411 REFERENCE · Wikipedia
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण अधिनियम, 1994
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण अधिनियम, 1994 (Airports Authority of India Act, 1994) भारत की संसद का एक अधिनियम है। इसे 12 सितंबर 1994 को 55वें अधिनियम के रूप में पारित किया गया था। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) का गठन करना और देश के नागरिक उड्डयन बुनियादी ढांचे का बेहतर प्रबंधन करना है।https://lawgist.in/airports-authority-of-india-act Airports Authority of India Act, 1994 LAWGIST lawgist.in 2026-08-18
अधिनियम के पाठhttps://www.indiacode.nic.in/bitstream/123456789/1979/2/hh199455.pdf इण्डियाकोड पर अनुसार:
विमानपत्तनों और सिविल अंत:क्षेत्रों के, जिन पर वायु परिवहन सेवाएं चलाई जाती हैं या चलाई जाने के लिए आशयित हैं, और [विमानपत्तनों को स्थापित करने या उनके स्थापन में सहायता करने के प्रयोजन के लिए] सभी वैमानिक संचार स्टेशनों के बेहतर प्रशासन और सुगठित प्रबंध के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के गठन का और इस प्रकार गठित भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को और उसमें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण को और राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण के उपक्रमों के अंतरण और निहित हो जाने तथा उनसे संबद्ध या उनसे आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने के लिए अधिनियम भारत गणराज्य के पैंतालीसवें वर्ष में संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो। विमानपत्तनों और सिविल अंत:क्षेत्रों के, जिन पर वायु परिवहन सेवाएं चलाई जाती हैं या चलाई जाने के लिए आशयित हैं, और [विमानपत्तनों को स्थापित करने या उनके स्थापन में सहायता करने के प्रयोजन के लिए] सभी वैमानिक संचार स्टेशनों के बेहतर प्रशासन और सुगठित प्रबंध के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के गठन का और इस प्रकार गठित भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को और उसमें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण को और राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण के उपक्रमों के अंतरण और निहित हो जाने तथा उनसे संबद्ध या उनसे आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने के लिए अधिनियम भारत गणराज्य के पैंतालीसवें वर्ष में संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो।
मुख्य विशेषताएं और उद्देश्य
गठन
यह अधिनियम दो पूर्व प्राधिकरणों—राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण और अंतर्राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण के विलय से 'भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण' के गठन के लिए लाया गया था। यह 1 अप्रैल 1995 से प्रभावी हुआ।
प्रबंधन
भारत में सभी नागरिक हवाई अड्डों, नागरिक एन्क्लेवों और वैमानिक संचार स्टेशनों का नियंत्रण और बेहतर रखरखाव करना।
सुरक्षा और सेवाएं
हवाई अड्डों पर सुरक्षित, कुशल और व्यवस्थित विमानन सेवाएं तथा एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सुनिश्चित करना।
शक्तियाँ
प्राधिकरण को हवाई अड्डों के विकास, शुल्क और किराए तय करने, संपत्ति के प्रबंधन और विमानन सुरक्षा के नियम लागू करने की वैधानिक शक्ति मिलती है।
परिभाषाएं
इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो:
‘वैमानिक संचार स्टेशन’ से वैमानिक संचार सेवा का कोई स्टेशन अभिप्रेत है जिसके अंतर्गत वैमानिक व्यवसाय सेवा, वैमानिक स्थिर सेवा, वैमानिक चलती-फिरती सेवा और वैमानिक रेडियो संचार सेवा भी है;
‘विमानपत्तन’ से विमानों के उतरने और उड़ान भरने का क्षेत्र अभिप्रेत है जिस पर प्राय: रनवे और विमान अनुरक्षण तथा यात्री सुविधाएं होती हैं और इसके अंतर्गत वायुयान अधिनियम, 1934 (1934 का 22) की धारा 2 के खंड (2) में यथा परिभाषित विमान क्षेत्र भी है;
‘विमानपट्टी’ से ऐसा क्षेत्र अभिप्रेत है जो छोटी जगह से उड़ान कर सकने और उतर सकने वाले वायुयानों के उतरने और उड़ान करने के लिए उपयोग में लाया जाता है या लाए जाने के लिए आशयित है तथा इसके अंतर्गत उस पर स्थित या उससे अनुलग्न सभी भवन और संरचनाएं भी हैं।
‘वायु यातायात सेवा’ के अंतर्गत उड़ान सूचना सेवा, सतर्क करने वाली, वायु यातायात सलाह सेवा, वायु यातायात नियंत्रण सेवा, क्षेत्र नियंत्रण सेवा, पहुंच मार्ग नियंत्रण सेवा और विमानपत्तन नियंत्रण सेवा है;
‘वायु परिवहन सेवा’ से किसी भी प्रकार के पारिश्रमिक के लिए व्यक्तियों, डाक या किसी अन्य सजीव या निर्जीव वस्तु के वायु द्वारा परिवहन के लिए कोई सेवा अभिप्रेत है, चाहे ऐसी सेवा एकल उड़ान की हो या उड़ान आवलियों की;
‘नियत दिन’ से ऐसी तारीख अभिप्रेत है जो केन्द्रीय सरकार धारा 3 के प्रयोजनों के लिए राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियत करे;
‘प्राधिकरण’ से धारा 3 के अधीन गठित भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण अभिप्रेत है;
‘अध्यक्ष’ से धारा 3 की उपधारा के खंड के अधीन नियुक्त प्राधिकरण का अध्यक्ष अभिप्रेत है;
‘सिविल अंतःक्षेत्र’ से कोई ऐसा क्षेत्र, यदि कोई हो, अभिप्रेत है, जो विमानपत्तन से किन्हीं वायु परिवहन सेवाओं का उपयोग करने वाले व्यक्तियों द्वारा उपयोग के लिए या ऐसी सेवा द्वारा यात्री सामान अथवा स्थोरा की उठाई-धराई के लिए संघ के किसी सशस्त्र बल के किसी विमानपत्तन में आबंटित किया गया है और इसके अंतर्गत ऐसे क्षेत्र पर किसी भवन और संरचना वाली भूमि भी है;
‘हेलीपत्तन’ से चाहे भूमि तल पर स्थित या किसी संरचना पर स्थित क्षेत्र अभिप्रेत है जो हेलीकाप्टरों के उतरने और उड़ान करने के लिए उपयोग में लाया जाता है या लाए जाने के लिए आशयित है तथा इसके अंतर्गत वह क्षेत्र भी है जहां हेलीकाप्टर ठहराए जाते हैं और उस पर स्थित या उससे अनुलग्न सभी भवन और संरचनाएं भी हैं;
‘अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण’ से अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण अधिनियम, 1971 (1971 का 43) की धारा 3 के अधीन गठित भारतीय अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण अभिप्रेत है;
‘सदस्य’ से प्राधिकरण का कोई सदस्य अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत अध्यक्ष भी है, किन्तु इसके अंतर्गत धारा 4, धारा 5, धारा 6 और धारा 7 के प्रयोजनों के लिए, धारा 3 की उपधारा के खंड में निर्दिष्ट कोई पदेन सदस्य नहीं है;
‘राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण’ से राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण अधिनियम, 1985 (1985 का 64) की धारा 3 के अधीन गठित राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण अभिप्रेत है;
‘विहित’ से इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित अभिप्रेत है;
‘प्राइवेट विमानपत्तन’ से ऐसा विमानपत्तन अभिप्रेत है जो,––
प्राधिकरण अथवा किसी राज्य सरकार से भिन्न किसी व्यक्ति या अभिकरण के, अथवा
प्राधिकरण या किसी राज्य सरकार या दोनों के साथ संयुक्ततः ऐसे किसी व्यक्ति या अभिकरण के, जहां प्राइवेट विमानपत्तन की आस्तियों में, यथास्थिति, उस व्यक्ति या अभिकरण का शेयर पचास प्रतिशत से अधिक है,
स्वामित्वाधीन है या उसके द्वारा विकसित या प्रबंधित है;]
“विनियम” से इस अधिनियम के अधीन बनाए गए विनियम अभिप्रेत हैं।
यह भी देखें
https://www.indiacode.nic.in/bitstream/123456789/1979/2/hh199455.pdf
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण
सन्दर्भ
श्रेणी:भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण
श्रेणी:भारतीय कानून