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411 समाचार
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मान्ना दे

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मन्ना डे Manna-dey.jpg सन् 2007 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद का मन्ना डे का यादगार चित्र 200 px solo_singer प्रबोध चन्द्र डे 1919 5 1http://www.mannadey.in/ Padmabhusan Manna Dey Mannadey.in 24 अक्टूबर 2012 https://web.archive.org/web/20111222145144/http://www.mannadey.in/ 22 दिसंबर 2011 dead कलकत्ता, ब्रिटिश भारत 2013 10 24 1919 5 1 बंगलौर, भारत पार्श्व गायक गायक 1942–2013 http://www.mannadey.in अंगूठाकार|260x260पिक्सेल|मान्ना दे मन्ना डे (असमिया: মান্না দে "मन्ना दे"; 1 मई 1919 - 24 अक्टूबर 2013), जिन्हें प्यार से मन्ना दा के नाम से भी जाना जाता है, फिल्म जगत के एक सुप्रसिद्ध भारतीय पार्श्व गायक थे। उनका वास्तविक नाम प्रबोध चन्द्र डे था, जो पुरन चन्द्र डे के बेटे थे। पश्चिम बंगाल में एक फ़िल्म बनी थी - चारन कबि मुकुन्दादास; मुकुन्दादास का मूल नाम था यजनेश्वर डे ,जो गुरुदयाल डे के बेटे थे (बंगाल मे चारन लोग के नाम के साथ डे जुडता है)। मन्ना दा ने सन् 1942 में फ़िल्म तमन्ना से अपने फ़िल्मी कैरियर की शुरुआत की और 1942 से 2013 तक लगभग 3000 से अधिक गानों को अपनी आवाज दी।आनंद, उपकार व वक्त की अमिट छाप छोड़ गए।. http://rajasthanpatrika.patrika.com/news.aspx?id=1099973 24 अक्टूबर 2013 24 अक्टूबर 2013 राजस्थान पत्रिका 24 अक्तूबर 2013 https://web.archive.org/web/20131024131038/http://rajasthanpatrika.patrika.com/news.aspx?id=1099973 24 अक्तूबर 2013 dead मुख्यतः हिन्दी एवं बंगाली फिल्मी गानों के अलावा उन्होंने अन्य भारतीय भाषाओं में भी अपने कुछ गीत रिकॉर्ड करवाये। भारत सरकार ने उन्हें 1971 में पद्म श्री, 2005 में पद्म भूषण एवं 2007 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया। प्रारम्भिक जीवन मन्ना दा का जन्म कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) में 1 मई 1919 को महामाया व पूरन चन्द्र डे के यहाँ हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा इन्दु बाबुर पाठशाला से पूरी करने के पश्चात स्कॉटिश चर्च कॉलेज में प्रवेश लिया। कॉलेज के दिनों वे कुश्ती और मुक्केबाजी जैसी प्रतियोगिताओं में खूब भाग लेते थे। उनके पिता उन्हें वकील बनाना चाहते थे। उन्होंने विद्यासागर कॉलेज से स्नातक किया। कुश्ती के साथ मन्ना फुटबॉल के भी काफी शौकीन थे। संगीत के क्षेत्र में आने से पहले इस बात को लेकर लम्बे समय तक दुविधा में रहे कि वे वकील बनें या गायक। आखिरकार अपने चाचा कृष्ण चन्द्र डे से प्रभावित होकर उन्होंने तय किया कि वे गायक ही बनेंगे। Music Singer Colossus http://www.screenindia.com/old/print.php?content_id=10431&secnam=music 28 जुलाई 2009 Screen 25 अक्टूबर 2013 जून 2020 InternetArchiveBot http://www.hindustantimes.com/entertainment/music/the-life-of-legendary-singer-manna-dey-golden-voice-of-indian-cinema/article1-1139282.aspx The life of legendary singer Manna Dey, golden voice of Indian cinema 24 अक्टूबर 2013 हिन्दुस्तान टाइम्स 25 अक्टूबर 2013 https://web.archive.org/web/20131221135253/http://www.hindustantimes.com/entertainment/music/the-life-of-legendary-singer-manna-dey-golden-voice-of-indian-cinema/article1-1139282.aspx 21 दिसंबर 2013 livehttp://www.jagran.com/entertainment/bollywood-noted-singer-manna-deys-passion-was-wrestling-10817005.html कुश्ती के दीवाने मन्ना डे ऐसे बने अनमोल गायक 24 अक्टूबर 2013 दैनिक जागरण 25 अक्टूबर 2013 मन्ना डे ने संगीत की प्रारम्भिक शिक्षा अपने चाचा केoसीo डे से हासिल की। उनके बचपन के दिनों का एक दिलचस्प वाकया है। उस्ताद बादल खान और मन्ना डे के चाचा एक बार साथ-साथ रियाज कर रहे थे। तभी बादल खान ने मन्ना डे की आवाज सुनी और उनके चाचा से पूछा - "यह कौन गा रहा है?" जब मन्ना डे को बुलाया गया तो उन्होंने उस्ताद से कहा - "बस ऐसे ही गा लेता हूँ।" लेकिन बादल खान ने मन्ना डे की छिपी प्रतिभा को पहचान लिया। इसके बाद वह अपने चाचा से संगीत की शिक्षा लेने लगे। मन्ना डे 40 के दशक में अपने चाचा के साथ संगीत के क्षेत्र में अपने सपनों को साकार करने के लिये मुंबई आ गये। और फिर यहीं के होकर रह गये।http://khabar.ndtv.com/video/show/news/295428 एन डी टी वी में मन्ना डे का शानदार सफर 24 अक्तूबर 2013 https://web.archive.org/web/20131026003050/http://khabar.ndtv.com/video/show/news/295428 26 अक्तूबर 2013 dead वह जुहू विले पार्ले में रहते थे। व्यक्तिगत जीवन 18 दिसम्बर 1953 को केरल की सुलोचना कुमारन से उनकी शादी हुई। उनकी दो बेटियाँ हैं: शुरोमा और सुमिता। शुरोमा का जन्म 19 अक्टूबर 1956 तथा सुमिता का जन्म 20 जून 1958 को हुआ। उनकी पत्नी सुलोचना, जो कैंसर से पीड़ित थी, की मृत्यु बंगलोर में 18 जनवरी 2012 को हुई। अपने जीवन के पचास वर्ष से ज्यादा मुम्बई में व्यतीत करने के बाद मन्ना डे अन्तत: कल्याण नगर बंगलोर में जा बसे। इसी शहर में उन्होंने अन्तिम साँस ली। यादगार बातें 1943 में फिल्म तमन्ना में बतौर प्लेबैक सिंगर उन्हें सुरैया के साथ गाने का मौका मिला। हालांकि इससे पहले वह फिल्म रामराज्य में कोरस के रूप में गा चुके थे। दिलचस्प बात है कि यही एक एकमात्र फिल्म थी, जिसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देखा था। मन्ना डे केवल शब्दो को ही नहीं गाते थे, बल्कि अपने गायन से शब्द के पीछे छिपे भाव को भी खूबसूरती से सामने लाते थे। शायद यही कारण है कि प्रसिद्ध हिन्दी कवि हरिवंश राय बच्चन ने अपनी अमर कृति मधुशाला को स्वर देने के लिये मन्ना डे का चयन किया। सन् 1961 में संगीत निर्देशक सलिल चौधरी के संगीत निर्देशन में फिल्म काबुलीवाला की सफलता के बाद मन्ना डे शोहरत की बुलन्दियों पर जा पहुँचे।http://khabar.ibnlive.in.com/news/110536/6 आई बी एन खबर मे पढ़ें- मन्ना डे के जीवन से जुड़ी यादगार बातें 24 अक्तूबर 2013 https://web.archive.org/web/20131027071459/http://khabar.ibnlive.in.com/news/110536/6 27 अक्तूबर 2013 dead thumb|200px|left| मन्ना डे का रेखाचित्र (सौजन्य: सप्तर्षि घोष) आवारा में उनके द्वारा गाया गीत "तेरे बिना चाँद ये चाँदनी!" बेहद लोकप्रिय हुआ। इसके बाद उन्हें बड़े बैनर की फिल्मों में अवसर मिलने लगे। "प्यार हुआ इकरार हुआ" (श्री 420), "ये रात भीगी-भीगी" (चोरी-चोरी), "जहाँ मैं जाती हूँ वहीं चले आते हो" (चोरी-चोरी), "मुड़-मुड़ के ना देख मुड़-मुड़ के!" (श्री 420) जैसे अनेक सफल गीतों में उन्होंने अपनी आवाज दी।http://www.samaylive.com/entertainment-news-in-hindi/bollywod/236169/the-life-of-legendary-singer-manna-dey.html समय लाइव: मन्ना डे को इस बात का था बेहद दुख! 24 अक्तूबर 2013 https://web.archive.org/web/20131025231219/http://www.samaylive.com/entertainment-news-in-hindi/bollywod/236169/the-life-of-legendary-singer-manna-dey.html 25 अक्तूबर 2013 dead गीत एवं टिप्पणियाँ (सुना है मन्ना डे कुश्ती और रशियन की गर्लफ्रेंड में भी खूब भाग लेते थे।) right आप लोग मेरे गीत को सुनते हैं लेकिन अगर मुझसे पूछा जाये तो मैं कहूँगा कि मैं मन्ना डे के गीतों को ही सुनता हूँ। मोहम्मद रफीhttp://pustak.org/bs/home.php?bookid=8694 भारतीय साहित्य का अद्वितीय संकलन भारतीय साहित्य संग्रह की भूमिका से 25 अक्तूबर 2013 https://web.archive.org/web/20131029203915/http://pustak.org/bs/home.php?bookid=8694 29 अक्तूबर 2013 dead मन्ना डे को कठिन गीत गाने का शौक था। उनके गाये गीत हर तबके में काफी लोकप्रिय हुए। "लागा चुनरी में दाग, छुपाऊँ कैसे?", "पूछो न कैसे मैंने रैन बितायी!", "सुर ना सजे, क्या गाऊँ मैं?", "जिन्दगी कैसी है पहेली हाय, कभी ये हँसाये कभी ये रुलाये!", "ये रात भीगी भीगी, ये मस्त नज़ारे!", "तुझे सूरज कहूँ या चन्दा, तुझे दीप कहूँ या तारा!" या "तू प्यार का सागर है, तेरी इक बूँद के प्यासे हम" और "आयो कहाँ से घनश्याम?" जैसे गीत ही नहीं, उनके गाये "यक चतुर नार, बड़ी होशियार!", " यारी है ईमान मेरा, यार मेरी जिन्दगी!", "प्यार हुआ इकरार हुआ", "ऐ मेरी जोहरा जबीं!" और "ऐ मेरे प्यारे वतन!" जैसे गीत भी लोगों की जबान पर आज भी चढ़े हुए हैं।http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/24664118.cms नवभारत टाइम्स: फोक से लेकर पॉप तक वही अपनापन और गहराई, 25 अक्टूबर 2013 25 अक्तूबर 2013 https://web.archive.org/web/20131029190022/http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/24664118.cms 29 अक्तूबर 2013 live गायकी को लेकर मन्ना डे के मन में अपार श्रद्धा थी। किसी भी निर्माता को यदि अपनी फिल्म में शास्त्रीय गीत गवाना होता था तो वह सिर्फ मन्ना डे को ही साइन करता था। 1968 में रिलीज हुई फिल्म पड़ोसन के एक गाने ("इक चतुर नार बड़ी होशियार") की रिकॉर्डिग हो रही थी तो किशोर कुमार, जिन्हें सरगम बिलकुल नहीं आती थी और मन्ना डे, जो इसके मास्टर थे, के बीच इस बात को लेकर खींचतान हो गयी। निर्माता ने कहा कि इसे वैसा ही गाना है जैसा गीतकार राजेन्द्र कृष्ण ने लिखा है। किशोर कुमार तो गाने के लिये तैयार हो गये परन्तु मन्ना डे ने गाने से मना कर दिया। वे अड़ गये और कहा "मैं ऐसा हरगिज नहीं करूँगा। मैं संगीत के साथ मजाक नहीं कर सकता।" खैर किसी तरह मन्ना की बात मान ली गयी और गीत की रिकॉर्डिग शुरू हुई। परन्तु उन्होंने सारा गाना क्लासिकी अन्दाज़ में ही गाया। लेकिन जब किशोर कुमार ने गलत अन्दाज वाला नोटेशन गायकी के अन्दाज में गाया, तो मन्ना चुप हो गये और कहा - "यह क्या है? यह कौन सा राग है?" इस पर हास्य अभिनेता महमूद ने उन्हें समझाया - "सर! सीन में कुछ ऐसा ही करना है, इसलिये किशोर दा ने ऐसे गाया।" मगर मन्ना दा इसके लिये तैयार नहीं हुए। किसी तरह उन्होंने अपने हिस्से का गीत पूरा किया लेकिन वह सब नहीं गाया जो उन्हें पसन्द नहीं था। http://www.jagran.com/entertainment/bollywood-when-manna-dey-refused-to-sing-padosans-song-10819332.html और मन्ना डे ने नहीं गाया पड़ोसन का गाना दैनिक जागरण 25 अक्टूबर 2013 25 अक्टूबर 2013 उनके कुछ और प्रसिद्ध गीत इस प्रकार हैं- right हम सभी उन्हें आज भी मन्ना दा के नाम से ही पुकारते हैं। शास्त्रीय गायकी में उनका कोई सानी नहीं। महेन्द्र कपूरhttp://khabar.ibnlive.in.com/news/110536/6 आई बी एन खबर: मन्ना डे के जीवन से जुड़ी यादगार बातें 24 अक्तूबर 2013 https://web.archive.org/web/20131027071459/http://khabar.ibnlive.in.com/news/110536/6 27 अक्तूबर 2013 dead निर्बल से लड़ाई बलवान की, ये कहानी है दिये की और तूफ़ान की। कसमें वादे प्यार वफ़ा सब बातें हैं बातों का क्या? ए भाइ! जरा देख के चलो। अभी तो मैं जवान हूँ। मेरी भैंस को डण्डा क्यों मारा?http://amittestamit.blogspot.in/2009/01/blog-post_22.html रेडियो प्ले बैक इंडिया में मन्ना डे के प्रसिद्ध गीतों का ऑडियो 25 अक्तूबर 2013 https://web.archive.org/web/20131029191244/http://amittestamit.blogspot.in/2009/01/blog-post_22.html 29 अक्तूबर 2013 dead चलचित्र विवरण {{columns-list|5| तमन्ना (1942) रामराज्य (1943) ज्वार भाटा (1944 फ़िल्म) कविता (1945) महाकवि कालिदास (1944) विक्रमादित्य (1945) प्रभु का घर (1946) वाल्मीकि (1946) गीत गोविंद (1947) हाम भी इनसान हैं (1948) आवारा (1951 फ़िल्म) आंदोलन (1951) राजपूत (1951) जीवन नौका (1952) कुर्बानी (1952) परिणीता" (1953) चित्रांगदा (1953) महात्मा (1953) बूट पॉलिश (1954) बदवान (1954) महात्मा कबीर (1954) रामायण (1954) श्री ४२० (1955 फ़िल्म) सीमा (1955) देवदास (1955) जय महादेव (1955) झनक झनक पायल बाजे (1955) चोरी चोरी (1956) दो आँखें बारह हाथ (1957 फ़िल्म) अमर सिंह राठौड़ (1957) जनम जनम के फेरे (1957) जॉनी वाकर (1957) लाल बत्ती (1957) मिस इंडिया (1957) नरसी भगत (1957) नया ज़माना (1957) परदेसी (1957) परवरिश (1958) पोस्ट बॉक्स 999 (1958) अनादि (1959) चाचा जिंदाबाद (1959) कवि कालिदास (1959) नवरंग (1959) उजाला (1959) अंगुलीमाल (1960) अनुराधा (1960) बंबई का बाबू (1960) बरसात की रात' (1960) बेवकूफ (1960)जिस देश में गंगा बहती है (1960)काला बाजार (1960)कल्पना" (1960)काबुलीवाला (1961)बात एक रात की (1962)दिल ही तो है (1963)रुस्तम सोहराब (1963)उस्तादों के उस्ताद (1963)चित्रलेखा (1964)वक़्त (1965 फ़िल्म)टोक्यो में प्यार (1966)तीसरी कसम (1966 फ़िल्म)प्यार किए जा (1966) उपकार (1967 फ़िल्म)रात और दिन (1967)आमने सामने (1967)पालकी (1967)नवाब सिरजुदौलाबूंद जो बन गया मोती (1967)पड़ोसन (1968 फ़िल्म)मेरे हुज़ूर (1968)नीलकमल (1968 फ़िल्म)राम और रहीम (1968)इक दो फूल माली (1969)चंदा और बिजली (1969)ज्योति (1969)निशि पद्मा (1970)मेरा नाम जोकरआनंद (1971)हांगकांग में जौहर महमूद (1971)जाने अनजाने (1971)लाल पत्थर (1971)बुद्ध मिल गया (1971)अनुभव (1972)पराया धन (1971)रेशमा और शेरा (1971)चेम्मीन (मलयालम)बावर्ची (1972)सीता और गीताशोर (1972)जिन्दगी जिन्दगी (1972)आविष्कार (1973)दिल की राहें (1973)हिंदुस्तान की कसम (1973)संपूर्ण रामायण (1973)सौदागर (1973)जंजीर (1973)बॉबी (१९७३ फ़िल्म)रेशम की डोरी (1974)उस पार (1974)शोले (१९७५ फ़िल्म)हिमालय से ऊंचा (1975)सन्यासी (1975)पोंगा पंडित (1975)जय संतोषी माँ (1975)दीवार (1975 फ़िल्म)दास मैनवाती (1976)महबूबा (1976)अमर अकबर एंथनी (1977)अनुरोध (1977)मीनू (1977)मैं तुलसी तेरे आँगन की (1978)सत्यम शिवम सुन्दरमजुर्माना (1978)अब्दुल्ला (1980)चोरों की बारातक्रांति (1981 फ़िल्म)कर्ज़ (1980)लावारिश (1981)प्रहार (1990)गुड़िया (1997)उमर (2006)}} सम्मान thumb|right|200px|रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय से (मई 2004 में) डी॰लिट्॰ की उपाधि लेने के बाद मन्ना डे सन् 1969 में फिल्म मेरे हुजूर के लिये सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक, 1971 में बंगला फिल्म निशि पदमा और 1970 में प्रदर्शित फिल्म मेरा नाम जोकर में सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायन के लिये फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार से सम्मानित किये गये। भारत सरकार ने मन्ना डे को फिल्मों में उल्लेखनीय योगदान के लिये सन् 1971 में पद्म श्री सम्मान और 2005 में पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त सन् 2004 में रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय ने उन्हें डी॰लिट्॰ की मानद उपाधि दी। फिल्मों में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए सन् 2007 में उन्हें फिल्मों का सर्वोच्च सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया।http://abhivyakti-hindi.org/samachar/film_ilm/2013/manna_dey.htm मन्ना डे का संगीत संसार शैलेन्द्र चौहान 25 अक्तूबर 2013 अभिव्यक्ति वेब पत्रिका hi https://web.archive.org/web/20131027114623/http://abhivyakti-hindi.org/samachar/film_ilm/2013/manna_dey.htm 27 अक्तूबर 2013 dead आत्मकथा मन्ना डे पार्श्वगायक तो थे ही उन्होंने बांग्ला भाषा में अपनी आत्मकथा भी लिखी थी जो बाँग्ला के अलावा अन्य भाषाओं में भी छपी। उनकी जीवनी को लेकर अन्य लेखकों ने भी पुस्तकें लिखीं। प्रकाशित पुस्तकों का विवरण इस प्रकार है- जिबोनेरे जलासोघोरे: (बांग्ला में), आनंदा प्रकाशन, कोलकाता से प्रकाशित,पुस्तक: जिबोनेरे जलासोघोरे, प्रकाशक: आनंदा प्रकाशन, कोलकाता, प्रकाशन वर्ष: 2005 मेमोरीज़ कम अलाइव: (अंग्रेजी में), पेंगुइन बुक्स द्वारा प्रकाशित,Book Name: Memories Come Alive, Paperback: 432 pages,Language: English,ISBN 0143101935/ ISBN 978-0143101932,Publisher: Penguin Books,India; 2007 edition (April 30, 2007) यादें जी उठी: (हिन्दी में), पेंगुइन बुक्स द्वारा प्रकाशित,पुस्तक का नाम: यादें जी उठी (जीवनी/आत्मकथा), प्रकाशक: पेंग्इन बुक्स, आईएसबीएन : 9780143103189, प्रकाशन वर्ष : जनवरी ०१, २००८, पुस्तक क्रं : 8694, मुखपृष्ठ : अजिल्द जिबोनेरे जलासोघोरे: (मराठी में), साहित्य प्रसार अकादमी, नागपुर से प्रकाशित, मन्ना डे मन्नियोबोरेशू'': (बांग्ला में मन्ना डे की एक जीवनी) अंजलि प्रकाशक, कोलकाता द्वारा प्रकाशित, लेखक: डॉ॰ गौतम रॉय। वृत्तचित्र मन्ना डे के जीवन पर आधारित "जिबोनेरे जलासोघोरे" नामक एक अंग्रेज़ी वृत्तचित्र 30 अप्रैल 2008 को नंदन, कोलकाता में रिलीज़ हुआ। इसका निर्माण "मन्ना डे संगीत अकादमी द्वारा" किया गया। इसका निर्देशन किया डॉ॰ सारूपा सान्याल और विपणन का काम सम्भाला सा रे गा मा (एच.एम.वी) ने।http://hindi.webdunia.com/entertainment-film-article/%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A0%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A4-%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7-%E0%A4%B9%E0%A5%88-1131024013_1.htm वेबदुनिया हिन्दी: मन्ना दा : आवाज का मीठा अमृत शेष है।.. 25 अक्तूबर 2013 https://web.archive.org/web/20131029200044/http://hindi.webdunia.com/entertainment-film-article/%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A0%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A4-%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7-%E0%A4%B9%E0%A5%88-1131024013_1.htm 29 अक्तूबर 2013 dead निधन 8 जून 2013 को सीने में संक्रमण के बाद उन्हें बंगलोर के एक अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया।http://www.indiatvnews.com/entertainment/bollywood/veteran-singer-manna-dey-critical-in-bangalore-hospital--8090.html Veteran singer Manna Dey critical in Bangalore hospital Indiatvnews.com 25 अक्तूबर 2013 https://web.archive.org/web/20131029192545/http://www.indiatvnews.com/entertainment/bollywood/veteran-singer-manna-dey-critical-in-bangalore-hospital--8090.html 29 अक्तूबर 2013 dead 9 जून 2013 को अचानक उनकी मौत की खबर आयी, किन्तु चिकित्सकों ने कहा कि वे अभी जिन्दा हैं और उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है। संक्रमण से बचाने हेतु वेन्टिलेटर पर गहन चिकित्सकीय परीक्षण किये जा रहे हैं।http://ibnlive.in.com/news/legendary-singer-manna-dey-stable-but-critical/397431-8-66.html Legendary singer Manna Dey stable but critically ill Ibnlive.in.com 25 अक्तूबर 2013 https://web.archive.org/web/20131203101446/http://ibnlive.in.com/news/legendary-singer-manna-dey-stable-but-critical/397431-8-66.html 3 दिसंबर 2013 live 9 जुलाई 2013को उनका स्वास्थ्य ठीक हो गया था और चिकित्सकों द्वारा सूचना दी गयी कि उन्हें वेन्टिलेटर से हटा दिया गया है।http://www.bollywoodhungama.com/more/news/view/id/1888116 Manna Dey's health improves | Bollywood News | Hindi Movies News | News BollywoodHungama.com 8 जुलाई 2013 25 अक्तूबर 2013 https://web.archive.org/web/20131029192443/http://www.bollywoodhungama.com/more/news/view/id/1888116 29 अक्तूबर 2013 live उन्हें साँस में तकलीफ के साथ गुर्दे की भी समस्या थी। वह डायलिसिस के दौर से भी गुजर रहे थे।http://www.jansatta.com/index.php/component/content/article/53434-2013-10-24-09-36-17 जनसत्ता: तस्वीरों में कैद : सुरों के जादूगर मन्ना डे 24 अक्तूबर 2013 https://web.archive.org/web/20131029195047/http://www.jansatta.com/index.php/component/content/article/53434-2013-10-24-09-36-17 29 अक्तूबर 2013 dead 24 अक्टूबर 2013 को सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर शरीर के कई अंगों के काम न करने से अस्पताल में ही उनका देहान्त हो गया। अन्तिम समय में मन्ना डे के पास उनकी पुत्री शुमिता व दामाद ज्ञानरंजन देव मौजूद थे।http://khabar.ibnlive.in.com/news/110532/6 संगीत का एक युग हुआ खत्म, नहीं रहे मन्ना डे आईबीएन-7 24 अक्टूबर 2013 24 अक्टूबर 2013 https://web.archive.org/web/20131027052937/http://khabar.ibnlive.in.com/news/110532/6 27 अक्तूबर 2013 dead सन्दर्भ 2 बाहरी कड़ियाँ Manna Dey मन्ना डे मन्न डे चारण जाती के थे, उनका नाम प्रबोध चन्द्र डे था, जो पुरन चन्द्र डे के बेटे थे ,पस्चीम बंगाल मे एक फ़िल्म बनी थी चारन कबि मुकुन्दादास ,मुकुन्दादास का मुल नाम था यजनेश्वर डे ,जो गुरुदयाल डे के बेटे थे , बंगाल मे चारन लोग के नाम के साथ डे जुडता है मन्ना डे संगीत अकादमी 0223350 "Being Manna Dey: The modest musical maestro" - आई बी एन लाइव में साक्षात्कार मन्ना डे का वर्चुअल अंतर्राष्ट्रीय प्राधिकरण फ़ाइल श्रेणी:1919 में जन्मे लोग श्रेणी:२०१३ में निधन श्रेणी:२००५ पद्म भूषण श्रेणी:फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार विजेता श्रेणी:दादासाहेब फाल्के पुरस्कार विजेता श्रेणी:बंगाली गायक