Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

आईआरएनएसएस-1एच

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

आईआरएनएसएस-1एच नौवहन इसरो 12 साल आई-1के इसरो उपग्रह केंद्रअंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र 598 किग्रा० 1,425 किग्रा० 1,300 वाट्स 31 अगस्त 2017, 18:59 यूटीसी पीएसएलवी-एक्सएल सी39 सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र इसरो लॉन्च असफलIRNSS-1H launch from Sriharikota unsuccessful: ISRO http://indianexpress.com/article/technology/science/isro-pslv-c39-carrying-irnss-1h-series-satellite-to-be-launched-today-live-updates-sriharikota-4821747/ 31 August 2017 The Indian Express 31 August 2017 https://web.archive.org/web/20170831055306/http://indianexpress.com/article/technology/science/isro-pslv-c39-carrying-irnss-1h-series-satellite-to-be-launched-today-live-updates-sriharikota-4821747/ 31 अगस्त 2017 live भूकेंद्रीय भूसमकालिक कक्षा आईआरएनएसएस-1एच,1ए, 1बी, 1सी, 1डी,1ई, 1एफ़ व 1जी के बाद आठवां भारतीय नौवहन (नेविगेशन) उपग्रह है। यह उपग्रह आईआरएनएसएस सीरीज़ का उपग्रह है, जो भारतीय क्षेत्र में नेविगेशन सेवायें प्रदान करने के लिए छोड़ा गया था। वजन के कारण सैटलाइट की रफ्तार में एक किलोमीटर/ सेकंड की कमी आ गई जिस कारण यह विफल रहा। इसरो सैटलाइट सेंटर के पूर्व डायरेक्टर एसके शिवकुमार ने बताया कि लॉन्च वीइकल अपने डिजाइन के अनुसार एक टन ज्यादा वजन लेकर जा रहा था जिसके कारण हीट शील्ड इससे अलग नहीं हो पाया। इस कारण रॉकेट की गति भी प्रभावित हुई।मिशन असफल: एक टन अतिरिक्त वजन के वजह से विफल रहा इसरो का IRNSS-1H https://web.archive.org/web/20170905190248/http://www.livehindustan.com/national/story-1-tonne-of-extra-weight-doomed-pslv-irnss-1h-satellite-mission-1428374.html 5 सितंबर 2017 - हिंदुस्तान टाइम्स - 2 अगस्त 2017 विशेषताएं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) पहली बार निजी कंपनियों के सहयोग से बने अपने किसी उपग्रह (सेटेलाइट) को लॉन्‍च करने जा रहा था।इस सैटलाइट को बनाने में बेंगलुरु बेस्ड अल्फा डिजाइन टेक्नॉलजिज की अगुआई में प्राइवेट कंपनियों का 25 प्रतिशत योगदान है। इन कंपनियों ने इसरो के वैज्ञानिकों की देखरेख में सैटलाइट के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाई है।ISRO का नैविगेशन सैटलाइट IRNSS-1H आज होगा लॉन्च, नए युग की होगी शुरुआत! https://web.archive.org/web/20170831131956/http://navbharattimes.indiatimes.com/india/todays-launch-to-start-era-of-private-sector-role-in-satellite-building/articleshow/60301106.cms 31 अगस्त 2017 - नवभारत टाइम्स - 31 अगस्त 2017 प्रक्षेपण (लॉन्च) इसे शाम करीब सात बजे, श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से इसे पीएसएलवी-सी 39 रॉकेट की मदद से छोड़ा गया। यह इंडियन रीजनल नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम का आठवां उपग्रह है और यह आईआरएनएसएस-1ए की जगह लेगा, जिसकी परमाणु घड़ियों ने काम करना बंद कर दिया है।इसरो का IRNSS 1H सेटेलाइट आज लॉन्‍च होने का तैयार, जानिए क्‍यों है खास https://web.archive.org/web/20170831130120/http://www.jagran.com/news/national-irnss-1h-satellite-to-launch-today-16631734.html 31 अगस्त 2017 - दैनिक जागरण -31 अगस्त 2017 आईआरएनएसएस-1ए को 2013 में लॉन्च किया गया था। इस सैटलाइट की 3 परमाणु घड़ियों के काम बंद कर देने के बाद आईआरएनएसएस-1एच को लॉन्च करने की आवश्यकता हुई। परमाणु घड़ियों को सही-सही लोकेशनल डेटा उपलब्ध कराने के लिए लगाया गया था और इन्हें यूरोपियन एयरोस्पेस निर्माता ऑस्ट्रियम से खरीदा गया था। इन्हें भी देखें संचार-केंद्रित इंटेलिजेंस सैटेलाइट (सीसीआई-सैट) गगन नौवहन प्रणाली उपग्रह नौवहन भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली सन्दर्भ 2 बाहरी कड़ियाँ श्रेणी:इसरो के उपग्रह श्रेणी:आईआरएनएसएस उपग्रह मंडल श्रेणी:2017 में भारत श्रेणी:2017 में अंतरिक्ष उड़ान