमे से सबसे महत्वपूर्ण सुविधा–लेख (टेक्स्ट) को आवाज में बदलने के सुविधा,क्लाउड से मोबाइल या टैबलेट में डाऊनलोड की सुविधा, मेमोरी कार्ड पर अनुप्रयोगों को डाउनलोड कर इस्तेमाल करने की सुविधा थी। इसके बाद हनीकाम संस्करण को टैबलेट पर प्रयोग के लिये विकसित किया गया और इसमे पाई गयी कमियों को अगले संस्करण आइसक्रीम सैंडविच में दूर किया गया। इसके बाद के संस्करण जेली बीन के द्वारा यू .एस .बी .आडियो आउट पुट की सुविधा प्रदान की गयी। अभी नवीनतम संस्करण एन्ड्रॉयड 7.1.2(नूगा) है। संरचना एन्ड्रॉयड सॉफ्टवेयर के पांच भाग या अवयव है जिसके आधार पर पूरा एन्ड्रॉयड प्लेटफार्म कार्य करता है। वस्तुतः मोबाईल जैसे सीमित मेमोरी (स्मृति क्षमता) वाले उपकरणों के सर्वोपयुक्त उपयोग करने के लिए इसे विकसित किया गया है। लिनक्स कर्नेल के उपयोग के कारण यह और अधिक शक्तिशाली बन कर उभरा है और प्रायः किसी भी अन्य उपकरण पर चलाया जा सकता है। जावा वर्चुअल मशीन के अनुरूप इस प्रणाली में डैल्विक वर्चुअल मशीन के कारण बिना किसी चिंता या कठिनाई के किसी भी मोबाइल या टेबलेट पर कोइ भी 'एप' अर्थात अनुप्रयोग (एप्लीकेशन) चलाया जा सकता है। इसी कारण से इसकी सहायता से कोई भी उपकरण जैसे घड़ी, रेफ्रिजरेटर चलाया जा सकता है। कर्नेल (कम्प्यूटर) एन्ड्रॉयड लिनक्स कर्नेल पर आधारित प्रणाली है जो मोबाइल हार्ड्वेयर से सीधे जुडकर ड्राइवर को नियमित रूप से मेमोरी पावर, नेटवर्क तथा विभिन्न अन्य अनुप्रयोगों द्वारा आदेश देकर विभिन्न प्रकार की प्रक्रियाओं को सुलभ कराता हैं। कर्नेल ओपन सोर्स होने के कारण हैकरों तथा कम्प्यूटर प्रोग्रामों में रूचि रखने वालों को अपने प्रोग्राम बनाने में बढ़ावा देता है। इसी कारण कई बार इस तरह के उदाहरण सामने आते हैं कि जिन मोबाइल उपकरणों मे वैध एन्ड्रॉयड नहीं हैं, उन पर भी इन्हें चलाया जा रहा है। कर्नेल हार्ड्वेयर के स्तर पर की जाने वाली वास्तविक डाटा प्रोसेसिंग तथा अनुप्रयोग(एप्लीकेशन) के बीच सेतु का कार्य करता है। इसका मुख्य कार्य सॉफ्टवेयर तथा हार्डवेयर के बीच संचार स्थापित कर सिस्टम के सभी स्रोतों का आवश्यकतानुसार प्रयोग करना है। जिससे आवश्यक प्रक्रिया का पालन कर कार्य सुचारु रूप से किया जा सके।कर्नेल अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर द्वारा किये जाने वाले कार्यों को आवरण प्रदान करता है (विशेष रूप से इनपुट आउटपुट उपकरण को)। विभिन्न ऑपरेटिंग सिस्टम्स में डिजाइन (अभिकल्पन) तथा आवश्यकतानुसार कार्य सम्पादन विभिन्न प्रकार के कर्नेल द्वारा किया जाता है। किन्तु मोनोलिथ कर्नेल (एन्ड्रॉयड में प्रयुक्त होने वाला) में ऑपरेटिंग सिस्टम कोड एक ही स्थान पर (एड्रेस स्पेस) पर कार्य करते हैं जिससे कम स्थान होने पर भी अधिक कार्य किया जा सकता है। डैल्विक एन्ड्रॉयड में अनुप्रयोग(एप्लिकेशन) को चलाने के लिये सबसे महत्वपूर्ण अवयव या अंग डैलविक है। जो लोग कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग की भाषा से परिचित हैं वे समझ सकते हैं कि यह भी जावा वर्चुअल मशीन का लघु रूप है। इसको इस प्रकार समझा जा सकता है कि पहले जावा कोड में लिखे प्रोग्राम को बाइट कोड में बदला जाता है और फ़िर उसे डैलविक एक्स्क्यूटेबल (डेक्स) से अर्थात डेक्स टूल द्वारा डैलविक रूप मे बदल कर प्रयोग किया जाता है। खुला-स्रोत समुदाय एंड्रॉइड का स्रोत कोड गूगल द्वारा एक मुफ्त स्रोत लाइसेंस के तहत जारी किया जाता है, और इसकी खुली प्रकृति ने डेवलपर्स और तकनीक से जुड़े उत्साही लोगों के एक बड़े समुदाय को प्रोत्साहित किया है ताकि खुले-स्रोत कोड का इस्तेमाल समुदाय-संचालित परियोजनाओं के लिए किया जा सके, जो पुरानी डिवाइसों को अपडेट प्रदान करता है उन्नत उपयोगकर्ताओं के लिए नई सुविधाएं या अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ मूल रूप से भेजे गए डिवाइसों में एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम संचालित किया जा सके । ये सामुदायिक-विकसित रिलीज़ अक्सर आधिकारिक निर्माणों की तुलना में गुणवत्ता के साथ तुलनात्मक स्तर पे नए विशेषताओं और अद्यतनों को लेकर आते हैं; पुरानी डिवाइसों के लिए निरंतर समर्थन प्रदान करते हैं जो निर्माण के कुछ साल बाद आधिकारिक अद्यतन नहीं प्राप्त करते; या उन उपकरणों को एंड्रॉइड से जोड़ते है जो आधिकारिक तौर पर अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम चला रहे थे, जैसे एचपी टचपैड सामुदायिक रिलीज अक्सर मूलभूत रूप से आते हैं और मूल विक्रेता द्वारा प्रदान किए गए संशोधनों में शामिल नहीं होती है, जैसे कि डिवाइस के प्रोसेसर को ओवरक्लॉक या ओवर / ओवरवाल्ल्ट करने की क्षमता। स्य्नोगेनमोड़े सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला सामुदायिक फर्मवेयर था | ऐतिहासिक रूप से, डिवाइस निर्माताओं और मोबाइल वाहक आम तौर पर तीसरे पक्ष के फ़र्मवेयर विकास का समर्थन नहीं करते हैं। निर्माता अनधिकृत सॉफ़्टवेयर चलाने वाले उपकरणों की अनुचित कार्यप्रणाली और इसके परिणामस्वरूप सहायता लागत के बारे में चिंता व्यक्त करते हैं। इसके अलावा, संशोधित फर्मवेयर जैसे कि साइयनोजेमोड कभी-कभी विशेष रूप से फीचर्स प्रदान करते हैं, जैसे टिथरिंग, जिसके लिए वाहक प्रीमियम का भुगतान नहीं करना चाहते । नतीजतन, लॉक बूटलोडर सहित तकनीकी बाधाएं और रूट अनुमतियां तक सीमित पहुंच कई उपकरणों में आम है। हालांकि, चूंकि सामुदायिक विकसित सॉफ्टवेयर अधिक लोकप्रिय हो गए हैं और संयुक्त राज्य अमेरिका में कांग्रेस ने मोबाइल डिवाइस के "जेलब्रेकिंग" परमिट देने के एक बयान के बाद,निर्माताओं और वाहक ने तीसरे पक्ष के विकास के बारे में उनकी मनोस्थिति को नरम कर दिया है, एचटीसी, मोटोरोला, सैमसंग और सोनी, सहित कई और कम्पनिया विकास और सहयोग को प्रोत्साहित कर रही है । इसके परिणामस्वरूप, समय के साथ, अनधिकृत फर्मवेयर स्थापित करने के लिए हार्डवेयर प्रतिबंधों को नाकाम करने की आवश्यकता कम हो गई है | लाइब्रेरियाँ ये उपकरणों की प्राथमिक गति विधियों को नियन्त्रित करने के लिए निचले स्तर के सॉफ्टवेयर हैं,जो सतह पर होने वाली गतिविधियों जैसे–थ्री-डी हर्ड्वेयर गति तथा डिस्प्ले,सब सिस्टम तथा सॉफ्टवेयर अनुप्रयोगों के प्रबन्धों को नियन्त्रित करते है। सूचनाओं को छाँटने में एस.क्यू.एल डाटाबेस का प्रयोग महत्वपूर्ण घटक के रूप में किया जाता है। एंड्रॉइड के फायदे। Open Source एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम डेवलपर्स और हार्डवेयर निर्माताओं को ऑपरेटिंग सिस्टम के कोर सॉफ्टवेयर में बदलाव करने की अनुमति देता है। जिस कारण सभी मोबाइल निर्माता अपने हिसाब से रोम(सॉफ्टवेयर) को कस्टमाइज़ कर सकते हैं,और अपने लगा सकते है, जैसे Xaiomi का MIUI, POCO UI , Vivo का Funtouch और Oppo का Color OS Etc. Simple interface इसको सभी के लिए बनाया गया है और इस तरह से डेवलप किया गया कि बचे से लेकर बड़े तक इसका उपयोग कर सकें,काफी सरल होने की वजह से इसे सभी इस्तेमाल कर सकते है। Many Languages support. एंड्राइड विश्व भर में प्रसिद्ध होने के लिए बनाया है यह इंग्लिश के साथ-साथ लगभग लगभग सभी देशों की भाषाओं को सपोर्ट करता है जिससे इसके यूजर्स में बढ़ोतरी लगातार होते रहते हैं। या कुछ प्रसिद्ध भाषा है जिनका एंड्राइड https://web.archive.org/web/20191015090830/https://www.beprudence.com/2019/10/android-operating-system.html 15 अक्तूबर 2019 सपोर्ट करता है- अंग्रेजी, जर्मन, चीनी, डच, जापानी, कोरियाई, रूसी, हिंदी, इन्डोनेशियाई, स्पेनिश, तुर्किश आदि। Large number of Applications. एंड्राइड के अंदर आपको लगभग हर काम करने के लिए कोई ना कोई एप्लीकेशन जरूर मिल जाएगी, आप अपनी उपयोगिता के अनुसार एप्लीकेशन डाउनलोड कर सकते हैं और उनका उपयोग कर सकते हैं। एप्लिकेशन एप्लिकेशन ("एप्लिकेशन"), जो उपकरणों की कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं, इसे एंड्रॉइड सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट (एसडीके) और अक्सर जावा प्रोग्रामिंग भाषा का उपयोग करते हुए लिखा जाता है। [ जावा को सी / सी ++ के साथ जोड़ा जा सकता है, एक साथ गैर-डिफ़ॉल्ट रनटायम के विकल्प के साथ , जो बेहतर सी ++ समर्थन की अनुमति देता है। हालांकि जावा प्रोग्रामिंग भाषा भी सीमित प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस (एपीआई) के साथ समर्थित है ।मई 2017 में, गूगल ने कोटलाइन प्रोग्रामिंग भाषा में एंड्रॉइड ऐप डेवलपमेंट के लिए समर्थन की घोषणा की। एसडीके में डेवलपमेंट टूल्स का एक व्यापक सेट शामिल है, जिसमें डीबगर, सॉफ्टवेयर लाइब्रेरी, क्यूईएमयू, दस्तावेज़ीकरण, नमूना कोड और ट्यूटोरियल पर आधारित हैंडसेट एमुलेटर शामिल हैं। प्रारंभ में,गूगल का एकीकृत विकास वातावरण (आईडीई) एंड्रॉइड डेवलपमेंट टूल्स (एडीटी) प्लगइन का उपयोग करते हुए एक्लिप्स था | दिसंबर 2014 में, गूगल ने एंड्रॉइड स्टूडियो को जारी किया, जो इंटेलेलजे आईडीईए पर आधारित है, क्योंकि यह एंड्रॉइड एप्लीकेशन डेवलपमेंट के लिए प्राथमिक आईडीई है। सी या सी ++, गूगल ऐप डेवलपर , नौसिखिया प्रोग्रामर के लिए एक दृश्य वातावरण और विभिन्न क्रॉस प्लेटफॉर्म मोबाइल वेब एप्लीकेशन फ़्रेमवर्क के अनेक प्रयोगों या एक्सटेंशन के लिए मूल विकास किट (एनडीके) सहित अन्य विकास उपकरण उपलब्ध हैं। जनवरी 2014 में, गूगल ने क्रोम एचटीएमएल 5 वेब एप्लीकेशन एंड्रॉइड को पोर्टफोल करने के लिए अपाचे कॉर्डोवा पर आधारित ढांचे का खुलासा किया, जो कि एक देशी एप्लिकेशन शेल में लिपटा होता है | एंड्रॉइड के पास तीसरे पक्ष के अनुप्रयोगों की बढ़ती चयन है, जो उपयोगकर्ताओं द्वारा एप्लिकेशन के एपीके (एंड्रॉइड एप्लिकेशन पैकेज) फाइल को डाउनलोड करके या एप्लिकेशन स्टोर प्रोग्राम का उपयोग करके डाउनलोड करने की अनुमति देता है अपने डिवाइस से एप्लिकेशन गूगल प्ले स्टोर प्राथमिक एप्लिकेशन स्टोर है जो एंड्रॉइड डिवाइस पर इंस्टॉल किया गया है जो गूगल की संगतता आवश्यकताओं का अनुपालन करता है और गूगल मोबाइल सेवा सॉफ्टवेयर को लाइसेंस देता है।गूगल प्ले स्टोर उपयोगकर्ताओं को गूगल और तृतीय-पक्ष डेवलपर्स द्वारा प्रकाशित एप्लिकेशन को ब्राउज़, डाउनलोड और अपडेट करने देता है; जुलाई 2013 के अनुसार, प्ले स्टोर में एंड्रॉइड के लिए 1 लाख से अधिक एप्लिकेशन उपलब्ध था । जुलाई 2013 तक 50 अरब आवेदन स्थापित किए गए हैं।कुछ गूगल प्ले एप्लिकेशन खरीदने के लिए सीधे वाहक बिलिंग प्रदान करते हैं, जहां एप्लिकेशन की लागत उपयोगकर्ता के मासिक बिल में जोड़ दी जाती है। मई 2017 तक, जीमेल, एंड्रॉइड, क्रोम, गूगल प्ले और मैप्स के लिए प्रति माह एक अरब से ज्यादा सक्रिय यूजर्स हैं। हिन्दी समर्थन वर्तमान में एन्ड्रॉयड,मोबाइल फोन तथा टैबलेट हेतु एक लोकप्रिय प्रचालन तन्त्र के रूप में उभर रहा है। एन्ड्रॉयड में अभी (संस्करण ७.०) तक हिन्दी समर्थन उपलब्ध है। सन्दर्भ इन्हें भी देखें लिनक्स मुक्तस्रोत सॉफ्टवेयर बाहरी कड़ियाँ MLBB APK Download (Mobile Legends Bang Bang Download) https://web.archive.org/web/20240808020659/https://mlbbapk.in/ 8 अगस्त 2024 Android App Developer कैसे बने एंड्रॉइड क्या है? what is the android? https://web.archive.org/web/20181123154301/https://techhowhindi.in/what-is-android/ 23 नवंबर 2018 गूगल प्ले अधिक जानने के लिए की एंड्राइड 10 और एंड्रॉइड (ऑपरेटिंग सिस्टम) क्या है? https://web.archive.org/web/20191015090830/https://www.beprudence.com/2019/10/android-operating-system.html 15 अक्तूबर 2019 श्रेणी:मोबाइल संचालन प्रणाली श्रेणी:मोबाइल प्रचालन तंत्र श्रेणी:टेबलेट प्रचालन तंत्र श्रेणी:गूगल सॉफ़्टवेयर श्रेणी:मुक्तस्रोत सॉफ्टवेयर श्रेणी:एंड्रॉइड