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411 समाचार
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शौचालय नहीं तो दुल्हन नहीं

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thumb|हरियाणा में शादी की उम्र वाले पुरुषों के बीच शौचालय के मालिकाना हक में बदलाव उन इलाकों में काफी ज़्यादा था, जहां शादी की उम्र वाली महिलाएं कम थीं। “शौचालय नहीं, दुल्हन नहीं” हरियाणा सरकार का एक सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियान था, जिसे 2005 में शुरू किया गया। इस अभियान का मकसद लोगों को यह समझाना था कि हर घर में शौचालय होना कितना जरूरी है। सरकार ने इस पहल के जरिए लड़कियों और महिलाओं को प्रोत्साहित किया कि वे उन लड़कों से शादी से इनकार कर दें, जिनके घर में शौचालय नहीं है। इसका मुख्य कारण यह था कि उस समय हरियाणा के लगभग 70% ग्रामीण परिवारों में शौचालय नहीं था, और लोग खुले में शौच करने जाते थे, जिससे गंदगी और बीमारियाँ फैलती थीं।Hanemann W. Michael Global problems, smart solutions: costs and benefits 2013 Cambridge University Press 978-1-107-03959-9 Lomborg Bjørn Cambridge Water and Sanitation: Alternative perspective 10.1 इसके अलावा, महिलाओं को खुले में शौच जाने के दौरान छेड़छाड़ और घूरने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसी डर की वजह से कई महिलाएँ रात के समय खुले में शौच करने जाती थीं, और इससे यौन उत्पीड़न के कई मामले भी सामने आते थे।A Divya 2009-03-22 It's no toilet, no bride in Haryana https://timesofindia.indiatimes.com/its-no-toilet-no-bride-in-haryana/articleshow/4298352.cms 2025-10-01 द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया 0971-8257Shah Singh Harmeet 28 October 2009 In India's villages: No toilet, no bride - CNN.com http://edition.cnn.com/2009/WORLD/asiapcf/10/28/intl.india.toilet.bride/index.html https://web.archive.org/web/20091029064006/http://edition.cnn.com/2009/WORLD/asiapcf/10/28/intl.india.toilet.bride/index.html 2009-10-29 2025-10-01 CNN en इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ स्वच्छता बढ़ाना ही नहीं था, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना भी था। क्योंकि निजी शौचालय महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए अभियान चलाने वालों ने हरियाणा में शादी को महिलाओं की सामाजिक ताकत के एक बड़े मौके के रूप में इस्तेमाल किया।Stopnitzky Yaniv 2012 The Bargaining Power of Missing Women: Evidence from a Sanitation Campaign in India http://www.ssrn.com/abstract=2031273 SSRN Electronic Journal en 10.2139/ssrn.2031273 1556-5068 राज्य सरकार ने महिलाओं और उनके परिवारों को प्रोत्साहित किया कि वे शादी तय करने से पहले लड़के के घर में शौचालय होना ज़रूरी शर्त बना दें। इसी संदेश को फैलाने के लिए उन्होंने “नो टॉयलेट, नो ब्राइड” और “नो लू, नो ‘आई डू’” जैसे नारे बनाए, जिन्हें पोस्टरों, होर्डिंग्स और रेडियो विज्ञापनों के ज़रिए फैलाया गया।Stopnitzky Yaniv 2017-07-01 No toilet no bride? Intrahousehold bargaining in male-skewed marriage markets in India https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S0304387817300342 Journal of Development Economics 127 269–282 10.1016/j.jdeveco.2017.04.003 0304-3878 subscription गाँवों की दीवारों पर भी बड़े-बड़े हिन्दी अक्षरों में लिखा गया था— “मैं अपनी बेटी की शादी ऐसे घर में नहीं करूँगा जहाँ शौचालय नहीं है।Wax Emily 2009-10-12 In India, More Women Demand Toilets Before Marriage http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2009/10/11/AR2009101101934.html 2025-10-01 द वॉशिंगटन पोस्ट en-US 0190-8286 2011 में डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में भी दुल्हन के घर वाले शादी की बातचीत शुरू करने से पहले सबसे पहले यही पूछने लगे थे कि क्या लड़के के घर में शौचालय है।17 मार्च 2011 Toilets for women can change their lives and of the country https://www.deccanherald.com/content/146673/toilets-women-can-change-their.html 2025-10-01 Deccan Herald en 2012 के एक अध्ययन में पाया गया कि इस अभियान के कारण हरियाणा में पुरुषों द्वारा शौचालय बनाने में 15% की बढ़ोतरी हुई। यह बढ़ोतरी उन जगहों पर ज़्यादा थी जहाँ लड़कियाँ कम थीं (26%), जबकि जहाँ लड़कियाँ ज़्यादा थीं वहाँ यह बढ़ोतरी 6% ही थी। इसी शोधकर्ता के 2017 के एक और अध्ययन में पता चला कि “नो टॉयलेट, नो ब्राइड” अभियान की वजह से उन परिवारों में 21% ज़्यादा निजी बाथरूम बने, जिनके घर में शादी की उम्र के लड़के थे। लेकिन जिन घरों में शादी-योग्य लड़के नहीं थे, वहाँ कोई खास बदलाव नहीं देखा गया।2018-01-22 Anjali Adukia's research on India school restrooms Ed Magazine https://www.gse.harvard.edu/ideas/ed-magazine/18/01/why-toilets-matter 2025-10-01 www.gse.harvard.edu en इन परिणामों से यह समझ आता है कि जब किसी जगह लिंग अनुपात असमान होता है (यानी लड़कियाँ कम होती हैं), तो शादी के बाज़ार में महिलाओं की बातचीत करने और अपनी शर्तें रखने की ताकत बढ़ जाती है। 2013 में मध्य प्रदेश के सीहोर ज़िला में अधिकारियों ने एक नया नियम बनाया। जो भी लड़के सामूहिक विवाह (एक साथ कई शादी होने वाले कार्यक्रम) में पंजीकरण करवाना चाहते थे और सरकार से मिलने वाले फायदे लेना चाहते थे, उन्हें यह साबित करना पड़ता था कि उनके घर में एक सही तरह से काम करने वाला शौचालय है। इसके लिए उन्हें अपने घर के शौचालय के साथ खुद की तस्वीर जमा करनी अनिवार्य की गई।Silverstein Amy Overdorf Jason 2016-07-30 India: Men pose with toilets to woo brides https://api.theworld.org/stories/2016/07/30/india-men-pose-toilets-woo-brides 2025-10-01 The World from PRX enSingh Amarjeet 21 मई 2013 Pose with a toilet to get hitched in MP district https://timesofindia.indiatimes.com/india/Pose-with-a-toilet-to-get-hitched-in-MP-district/articleshow/20164829.cms द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया 2017 में श्योपुर के एक अनुसूचित जाति समुदाय ने भी शादी के लिए यही नियम बना दिया— अगर घर में काम करने वाला शौचालय नहीं है, तो शादी नहीं होगी। इसके लिए दूल्हे के घर को शौचालय होने का सर्टिफिकेट दिखाना जरूरी कर दिया गया।Saxena Deshdeep 8 अप्रैल 2017 Mahors in MP embrace loos, shun dowry https://timesofindia.indiatimes.com/city/bhopal/mahors-in-mp-embrace-loos-shun-dowry/articleshow/58073533.cms द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया इसी साल हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के 110 गाँवों से आए लगभग 1,200 मुस्लिम प्रतिनिधियों ने भी सर्वसम्मति से यह फैसला लिया कि वे अपनी बेटियों की शादी केवल ऐसे घर में ही करेंगे जहाँ शौचालय मौजूद हो। यानी दूल्हे के परिवार को यह साबित करना होगा कि उनके घर में एक काम करने वाला शौचालय है, तभी शादी तय होगी।Choudhry Chetna 12 फ़रवरी 2017 No brides for no houses without toilets, say 110 villages from 3 states https://timesofindia.indiatimes.com/city/gurgaon/no-brides-for-houses-without-toilets-110-villages-declare/articleshow/57089451.cms द टाइम्स ऑफ़ इण्डियाBhatia Anisha 16 फ़रवरी 2017 No Toilet, No Bride: Haryana Sarpanch's Pro-Women, Pro-Swachh India Message Swachh Warriors https://swachhindia.ndtv.com/no-toilet-no-bride-haryana-sarpanchs-pro-women-pro-swachh-india-message-5088/ https://web.archive.org/web/20250803173802/https://swachhindia.ndtv.com/no-toilet-no-bride-haryana-sarpanchs-pro-women-pro-swachh-india-message-5088/ 3 अगस्त 2025 2025-10-01 swachhindia.ndtv.com en-US live उसी वर्ष, घाना की राजनेता सेसिलिया दापाह ने भी घाना में “शौचालय नहीं, तो दुल्हन नहीं” जैसा ही अभियान शुरू किया।Mohammed-Nurudeen Mahmud 5 नवम्बर 2017 'No Toilet, No Marriage' a key message at Mole WASH conference https://www.myjoyonline.com/no-toilet-no-marriage-a-key-message-at-mole-wash-conference/ MyJoyOnline बाहरी कड़ियाँ शौचालय नहीं, तो दुल्हन नहीं: जयराम रमेश पंचायत का फ़रमान: शौचालय नहीं तो शादी नहीं शौचालय नहीं तो शादी नहीं का दिया संदेश हरियाणा की गोदिकां पंचायत का फैसला,'बेटी वहीं ब्याहेंगें, जिस घर शौचालय पायेंगें'! सन्दर्भ श्रेणी:शौचालय श्रेणी:स्वास्थ्य प्रोत्साहन श्रेणी:हरियाणा सरकार