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साइबर-धमकी
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the Wikipedia guidance essay Wikipedia:Cyberbullyingसाइबरबुलिंग या साइबर उत्पीड़न इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का उपयोग करके डराने-धमकाने या उत्पीड़न का एक रूप है। साइबरबुलिंग और साइबर उत्पीड़न को ऑनलाइन बुलिंग के रूप में भी जाना जाता है। यह विशेष रूप से किशोरों के बीच तेजी से सामान्य हो गया है, क्योंकि डिजिटल क्षेत्र का विस्तार हुआ है और प्रौद्योगिकी उन्नत हुई है। Smith Peter K. Mahdavi Jess Carvalho Manuel Fisher Sonja Russell Shanette Tippett Neil 2008 Cyberbullying: its nature and impact in secondary school pupils https://archive.org/details/sim_journal-of-child-psychology-and-psychiatry_2008-04_49_4/page/n21 The Journal of Child Psychology and Psychiatry 49 4 376–385 10.1111/j.1469-7610.2007.01846.x 18363945 free साइबरबुलिंग तब होती है जब कोई व्यक्ति, आमतौर पर एक किशोर, इंटरनेट और अन्य डिजिटल स्थानों पर, विशेष रूप से सोशल मीडिया साइटों पर धौंस जमाता है या दूसरों को परेशान करता है। हानिकारक डराने-धमकाने वाले व्यवहार में अफवाहें, धमकी, यौन टिप्पणियां, पीड़ित की व्यक्तिगत जानकारी, या अपमानजनक लेबल (अर्थात् अभद्र भाषा ) पोस्ट करना शामिल हो सकता है। Cyberbullying – Law and Legal Definitions US Legal डराने-धमकाने या उत्पीड़न की पहचान बार-बार किए जाने वाले व्यवहार और नुकसान पहुंचाने के इरादे से की जा सकती है। An Educator's Guide to Cyberbullying Brown Senate.gov, archived from the original on April 10, 2011 साइबरबुलिंग के पीड़ितों को कम आत्मसम्मान, आत्महत्या के विचार में वृद्धि, और विभिन्न नकारात्मक भावनात्मक प्रतिक्रियाओं का अनुभव हो सकता है, जिसमें चिंतित, निराश, क्रोधित या उदास होना शामिल है। https://archive.org/details/bullyingbeyondsc0000hind Bullying beyond the schoolyard: Preventing and responding to cyberbullying Hinduja S. Patchin, J. W. Corwin Press 2009 978-1-4129-6689-4 Thousand Oaks, CA
साइबर-धमकी के प्रभाव और रोकथाम
साइबर-धमकी का प्रभाव केवल ऑनलाइन व्यवहार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह व्यक्ति की मानसिक स्थिति, आत्मविश्वास और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। कई मामलों में यह दीर्घकालिक तनाव, चिंता, और सामाजिक अलगाव का कारण बनता है। विशेष रूप से किशोर और युवा वर्ग इसके प्रति अधिक संवेदनशील पाए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर-धमकी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता और डिजिटल साक्षरता है। उपयोगकर्ताओं को यह समझना आवश्यक है कि इंटरनेट पर साझा की जाने वाली जानकारी का दुरुपयोग कैसे किया जा सकता है और उससे स्वयं की रक्षा कैसे की जाए।
ऑनलाइन सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड, दो-चरणीय सत्यापन, और संदिग्ध लिंक या संदेशों से दूरी बनाना महत्वपूर्ण है। साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रिपोर्टिंग और ब्लॉकिंग सुविधाओं का सही उपयोग करना भी जरूरी है।
साइबर सुरक्षा से संबंधित कई वेबसाइटें और प्लेटफॉर्म अब उपयोगकर्ताओं को साइबर-धमकी की पहचान, रिपोर्टिंग और उससे निपटने के उपाय सिखाने के लिए संसाधन प्रदान करते हैं।https://securemyorg.com — SecureMyOrg: साइबर सुरक्षा जागरूकता और ऑनलाइन सुरक्षा संसाधन। अभिगमन तिथि: 8 अक्टूबर 2025।
संदर्भ